
Bihar MLC Election 2026: बिहार विधान परिषद की आठ सीटों पर होने वाले चुनाव को लेकर राज्य की सियासत में गतिविधियां तेज हो गई हैं। राष्ट्रीय जनता दल (RJD) की ओर से छह सीटों पर प्रत्याशियों के नाम घोषित किए जाने के बाद महागठबंधन के भीतर सीटों के बंटवारे और उम्मीदवारों के चयन को लेकर सवाल उठने लगे हैं। इसी बीच कांग्रेस की चुनावी रणनीति में संभावित बदलाव की चर्चा सामने आई है।
आपके दिए गए विवरण के मुताबिक, कांग्रेस प्रदेश नेतृत्व ने शुरुआत में सभी आठ सीटों पर चुनाव लड़ने की तैयारी का संकेत दिया था। अब यह चर्चा है कि केंद्रीय नेतृत्व के निर्देश के बाद पार्टी केवल दरभंगा शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र पर अपना उम्मीदवार उतार सकती है। इस सीट से कांग्रेस के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष डॉ. मदन मोहन झा वर्तमान विधान पार्षद हैं।
हालांकि, कांग्रेस की ओर से इस रणनीति की आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है। ऐसे में पार्टी की अंतिम स्थिति उम्मीदवारों की औपचारिक घोषणा और चुनावी प्रक्रिया के दौरान ही स्पष्ट होगी।
बिहार विधान परिषद की आठ सीटों पर क्यों है सबकी नजर?
बिहार विधान परिषद की शिक्षक और स्नातक निर्वाचन क्षेत्रों की आठ सीटों पर चुनाव होना है। इनमें चार शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र और चार स्नातक निर्वाचन क्षेत्र शामिल हैं। मौजूदा सदस्यों का कार्यकाल 16 नवंबर 2026 को समाप्त होने वाला है। चुनाव कार्यक्रम के अनुसार मतदान 23 अक्टूबर और मतगणना 27 अक्टूबर को निर्धारित की गई है।
इन चुनावों में राजनीतिक दलों के साथ-साथ शिक्षक संगठनों, स्नातक मतदाताओं और स्थानीय राजनीतिक समूहों की भी महत्वपूर्ण भूमिका रहती है। चुनाव की तैयारियों के बीच अलग-अलग दल अपने उम्मीदवारों को मैदान में उतारने और समर्थन जुटाने की रणनीति पर काम कर रहे हैं।
महागठबंधन के घटक दलों के बीच सीटों का तालमेल इस चुनाव का एक महत्वपूर्ण पहलू बना हुआ है। RJD द्वारा छह सीटों पर उम्मीदवार घोषित किए जाने के बाद कांग्रेस और अन्य सहयोगी दलों की चुनावी भूमिका पर चर्चा बढ़ी है।
RJD ने छह सीटों पर घोषित किए उम्मीदवार
राजद ने 11 सितंबर 2026 को बिहार विधान परिषद की आठ सीटों में से छह के लिए अपने प्रत्याशियों के नाम जारी किए थे। पार्टी की घोषित सूची में शिक्षक और स्नातक दोनों निर्वाचन क्षेत्रों के उम्मीदवार शामिल हैं।
राजद की ओर से घोषित उम्मीदवारों में पटना शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र से डॉ. संजीव कुमार सिंह, पटना स्नातक से दिलीप कुमार, कोसी स्नातक से नितेश कुमार, दरभंगा स्नातक से अनिल कुमार झा, सारण शिक्षक से प्रो. जयराम यादव और तिरहुत स्नातक से डॉ. रश्मि विनायक गौतम का नाम शामिल है।
दो सीटों पर उम्मीदवारों की घोषणा उस समय नहीं की गई थी। इनमें दरभंगा शिक्षक और तिरहुत शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र शामिल हैं। राजद की ओर से इन सीटों पर विचार-विमर्श जारी होने की जानकारी दी गई थी।
राजद की सूची के बाद कांग्रेस में नाराजगी की चर्चा
राजद की ओर से उम्मीदवारों के नाम घोषित किए जाने के बाद कांग्रेस के भीतर गठबंधन में सीटों के समन्वय को लेकर असंतोष सामने आया था। कांग्रेस नेता असितनाथ तिवारी ने कहा था कि पार्टी से उम्मीदवारों के चयन के संबंध में पहले सलाह नहीं ली गई। इसके बाद कांग्रेस ने सभी आठ सीटों पर चुनाव लड़ने की बात कही थी।
इस घटनाक्रम ने महागठबंधन में सीट बंटवारे और चुनावी तालमेल को लेकर चर्चा को तेज कर दिया। हालांकि, अलग-अलग दलों की तैयारियां और शुरुआती घोषणाएं अंतिम गठबंधन समझौते का स्वतः प्रमाण नहीं होतीं। सीटों पर अंतिम स्थिति आधिकारिक निर्णयों से ही स्पष्ट होगी।
कांग्रेस की रणनीति में संभावित बदलाव, सिर्फ दरभंगा शिक्षक सीट पर फोकस?
आपके दिए गए समाचार के अनुसार, कांग्रेस का केंद्रीय नेतृत्व प्रदेश संगठन को राजद के साथ गठबंधन बनाए रखने का निर्देश दे सकता है। इसी आधार पर यह दावा किया गया है कि कांग्रेस आठ में से केवल दरभंगा शिक्षक सीट पर चुनाव लड़ने की तैयारी कर रही है।
इस संभावित रणनीति के केंद्र में दरभंगा शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र है, जहां से डॉ. मदन मोहन झा वर्तमान विधान पार्षद हैं। हालांकि, कांग्रेस के केंद्रीय नेतृत्व की ओर से इस सीट पर उनकी उम्मीदवारी को लेकर आधिकारिक घोषणा उपलब्ध नहीं है।
यदि पार्टी केवल एक सीट पर प्रत्याशी उतारने का निर्णय लेती है, तो उसका अंतिम स्वरूप उम्मीदवारों की सूची और पार्टी के औपचारिक बयान से स्पष्ट होगा। फिलहाल इसे रिपोर्ट किए गए राजनीतिक घटनाक्रम के रूप में देखा जाना चाहिए, न कि पुष्ट अंतिम फैसला।
मदन मोहन झा की उम्मीदवारी पर निगाहें
दरभंगा शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र कांग्रेस के लिए महत्वपूर्ण सीटों में से एक है। डॉ. मदन मोहन झा इस सीट का प्रतिनिधित्व कर रहे हैं और कांग्रेस के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष भी रह चुके हैं। चुनाव में उनकी भूमिका को लेकर पार्टी कार्यकर्ताओं और क्षेत्र के राजनीतिक पर्यवेक्षकों की नजर बनी हुई है।
इस सीट पर राजद ने अभी तक अपना प्रत्याशी घोषित नहीं किया है। यही वजह है कि महागठबंधन के भीतर दरभंगा शिक्षक सीट के संबंध में संभावित तालमेल को लेकर चर्चा हो रही है। हालांकि, किसी सीट पर उम्मीदवार घोषित नहीं करने का अर्थ यह नहीं है कि भविष्य में पार्टी वहां प्रत्याशी नहीं उतारेगी।
कांग्रेस की ओर से अंतिम फैसला सामने आने के बाद ही यह स्पष्ट होगा कि पार्टी सीट पर किसे मैदान में उतारती है और गठबंधन के सहयोगी दलों के साथ उसका समन्वय किस रूप में होता है।
कांग्रेस प्रवक्ता ने क्या कहा?
कांग्रेस के प्रदेश प्रवक्ता असितनाथ तिवारी के बयान के अनुसार, पार्टी सभी सीटों पर तैयारी कर रही है और आलाकमान के निर्देश के अनुरूप आगे काम करेगी। उन्होंने दरभंगा शिक्षक सीट को कांग्रेस की पारंपरिक सीट बताते हुए वहां चुनाव लड़ने की बात कही थी।
उनके अनुसार, दरभंगा शिक्षक सीट से राजद ने अभी उम्मीदवार नहीं उतारा है। इस वजह से कांग्रेस के लिए इस निर्वाचन क्षेत्र में अपनी चुनावी तैयारी बनाए रखना महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
प्रवक्ता के बयान से यह संकेत मिलता है कि कांग्रेस की ओर से दरभंगा शिक्षक सीट पर अपनी दावेदारी को महत्व दिया जा रहा है। हालांकि, पार्टी की सभी आठ सीटों पर अंतिम रणनीति और केंद्रीय नेतृत्व के निर्देशों की पूरी जानकारी आधिकारिक घोषणा के बाद ही स्पष्ट होगी।
महागठबंधन के सामने सीट बंटवारे की चुनौती
बिहार विधान परिषद चुनाव में महागठबंधन के सहयोगी दलों के बीच तालमेल का मुद्दा महत्वपूर्ण है। RJD ने छह सीटों पर अपने उम्मीदवार घोषित किए हैं, जबकि कांग्रेस और अन्य सहयोगी दलों की ओर से कुछ निर्वाचन क्षेत्रों में अपनी दावेदारी को लेकर चर्चा रही है।
सीटों पर अलग-अलग दलों की तैयारी से यह सवाल उठता है कि चुनाव में सहयोगी दल एक-दूसरे के साथ किस तरह समन्वय स्थापित करेंगे। हालांकि, उम्मीदवारों की शुरुआती घोषणाओं और दलों के बयानों के आधार पर अंतिम चुनावी समीकरण तय नहीं किया जा सकता।
दरभंगा शिक्षक सीट और तिरहुत शिक्षक सीट पर उम्मीदवारों की स्थिति विशेष रूप से महत्वपूर्ण बनी हुई है। इन दोनों निर्वाचन क्षेत्रों में मौजूदा प्रतिनिधित्व और सहयोगी दलों की राजनीतिक भूमिका के कारण सीट बंटवारे पर चर्चा जारी है।
बिहार MLC चुनाव में आगे क्या होगा?
बिहार विधान परिषद चुनाव के लिए चुनाव आयोग ने कार्यक्रम जारी कर दिया है। अधिसूचना 29 सितंबर को जारी होने वाली है, जबकि नामांकन दाखिल करने की अंतिम तिथि 6 अक्टूबर निर्धारित है। नामांकन पत्रों की जांच 7 अक्टूबर और नाम वापसी की अंतिम तिथि 9 अक्टूबर है। मतदान 23 अक्टूबर तथा मतगणना 27 अक्टूबर को होगी।
इन तारीखों के साथ राजनीतिक दलों की चुनावी गतिविधियां और तेज होने की संभावना है। उम्मीदवारों की अंतिम सूची जारी होने के बाद प्रत्येक निर्वाचन क्षेत्र में मुकाबले की वास्तविक तस्वीर सामने आएगी।
कांग्रेस और राजद के बीच सीटों के तालमेल को लेकर स्थिति भी आने वाले दिनों में स्पष्ट हो सकती है। खासकर दरभंगा शिक्षक सीट पर कांग्रेस की भूमिका और डॉ. मदन मोहन झा की संभावित उम्मीदवारी को लेकर पार्टी के आधिकारिक निर्णय पर नजर रहेगी।
निष्कर्ष
बिहार विधान परिषद की आठ सीटों पर होने वाले चुनाव से पहले महागठबंधन के भीतर सीट बंटवारे और उम्मीदवारों की घोषणा को लेकर राजनीतिक गतिविधियां बढ़ी हैं। राजद की ओर से छह प्रत्याशियों के नाम घोषित किए जा चुके हैं, जबकि दो सीटों पर उम्मीदवारों की स्थिति बाद में स्पष्ट होनी है।
कांग्रेस की ओर से दरभंगा शिक्षक सीट पर चुनाव लड़ने की चर्चा के बीच पार्टी के अंतिम निर्णय का इंतजार है। डॉ. मदन मोहन झा की उम्मीदवारी और कांग्रेस की चुनावी रणनीति को लेकर आधिकारिक घोषणा सामने आने के बाद ही स्थिति पूरी तरह स्पष्ट होगी।



