
The Vvaan Movie Review: बॉलीवुड में जब किसी पुरानी लोककथा, गांव की मान्यताओं और रहस्यमयी शक्तियों को बड़े पर्दे पर उतारने की कोशिश होती है, तो फिल्म से उम्मीदें अपने आप बढ़ जाती हैं। ‘The Vvaan: Force of the Forrest’ भी कुछ ऐसी ही कोशिश करती है। सिद्धार्थ मल्होत्रा और तमन्ना भाटिया स्टारर यह फिल्म बिहार की लोककथा, वन देवी, रहस्यमयी जंगल और सदियों पुराने विश्वासों को आधुनिक कहानी के साथ जोड़ती है। फिल्म का निर्देशन ‘पंचायत’ फेम दीपक कुमार मिश्रा ने किया है और कहानी अरुणाभ कुमार से जुड़ी है। फिल्म 25 सितंबर 2026 को सिनेमाघरों में रिलीज हुई है।
फिल्म की सबसे बड़ी खासियत इसका कॉन्सेप्ट है। एक ऐसा जंगल, जहां सूर्यास्त के बाद जाना मना है, एक ऐसी देवी जिसकी रक्षा सदियों से की जाती रही है और एक आधुनिक सोच रखने वाला व्यक्ति जो इन मान्यताओं को अंधविश्वास मानता है। शुरुआत में यह कॉन्सेप्ट काफी दिलचस्प लगता है, लेकिन जैसे-जैसे कहानी आगे बढ़ती है, फिल्म लोककथा, आध्यात्मिकता, पारिवारिक विवाद, एक्शन और सुपरनैचुरल ड्रामा के बीच झूलने लगती है।
The Vvaan की कहानी क्या है?
फिल्म की कहानी की शुरुआत सातवीं शताब्दी के देवांचल से जुड़ी एक पुरानी कथा से होती है। यहां वन देवी और एक राजा की कहानी सामने आती है। राजा को मिले वरदान और उसके वंशजों की सुरक्षा का संबंध एक रहस्यमयी जंगल से बताया जाता है। इसी पुराने विश्वास की वजह से जंगल को पवित्र माना जाता है और सूर्यास्त के बाद वहां जाने पर रोक रहती है।
सदियों बाद कहानी वर्तमान समय में पहुंचती है, जहां ऋषि यानी सिद्धार्थ मल्होत्रा अपनी पत्नी ममता यानी तमन्ना भाटिया के साथ अपने पुश्तैनी गांव लौटता है। ऋषि शहर में रहने वाला पढ़ा-लिखा और तर्कवादी इंसान है। वह गांव की पुरानी मान्यताओं और जंगल से जुड़ी कहानियों को ज्यादा गंभीरता से नहीं लेता।
ऋषि और ममता की अपनी पारिवारिक परेशानियां भी हैं। दोनों संतान चाहते हैं और IVF जैसे महंगे इलाज के लिए ऋषि अपनी पुश्तैनी जमीन बेचने का फैसला करता है। लेकिन गांव लौटने के बाद जमीन का विवाद सिर्फ संपत्ति तक सीमित नहीं रहता। जंगल को लेकर भी गांव में दो अलग-अलग विचार दिखाई देते हैं। एक पक्ष विकास के नाम पर जंगल को हटाकर सड़क और दूसरी सुविधाएं बनाना चाहता है, जबकि दूसरा पक्ष वन देवी और उससे जुड़ी सदियों पुरानी परंपरा को बचाए रखना चाहता है।
यहीं से ऋषि की जिंदगी में अजीब घटनाएं शुरू होती हैं। उसे ऐसे संकेत और दृश्य दिखाई देने लगते हैं जिन्हें वह खुद भी आसानी से समझ नहीं पाता। धीरे-धीरे उसे एहसास होता है कि जिस लोककथा को वह महज अंधविश्वास समझ रहा था, उसके पीछे कुछ ऐसा है जिसे नजरअंदाज करना आसान नहीं है। फिल्म का आधिकारिक सार भी ऋषि के इसी सफर को रेखांकित करता है, जिसमें पुश्तैनी गांव, प्रतिबंधित जंगल और वन देवी से जुड़ी पुरानी लोककथा अहम भूमिका निभाती है।
सिद्धार्थ मल्होत्रा का अभिनय कैसा है?
सिद्धार्थ मल्होत्रा फिल्म में ऋषि के किरदार में नजर आते हैं। उनके किरदार की शुरुआत एक ऐसे शहरी व्यक्ति के रूप में होती है जो हर चीज को तर्क और व्यावहारिक सोच के नजरिए से देखता है। यही वजह है कि गांव की मान्यताओं और ऋषि की सोच के बीच टकराव फिल्म के शुरुआती हिस्से को दिलचस्प बनाता है।
सिद्धार्थ ने किरदार के एक्शन और शारीरिक पक्ष को मजबूती से निभाया है। फिल्म में उनके लिए कई एक्शन सीक्वेंस और बड़े पैमाने के दृश्य रखे गए हैं। हालांकि कुछ समीक्षाओं में यह भी महसूस किया गया कि किरदार उन्हें अभिनय की ऐसी नई चुनौती नहीं देता, जिससे उनकी पिछली एक्शन भूमिकाओं से बहुत बड़ा अंतर दिखाई दे।
फिर भी सिद्धार्थ फिल्म को अपने कंधों पर संभालते नजर आते हैं। खासकर उन हिस्सों में जहां ऋषि को अपने विश्वास और सामने मौजूद अलौकिक घटनाओं के बीच चुनाव करना पड़ता है, वहां उनका किरदार कहानी को आगे बढ़ाता है।
तमन्ना भाटिया ने निभाया ममता का किरदार
तमन्ना भाटिया फिल्म में ममता की भूमिका में हैं। ममता का किरदार ऋषि की तुलना में ज्यादा आस्था और भावनात्मक विश्वास से जुड़ा हुआ दिखाई देता है। उसकी प्रार्थनाएं और वन देवी के प्रति श्रद्धा फिल्म के आध्यात्मिक पक्ष को मजबूत करती हैं।
कहानी में ममता का किरदार सिर्फ ऋषि की पत्नी तक सीमित नहीं रहता। उसके जरिए फिल्म विश्वास, परिवार और आस्था के पहलुओं को सामने रखने की कोशिश करती है। तमन्ना ने इस हिस्से को सहजता से निभाया है और शुरुआती समीक्षाओं में भी उनकी परफॉर्मेंस को सकारात्मक रूप से देखा गया है।
लोककथा और हॉरर फिल्म की सबसे बड़ी ताकत
The Vvaan का सबसे दिलचस्प हिस्सा इसकी लोककथा है। हिंदी सिनेमा में बिहार की स्थानीय मान्यताओं और जंगल से जुड़ी किसी रहस्यमयी कहानी को इतने बड़े फॉर्मेट में पेश करने की कोशिश अपने आप में अलग है।
फिल्म में वन देवी, रहस्यमयी जंगल, लाल आंखों वाला मंदिर, रहस्यमयी बाघ और अंधेरे में दिखाई देने वाली अलौकिक शक्तियों जैसे तत्व कहानी को एक डरावना माहौल देने की कोशिश करते हैं। फिल्म की दुनिया बनाने में विजुअल्स की अहम भूमिका है।
कुछ शुरुआती दर्शक प्रतिक्रियाओं में भी फिल्म के लोककथा वाले हिस्से, विजुअल प्रेजेंटेशन और इसके वातावरण की तारीफ देखने को मिली है। Times of India ने भी शुरुआती सोशल मीडिया प्रतिक्रियाओं में दर्शकों द्वारा फिल्म के folklore और visual presentation की सराहना का उल्लेख किया है।
लेकिन कहानी हर जगह एक जैसी पकड़ नहीं बना पाती
फिल्म का सबसे बड़ा सवाल इसके execution को लेकर सामने आता है। शुरुआत में कहानी एक लोककथा आधारित रहस्य पैदा करती है, लेकिन आगे बढ़ते-बढ़ते इसमें परिवार, जमीन का विवाद, राजनीति, लालच, अंधविश्वास, आध्यात्मिकता और सुपरनैचुरल एक्शन जैसे कई ट्रैक जुड़ जाते हैं।
यही वजह है कि फिल्म का टोन कई जगह बदलता हुआ महसूस होता है। एक तरफ यह स्थानीय लोककथा और आस्था की गंभीर कहानी बनना चाहती है, तो दूसरी तरफ बड़े पैमाने के एक्शन और सुपरनैचुरल दृश्यों की ओर चली जाती है।
Times of India की समीक्षा ने भी फिल्म के मूल विचार और विजुअल्स को आकर्षक बताते हुए स्क्रीनप्ले की असमानता को इसकी कमजोरी माना है। Pinkvilla की समीक्षा में भी फिल्म के premise को मजबूत बताते हुए दूसरे हिस्से के execution को लेकर सवाल उठाए गए हैं।
मनीष पॉल की कॉमेडी देती है राहत
फिल्म में मनीष पॉल का किरदार कहानी के गंभीर और डरावने माहौल के बीच हल्कापन लाता है। उनका वीडियो ब्लॉगर वाला किरदार डरावनी परिस्थितियों में भी हास्य पैदा करता है।
सुलभा आर्या के किरदार से जुड़े कुछ दृश्यों में मनीष पॉल की कॉमिक टाइमिंग फिल्म को थोड़ी राहत देती है। हालांकि यह हास्य कहानी के मूल रहस्य से कितना जुड़ पाता है, यह दर्शक की पसंद पर निर्भर करता है।
वहीं सुनील ग्रोवर की भूमिका को लेकर कुछ समीक्षाओं में कास्टिंग और किरदार के प्रभाव पर सवाल उठाए गए हैं। फिल्म में श्वेता तिवारी, अनुप सोनी और अन्य कलाकार भी महत्वपूर्ण भूमिकाओं में नजर आते हैं।
पर्यावरण और बिहार की संस्कृति को लेकर बड़ी संभावना
‘The Vvaan’ के पास एक ऐसा विषय था, जिसके जरिए फिल्म मनोरंजन के साथ-साथ पर्यावरण और स्थानीय संस्कृति को भी प्रभावी तरीके से सामने ला सकती थी। जंगल को बचाने और विकास के नाम पर उसे खत्म करने के बीच संघर्ष कहानी में मौजूद है।
बिहार की लोककथाओं, ग्रामीण परिवेश और धार्मिक-सांस्कृतिक परंपराओं को भी फिल्म का महत्वपूर्ण हिस्सा बनाया गया है। लेकिन कहानी कई बार अपने मूल पर्यावरणीय और सांस्कृतिक मुद्दे से हटकर रहस्य और एक्शन की तरफ ज्यादा चली जाती है।
यही वह जगह है जहां फिल्म की संभावनाएं और उसकी अंतिम प्रस्तुति एक-दूसरे से पूरी तरह मेल नहीं खातीं।
The Vvaan Movie Review: कैसी है फिल्म?
कुल मिलाकर ‘The Vvaan: Force of the Forrest’ एक ऐसे विचार के साथ आती है जिसमें लोककथा, वन देवी, रहस्य, हॉरर और आधुनिक सोच के बीच टकराव मौजूद है। फिल्म का माहौल, विजुअल्स और इसका ग्रामीण-लोककथा वाला संसार इसकी प्रमुख खूबियों में शामिल हैं।
दूसरी तरफ कहानी का स्क्रीनप्ले हर हिस्से में समान प्रभाव नहीं छोड़ता। खासकर फिल्म के दूसरे हिस्से में घटनाओं और अलग-अलग ट्रैक्स का विस्तार कहानी की पकड़ को कमजोर कर सकता है। यही कारण है कि शुरुआती समीक्षाओं में फिल्म को लेकर राय एक जैसी नहीं है। कुछ दर्शकों ने इसके folklore और visual spectacle की तारीफ की है, जबकि समीक्षकों के एक हिस्से ने कहानी के execution और screenplay को कमजोर माना है।
फिल्म 25 सितंबर 2026 से सिनेमाघरों में उपलब्ध है। BookMyShow पर इसे Action, Adventure, Fantasy, Mystery और Thriller श्रेणियों में रखा गया है और मुख्य कलाकारों में सिद्धार्थ मल्होत्रा, तमन्ना भाटिया, मनीष पॉल, सुनील ग्रोवर, श्वेता तिवारी और अनुप सोनी शामिल हैं।
अगर आपको भारतीय लोककथाओं, रहस्य, जंगल और सुपरनैचुरल कहानियों वाली फिल्में पसंद हैं, तो ‘The Vvaan’ का कॉन्सेप्ट आपके लिए दिलचस्प हो सकता है। हालांकि फिल्म से जुड़ी अलग-अलग समीक्षाओं को देखते हुए इसे लेकर दर्शकों की प्रतिक्रिया एक जैसी नहीं है।



