
जम्मू-कश्मीर में आतंकवाद के खिलाफ सुरक्षाबलों का अभियान लगातार जारी है। बुधवार को दक्षिण कश्मीर के कुलगाम और उत्तरी कश्मीर के हंदवाड़ा में सुरक्षाबलों को अहम सफलता मिली। कुलगाम में पुलिस, सेना और सीआरपीएफ की संयुक्त टीम ने पांच कथित आतंकी सहयोगियों को गिरफ्तार किया। इनके कब्जे से पिस्तौल, मैगजीन, कारतूस और ग्रेनेड बरामद किए गए हैं। वहीं हंदवाड़ा के नागदानार जंगल में सुरक्षाबलों ने एक पुराने भूमिगत ठिकाने का पता लगाकर वहां से AK-47 और बड़ी मात्रा में गोला-बारूद बरामद किया।
सुरक्षा एजेंसियां दोनों घटनाओं को आतंकवाद के खिलाफ चलाए जा रहे व्यापक अभियान का हिस्सा मान रही हैं। कुलगाम मामले में गिरफ्तार किए गए लोगों से पूछताछ की जा रही है, जबकि हंदवाड़ा में बरामद हथियारों के स्रोत और पुराने ठिकाने से जुड़े नेटवर्क की जांच की जा रही है।
कुलगाम में पांच संदिग्ध आतंकी सहयोगी गिरफ्तार
कुलगाम में यह कार्रवाई पुलिस को मिली विश्वसनीय सूचना के आधार पर की गई। जानकारी के बाद कुलगाम पुलिस ने सेना की 9 राष्ट्रीय राइफल्स और सीआरपीएफ की 18वीं बटालियन के साथ मिलकर ख्रेवान चड्डर इलाके में संयुक्त अभियान चलाया। तलाशी और घेराबंदी के दौरान पांच लोगों को पकड़ा गया।
पुलिस के अनुसार, पकड़े गए लोगों के पास से दो पिस्तौल, तीन मैगजीन, 9 एमएम के 40 कारतूस और तीन ग्रेनेड बरामद किए गए हैं। मामले में कुलगाम थाने में कानून की संबंधित धाराओं के तहत केस दर्ज किया गया है और जांच आगे बढ़ाई जा रही है।
अधिकारियों का कहना है कि पूछताछ के जरिए यह पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि इन लोगों के कथित तौर पर किन लोगों से संपर्क थे और बरामद हथियारों का इस्तेमाल किस उद्देश्य से किया जाना था।
गिरफ्तार किए गए पांच लोगों की पहचान सामने आई
पुलिस के मुताबिक, गिरफ्तार किए गए लोगों की पहचान तजामुल हुसैन मीर, रहमत अली नाइकू, तेहरिम अहमद भट, मंजूर अहमद भट और किफायत अहमद डार के रूप में हुई है। अधिकारियों ने बताया कि ये सभी कुलगाम जिले के अलग-अलग इलाकों के रहने वाले हैं।
जांच एजेंसियां अब इन लोगों के कथित संपर्कों और नेटवर्क के बारे में जानकारी जुटा रही हैं। पुलिस यह भी पता लगाने की कोशिश कर रही है कि बरामद हथियार इनके पास कैसे पहुंचे और क्या इनका संबंध घाटी में सक्रिय किसी आतंकी नेटवर्क से था।
फिलहाल मामले में जांच जारी है और आरोपों से जुड़े अंतिम निष्कर्ष जांच पूरी होने के बाद ही सामने आएंगे।
पूछताछ से सामने आ सकते हैं और लिंक
सुरक्षाबलों के लिए इस कार्रवाई का एक महत्वपूर्ण पहलू गिरफ्तार किए गए लोगों से मिलने वाली जानकारी है। जांच एजेंसियां यह पता लगाने का प्रयास कर रही हैं कि क्या इनके जरिए किसी बड़े नेटवर्क को लॉजिस्टिक या अन्य सहायता उपलब्ध कराई जा रही थी।
पूछताछ में सामने आने वाली जानकारी के आधार पर सुरक्षा एजेंसियां आगे और कार्रवाई कर सकती हैं। हालांकि, अधिकारियों की ओर से गिरफ्तार लोगों की कथित भूमिका को लेकर जांच अभी जारी है।
इस कार्रवाई के बाद कुलगाम और आसपास के इलाकों में सुरक्षा व्यवस्था को लेकर भी सतर्कता बढ़ाई गई है।
हंदवाड़ा में पुराने आतंकी ठिकाने का पता चला
दूसरी बड़ी कार्रवाई उत्तरी कश्मीर के कुपवाड़ा जिले के हंदवाड़ा में हुई। यहां नागदानार जंगल क्षेत्र में सुरक्षाबलों ने एक पुराने ठिकाने का पता लगाया। पुलिस और सुरक्षा अधिकारियों के मुताबिक, विशेष सूचना के आधार पर संयुक्त तलाशी अभियान चलाया गया था।
हंदवाड़ा पुलिस ने सेना की 21 राष्ट्रीय राइफल्स और सीआरपीएफ की 92वीं बटालियन के साथ मिलकर जंगल क्षेत्र में तलाशी अभियान शुरू किया। अभियान के दौरान सुरक्षाबलों को एक पुराना भूमिगत ठिकाना मिला। तलाशी के बाद वहां से भारी मात्रा में हथियार और गोला-बारूद बरामद किया गया।
AK-47 समेत भारी मात्रा में गोला-बारूद बरामद
सुरक्षाबलों के अनुसार हंदवाड़ा के इस ठिकाने से एक AK-47 राइफल, तीन ग्रेनेड, 857 AK राउंड, 192 PIKA राउंड, आठ मैगजीन, एक साइलेंसर और 83 पिस्तौल राउंड बरामद किए गए। इसके अलावा भी कुछ अन्य आपत्तिजनक सामान मिला है।
बरामद कारतूसों की संख्या को जोड़ने पर अलग-अलग हथियारों के लिए कुल 1,132 राउंड सामने आते हैं। इतनी मात्रा में हथियार और गोला-बारूद मिलने के बाद सुरक्षा एजेंसियों ने इलाके में तलाशी अभियान को आगे बढ़ाया।
सुरक्षाबलों ने बरामदगी के बाद पुराने ठिकाने को नष्ट कर दिया। मामले में हंदवाड़ा पुलिस थाने में संबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू की गई है।
किस आतंकी नेटवर्क से जुड़ा था ठिकाना?
हंदवाड़ा में मिले पुराने ठिकाने को लेकर जांच एजेंसियां अब यह पता लगाने में जुटी हैं कि इसका इस्तेमाल किस आतंकी संगठन या नेटवर्क से जुड़े लोगों ने किया था।
सुरक्षा एजेंसियां बरामद हथियारों और अन्य सामग्री के आधार पर पुराने संपर्कों की जानकारी जुटा सकती हैं। साथ ही यह भी जांच का हिस्सा है कि ठिकाने का इस्तेमाल कितने समय तक किया गया और क्या हाल के समय में यहां से किसी आतंकी गतिविधि को अंजाम देने की तैयारी थी।
फिलहाल अधिकारियों ने बरामद हथियारों के आधार पर किसी विशेष संगठन की जिम्मेदारी या संबंध की पुष्टि नहीं की है।
जम्मू-कश्मीर में लगातार जारी है सर्च ऑपरेशन
कश्मीर घाटी में सुरक्षाबल आतंकवादी नेटवर्क और उनके कथित सहयोगियों के खिलाफ लगातार अभियान चला रहे हैं। इन अभियानों में संदिग्ध ठिकानों की तलाशी के साथ-साथ हथियारों की बरामदगी और संदिग्ध सहयोगियों की गिरफ्तारी पर भी ध्यान दिया जा रहा है।
कुलगाम की कार्रवाई में जहां पांच लोगों को हथियारों के साथ पकड़ा गया, वहीं हंदवाड़ा में पुराने ठिकाने से हथियारों का बड़ा जखीरा बरामद होना सुरक्षा एजेंसियों के लिए जांच का महत्वपूर्ण बिंदु है।
इन दोनों घटनाओं से यह भी पता चलता है कि सुरक्षा एजेंसियां खुफिया सूचनाओं के आधार पर घाटी के अलग-अलग इलाकों में तलाशी अभियान चला रही हैं।
आगे की जांच पर टिकी नजर
कुलगाम मामले में गिरफ्तार पांचों लोगों से पूछताछ जारी है। पुलिस यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि इनके कथित संपर्क कहां तक फैले हुए हैं और बरामद हथियारों का इस्तेमाल किस उद्देश्य से किया जाना था। वहीं हंदवाड़ा में बरामद हथियारों के स्रोत और पुराने ठिकाने से जुड़े लोगों की पहचान की जा रही है।
जांच आगे बढ़ने के साथ इन दोनों मामलों में और गिरफ्तारियां या बरामदगी होने की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता, हालांकि ऐसी किसी कार्रवाई की आधिकारिक पुष्टि होने के बाद ही स्थिति स्पष्ट होगी।
निष्कर्ष
जम्मू-कश्मीर में बुधवार को सुरक्षाबलों को दो अलग-अलग कार्रवाइयों में महत्वपूर्ण सफलता मिली। कुलगाम में पांच कथित आतंकी सहयोगियों को गिरफ्तार कर हथियार और गोला-बारूद बरामद किया गया, जबकि हंदवाड़ा के नागदानार जंगल में पुराने ठिकाने से AK-47, ग्रेनेड, मैगजीन और 1,132 राउंड समेत हथियारों का जखीरा मिला।
दोनों मामलों में जांच जारी है। सुरक्षा एजेंसियों की कोशिश अब बरामद हथियारों के स्रोत और इनसे जुड़े संभावित नेटवर्क तक पहुंचने की है।



