
International Space Station: अगर आपको रात के आसमान और अंतरिक्ष से जुड़ी घटनाओं में दिलचस्पी है, तो आज की रात आपके लिए खास हो सकती है। International Space Station यानी ISS आज शुक्रवार रात आसमान में नजर आ सकता है। खास बात यह है कि इसे देखने के लिए किसी महंगे टेलीस्कोप या विशेष उपकरण की जरूरत नहीं होगी। सही समय और साफ मौसम होने पर इसे नग्न आंखों से देखा जा सकता है।
पृथ्वी से करीब 400 किलोमीटर ऊपर अंतरिक्ष में लगातार चक्कर लगा रहा इंटरनेशनल स्पेस स्टेशन इंसानों की बनाई सबसे बड़ी और सबसे महत्वपूर्ण अंतरिक्ष प्रयोगशालाओं में से एक है। यह पृथ्वी के चारों ओर बेहद तेज गति से घूमता है और कई बार रात के आसमान में एक चमकती हुई वस्तु की तरह दिखाई देता है।
अगर आज आपके इलाके में आसमान साफ रहता है और ISS के गुजरने का समय आपके क्षेत्र के लिए अनुकूल है, तो कुछ मिनटों के लिए इसे देखने का मौका मिल सकता है। हालांकि ISS को देखने की सटीक दिशा और समय स्थान के अनुसार बदलता है।
आज रात क्यों खास है ISS को देखने का मौका?
International Space Station कोई तारा या सामान्य विमान नहीं है। यह पृथ्वी की कक्षा में मौजूद एक विशाल अंतरिक्ष स्टेशन है, जहां अंतरिक्ष यात्री लंबे समय तक रहकर वैज्ञानिक प्रयोग करते हैं।
ISS सूर्य की रोशनी को प्रतिबिंबित करता है। इसी वजह से जब यह आपके इलाके के ऊपर से गुजरता है और सूर्य की रोशनी इसके सोलर पैनलों तथा बाहरी हिस्सों पर पड़ती है, तो यह रात के आकाश में काफी चमकीला दिखाई दे सकता है।
सबसे दिलचस्प बात यह है कि इसे देखने के लिए आपको आसमान में किसी खास उपकरण से खोजने की जरूरत नहीं पड़ सकती। यह आमतौर पर एक तेज चमकती हुई वस्तु की तरह दिखाई देता है, जो आसमान में एक दिशा से दूसरी दिशा की ओर लगातार आगे बढ़ती रहती है।
कितनी ऊंचाई पर है International Space Station?
ISS पृथ्वी की सतह से लगभग 400 किलोमीटर यानी करीब 248 मील की ऊंचाई पर पृथ्वी की निचली कक्षा में मौजूद है। इतनी ऊंचाई पर होने के बावजूद इसका आकार और सूर्य की रोशनी को प्रतिबिंबित करने की क्षमता इसे पृथ्वी से देखने योग्य बनाती है।
इंटरनेशनल स्पेस स्टेशन लगभग 28,000 किलोमीटर प्रति घंटे की गति से पृथ्वी का चक्कर लगाता है। इतनी तेज गति के कारण यह करीब 90 मिनट में पृथ्वी का एक चक्कर पूरा कर लेता है।
यही वजह है कि अंतरिक्ष स्टेशन किसी एक जगह के ऊपर लंबे समय तक दिखाई नहीं देता। जब यह आपके क्षेत्र के ऊपर से गुजरता है तो कुछ ही मिनटों में आसमान के एक हिस्से से दूसरे हिस्से की ओर बढ़ जाता है।
ISS को नग्न आंखों से कैसे पहचानें?
अगर आप पहली बार ISS देखने जा रहे हैं, तो इसे पहचानना मुश्किल नहीं है। साफ और अंधेरे आसमान में यह आमतौर पर एक बहुत चमकीले बिंदु की तरह दिखाई देता है।
ISS और किसी तारे के बीच सबसे बड़ा अंतर इसकी गति है। तारे आसमान में लगभग स्थिर दिखाई देते हैं, जबकि ISS लगातार एक दिशा में आगे बढ़ता नजर आएगा।
इसे विमान से भी अलग पहचाना जा सकता है। विमान की रोशनी अक्सर चमकती या टिमटिमाती रहती है और उसकी दिशा बदल सकती है। इसके विपरीत ISS आमतौर पर लगातार चमकता हुआ दिखाई देता है और बिना किसी टिमटिमाहट के आसमान में तेजी से आगे बढ़ता है।
हालांकि बादल, धुंध, शहर की तेज रोशनी और प्रदूषण ISS को देखने में परेशानी पैदा कर सकते हैं।
ISS देखने के लिए टेलीस्कोप की जरूरत क्यों नहीं?
International Space Station इतना बड़ा है कि सही परिस्थितियों में इसे पृथ्वी से बिना टेलीस्कोप के देखा जा सकता है। इसके बड़े सोलर पैनल सूर्य की रोशनी को प्रतिबिंबित करते हैं, जिससे यह रात में चमकदार दिखाई देता है।
इसका मतलब यह नहीं है कि ISS की हर बारीकी नग्न आंखों से दिखाई देगी। बिना दूरबीन के आप आमतौर पर इसे एक चमकीले moving point के रूप में देख पाएंगे। टेलीस्कोप या बेहतर optical equipment से इसकी कुछ संरचनात्मक जानकारी देखना संभव हो सकता है, लेकिन सामान्य observation के लिए इसकी जरूरत नहीं है।
ISS देखने का सबसे अच्छा समय कौन सा है?
ISS को देखने के लिए सबसे अनुकूल समय आमतौर पर सूर्यास्त के बाद या सूर्योदय से कुछ समय पहले होता है। उस दौरान जमीन पर अंधेरा होता है, जबकि अंतरिक्ष स्टेशन पर सूर्य की रोशनी पड़ रही होती है।
यही स्थिति ISS को रात के आकाश में चमकने में मदद करती है। अगर ISS आपके इलाके से गुजरते समय पृथ्वी की छाया में चला जाए, तो वह दिखाई नहीं देगा।
इसलिए सिर्फ यह जानना पर्याप्त नहीं है कि ISS आज पृथ्वी के ऊपर से गुजर रहा है। यह भी जरूरी है कि आपके स्थान से उस समय ISS की visibility अच्छी हो।
अपने शहर से ISS कब दिखाई देगा?
ISS के गुजरने का समय हर शहर के लिए अलग हो सकता है। इसलिए यदि आप आज रात इसे देखना चाहते हैं तो अपने स्थान के अनुसार ISS pass time जरूर जांचें।
आमतौर पर ISS tracking के लिए उपलब्ध ऑनलाइन ट्रैकिंग सेवाएं आपको यह जानकारी देती हैं कि अंतरिक्ष स्टेशन किस समय दिखाई देगा, किस दिशा से आएगा, कितनी ऊंचाई तक पहुंचेगा और किस दिशा में आगे बढ़ेगा।
आसमान में इसे खोजने से पहले यह जानकारी देख लेना आपके लिए काफी मददगार रहेगा। इससे आपको पता होगा कि किस दिशा में नजर रखनी है और कितनी देर तक इंतजार करना है।
शहर की रोशनी से दूर जाना होगा फायदेमंद
ISS को देखने के लिए जरूरी नहीं कि आप किसी पहाड़ या खुले मैदान में जाएं। लेकिन अगर आप बड़े शहर में रहते हैं, जहां रात में भी बहुत ज्यादा artificial light रहती है, तो ISS को देखना थोड़ा मुश्किल हो सकता है।
ऐसी स्थिति में किसी खुले स्थान से आसमान देखने की कोशिश करें। जहां स्ट्रीट लाइट और इमारतों की रोशनी कम हो, वहां चमकीली खगोलीय वस्तुओं को देखना आसान होता है।
अगर मौसम साफ है और आसमान पर बादल नहीं हैं, तो आपके पास ISS को देखने का बेहतर मौका रहेगा।
ISS आखिर है क्या?
International Space Station को कई देशों की अंतरिक्ष एजेंसियों के सहयोग से विकसित किया गया है। यह पृथ्वी की निचली कक्षा में मौजूद एक अंतरराष्ट्रीय वैज्ञानिक प्रयोगशाला के रूप में काम करता है।
ISS पर अंतरिक्ष यात्री लंबे समय तक रहकर माइक्रोग्रैविटी में वैज्ञानिक प्रयोग करते हैं। यहां जीव विज्ञान, भौतिक विज्ञान, मानव शरीर, पृथ्वी विज्ञान और अंतरिक्ष तकनीक से जुड़े कई तरह के प्रयोग किए जाते हैं।
ISS सिर्फ वैज्ञानिक अनुसंधान का केंद्र नहीं है, बल्कि यह अंतरराष्ट्रीय अंतरिक्ष सहयोग का भी एक बड़ा उदाहरण है। अलग-अलग देशों के वैज्ञानिक और अंतरिक्ष यात्री इसके मिशनों में योगदान देते रहे हैं।
अंतरिक्ष यात्री ISS पर क्या करते हैं?
ISS पर रहने वाले अंतरिक्ष यात्री कई तरह के वैज्ञानिक और तकनीकी कार्य करते हैं। पृथ्वी पर गुरुत्वाकर्षण के कारण जिन प्रयोगों को करना कठिन होता है, उनमें से कई प्रयोग अंतरिक्ष स्टेशन के माइक्रोग्रैविटी वातावरण में किए जा सकते हैं।
अंतरिक्ष यात्री स्टेशन की देखभाल और मरम्मत भी करते हैं। इसके अलावा वे पृथ्वी और अंतरिक्ष की तस्वीरें लेते हैं, वैज्ञानिक डेटा इकट्ठा करते हैं और भविष्य के लंबे अंतरिक्ष अभियानों के लिए जरूरी तकनीकों का परीक्षण करते हैं।
ISS से हासिल अनुभव भविष्य में चंद्रमा और मंगल जैसे दूर के मिशनों की तैयारी में भी उपयोगी हो सकता है।
क्या ISS हर रात दिखाई देता है?
ऐसा नहीं है कि ISS हर रात हर जगह से दिखाई देगा। इसके लिए कई परिस्थितियों का एक साथ अनुकूल होना जरूरी है।
सबसे पहले ISS का आपके क्षेत्र के ऊपर से गुजरना जरूरी है। इसके बाद उसका कोण, समय, सूर्य की स्थिति और मौसम जैसी चीजें तय करती हैं कि वह आपको दिखाई देगा या नहीं।
कई बार ISS आपके इलाके के ऊपर से गुजरता है लेकिन दिन के समय होने के कारण दिखाई नहीं देता। कभी-कभी रात में गुजरने के बावजूद बादल या शहर की रोशनी इसकी visibility कम कर देती है।
इसलिए ISS देखने के लिए सबसे महत्वपूर्ण चीज है सही समय और सही दिशा की जानकारी।
आज रात आसमान देखने वालों के लिए खास मौका
आज शुक्रवार को ISS के दिखाई देने की संभावना ने अंतरिक्ष प्रेमियों और skywatchers की दिलचस्पी बढ़ा दी है। अगर आपके इलाके में मौसम साफ है, तो रात में कुछ मिनट आसमान पर नजर रखना एक रोमांचक अनुभव हो सकता है।
आपको सिर्फ एक ऐसी जगह चुननी है जहां आसमान का बड़ा हिस्सा साफ दिखाई दे। मोबाइल फोन की स्क्रीन से लगातार नजर हटाकर कुछ मिनट आसमान को देखने की आदत भी मददगार हो सकती है, क्योंकि ISS तेजी से आपके सामने से गुजर सकता है।
ध्यान रखें कि ISS को देखने का सही समय आपके स्थान पर निर्भर करेगा। इसलिए स्थानीय visibility और pass timing की जांच करके ही observation शुरू करें।
ISS को देखना क्यों है खास?
रात के आसमान में चलती हुई रोशनी को देखकर शायद पहली नजर में आपको लगे कि यह कोई विमान या उपग्रह है। लेकिन जब आपको पता चलता है कि वह चमकता हुआ बिंदु दरअसल पृथ्वी से करीब 400 किलोमीटर ऊपर मौजूद एक विशाल अंतरिक्ष स्टेशन है, तो यह अनुभव और भी खास हो जाता है।
ISS को अपनी आंखों से देखना अंतरिक्ष विज्ञान को किताबों और तस्वीरों से बाहर निकालकर सीधे आपके सामने ले आता है। यह याद दिलाता है कि पृथ्वी के ऊपर भी इंसानों की एक छोटी सी दुनिया लगातार काम कर रही है।
आज रात अगर मौसम साफ रहा और आपके क्षेत्र में ISS का pass सही समय पर हुआ, तो आसमान की ओर नजर जरूर उठाइए। संभव है कि कुछ ही मिनटों के लिए आपको इंसान की बनाई दुनिया की सबसे अद्भुत संरचनाओं में से एक—International Space Station—चलते हुए दिखाई दे जाए।



