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PM Surya Ghar Yojana: बिहार में रूफटॉप सोलर लगाना हुआ सस्ता, आवेदन और मीटर टेस्टिंग शुल्क पूरी तरह माफ

PM Surya Ghar Yojana: बिहार में बिजली उपभोक्ताओं के लिए एक बड़ी खुशखबरी सामने आई है। अब यदि कोई घरेलू उपभोक्ता अपनी छत पर ग्रिड कनेक्टेड रूफटॉप सोलर सिस्टम लगाना चाहता है, तो उसे आवेदन शुल्क और मीटर टेस्टिंग शुल्क नहीं देना होगा। बिहार विद्युत विनियामक आयोग (BERC) ने बिजली वितरण कंपनियों के प्रस्ताव को मंजूरी देते हुए यह फैसला लिया है। इस निर्णय का उद्देश्य केंद्र सरकार की प्रधानमंत्री सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना (PM Surya Ghar Muft Bijli Yojana) को गति देना और अधिक से अधिक घरों तक सौर ऊर्जा पहुंचाना है।

इस फैसले के लागू होने के बाद अब राज्य के हजारों परिवार कम लागत में सोलर सिस्टम लगाकर बिजली उत्पादन कर सकेंगे। साथ ही बिजली बिल में भी बड़ी बचत होगी।


आयोग की मंजूरी के बाद लागू हुआ नया नियम

बिहार विद्युत विनियामक आयोग के अध्यक्ष अमीर सुबहानी और सदस्य पी.एस. यादव ने दक्षिण बिहार पावर डिस्ट्रीब्यूशन कंपनी तथा उत्तर बिहार पावर डिस्ट्रीब्यूशन कंपनी द्वारा भेजे गए संयुक्त प्रस्ताव को मंजूरी दी है।

बिजली कंपनियों का मानना है कि आवेदन शुल्क और मीटर टेस्टिंग फीस हटने से आम लोगों का आर्थिक बोझ कम होगा। इससे अधिक से अधिक उपभोक्ता प्रधानमंत्री सूर्य घर योजना से जुड़ेंगे और राज्य में रूफटॉप सोलर परियोजनाओं की संख्या तेजी से बढ़ेगी।


प्रधानमंत्री सूर्य घर योजना को मिलेगा बड़ा बढ़ावा

केंद्र सरकार की प्रधानमंत्री सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना का मुख्य उद्देश्य देशभर के एक करोड़ घरों को सौर ऊर्जा से जोड़ना है। इस योजना के माध्यम से सरकार चाहती है कि लोग अपनी छतों पर सोलर पैनल लगाकर खुद बिजली पैदा करें और अतिरिक्त बिजली ग्रिड को बेचकर आय भी अर्जित कर सकें।

बिहार सरकार और बिजली कंपनियों का मानना है कि शुल्क समाप्त होने से लोगों की भागीदारी पहले की तुलना में काफी बढ़ेगी। इससे स्वच्छ ऊर्जा को बढ़ावा मिलेगा और बिजली उत्पादन में भी आत्मनिर्भरता आएगी।


अब आवेदन प्रक्रिया होगी और आसान

पहले ग्रिड कनेक्टेड सोलर सिस्टम लगाने के लिए उपभोक्ताओं को आवेदन प्रक्रिया के दौरान कुछ अतिरिक्त शुल्क देना पड़ता था। इसमें आवेदन शुल्क के अलावा मीटर की जांच से जुड़ी फीस भी शामिल थी। यही नहीं, बिजली कंपनी और उपभोक्ता के बीच होने वाले एग्रीमेंट के लिए स्टांप पेपर पर भी खर्च करना पड़ता था।

नए फैसले के बाद इन सभी शुल्कों से घरेलू उपभोक्ताओं को राहत मिल गई है। इससे सोलर सिस्टम लगाने की शुरुआती लागत कम होगी और लोग बिना अतिरिक्त आर्थिक बोझ के इस योजना का लाभ उठा सकेंगे।


3 किलोवाट सोलर सिस्टम पर मिल रही है 78 हजार रुपये की सब्सिडी

प्रधानमंत्री सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना के तहत केंद्र सरकार घरेलू उपभोक्ताओं को आकर्षक सब्सिडी भी प्रदान कर रही है। यदि कोई उपभोक्ता 3 किलोवाट क्षमता का ग्रिड कनेक्टेड रूफटॉप सोलर सिस्टम लगाता है, तो उसे कुल 78,000 रुपये तक का अनुदान मिलता है।

योजना के अनुसार पहले किलोवाट पर 30,000 रुपये, दूसरे किलोवाट पर 30,000 रुपये और तीसरे किलोवाट पर 18,000 रुपये की सहायता राशि दी जाती है। इससे सोलर सिस्टम लगाने की कुल लागत काफी कम हो जाती है और निवेश की भरपाई भी कुछ वर्षों में संभव हो जाती है।


बिजली कंपनियों को होने वाले नुकसान की भरपाई करेगी केंद्र सरकार

आवेदन शुल्क और मीटर टेस्टिंग फीस समाप्त होने से बिजली वितरण कंपनियों की आय में कुछ कमी आएगी। हालांकि इसका पूरा वित्तीय भार बिजली कंपनियों पर नहीं पड़ेगा।

केंद्र सरकार के नवीन एवं नवीकरणीय ऊर्जा मंत्रालय (MNRE) ने इसके लिए विशेष बजट का प्रावधान किया है। मंत्रालय ने देशभर में प्रधानमंत्री सूर्य घर योजना को सफल बनाने के लिए लगभग 4,950 करोड़ रुपये का प्रोत्साहन बजट निर्धारित किया है। इसी फंड से बिजली कंपनियों को होने वाले नुकसान की भरपाई की जाएगी।

इस कदम का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि योजना का लाभ बिना किसी अतिरिक्त आर्थिक बाधा के आम नागरिकों तक पहुंचे।


बिहार में तेजी से बढ़ रहा है रूफटॉप सोलर का दायरा

प्रधानमंत्री सूर्य घर योजना के प्रति बिहार के लोगों की रुचि लगातार बढ़ रही है। अब तक राज्य में 80 हजार से अधिक लोगों ने रूफटॉप सोलर लगाने के लिए आवेदन किया है।

सरकारी आंकड़ों के अनुसार लगभग 23 हजार से अधिक घरों की छतों पर ग्रिड कनेक्टेड सोलर सिस्टम लगाया जा चुका है। इससे हजारों परिवारों को नियमित रूप से सस्ती और स्वच्छ बिजली का लाभ मिल रहा है।

विशेषज्ञों का मानना है कि नए फैसले के बाद आवेदन की संख्या में और तेजी आने की संभावना है।


कुटीर ज्योति उपभोक्ताओं को भी मिलेगा लाभ

राज्य सरकार अब आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों को भी सौर ऊर्जा से जोड़ने की दिशा में काम कर रही है। इसके तहत करीब ढाई लाख कुटीर ज्योति उपभोक्ताओं की छतों पर नि:शुल्क ग्रिड कनेक्टेड रूफटॉप सोलर सिस्टम लगाने की योजना पर तेजी से कार्य किया जा रहा है।

यदि यह योजना सफल होती है तो हजारों गरीब परिवारों को मुफ्त बिजली के साथ-साथ बिजली बिल से भी राहत मिलेगी।


मीटर टेस्टिंग शुल्क खत्म होने से क्या होगा फायदा?

ग्रिड कनेक्टेड सोलर सिस्टम लगाने के बाद बिजली उत्पादन और खपत की सही गणना के लिए विशेष मीटर लगाए जाते हैं। इन मीटरों की जांच अधिकृत एजेंसियों द्वारा एमआरटी लैब में की जाती थी, जिसके लिए अलग से शुल्क देना पड़ता था।

अब इस शुल्क को समाप्त कर दिया गया है। इससे उपभोक्ताओं के साथ-साथ सोलर इंस्टॉलेशन से जुड़ी एजेंसियों को भी राहत मिलेगी। पूरी प्रक्रिया पहले की तुलना में अधिक सरल और किफायती बन जाएगी।


पर्यावरण संरक्षण में भी मिलेगा बड़ा योगदान

रूफटॉप सोलर सिस्टम केवल बिजली बिल कम करने का माध्यम नहीं है, बल्कि यह पर्यावरण संरक्षण की दिशा में भी एक महत्वपूर्ण कदम है। सौर ऊर्जा पूरी तरह स्वच्छ और नवीकरणीय ऊर्जा का स्रोत है, जिससे प्रदूषण नहीं होता और जीवाश्म ईंधनों पर निर्भरता भी घटती है।

यदि अधिक से अधिक लोग इस योजना का लाभ उठाते हैं तो आने वाले वर्षों में बिहार स्वच्छ ऊर्जा के क्षेत्र में एक मजबूत उदाहरण बन सकता है।


किन लोगों को मिलेगा सबसे अधिक फायदा?

इस फैसले का सबसे बड़ा लाभ उन घरेलू बिजली उपभोक्ताओं को मिलेगा जो लंबे समय से अपनी छत पर सोलर सिस्टम लगाने की योजना बना रहे थे, लेकिन अतिरिक्त शुल्क और शुरुआती खर्च के कारण आवेदन नहीं कर पा रहे थे।

अब आवेदन शुल्क और मीटर टेस्टिंग फीस खत्म होने के साथ-साथ केंद्र सरकार की सब्सिडी मिलने से सोलर सिस्टम लगाना पहले की तुलना में कहीं अधिक सस्ता और आसान हो गया है।


निष्कर्ष

बिहार सरकार और बिहार विद्युत विनियामक आयोग का यह फैसला प्रधानमंत्री सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना को नई गति देने वाला साबित हो सकता है। आवेदन शुल्क और मीटर टेस्टिंग फीस समाप्त होने से लाखों घरेलू उपभोक्ताओं का आर्थिक बोझ कम होगा और राज्य में रूफटॉप सोलर अपनाने की रफ्तार तेज होने की उम्मीद है। यदि अधिक से अधिक लोग इस योजना से जुड़ते हैं तो न केवल बिजली बिल में राहत मिलेगी, बल्कि स्वच्छ ऊर्जा को बढ़ावा देकर पर्यावरण संरक्षण में भी महत्वपूर्ण योगदान मिलेगा।

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