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Himanta Biswa Sarma Old Statement: BJP नेता ने दिया ‘गंगा जल’ वाला जवाब, मचा सियासी बवाल

Himanta Biswa Sarma Old Statement: असम की राजनीति में एक बार फिर बड़ा विवाद खड़ा हो गया है। Himanta Biswa Sarma के पुराने बयानों को लेकर चर्चा तेज हो गई है। एक नई रिपोर्ट ने उनके राजनीतिक सफर को लेकर सवाल खड़े किए हैं, खासकर उस दौर को लेकर जब वह कांग्रेस में थे और उन्होंने Narendra Modi को लेकर तीखी टिप्पणियां की थीं।

यह मुद्दा ऐसे समय पर उठा है जब असम विधानसभा चुनाव की तैयारी जोरों पर है और सरमा फिर से जनता के बीच अपनी सरकार की योजनाओं के दम पर समर्थन मांग रहे हैं।


रिपोर्ट में सामने आई पुरानी बयानबाजी

Newslaundry और The News Minute की संयुक्त वीडियो रिपोर्ट में हिमंता बिस्वा सरमा के पुराने बयानों को दिखाया गया है। रिपोर्ट में उनके कांग्रेस कार्यकाल के दौरान दिए गए बयान को उद्धृत किया गया, जिसमें उन्होंने नरेंद्र मोदी पर गंभीर आरोप लगाए थे।

उस समय सरमा ने कहा था कि गुजरात में मुसलमानों के खिलाफ हिंसा हुई और उन्होंने मोदी को प्रधानमंत्री बनने के लिए अनुपयुक्त बताया था। यह बयान आज की राजनीतिक स्थिति के बिल्कुल उलट नजर आता है, क्योंकि अब सरमा BJP के प्रमुख नेताओं में गिने जाते हैं।


कांग्रेस से BJP तक: कैसे बदली राजनीतिक दिशा?

हिमंता बिस्वा सरमा का राजनीतिक सफर काफी दिलचस्प रहा है। वह लंबे समय तक कांग्रेस में रहे, लेकिन बाद में उन्होंने पार्टी छोड़कर BJP का दामन थाम लिया। इसके बाद उन्होंने न केवल पार्टी में अपनी मजबूत पकड़ बनाई, बल्कि असम के मुख्यमंत्री भी बने।

यह बदलाव अब विपक्ष और मीडिया के लिए एक बड़ा सवाल बन गया है कि आखिर उनकी राजनीतिक सोच में इतना बड़ा परिवर्तन कैसे आया।


चुनाव प्रचार के बीच उठे सवाल

असम विधानसभा चुनाव के लिए प्रचार करते हुए सरमा जहां सरकारी योजनाओं और विकास कार्यों को जनता के सामने रख रहे हैं, वहीं दूसरी ओर उनके पुराने बयान फिर से चर्चा में आ गए हैं।

रिपोर्ट में BJP के उम्मीदवार Shiladitya Deb से इस मुद्दे पर सवाल पूछा गया। उनसे यह जानने की कोशिश की गई कि क्या सरमा ने BJP में अपनी जगह मजबूत करने के लिए अपनी राजनीतिक लाइन बदली है।


BJP का जवाब: “गंगा जल” वाली तुलना

इस सवाल के जवाब में शिलादित्य देव ने एक दिलचस्प उदाहरण दिया। उन्होंने कहा कि BJP “गंगा जल” की तरह है। उनका मतलब था कि जैसे गंगा में स्नान करने से पाप धुल जाते हैं, वैसे ही BJP में शामिल होने के बाद व्यक्ति के पुराने आरोप या गलतियां खत्म हो जाती हैं।

उन्होंने कहा कि जो भी नेता BJP में आता है, वह “पाप मुक्त” हो जाता है। यह बयान राजनीतिक गलियारों में काफी चर्चा का विषय बन गया है।


‘वॉशिंग मशीन’ वाले आरोप पर भी प्रतिक्रिया

विपक्ष अक्सर BJP पर आरोप लगाता रहा है कि पार्टी एक “वॉशिंग मशीन” की तरह काम करती है, जहां अन्य दलों के नेता आरोपों से बचने के लिए शामिल हो जाते हैं। इस पर भी शिलादित्य देव ने जवाब दिया।

उन्होंने कहा कि कांग्रेस इसे “वॉशिंग मशीन” कहती है, लेकिन BJP इसे “गंगा जल” मानती है, जो लोगों को शुद्ध करता है। उनका यह बयान सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है।


भ्रष्टाचार के आरोप और पार्टी का रुख

बातचीत के दौरान एक और मुद्दा उठा, जिसमें उन नेताओं का जिक्र किया गया जो BJP में शामिल होने से पहले भ्रष्टाचार के आरोपों का सामना कर रहे थे।

इस पर शिलादित्य देव ने कहा कि पार्टी ऐसे नेताओं को भी “साफ” कर देगी। उन्होंने भरोसा दिलाया कि BJP में आने के बाद सभी नेता बेहतर तरीके से काम करेंगे।


राजनीतिक नैरेटिव और जनता की प्रतिक्रिया

इस पूरे घटनाक्रम ने असम की राजनीति में एक नई बहस छेड़ दी है। एक ओर BJP अपने नेताओं का बचाव कर रही है, वहीं विपक्ष इस मुद्दे को जनता के सामने जोर-शोर से उठा रहा है।

जनता के बीच भी इस पर अलग-अलग राय देखने को मिल रही है। कुछ लोग इसे राजनीतिक रणनीति मानते हैं, जबकि कुछ इसे विचारधारा में बदलाव के रूप में देखते हैं।


चुनाव पर क्या होगा असर?

आगामी चुनावों में यह मुद्दा कितना प्रभाव डालेगा, यह देखना दिलचस्प होगा। हालांकि, सरमा की लोकप्रियता और उनके द्वारा लागू की गई योजनाएं भी एक बड़ा फैक्टर हैं।

BJP इस विवाद को ज्यादा तूल नहीं देना चाहती, जबकि विपक्ष इसे चुनावी हथियार के रूप में इस्तेमाल करने की कोशिश कर रहा है।


निष्कर्ष: राजनीति में बदलाव या रणनीति?

हिमंता बिस्वा सरमा के पुराने और वर्तमान बयानों के बीच का अंतर एक बड़ा सवाल खड़ा करता है। क्या यह एक स्वाभाविक राजनीतिक बदलाव है या फिर परिस्थितियों के अनुसार अपनाई गई रणनीति?

इसका जवाब शायद आने वाले चुनावी नतीजों में ही मिलेगा। फिलहाल, यह मुद्दा असम की राजनीति में गर्माया हुआ है और आने वाले दिनों में इसकी चर्चा और तेज हो सकती है।

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