
Typhoon Dolphin China: चीन में टाइफून डॉल्फिन ने दस्तक देने के बाद पूर्वी हिस्सों में भारी बारिश और तेज हवाओं से जनजीवन को प्रभावित कर दिया है। रविवार को झेजियांग के तटीय क्षेत्र में पहुंचने वाले इस तूफान के बाद शंघाई समेत कई इलाकों में मूसलाधार बारिश हुई। हालात को देखते हुए चीन के अधिकारियों ने पहले ही दस लाख से ज्यादा लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचा दिया था।
तूफान के कमजोर पड़ने के बावजूद इसका असर पूरी तरह खत्म नहीं हुआ है। भारी बारिश के कारण कई क्षेत्रों में बाढ़ और भूस्खलन का खतरा बना हुआ है। शंघाई में बारिश इतनी ज्यादा हुई कि शहर के एक मौसम केंद्र पर 24 घंटे में करीब 313 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई, जो वहां उपलब्ध 150 साल से अधिक के रिकॉर्ड में सबसे ज्यादा दैनिक बारिश बताई गई है।
चीन के पूर्वी तट पर तूफान ने मचाई तबाही
डॉल्फिन ने रविवार को चीन के पूर्वी तट पर दस्तक दी। उस समय तूफान की हवाओं की रफ्तार करीब 150 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंच रही थी। इसके बाद झेजियांग और आसपास के इलाकों में भारी बारिश शुरू हो गई।
तूफान के आगे बढ़ने के साथ इसकी ताकत में कमी आई है, लेकिन इसके साथ मौजूद विशाल बादल प्रणाली अब भी बड़े इलाके को प्रभावित कर रही है। रिपोर्टों के अनुसार डॉल्फिन का प्रभाव क्षेत्र करीब 1,300 किलोमीटर तक फैला हुआ है।
चीन के मौसम अधिकारियों ने तूफान कमजोर होने के बाद कुछ चेतावनियों का स्तर कम किया है, लेकिन भारी बारिश को लेकर सतर्कता बरती जा रही है। मौसम प्रणाली के आगे बढ़ने से आने वाले दिनों में मध्य चीन के कुछ हिस्सों में भी बारिश का असर देखने को मिल सकता है।
शंघाई में रिकॉर्ड बारिश, सड़कों पर भरा पानी
डॉल्फिन तूफान का सबसे बड़ा असर चीन के प्रमुख शहरों में से एक शंघाई में देखने को मिला। भारी बारिश के कारण कई इलाकों में पानी भर गया और सामान्य गतिविधियां प्रभावित हुईं।
शंघाई के एक मौसम केंद्र ने सोमवार सुबह तक 24 घंटे की अवधि में करीब 313 मिलीमीटर बारिश दर्ज की। यह उस स्थान के 150 साल से ज्यादा पुराने रिकॉर्ड में सबसे अधिक दैनिक बारिश बताई गई है। शहर के एक अन्य स्टेशन पर बारिश का आंकड़ा करीब 400 मिलीमीटर तक पहुंच गया।
इतनी भारी बारिश ने शहर के परिवहन नेटवर्क को भी प्रभावित किया। लोगों को घरों से बाहर निकलने से बचने और मौसम की स्थिति को देखते हुए यात्रा की योजना बनाने की सलाह दी गई।
943 उड़ानें रद्द, एयरपोर्ट पर बढ़ी परेशानी
तूफान और भारी बारिश का सीधा असर हवाई यातायात पर पड़ा। शंघाई के पुडोंग और होंगकियाओ एयरपोर्ट से सोमवार को कुल 943 उड़ानें रद्द करनी पड़ीं। उपलब्ध रिपोर्टों के मुताबिक पुडोंग एयरपोर्ट पर 642 और होंगकियाओ एयरपोर्ट पर 301 उड़ानें रद्द हुईं।
खराब मौसम के कारण कई उड़ानों के मार्ग में बदलाव करना पड़ा। चेंगदू से शंघाई जा रही एक उड़ान भी मौसम की खराब स्थिति के चलते शंघाई में उतर नहीं सकी। विमान को कुछ समय तक हवा में चक्कर लगाने के बाद दूसरे एयरपोर्ट की ओर मोड़ना पड़ा।
एयरपोर्ट प्रशासन ने यात्रियों को अपनी एयरलाइन से उड़ान की स्थिति की पुष्टि करने की सलाह दी है, क्योंकि मौसम में बदलाव के कारण देरी या उड़ान रद्द होने की संभावना बनी हुई है।
रेल और स्थानीय परिवहन सेवाएं भी प्रभावित
तूफान के कारण सिर्फ हवाई यातायात ही प्रभावित नहीं हुआ। शंघाई में कुछ स्थानीय परिवहन सेवाओं को भी अस्थायी रूप से रोकना पड़ा। मेट्रो नेटवर्क के कई हिस्सों पर परिचालन प्रभावित हुआ और कुछ रूट पूरी तरह बंद या सीमित कर दिए गए।
इसका असर रोजमर्रा की जिंदगी पर पड़ा। भारी बारिश के बीच यात्रियों को यात्रा से बचने और जरूरत पड़ने पर ही घर से बाहर निकलने की सलाह दी गई।
झेजियांग के निंगबो इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर हालांकि सोमवार दोपहर से उड़ान सेवाएं दोबारा शुरू कर दी गईं, लेकिन एयरपोर्ट ने चेतावनी दी कि मौसम का प्रभाव पूरी तरह खत्म नहीं हुआ है। इसलिए कुछ उड़ानों में देरी या रद्दीकरण की स्थिति दोबारा बन सकती है।
10 लाख से ज्यादा लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया
डॉल्फिन के चीन पहुंचने से पहले ही प्रशासन ने बड़े स्तर पर तैयारी शुरू कर दी थी। पूर्वी चीन के तटीय क्षेत्रों में दस लाख से अधिक लोगों को जोखिम वाले इलाकों से निकालकर सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया।
झेजियांग प्रांत के वेंझोउ में ही बड़ी संख्या में लोगों को सुरक्षित स्थानों पर भेजा गया और हजारों आपातकालीन आश्रय केंद्र तैयार किए गए। शंघाई में भी संवेदनशील और बाढ़ प्रभावित इलाकों से लोगों को हटाया गया।
प्रशासन की प्राथमिकता निचले इलाकों और तटीय क्षेत्रों में रहने वाले लोगों को तेज हवाओं, बारिश और संभावित बाढ़ से सुरक्षित रखना है।
बीजिंग भी अलर्ट पर, भारी बारिश की चेतावनी
डॉल्फिन का प्रभाव केवल तटीय इलाकों तक सीमित रहने की संभावना नहीं है। राजधानी बीजिंग समेत उत्तर और मध्य चीन के कई हिस्सों में भी भारी बारिश को लेकर चेतावनी जारी की गई है।
मौसम विभाग ने कुछ क्षेत्रों में भारी बारिश, अचानक बाढ़ और पहाड़ी इलाकों में भूस्खलन की आशंका जताई है। प्रशासन ने लोगों से अनावश्यक यात्रा से बचने और स्थानीय मौसम चेतावनियों का पालन करने को कहा है।
डॉल्फिन अब पहले की तुलना में कमजोर हो चुका है और उत्तर-पश्चिम दिशा में आगे बढ़ रहा है। लेकिन कमजोर पड़ने का मतलब यह नहीं है कि खतरा पूरी तरह खत्म हो गया है। उष्णकटिबंधीय तूफानों के अवशेष कई बार बड़े क्षेत्र में लंबे समय तक भारी बारिश करा सकते हैं।
बाढ़ और भूस्खलन का खतरा क्यों बना हुआ है?
तूफान की हवा कमजोर होने के बाद भी भारी बारिश सबसे बड़ी चुनौती बनी हुई है। जब कम समय में बड़ी मात्रा में बारिश होती है, तो नदियों, नालों और जल निकासी व्यवस्था पर दबाव बढ़ जाता है।
पूर्वी चीन के कुछ पहाड़ी क्षेत्रों में भारी बारिश के कारण मिट्टी और चट्टानों के खिसकने की घटनाएं भी सामने आई हैं। ऐसे इलाकों में सड़कें बंद होने और अचानक बाढ़ आने का खतरा बढ़ जाता है।
इसी वजह से प्रशासन तूफान के कमजोर पड़ने के बावजूद राहत और बचाव दलों को अलर्ट पर रख रहा है।
चीन में बार-बार क्यों आते हैं टाइफून?
चीन और पूर्वी एशिया के दूसरे देशों में हर साल कई उष्णकटिबंधीय चक्रवात आते हैं। पश्चिमी उत्तर प्रशांत महासागर दुनिया के सबसे सक्रिय ट्रॉपिकल साइक्लोन क्षेत्रों में से एक है। गर्म समुद्री पानी और अनुकूल वायुमंडलीय परिस्थितियां यहां तूफानों के बनने और मजबूत होने में मदद करती हैं।
समुद्र की सतह का गर्म पानी इन तूफानों के लिए ऊर्जा के स्रोत की तरह काम करता है। गर्म समुद्र से बड़ी मात्रा में पानी वाष्प बनकर ऊपर उठता है। यह नमी बादलों के निर्माण और तूफान की तीव्रता बढ़ाने में मदद करती है।
इसके अलावा पृथ्वी के घूमने से पैदा होने वाला कोरिओलिस प्रभाव भी बड़े पैमाने के चक्रवाती सिस्टम को घूमने में मदद करता है। पश्चिमी प्रशांत की भौगोलिक स्थिति ऐसी है कि यहां बनने वाले कई तूफान जापान, फिलीपींस, ताइवान और चीन की दिशा में आगे बढ़ते हैं।
गर्म होता समुद्र और बढ़ता चरम मौसम का खतरा
समुद्र के तापमान में वृद्धि को लेकर वैज्ञानिक लंबे समय से चिंता जताते रहे हैं। गर्म समुद्र से वातावरण में अधिक नमी पहुंच सकती है, जिससे कुछ परिस्थितियों में अत्यधिक बारिश की घटनाएं और अधिक तीव्र हो सकती हैं।
विश्व मौसम संगठन के अनुसार 2025 में पूर्वी एशिया के कई हिस्सों में असाधारण गर्मी और भारी बारिश जैसी चरम मौसम घटनाएं दर्ज की गई थीं।
हालांकि किसी एक तूफान को सीधे जलवायु परिवर्तन का परिणाम बताना वैज्ञानिक रूप से सही नहीं होगा। लेकिन बढ़ते समुद्री तापमान और बदलते मौसम के पैटर्न के कारण चरम मौसम की घटनाओं के जोखिम और प्रभाव को लेकर वैज्ञानिक लगातार अध्ययन कर रहे हैं।
डॉल्फिन कमजोर पड़ा, लेकिन खतरा अभी टला नहीं
चीन पहुंचने के बाद डॉल्फिन की ताकत में कमी आई है और मौसम विभाग ने कुछ चेतावनियों को कम किया है। इसके बावजूद पूर्वी और मध्य चीन के कई हिस्सों में भारी बारिश जारी रहने की संभावना है।
शंघाई में रिकॉर्ड बारिश, सैकड़ों उड़ानों के रद्द होने, परिवहन सेवाओं के प्रभावित होने और बाढ़-भूस्खलन के खतरे ने प्रशासन के सामने बड़ी चुनौती खड़ी कर दी है। फिलहाल अधिकारियों का ध्यान लोगों को सुरक्षित रखने और बारिश के बाद संभावित बाढ़ की स्थिति से निपटने पर है।
तूफान की तीव्रता कम होना राहत की खबर है, लेकिन इसका बचा हुआ बारिश वाला सिस्टम आने वाले दिनों में भी कई इलाकों में परेशानी पैदा कर सकता है। इसलिए चीन के प्रभावित क्षेत्रों में लोगों को स्थानीय प्रशासन और मौसम विभाग की चेतावनियों का पालन करने की सलाह दी गई है।



