
कोलकाता | 20 मई, 2026 | West Bengal Politics: पश्चिम बंगाल में विधानसभा चुनावों के बाद शुरू हुआ राजनीतिक घमासान अब एक बेहद आक्रामक मोड़ पर पहुंच गया है। तृणमूल कांग्रेस (TMC) की सुप्रीमो और राज्य की पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी (Mamata Banerjee) ने भारतीय जनता पार्टी (BJP) पर तीखा हमला बोलते हुए एक बड़ा दावा किया है। ममता बनर्जी ने कहा है कि केंद्र की सत्ता में बैठी भाजपा के दिन अब गिनती के बचे हैं और आने वाले दिनों में उसे “दिल्ली की सत्ता से बेदखल” कर दिया जाएगा।
यह बयान उन्होंने कोलकाता में अपने आवास पर टीएमसी विधायकों के साथ आयोजित एक महत्वपूर्ण रणनीतिक बैठक के दौरान दिया। इस बैठक में उनके भतीजे और लोकसभा सांसद अभिषेक बनर्जी (Abhishek Banerjee) भी मौजूद थे, जिन्हें हाल ही में उनके दक्षिण कोलकाता स्थित आवास के कथित अनधिकृत निर्माण को लेकर नगर निगम द्वारा डिमोलिशन (घर ढहाने) का नोटिस मिला है।
“अल्पसंख्यकों और रेहड़ी-पटरी वालों को बनाया जा रहा निशाना”
बैठक को संबोधित करते हुए ममता बनर्जी ने पश्चिम बंगाल की नवनिर्वाचित सुवेंदु अधिकारी (Suvendu Adhikari) के नेतृत्व वाली भाजपा सरकार की नीतियों पर कड़ा ऐतराज जताया। उन्होंने आरोप लगाया कि राज्य में चुनावी नतीजों के बाद से ही एक खास एजेंडे के तहत काम किया जा रहा है।
ममता बनर्जी ने कहा:
“राज्य की नई सरकार हमारे संवैधानिक विचारों और लोकतांत्रिक मूल्यों के साथ सरेआम खिलवाड़ कर रही है। पश्चिम बंगाल के विभिन्न हिस्सों में अल्पसंख्यक समुदायों को जानबूझकर निशाना बनाया जा रहा है। इसके साथ ही, सड़कों के किनारे दुकान लगाने वाले गरीब हॉकर (रेहड़ी-पटरी वालों) की दुकानों को बुलडोजर से ढहाया जा रहा है। लेकिन हम इस दमनकारी नीति के खिलाफ चुप नहीं बैठेंगे।”
अभिषेक बनर्जी की भाजपा को खुली चुनौती: “घर गिरा दो, लेकिन झुकूंगा नहीं”
इस बैठक में टीएमसी के राष्ट्रीय महासचिव अभिषेक बनर्जी का तेवर भी बेहद आक्रामक नजर आया। उन्हें कोलकाता नगर निगम (KMC) की ओर से उनके दक्षिण कोलकाता वाले मकान के कुछ हिस्सों को ‘अवैध’ बताते हुए नोटिस जारी किया गया है।
इस कानूनी नोटिस पर प्रतिक्रिया देते हुए अभिषेक बनर्जी ने कहा:
“उन्हें जो करना है करने दें… चाहे वे मेरा घर गिरा दें या नए नोटिस भेजें, मैं इन गीदड़ भभकियों के आगे झुकने वाला नहीं हूँ। हालात चाहे जो भी हों, भाजपा की जनविरोधी नीतियों के खिलाफ हमारी लड़ाई मजबूती से जारी रहेगी।”
एक महत्वपूर्ण राजनीतिक पेंच:
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि अभिषेक बनर्जी को मिला यह नोटिस राज्य की राजनीति को और उलझा सकता है। दरअसल, जिस कोलकाता नगर निगम (KMC) ने यह नोटिस जारी किया है, उस पर वर्तमान में भी टीएमसी का ही नियंत्रण है और ममता बनर्जी के बेहद करीबी माने जाने वाले फिरहाद हकीम कोलकाता के मेयर हैं। ऐसे में इस प्रशासनिक कार्रवाई के पीछे के राजनीतिक समीकरणों को लेकर चर्चाएं तेज हैं।
नारदा स्टिंग का जिक्र कर सुवेंदु अधिकारी पर साधा निशाना
अभिषेक बनर्जी ने राज्य के नवनिर्वाचित मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी पर भी तीखा तंज कसा। उन्होंने साल 2014 के बहुचर्चित ‘नारदा स्टिंग ऑपरेशन’ का हवाला देते हुए कहा कि हमारे राज्य ने कई मुख्यमंत्री देखे हैं, लेकिन मौजूदा सीएम जैसा कोई नहीं रहा। उन्होंने आरोप लगाया कि जिसे कभी कैमरे पर पैसे लेते हुए देखा गया था, आज उसे राज्य की कमान सौंप दी गई है।
बीजेपी के ‘बुलडोजर कल्चर’ के खिलाफ 21 मई से बड़ा आंदोलन
इस बैठक में टीएमसी ने भाजपा सरकार द्वारा चलाए जा रहे अतिक्रमण विरोधी अभियान और हॉकरों की बेदखली के खिलाफ सड़क पर उतरने का फैसला किया है। इसके लिए 21 मई से कोलकाता और आसपास के इलाकों में एक बड़ा विरोध प्रदर्शन शुरू किया जा रहा है।
टीएमसी के इस आंदोलन के लिए कोलकाता के तीन सबसे प्रमुख रणनीतिक स्थानों को चुना गया है:
-
बालीगंज (Ballygunge)
-
हावड़ा जंक्शन (Howrah Junction)
-
सियालदह रेलवे स्टेशन (Sealdah Railway Station)
इन तीनों ही क्षेत्रों में रेहड़ी-पटरी वालों की एक बहुत बड़ी आबादी है, और टीएमसी इस मुद्दे के जरिए राज्य में भाजपा सरकार को घेरने की तैयारी में है।
पश्चिम बंगाल राजनीतिक घमासान 2026: मुख्य बिंदु
| नेता / संगठन | मुख्य बयान और आगामी रणनीति | संदर्भ / विवाद |
| ममता बनर्जी (TMC) | “भाजपा जल्द ही दिल्ली की सत्ता से बाहर होगी। संविधान से खिलवाड़ हो रहा है।” | राज्य में हॉकरों और अल्पसंख्यकों पर कथित कार्रवाई के खिलाफ। |
| अभिषेक बनर्जी (MP) | “घर ढहा दें या नोटिस भेजें, भाजपा के सामने सिर नहीं झुकाऊंगा।” | दक्षिण कोलकाता स्थित निजी आवास पर मिले डिमोलिशन नोटिस पर। |
| सुवेंदु अधिकारी (BJP) | अवैध अतिक्रमण और कानून-व्यवस्था को दुरुस्त करने की नीति। | राज्य सरकार द्वारा अवैध निर्माणों पर की जा रही प्रशासनिक कार्रवाई। |
| TMC का आंदोलन | 21 मई से बालीगंज, हावड़ा और सियालदह में बड़े पैमाने पर विरोध प्रदर्शन। | भाजपा के ‘बुलडोजर कल्चर’ और हॉकरों की बेदखली के विरोध में। |
पश्चिम बंगाल की सत्ता में हुए इस हालिया बदलाव के बाद ममता बनर्जी की यह आक्रामक रणनीति साफ दिखाती है कि वे राज्य में विपक्ष की भूमिका को बेहद आक्रामक बनाए रखना चाहती हैं। हॉकरों के पुनर्वास और बुलडोजर कार्रवाई का यह मुद्दा आने वाले दिनों में राज्य की कानून-व्यवस्था और राजनीतिक स्थिरता के लिहाज से बेहद संवेदनशील साबित होने वाला है।
पश्चिम बंगाल की राजनीति, कोलकाता की हलचल और देश की हर सटीक व निष्पक्ष खबर के लाइव अपडेट्स के लिए हमारे न्यूज़ पोर्टल को फॉलो करना न भूलें।



