चेन्नई | 21 मई, 2026 | Tamil Nadu Cabinet Expansion: तमिल नाडु की राजनीति में आज एक नया इतिहास रचा गया है। हाल ही में राज्य के मुख्यमंत्री बने सी. जोसेफ विजय (C. Joseph Vijay) ने गुरुवार को अपनी कैबिनेट का पहला बड़ा विस्तार किया। राजभवन में आयोजित एक भव्य समारोह में 23 नए विधायकों ने मंत्री पद की शपथ ली। इस कैबिनेट विस्तार के साथ ही तमिल नाडु की कैबिनेट में मंत्रियों की कुल संख्या अब 33 तक पहुंच गई है।
इस पूरे घटनाक्रम की सबसे बड़ी और ऐतिहासिक बात यह है कि राष्ट्रीय पार्टी कांग्रेस (Congress) पूरे 59 साल के लंबे ‘वनवास’ के बाद तमिल नाडु सरकार का हिस्सा बनी है। मुख्यमंत्री विजय की ‘तमिलगा वेत्री कज़गम’ (TVK) सरकार के इस विस्तार में टीवीके के 19 विधायकों के साथ-साथ गठबंधन सहयोगी कांग्रेस के दो विधायकों को भी कैबिनेट में जगह दी गई है।
कांग्रेस की ऐतिहासिक वापसी: खड़गे ने दी मंजूरी
अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी (AICC) के संगठन महासचिव के.सी. वेणुगोपाल ने सोशल मीडिया पर इसकी आधिकारिक घोषणा की। उन्होंने बताया कि कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने विधायक राजेश कुमार (किल्लियूर विधानसभा) और पी. विश्वनाथन (मेलूर विधानसभा) को विजय सरकार में मंत्री के रूप में शामिल करने की मंजूरी दी।
के.सी. वेणुगोपाल ने ‘X’ पर लिखा:
“यह हमारे लिए एक बेहद ऐतिहासिक और गौरवशाली क्षण है। पूरे 59 साल के एक लंबे अंतराल के बाद कांग्रेस तमिल नाडु कैबिनेट का हिस्सा बनने जा रही है। हमें पूरा विश्वास है कि हमारे दोनों मंत्री तमिल नाडु की जनता की उम्मीदों पर खरे उतरेंगे।”
गौरतलब है कि तमिल नाडु विधानसभा चुनाव में कांग्रेस ने 5 सीटों पर जीत हासिल की थी। चुनाव नतीजों में जब अभिनेता से राजनेता बने विजय की पार्टी टीवीके बहुमत के आंकड़े (118) से कुछ सीटें पीछे रह गई, तब कांग्रेस ने उन्हें बिना शर्त समर्थन देकर सरकार बनाने का रास्ता साफ किया था। विजय ने 10 मई, 2026 को जवाहरलाल नेहरू स्टेडियम में 9 अन्य मंत्रियों के साथ मुख्यमंत्री पद की शपथ ली थी।
द्रविड़ियन राजनीति का पुराना ढर्रा टूटा
आजादी के बाद साल 1952 से 1967 तक तमिल नाडु (तब मद्रास राज्य) में कांग्रेस का शासन था। लेकिन 1967 में द्रविड़ आंदोलन के महानायक और डीएमके (DMK) के संस्थापक सी.एन. अन्नादुरई ने कांग्रेस को हराकर पहली गैर-कांग्रेसी सरकार बनाई थी। उसके बाद के दशकों में तमिल नाडु की सत्ता बारी-बारी से दो क्षेत्रीय दिग्गजों— डीएमके और एआईएडीएमके (AIADMK) के हाथों में ही रही।
दिलचस्प बात यह है कि इन 59 वर्षों में कांग्रेस ने कई बार डीएमके और एआईएडीएमके दोनों के साथ चुनावी गठबंधन किया, लेकिन किसी भी द्रविड़ियन पार्टी ने कांग्रेस को सरकार के भीतर कैबिनेट में हिस्सेदारी (Power Sharing) नहीं दी। मुख्यमंत्री विजय ने तमिल नाडु में दशकों बाद पहली ‘गैर-द्रविड़ियन सरकार’ बनाकर और सहयोगियों को सत्ता में शामिल करके राज्य की राजनीतिक दिशा को पूरी तरह बदल दिया है।
विजय कैबिनेट में शामिल होने वाले प्रमुख चेहरे
आज शपथ लेने वाले 23 मंत्रियों में क्षेत्रीय संतुलन और सामाजिक समीकरणों का पूरा ध्यान रखा गया है। शपथ लेने वाले प्रमुख विधायकों की सूची इस प्रकार है:
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थूथुकुडी से श्रीनाथ, अविनाशी से कमली एस, कुमारपालयम से सी. विजयलक्ष्मी।
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कांचीपुरम से आर.वी. रंजीतकुमार, कुंभकोणम से विनोद, तिरुवदानई से राजीव।
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कुड्डालोर से बी. राजकुमार, अरक्कोनम से वी. गांधीराज, ओट्टापिडारम से मथन राजा पी.।
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राजपालयम से जेगदेश्वरी के, इरोड से एम. विजय बालाजी।
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रासिपुरम से लोगेश तमिलसेवन डी, सेलम से विजय तमिलन पार्थिबन ए, श्रीरंगम से रमेश।
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वेलाचेरी से कुमार आर, श्रीपेरंबदूर से थेन्नरसु के, कोयंबटूर से वी. संपत कुमार।
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अरंथंगी से मोहम्मद फरवास जे, तांबरम से डी. सरथकुमार, राधाकृष्णन नगर से एन मैरी विल्सन और किनाथुकादावु से विग्नेश के।
इनके अलावा, कांग्रेस कोटे से राजेश कुमार एस. (किल्लियूर) और पी. विश्वनाथन (मेलूर) ने भी मंत्री पद की शपथ ली।
तमिल नाडु सरकार 2026: मंत्रियों का गणित
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