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Accenture News Julie Sweet Vacation Policy: Sales बढ़ाने में जुटी कंपनी

Accenture News Julie Sweet Vacation Policy: दुनिया की प्रमुख आईटी और कंसल्टिंग कंपनियों में शामिल Accenture ने अपने कर्मचारियों की छुट्टियों को लेकर एक अहम फैसला लिया है। कंपनी ने इस बार कर्मचारियों को वित्त वर्ष खत्म होने के बाद अपनी बची हुई छुट्टियों को अगले वित्त वर्ष में ले जाने की अनुमति दी है। Accenture का यह कदम ऐसे समय में आया है, जब कंपनी वित्त वर्ष 2026 की अंतिम तिमाही में ज्यादा से ज्यादा कारोबार हासिल करने पर जोर दे रही है।

कंपनी की इस नई व्यवस्था को सामान्य छुट्टी नीति से अलग एक अस्थायी बदलाव के तौर पर देखा जा रहा है। इसका सीधा असर कर्मचारियों के कामकाज और कंपनी की बिक्री रणनीति पर पड़ सकता है। Accenture की CEO Julie Sweet ने भी कर्मचारियों से वित्त वर्ष खत्म होने से पहले नए कारोबार और बिक्री के अवसर बढ़ाने की अपील की है।

Accenture ने छुट्टियों को लेकर क्यों बदली नीति?

जानकारी के मुताबिक, Accenture के कर्मचारी वित्त वर्ष 2026 के अंत तक इस्तेमाल नहीं की गई छुट्टियों को अगले वित्त वर्ष में आगे ले जा सकेंगे। कंपनी का नया वित्त वर्ष 1 सितंबर से शुरू होता है। सामान्य तौर पर कर्मचारियों को अपनी अर्जित छुट्टियों का इस्तेमाल तय समय सीमा के भीतर करना पड़ता है, लेकिन इस बार कंपनी ने इस नियम में अस्थायी राहत दी है।

इस फैसले से कर्मचारियों को अपनी बची हुई छुट्टियों को लेकर ज्यादा लचीलापन मिलेगा। साथ ही कंपनी को वित्त वर्ष की आखिरी तिमाही में ज्यादा कर्मचारियों की उपलब्धता भी मिल सकती है। आमतौर पर वित्त वर्ष खत्म होने से पहले कर्मचारी अपनी बची हुई छुट्टियों का इस्तेमाल करते हैं, लेकिन इस बदलाव के कारण वे अपनी छुट्टियां आगे बढ़ाकर काम जारी रख सकते हैं।

हालांकि, Accenture ने इस मामले पर आधिकारिक तौर पर कोई टिप्पणी करने से इनकार किया है।

CEO Julie Sweet ने कर्मचारियों से क्या कहा?

Accenture की CEO Julie Sweet ने कर्मचारियों को भेजे एक आंतरिक संदेश में वित्त वर्ष 2026 की चौथी तिमाही को मजबूत बनाने पर जोर दिया है। उन्होंने कर्मचारियों से ग्राहकों के लिए ऐसे नए अवसर तलाशने की अपील की, जिनसे कंपनी की आय बढ़ सके।

Sweet के संदेश का मुख्य फोकस नए कारोबार हासिल करने और मौजूदा ग्राहकों के साथ अतिरिक्त काम के अवसर पैदा करने पर है। उन्होंने कर्मचारियों को छोटे से लेकर बड़े और मेगा स्तर के नए सेल्स अवसर हासिल करने की दिशा में काम करने को कहा है।

यह संदेश ऐसे समय आया है जब Accenture अपने हालिया तिमाही नतीजों के बाद निवेशकों की चिंताओं का सामना कर रही है। कंपनी के कारोबार में AI के प्रभाव और नए ऑर्डर्स की रफ्तार को लेकर बाजार में पहले से ही चर्चा चल रही है।

Accenture के नए बिजनेस बुकिंग में आई गिरावट

Accenture के लिए सबसे बड़ी चिंता नए कारोबार यानी new bookings को लेकर है। 31 मई को समाप्त हुई तीसरी तिमाही में कंपनी की नई बुकिंग में करीब 2 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई।

किसी कंसल्टिंग और आईटी सर्विस कंपनी के लिए नई बुकिंग बेहद महत्वपूर्ण होती है, क्योंकि इससे भविष्य में आने वाले राजस्व की संभावित दिशा का अंदाजा लगाया जाता है। इसलिए बुकिंग में गिरावट ने निवेशकों का ध्यान खींचा है।

कंपनी ने अगस्त में समाप्त होने वाली चौथी तिमाही के लिए 17.75 अरब डॉलर से 18.4 अरब डॉलर के बीच राजस्व का अनुमान दिया था। यह बाजार के लगभग 18.47 अरब डॉलर के औसत अनुमान से कम था।

यही वजह है कि Accenture के तिमाही प्रदर्शन के बाद कंपनी के भविष्य के कारोबार और विकास की गति को लेकर निवेशकों में चिंता बढ़ी।

Accenture Stock में जून में आई थी बड़ी गिरावट

Accenture के तीसरी तिमाही के नतीजों के बाद कंपनी के शेयरों में भारी दबाव देखने को मिला था। 18 जून को Accenture के शेयर करीब 18 प्रतिशत गिरकर 127.98 डॉलर पर बंद हुए थे। यह कंपनी के लिए सबसे खराब एकदिनी प्रदर्शन में से एक था।

बाजार की चिंता सिर्फ कमजोर बुकिंग और राजस्व अनुमान तक सीमित नहीं थी। निवेशक यह भी समझने की कोशिश कर रहे हैं कि Artificial Intelligence यानी AI का Accenture जैसे पारंपरिक कंसल्टिंग और आईटी सर्विस बिजनेस पर लंबे समय में क्या असर पड़ेगा।

AI के तेजी से बढ़ते इस्तेमाल से कंपनियां पहले की तुलना में कम समय और कम लागत में कई तरह के काम कर सकती हैं। ऐसे में निवेशकों के बीच यह सवाल लगातार बना हुआ है कि क्या AI पारंपरिक कंसल्टिंग सेवाओं की मांग को प्रभावित करेगा।

Accenture के लिए AI चुनौती या अवसर?

Accenture की CEO Julie Sweet लंबे समय से AI को कंपनी के लिए एक बड़े अवसर के रूप में पेश करती रही हैं। कंपनी ने AI और डेटा से जुड़े कई साझेदारियों और सेवाओं पर भी अपना फोकस बढ़ाया है। Accenture की तीसरी तिमाही की प्रस्तुति में कंपनी ने अपने प्रमुख AI और डेटा इकोसिस्टम पार्टनर्स के साथ विस्तार का उल्लेख किया था।

लेकिन शेयर बाजार का नजरिया पूरी तरह सकारात्मक नहीं है। कुछ विश्लेषकों का मानना है कि अभी तक पर्याप्त ठोस संकेत नहीं मिले हैं कि AI Accenture के लिए इतनी तेजी से नई मांग पैदा कर रहा है, जितनी उम्मीद की जा रही थी।

यही वजह है कि Accenture AI strategy और कंपनी के पारंपरिक कंसल्टिंग बिजनेस पर AI के प्रभाव को लेकर निवेशकों की नजर बनी हुई है।

Accenture Share Price में जून के बाद आया सुधार

हालांकि जून में बड़ी गिरावट के बाद Accenture के शेयरों में धीरे-धीरे सुधार देखने को मिला है। 7 अगस्त 2026 को Accenture के शेयर 2.69 प्रतिशत बढ़कर 175.72 डॉलर पर बंद हुए थे। यह लगातार चौथा कारोबारी सत्र था, जब शेयर में तेजी दर्ज की गई।

इसके बाद 10 अगस्त को भी Accenture के शेयरों में तेजी जारी रही और स्टॉक 1.44 प्रतिशत की बढ़त के साथ 178.25 डॉलर पर बंद हुआ। यह लगातार पांचवां सत्र था जिसमें कंपनी के शेयर ऊपर बंद हुए। हालांकि, इसके बावजूद Accenture का शेयर जनवरी 2026 में दर्ज 291.09 डॉलर के 52-सप्ताह के उच्च स्तर से काफी नीचे है।

इससे साफ है कि निवेशकों का भरोसा पूरी तरह वापस नहीं आया है, लेकिन शेयर में जून की भारी गिरावट के बाद रिकवरी जरूर देखने को मिली है।

छुट्टी नीति और सेल्स पुश का क्या है कनेक्शन?

Accenture की छुट्टियों को आगे बढ़ाने की अनुमति और कंपनी के आक्रामक सेल्स पुश को एक-दूसरे से जुड़ा हुआ माना जा रहा है। अगर कर्मचारियों को अपनी बची हुई छुट्टियां वित्त वर्ष के अंत से पहले इस्तेमाल करने की मजबूरी नहीं होगी, तो अधिक कर्मचारी अंतिम तिमाही में उपलब्ध रह सकते हैं।

इससे कंपनी को ग्राहकों के साथ ज्यादा प्रोजेक्ट्स पर काम करने, नए कॉन्ट्रैक्ट हासिल करने और अतिरिक्त सेवाएं बेचने में मदद मिल सकती है।

हालांकि, कंपनी के स्तर पर यह भी कहा जा रहा है कि छुट्टियों की नीति में बदलाव का उद्देश्य कर्मचारियों को अधिक लचीलापन देना है। इसलिए इस कदम को केवल बिक्री बढ़ाने की रणनीति के रूप में देखना पूरी तस्वीर नहीं होगी।

Accenture के लिए आने वाला समय क्यों महत्वपूर्ण?

Accenture के लिए वित्त वर्ष 2026 की अंतिम तिमाही कई मायनों में महत्वपूर्ण है। कंपनी को एक तरफ कमजोर नई बुकिंग और राजस्व अनुमान से पैदा हुई चिंताओं को दूर करना है, वहीं दूसरी तरफ AI के दौर में अपने बिजनेस मॉडल को मजबूत बनाए रखना है।

कंपनी की रणनीति में AI को महत्वपूर्ण भूमिका दी जा रही है। Accenture की ओर से AI और डेटा से जुड़े साझेदारों के साथ विस्तार पर भी जोर दिया गया है। कंपनी ने वित्त वर्ष 2026 में अपने प्रमुख उभरते AI और डेटा साझेदारों के साथ बुकिंग को पिछले वित्त वर्ष की तुलना में दोगुने से अधिक करने का लक्ष्य बताया था।

ऐसे में आने वाले तिमाही नतीजे यह संकेत दे सकते हैं कि कंपनी का AI-केंद्रित बिजनेस वास्तव में नई मांग पैदा कर रहा है या नहीं।

निवेशकों की नजर Accenture के अगले नतीजों पर

Accenture के शेयर में हालिया रिकवरी के बावजूद निवेशकों की नजर कंपनी के अगले वित्तीय नतीजों और नई बुकिंग पर बनी रहेगी। खासतौर पर यह देखा जाएगा कि कंपनी अपने चौथी तिमाही के राजस्व लक्ष्य को हासिल कर पाती है या नहीं और AI से जुड़े कारोबार में कितनी तेजी आती है।

कंपनी के लिए एक और अहम मुद्दा यह होगा कि क्या पारंपरिक कंसल्टिंग सेवाओं की मांग मजबूत रहती है। अगर AI के कारण ग्राहकों के खर्च का बड़ा हिस्सा नई तकनीकों और ऑटोमेशन की ओर जाता है, तो Accenture को अपने बिजनेस मॉडल को उसी हिसाब से बदलना होगा।

फिलहाल छुट्टियों को अगले वित्त वर्ष में ले जाने की अनुमति और कर्मचारियों से अधिक बिक्री हासिल करने की अपील यह दिखाती है कि कंपनी वित्त वर्ष के अंतिम दौर को मजबूत तरीके से खत्म करने की कोशिश कर रही है।

Accenture News की नजर से देखें तो कंपनी इस समय दो मोर्चों पर एक साथ काम कर रही है—एक तरफ वित्त वर्ष के अंत तक नए कारोबार और राजस्व को बढ़ाना, वहीं दूसरी तरफ AI के तेजी से बदलते दौर में अपनी कंसल्टिंग और टेक्नोलॉजी सेवाओं की मांग को बनाए रखना। आने वाले महीनों में कंपनी की बुकिंग, AI बिजनेस और शेयर प्रदर्शन यह तय करने में अहम भूमिका निभाएंगे कि निवेशकों की मौजूदा चिंता कितनी दूर होती है।

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