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दिहाड़ी मजदूर की बेटी ने जीते 12.5 लाख रुपये, 25 लाख के सवाल पर लिया बड़ा फैसला

अमिताभ बच्चन के लोकप्रिय क्विज शो ‘कौन बनेगा करोड़पति 18’ (Kaun Banega Crorepati 18) में हर बार अलग-अलग पृष्ठभूमि से आने वाले प्रतियोगी अपनी कहानियों और ज्ञान से दर्शकों का ध्यान खींचते हैं। इस बार शो में पश्चिम बंगाल के बैरकपुर की रहने वाली पूनम सरोज बतौर कंटेस्टेंट पहुंचीं। पूनम का जीवन संघर्षों से भरा रहा है। उनके पिता दिहाड़ी मजदूरी करते हैं, जबकि परिवार के कई अन्य सदस्य भी मेहनत-मजदूरी करके घर चलाने में योगदान देते हैं।

पूनम ने शो में न केवल शानदार खेल दिखाया, बल्कि अपने परिवार, पढ़ाई और अधूरे सपनों के बारे में भी खुलकर बात की। उन्होंने बताया कि वह इस समय प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रही हैं और भविष्य में विदेश मंत्रालय में असिस्टेंट सेक्रेट्रिएट ऑफिसर बनना चाहती हैं। हालांकि, 25 लाख रुपये के सवाल पर वह अटक गईं और जोखिम लेने के बजाय गेम छोड़ने का फैसला किया। इसके बाद वह 12.5 लाख रुपये की रकम लेकर घर लौटीं।

बड़े परिवार में रहती हैं पूनम सरोज

शो के दौरान पूनम ने अपनी पारिवारिक परिस्थितियों के बारे में अमिताभ बच्चन से बातचीत की। उन्होंने बताया कि वह अपने परिवार के 13 अन्य सदस्यों के साथ रहती हैं। उनके परिवार के अधिकतर सदस्य दिहाड़ी मजदूरी करते हैं और आसपास की एक जूट फैक्ट्री में काम करते हैं।

परिवार की आर्थिक स्थिति ऐसी है कि सभी लोगों के लिए काम से छुट्टी लेकर मुंबई या शो की शूटिंग में शामिल होना आसान नहीं था। यही वजह रही कि पूनम के साथ केवल उनकी मां ही कार्यक्रम में पहुंच सकीं। पूनम की बातों से यह साफ हुआ कि उनके लिए KBC जैसे मंच तक पहुंचना सिर्फ व्यक्तिगत उपलब्धि नहीं, बल्कि पूरे परिवार के लिए एक खास अवसर था।

पूनम ने अपनी बातचीत के दौरान यह भी बताया कि पढ़ाई और प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के साथ-साथ उन्हें पारिवारिक परिस्थितियों का भी सामना करना पड़ता है। इसके बावजूद उन्होंने अपने लक्ष्यों को नहीं छोड़ा और आगे बढ़ने की कोशिश जारी रखी।

12.5 लाख रुपये तक पूनम ने दिया शानदार प्रदर्शन

‘कौन बनेगा करोड़पति 18’ में पूनम सरोज ने अपनी समझ और सामान्य ज्ञान के दम पर लगातार सही जवाब दिए। उन्होंने 12.5 लाख रुपये तक के सभी सवालों का सही उत्तर देकर शानदार प्रदर्शन किया। इसके बाद उनके सामने 25 लाख रुपये का सवाल आया, जिसने उन्हें सोचने पर मजबूर कर दिया।

25 लाख रुपये के लिए उनसे क्वांटम साइंस से जुड़ा सवाल पूछा गया था। सवाल था कि दुनिया भर में क्वांटम साइंस के प्रति जागरूकता बढ़ाने के उद्देश्य से वर्ल्ड क्वांटम डे (World Quantum Day) किस तारीख को मनाया जाता है?

इस सवाल के सामने चार विकल्प दिए गए थे। पहला विकल्प 14 सितंबर, दूसरा 14 जून, तीसरा 14 अक्टूबर और चौथा विकल्प 14 अप्रैल था। पूनम इस प्रश्न का सही उत्तर लेकर पूरी तरह आश्वस्त नहीं थीं। ऐसे में उन्होंने बिना अनावश्यक जोखिम उठाए गेम छोड़ने का फैसला किया।

पूनम के इस निर्णय के बाद वह 12.5 लाख रुपये की धनराशि लेकर शो से बाहर हुईं। गेम छोड़ने के बाद जब उनसे सही जवाब का अनुमान लगाने के लिए कहा गया, तो उन्होंने 14 दिसंबर का नाम लिया। हालांकि, यह विकल्पों में शामिल नहीं था और सही जवाब 14 अप्रैल था।

क्या है वर्ल्ड क्वांटम डे और क्यों मनाया जाता है?

वर्ल्ड क्वांटम डे हर साल 14 अप्रैल को मनाया जाता है। इस दिन का उद्देश्य आम लोगों के बीच क्वांटम साइंस को लेकर जागरूकता बढ़ाना और इस जटिल वैज्ञानिक क्षेत्र को सरल भाषा में समझाना है।

क्वांटम साइंस विज्ञान की उस शाखा से संबंधित है, जिसमें बेहद छोटे स्तर पर पदार्थ और ऊर्जा के व्यवहार का अध्ययन किया जाता है। यह क्षेत्र आधुनिक तकनीक, कंप्यूटिंग, संचार और वैज्ञानिक अनुसंधान के लिए महत्वपूर्ण माना जाता है। क्वांटम से जुड़े विषय आम लोगों के लिए कठिन हो सकते हैं, इसलिए वर्ल्ड क्वांटम डे के माध्यम से वैज्ञानिक अवधारणाओं को आसान तरीके से समझाने की कोशिश की जाती है।

शो में पूछे गए इस सवाल का सही उत्तर पूनम नहीं दे पाईं। हालांकि, उन्होंने बड़ी रकम के लिए अनुमान के आधार पर जोखिम लेने के बजाय अपनी जीती हुई राशि को सुरक्षित रखना चुना। क्विज शो में इस तरह के फैसले प्रतियोगी के आत्मविश्वास, जानकारी और जोखिम उठाने की क्षमता पर निर्भर करते हैं।

कमर्शियल पायलट बनना चाहती थीं पूनम

पूनम सरोज ने अमिताभ बच्चन के साथ बातचीत में अपने बचपन के सपने के बारे में भी बताया। उन्होंने कहा कि वह कमर्शियल पायलट बनना चाहती थीं। बचपन से ही उनके मन में विमान उड़ाने का सपना था, लेकिन पायलट ट्रेनिंग का खर्च काफी अधिक होने के कारण वह इस दिशा में आगे नहीं बढ़ सकीं।

आर्थिक चुनौतियों के चलते उन्हें अपना यह सपना छोड़ना पड़ा। इसके बाद उन्होंने भारतीय वायुसेना से जुड़ी परीक्षा भी दी। पूनम ने बताया कि वह लिखित परीक्षा में सफल हो गई थीं, लेकिन अगले चरण यानी ग्रुप डिस्कशन में उन्हें सफलता नहीं मिली।

उनकी यह कहानी बताती है कि कई बार प्रतिभा और मेहनत के बावजूद आर्थिक परिस्थितियां किसी व्यक्ति के करियर विकल्पों को प्रभावित कर सकती हैं। फिर भी पूनम ने अपने भविष्य को लेकर उम्मीद नहीं छोड़ी और प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी जारी रखी।

अंग्रेजी माध्यम से पढ़े उम्मीदवारों को लेकर पूनम ने साझा किया अनुभव

पूनम ने बताया कि जब वह ग्रुप डिस्कशन के चरण में पहुंची थीं, तब उन्हें लगा कि हाई प्रोफाइल इंग्लिश मीडियम स्कूलों से पढ़े उम्मीदवारों का अधिक प्रभाव था। उनके मुताबिक, उस समय वह खुद को लेकर उतनी आश्वस्त नहीं थीं और इस कारण अपनी बात प्रभावी ढंग से रखने में कठिनाई हुई।

इस बातचीत के दौरान अमिताभ बच्चन ने उनका हौसला बढ़ाया। उन्होंने समझाया कि किसी व्यक्ति की काबिलियत केवल इस बात से तय नहीं होती कि उसने किस स्कूल या माध्यम से पढ़ाई की है। ज्ञान, मेहनत, सोचने की क्षमता और आत्मविश्वास भी उतने ही महत्वपूर्ण होते हैं।

अमिताभ बच्चन की इस बात से पूनम को भावनात्मक समर्थन मिला। उन्होंने माना कि उस समय शायद उनमें आत्मविश्वास की कमी थी। हालांकि, अब वह खुद को पहले से अधिक मजबूत और आत्मविश्वासी महसूस करती हैं। उनका कहना था कि आज अगर उन्हें ऐसी स्थिति का सामना करना पड़े, तो वह बेहतर तरीके से अपनी बात रख सकती हैं।

अब विदेश मंत्रालय में नौकरी करना चाहती हैं पूनम

पूनम सरोज फिलहाल SSC और अन्य प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रही हैं। उन्होंने शो में अपने भविष्य के लक्ष्य के बारे में बताया कि वह विदेश मंत्रालय में असिस्टेंट सेक्रेट्रिएट ऑफिसर बनना चाहती हैं।

उनके इस लक्ष्य के पीछे सरकारी सेवा में जाने और अपने करियर को स्थिर दिशा देने की इच्छा दिखाई देती है। आर्थिक चुनौतियों के बावजूद पूनम पढ़ाई पर ध्यान दे रही हैं और अपने लिए बेहतर भविष्य बनाने की कोशिश कर रही हैं।

KBC में हिस्सा लेना उनके लिए केवल पैसे जीतने का माध्यम नहीं था, बल्कि अपनी कहानी और क्षमताओं को बड़े मंच पर प्रस्तुत करने का मौका भी था। शो में उनके अनुभव ने यह दिखाया कि सीमित संसाधनों के बीच भी मेहनत और दृढ़ इच्छाशक्ति के साथ आगे बढ़ने की कोशिश की जा सकती है।

जीती हुई रकम माता-पिता को देंगी पूनम

पूनम ने बताया कि KBC में जीती गई 12.5 लाख रुपये की रकम वह अपने माता-पिता को देना चाहती हैं। उन्होंने कहा कि इस पैसे का आगे किस तरह इस्तेमाल किया जाएगा, इसका फैसला वह अपने माता-पिता के साथ मिलकर करेंगी।

उनके लिए यह राशि परिवार की जरूरतों को पूरा करने, भविष्य की योजनाओं और आर्थिक सुरक्षा में मददगार हो सकती है। पूनम का यह फैसला उनके परिवार के प्रति जिम्मेदारी और लगाव को दर्शाता है।

पूनम सरोज ने 25 लाख रुपये के सवाल पर गेम छोड़ दिया, लेकिन 12.5 लाख रुपये की जीत के साथ उन्होंने एक महत्वपूर्ण उपलब्धि हासिल की। उनकी संघर्ष भरी कहानी, पढ़ाई के प्रति समर्पण और भविष्य के सपने KBC 18 के दर्शकों के बीच चर्चा का विषय बने।

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