
नई दिल्ली | 21 मई, 2026 | Ebola Outbreak 2026: अफ्रीका के कुछ देशों में जानलेवा इबोला वायरस (Ebola Virus) के मामलों में आई अचानक तेजी के बाद भारत सरकार पूरी तरह अलर्ट मोड पर आ गई है। वैश्विक खतरे को देखते हुए देश की राजधानी दिल्ली के इन्दिरा गांधी अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे (IGI Airport) ने अंतरराष्ट्रीय यात्रियों के लिए एक बेहद जरूरी पब्लिक हेल्थ एडवायजरी (Public Health Advisory) जारी की है।
यह एडवायजरी केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय के तहत आने वाले स्वास्थ्य सेवा महानिदेशालय (DGHS) के निर्देशों पर जारी की गई है। दिल्ली एयरपोर्ट ने विशेष रूप से तीन अफ्रीकी देशों— कांगो (DR Congo), युगांडा (Uganda) और दक्षिण सूडान (South Sudan) को “हाई-रिस्क” (उच्च जोखिम वाले) देशों की श्रेणी में रखा है। इन देशों से सीधे आने वाले या यहाँ से होकर भारत पहुंचने वाले (Transit) यात्रियों के लिए एयरपोर्ट पर विशेष सतर्कता बरतने के निर्देश दिए गए हैं।
विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) ने घोषित की ग्लोबल इमरजेंसी
यह कदम केंद्र सरकार द्वारा बुलाई गई एक उच्च स्तरीय समीक्षा बैठक के तुरंत बाद उठाया गया है, जिसमें केंद्रीय स्वास्थ्य सचिव ने सभी राज्यों को अलर्ट रहने और थर्मल स्कैनिंग व आइसोलेशन वार्ड तैयार रखने के निर्देश दिए थे। दरअसल, विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) ने इस हालिया इबोला प्रकोप को एक ‘अंतरराष्ट्रीय चिंता का सार्वजनिक स्वास्थ्य आपातकाल’ (PHEIC) घोषित कर दिया है।
विशेषज्ञों के मुताबिक, इस बार का संक्रमण इबोला के एक दुर्लभ स्ट्रेन ‘बुंडिबुग्यो वायरस’ (Bundibugyo Virus) के कारण फैल रहा है, जिसकी कोई स्वीकृत वैक्सीन या पुख्ता इलाज फिलहाल मौजूद नहीं है। कांगो और युगांडा में अब तक 140 से अधिक मौतें और लगभग 600 संदिग्ध मामले सामने आ चुके हैं, जिसके बाद भारत अपनी सीमाओं पर सुरक्षा पुख्ता कर रहा है।
इन 8 लक्षणों पर रखनी होगी कड़ी नजर: एयरपोर्ट अथॉरिटी की अपील
दिल्ली एयरपोर्ट द्वारा जारी गाइडलाइंस के मुताबिक, हाई-रिस्क वाले देशों से आने वाले किसी भी यात्री में यदि नीचे दिए गए 8 लक्षणों में से कोई भी नजर आता है, तो उन्हें इमिग्रेशन क्लियरेंस (Immigration Clearance) से पहले ही तुरंत एयरपोर्ट हेल्थ डेस्क या एयरपोर्ट हेल्थ ऑफिसर (APHO) को रिपोर्ट करना होगा:
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तेज बुखार (High Fever)
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अत्यधिक कमजोरी या थकान (Fatigue/Weakness)
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सिरदर्द (Headache)
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मांसपेशियों में तेज दर्द (Muscle Pain)
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उल्टी आना (Vomiting)
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डायरिया या दस्त (Diarrhoea)
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गले में खराश या सूजन (Sore Throat)
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शरीर से अकारण खून बहना (Unexplained Bleeding)
महत्वपूर्ण निर्देश: इसके अलावा, यदि कोई यात्री किसी ऐसे व्यक्ति के सीधे संपर्क में आया है जो इबोला का संदिग्ध या कन्फर्म मरीज था, या उसके शारीरिक तरल पदार्थ (Bodily Fluids/Blood) के संपर्क में आया था, तो उसे भी अनिवार्य रूप से स्क्रीनिंग से गुजरना होगा।
21 दिनों का ‘इन्क्यूबेशन पीरियड’: यात्रा के बाद भी रहना होगा सावधान
एडवायजरी में सबसे महत्वपूर्ण बात 21 दिनों की निगरानी को लेकर कही गई है। इबोला वायरस का इन्क्यूबेशन पीरियड (शरीर में वायरस प्रवेश करने से लेकर लक्षण दिखने का समय) 2 से 21 दिनों का होता है।
अफ्रीका सीडीसी (Africa CDC) और स्वास्थ्य विशेषज्ञों के अनुसार, इबोला वायरस हवा से नहीं फैलता (यह कोरोना की तरह एयरबोर्न नहीं है)। यह मुख्य रूप से संक्रमित व्यक्ति के खून, पसीने, लार, उल्टी या अन्य शारीरिक तरल पदार्थों के सीधे संपर्क में आने से फैलता है। इसके अलावा संक्रमित व्यक्ति द्वारा इस्तेमाल की गई सामग्री (जैसे कपड़े, सुई या बिस्तर) और संक्रमित शवों के सीधे संपर्क में आने से भी यह तेजी से दूसरों को अपनी चपेट में ले लेता है।
दिल्ली एयरपोर्ट इबोला गाइडलाइंस 2026: एक नज़र में
यात्रियों से अपील: दिल्ली एयरपोर्ट अथॉरिटी ने सभी अंतरराष्ट्रीय एयरलाइंस और यात्रियों से अपील की है कि वे वैश्विक स्वास्थ्य सुरक्षा और इंटरनेशनल हेल्थ रेगुलेशंस (IHR) का पालन करते हुए एयरपोर्ट पर तैनात मेडिकल टीमों और थर्मल स्क्रीनिंग प्रक्रियाओं में पूरा सहयोग करें। घबराने की कोई आवश्यकता नहीं है, क्योंकि यह एडवाइजरी केवल सुरक्षात्मक और एहतियाती तौर पर जारी की गई है ताकि भारत के भीतर इस खतरनाक वायरस के प्रवेश को पूरी तरह से रोका जा सके।
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