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INDIA Bloc Meeting Live: मतभेद, बगावत और ‘एकतरफा’ फैसलों के बीच दिल्ली में ‘इंडिया’ गठबंधन की अग्निपरीक्षा; क्या बची रहेगी विपक्षी एकजुटता?

8 जून, 2026 | नई दिल्ली | INDIA Bloc Meeting Live: लोकसभा चुनाव के बाद बदले राजनीतिक घटनाक्रम और राज्यों के हालिया विधानसभा चुनावों में आए नतीजों के बीच, विपक्षी दलों का महागठबंधन ‘INDIA’ (इंडियन नेशनल डेवलपमेंटल इंक्लूसिव अलायंस) आज एक बेहद संवेदनशील मोड़ पर खड़ा है। नई दिल्ली के कॉन्स्टिट्यूशन क्लब में आज गठबंधन के शीर्ष नेताओं की एक बेहद महत्वपूर्ण बैठक हो रही है।

इस बैठक का मुख्य एजेंडा आगामी राज्यों के विधानसभा चुनावों और 2029 के लोकसभा चुनाव के लिए भारतीय जनता पार्टी (BJP) और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व वाली सरकार के खिलाफ एक मजबूत और एकजुट रणनीति तैयार करना है। हालांकि, बैठक की मेज पर एकजुटता के दावों से कहीं ज्यादा घटक दलों के बीच गहराते मतभेद, आपसी आरोप-प्रत्यारोप और कांग्रेस के रवैये को लेकर नाराजगी हावी रहने के आसार हैं।

दिग्गजों का जमघट: एक छतरी के नीचे आने की कोशिश

तमाम आंतरिक कड़वाहटों के बावजूद, विपक्षी खेमा देश के सामने यह दिखाने का प्रयास कर रहा है कि राष्ट्रीय मुद्दों पर वे अब भी एक हैं। आज की इस बैठक में कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे, लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी, तृणमूल कांग्रेस (TMC) की प्रमुख ममता बनर्जी और अभिषेक बनर्जी, समाजवादी पार्टी (SP) के मुखिया अखिलेश यादव, राष्ट्रीय जनता दल (RJD) के तेजस्वी यादव, शिवसेना (UBT) के उद्धव ठाकरे और वामपंथी दलों (Left Leaders) समेत कई छोटे क्षेत्रीय दलों के शीर्ष नेता शामिल हो रहे हैं।

आपको बता दें कि ‘INDIA’ गठबंधन की आखिरी आधिकारिक बैठक लोकसभा चुनाव के ठीक पहले 1 जून, 2024 को नई दिल्ली में हुई थी। उसके बाद संसद सत्रों से पहले अनौपचारिक परामर्श तो हुए, लेकिन एक पूर्ण सांगठनिक और रणनीतिक बैठक लंबे समय बाद आज हो रही है।

बंगाल में हमलों का मुद्दा उठाएगी TMC; डेरेक ओ’ब्रायन ने जताई उम्मीद

इस बैठक में तृणमूल कांग्रेस (TMC) पश्चिम बंगाल में अपने नेताओं और कार्यकर्ताओं पर हो रहे कथित हमलों और राजनीतिक हिंसा का मुद्दा प्रमुखता से उठाने वाली है। टीएमसी चाहती है कि गठबंधन के अन्य सभी दल इस मुद्दे पर एकजुट होकर उसका समर्थन करें।

बैठक के सकारात्मक पहलुओं पर बात करते हुए टीएमसी के राज्यसभा सांसद डेरेक ओ’ब्रायन ने सोशल मीडिया पर सकारात्मक संदेश देते हुए लिखा:

“यह बैठक एक साझा उद्देश्य और बिल्कुल स्पष्ट इरादे के साथ हो रही है। इंडिया गठबंधन पूरी तरह एकजुट है। कई राजनीतिक दल भाईचारे और सौहार्द की भावना के साथ इस मुलाकात का बेसब्री से इंतजार कर रहे हैं।”

झारखंड से लेकर केरल तक: कांग्रेस के ‘एकतरफा’ रवैये से सहयोगी दल नाराज

सकारात्मक बयानों से इतर, गठबंधन के भीतर दरारें लगातार चौड़ी होती जा रही हैं। कई क्षेत्रीय दलों ने खुले तौर पर शिकायत की है कि कांग्रेस गठबंधन में ‘बड़े भाई’ की तरह मनमाना (High-handedness) रवैया अपना रही है।

  1. झारखंड में JMM की नाराजगी: झारखंड में राज्यसभा की दो सीटों पर चुनाव होने हैं। झारखंड मुक्ति मोर्चा (JMM) चाहती थी कि वह दोनों सीटों पर अपने उम्मीदवार उतारे। लेकिन कांग्रेस ने जेएमएम की योजना पर पानी फेरते हुए एक सीट पर ‘एकतरफा’ तरीके से अपने प्रत्याशी का एलान कर दिया। हालांकि, आंकड़ों के लिहाज से जेएमएम-कांग्रेस गठबंधन आसानी से दोनों सीटें जीत सकता है, लेकिन इस फैसले ने दोनों दलों के बीच कड़वाहट पैदा कर दी है।

  2. केरल चुनाव पर लेफ्ट (CPM) का तीखा वार: केरल विधानसभा चुनाव में कांग्रेस के नेतृत्व वाले यूडीएफ (UDF) के हाथों करारी शिकस्त झेलने के बाद सीपीआई(एम) बेहद गुस्से में है। चुनाव के दौरान कांग्रेस ने आरोप लगाया था कि लेफ्ट और बीजेपी के बीच अंदरूनी साठगांठ है। इस पर सीपीएम ने कड़ी आपत्ति जताते हुए कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे को एक कड़ा पत्र लिखा है। बैठक में सीपीएम के राज्यसभा नेता जॉन ब्रिटास इस मुद्दे को उठाएंगे और कांग्रेस नेतृत्व से इस ‘झूठे आरोप’ पर स्पष्टीकरण मांगेंगे।

AAP ने किया साफ इनकार: ‘कांग्रेस पीठ में छुरा घोंपती है, हम साथ नहीं’

गठबंधन के लिए सबसे बड़ा झटका आम आदमी पार्टी (AAP) की तरफ से आया है। बैठक से ठीक एक दिन पहले ‘आप’ ने कांग्रेस के साथ भविष्य में किसी भी तरह के चुनावी गठबंधन से साफ तौर पर इनकार कर दिया।

आम आदमी पार्टी ने कांग्रेस पर तीखा हमला बोलते हुए आरोप लगाया कि कांग्रेस केवल खुद को मजबूत करना चाहती है और सहयोगियों का इस्तेमाल करती है। ‘आप’ ने उदाहरण देते हुए कहा कि कांग्रेस ने तमिलनाडु चुनाव के बाद अभिनेता विजय की पार्टी ‘टीकेवी’ (TVK) से हाथ मिलाकर वहां की सत्ताधारी पार्टी द्रमुक (DMK) की पीठ में छुरा घोंपने का काम किया है। इसके साथ ही ‘आप’ ने कांग्रेस को ‘युवा विरोधी’ बताते हुए दूरी बना ली है।

INDIA गठबंधन बैठक 2026: अंदरूनी कलह का पूरा गणित

नाराज सहयोगी दल विवाद का मुख्य कारण बैठक में संभावित रुख / एजेंडा
TMC (ममता बनर्जी) बंगाल में नेताओं पर कथित हमले। राष्ट्रीय स्तर पर अन्य विपक्षी दलों से समर्थन की मांग।
JMM (झारखंड) राज्यसभा सीट पर कांग्रेस का एकतरफा प्रत्याशी उतारना। कांग्रेस के ‘मनमाने’ रवैये पर नाराजगी और विरोध।
CPI(M) (जॉन ब्रिटास) केरल चुनाव में कांग्रेस द्वारा ‘बीजेपी से साठगांठ’ का आरोप लगाना। मल्लिकार्जुन खड़गे को पत्र लिखकर जवाब मांगना; तीखी बहस के आसार।
AAP (अरविंद केजरीवाल) कांग्रेस की ‘युवा विरोधी’ नीतियां और तमिलनाडु में DMK के साथ कथित धोखा। भविष्य में कांग्रेस के साथ किसी भी चुनावी गठबंधन से पूरी तरह इनकार।

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