
दिल्ली में ईस्ट और साउथ दिल्ली के बीच सफर को आसान और तेज बनाने के लिए शुरू किए गए Barapullah Phase-III Elevated Corridor पर उद्घाटन के अगले ही दिन भारी ट्रैफिक जाम देखने को मिला। बुधवार को नए एलिवेटेड कॉरिडोर पर कई किलोमीटर तक वाहनों की लंबी कतारें लगी रहीं। खासतौर पर Mayur Vihar Phase-1 से Sarai Kale Khan की तरफ जाने वाले यात्रियों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ा।
जिस कॉरिडोर से सफर का समय कम होने और दिल्ली के व्यस्त मार्गों पर ट्रैफिक का दबाव घटने की उम्मीद की जा रही थी, उसके शुरू होने के अगले दिन ही ट्रैफिक की स्थिति ने यात्रियों की परेशानी बढ़ा दी। कई वाहन चालकों ने बताया कि उन्हें सामान्य समय की तुलना में काफी ज्यादा वक्त सड़क पर बिताना पड़ा।
Mayur Vihar से Sarai Kale Khan की ओर करीब 3 KM लंबा जाम
बुधवार को Mayur Vihar Phase-1 से Sarai Kale Khan की ओर जाने वाले हिस्से में ट्रैफिक काफी धीमी गति से चलता दिखाई दिया। कुछ यात्रियों के मुताबिक इस दिशा में वाहनों की कतार करीब 3 किलोमीटर तक पहुंच गई।
दोपहर के समय नए कॉरिडोर पर सफर कर रहे एक यात्री ने बताया कि उसे Mayur Vihar Phase-1 से केंद्रीय दिल्ली की ओर जाने में करीब 40 मिनट तक जाम में फंसा रहना पड़ा। वहीं, एक अन्य यात्री ने दावा किया कि फ्लाईओवर के पहले इंटरसेक्शन प्वाइंट तक पहुंचने में ही करीब 55 मिनट लग गए।
इस स्थिति के कारण नए कॉरिडोर से सफर करने वाले यात्रियों के बीच सवाल उठने लगे कि जिस परियोजना को ट्रैफिक कम करने और यात्रा का समय घटाने के उद्देश्य से तैयार किया गया है, वहां शुरुआत में ही इतना लंबा जाम क्यों लग गया।
पहले दिन नहीं दिखा Mayur Vihar से AIIMS तक समय बचाने का असर
Barapullah Phase-III का एक प्रमुख उद्देश्य Mayur Vihar और दक्षिण दिल्ली के बीच यात्रा को आसान बनाना है। इस कॉरिडोर के जरिए Mayur Vihar Phase-1 से AIIMS और दक्षिण दिल्ली की तरफ जाने वाले यात्रियों को पहले की तुलना में कम समय लगने की उम्मीद है।
हालांकि, कॉरिडोर के संचालन के पहले दिन कई यात्रियों ने सोशल मीडिया पर अपनी नाराजगी और परेशानी जाहिर की। यात्रियों का कहना था कि जिस समय की बचत का दावा किया जा रहा था, वह शुरुआती दिनों में जमीन पर दिखाई नहीं दे रही है।
कुछ यात्रियों ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर दिल्ली ट्रैफिक पुलिस को टैग करते हुए ट्रैफिक की जानकारी साझा की। इसके बाद Delhi Traffic Police ने मामले को प्राथमिकता के आधार पर संज्ञान में लेने की बात कही।
Delhi Traffic Police ने क्या कहा?
दिल्ली ट्रैफिक पुलिस के अधिकारियों के मुताबिक नए कॉरिडोर पर ट्रैफिक पैटर्न का लगातार आकलन किया जा रहा है। अधिकारियों को खासतौर पर उन स्थानों पर निगरानी और ट्रैफिक मैनेजमेंट बढ़ाने के निर्देश दिए गए हैं, जहां वाहन मुख्य सड़क से कॉरिडोर में प्रवेश करते हैं या बाहर निकलते हैं।
पुलिस के अनुसार merging और exit points पर ट्रैफिक का दबाव बढ़ने की स्थिति में अतिरिक्त पुलिसकर्मियों की तैनाती की जाएगी। इसके साथ ही जमा हुए ट्रैफिक को जल्द से जल्द सामान्य करने के लिए जरूरी कदम उठाए जाएंगे।
ट्रैफिक अधिकारियों का कहना है कि नए कॉरिडोर के कारण वाहनों की आवाजाही का पैटर्न बदल रहा है। शुरुआती दिनों में यात्रियों की संख्या, वाहनों की दिशा और अलग-अलग जंक्शन पर ट्रैफिक के दबाव को समझने के बाद व्यवस्था में जरूरी बदलाव किए जाएंगे।
क्या Barapullah Phase-III से DND Flyway का दबाव कम होगा?
Barapullah Phase-III Elevated Corridor को दिल्ली-नोएडा डायरेक्ट यानी DND Flyway के विकल्प के तौर पर भी देखा जा रहा है। इसका उद्देश्य पूर्वी दिल्ली से दक्षिण दिल्ली की तरफ जाने वाले यातायात के लिए एक अतिरिक्त तेज मार्ग उपलब्ध कराना है।
हालांकि, कॉरिडोर शुरू होने से पहले ही कुछ विशेषज्ञों ने आशंका जताई थी कि वाहनों का नया प्रवाह Sarai Kale Khan के आसपास ट्रैफिक का दबाव बढ़ा सकता है। खासतौर पर जहां नया कॉरिडोर मौजूदा सड़क नेटवर्क से जुड़ता है, वहां वाहनों के एक साथ आने से जाम की स्थिति पैदा हो सकती है।
पहले दिन सामने आई ट्रैफिक समस्या को इसी तरह के merging और exit points से जोड़कर देखा जा रहा है। हालांकि, ट्रैफिक पुलिस अभी नए कॉरिडोर पर वाहनों की आवाजाही का आकलन कर रही है और किसी एक कारण को अंतिम वजह के तौर पर घोषित नहीं किया गया है।
Mayur Vihar से AIIMS तक बनेगा करीब 9 KM का सिग्नल-फ्री कॉरिडोर
Barapullah Phase-III के शुरू होने के बाद Mayur Vihar Phase-1 से Sarai Kale Khan और आगे AIIMS तक मौजूदा Barapullah नेटवर्क के साथ जुड़कर करीब 9 किलोमीटर लंबा सिग्नल-फ्री मार्ग तैयार हो गया है।
यह कॉरिडोर Noida Link Road पर Mayur Vihar Phase-1 को Ring Road स्थित Sarai Kale Khan से जोड़ता है। इसके बाद यह मौजूदा Barapullah नेटवर्क से जुड़ता है, जिससे दक्षिण दिल्ली की तरफ जाने वाले यात्रियों को एक लगातार एलिवेटेड और सिग्नल-फ्री मार्ग उपलब्ध होता है।
परियोजना से उम्मीद की जा रही है कि इससे DND Flyway और Akshardham के आसपास मौजूद ट्रैफिक दबाव को कम करने में मदद मिलेगी। हालांकि, इसका वास्तविक प्रभाव आने वाले दिनों में ट्रैफिक वॉल्यूम और कॉरिडोर के इस्तेमाल के पैटर्न पर निर्भर करेगा।
AIIMS से Mayur Vihar की ओर भी जल्द शुरू होगी आवाजाही
PWD अधिकारियों के अनुसार फिलहाल Mayur Vihar से AIIMS की दिशा में ट्रैफिक के लिए कॉरिडोर खोल दिया गया है। वहीं, AIIMS से Mayur Vihar की तरफ जाने वाली दूसरी carriageway को गुरुवार दोपहर तक खोलने की योजना बताई गई है।
दोनों दिशाओं में यातायात शुरू होने के बाद कॉरिडोर पर ट्रैफिक का दबाव और वाहन वितरण किस तरह बदलता है, यह महत्वपूर्ण होगा। अधिकारियों को उम्मीद है कि पूरी तरह संचालन शुरू होने के बाद वाहनों की आवाजाही ज्यादा व्यवस्थित हो सकेगी।
1,635 करोड़ रुपये की लागत से तैयार हुआ प्रोजेक्ट
Barapullah Phase-III Project को साल 2014 में मंजूरी मिली थी और इसके निर्माण का काम 2015 में शुरू हुआ था। परियोजना को शुरुआती तौर पर 2017 तक पूरा किया जाना था, लेकिन कई कारणों से निर्माण कार्य में लगातार देरी हुई।
देरी के कारण परियोजना की लागत भी बढ़ती गई। वर्तमान में इस प्रोजेक्ट की लागत करीब 1,635 करोड़ रुपये बताई गई है।
निर्माण के दौरान साल 2021 में एक बड़ी तकनीकी चुनौती भी सामने आई थी। मानसून के दौरान Yamuna में तेज पानी के बहाव के कारण पुल को सहारा देने वाले एक पिलर के झुकने की घटना सामने आई थी। इसके बाद निर्माण कार्य प्रभावित हुआ और बाद के वर्षों में भी मानसून के दौरान काम को लेकर अतिरिक्त सावधानी बरती गई।
Yamuna पर बना है खास Extradosed Bridge
Barapullah Phase-III की एक खास तकनीकी विशेषता Yamuna पर बना extradosed bridge है। इस तरह के पुल में केबल सिस्टम का इस्तेमाल किया जाता है, लेकिन इसके टावर सामान्य cable-stayed bridge की तुलना में अपेक्षाकृत छोटे होते हैं।
दिल्ली के Signature Bridge जैसे cable-stayed bridge की तुलना में extradosed design की संरचनात्मक विशेषताएं अलग होती हैं। Barapullah कॉरिडोर में इस तकनीक का इस्तेमाल परियोजना की महत्वपूर्ण इंजीनियरिंग विशेषताओं में शामिल है।
कॉरिडोर पर अलग-अलग दिशाओं में वाहनों की आवाजाही को आसान बनाने के लिए कुल नौ loops भी बनाए गए हैं। इसके अलावा पैदल यात्रियों और साइकिल सवारों के लिए फुटपाथ और cycle track की सुविधा भी उपलब्ध कराई गई है, जो Mayur Vihar Phase-1 को Ring Road से जोड़ती है।
चार अन्य सड़क परियोजनाओं के साथ हुआ उद्घाटन
Barapullah Phase-III का उद्घाटन मंगलवार को दिल्ली की चार अन्य सड़क परियोजनाओं के साथ किया गया। इन सभी परियोजनाओं की कुल लागत करीब 1,941 करोड़ रुपये बताई गई है।
नए कॉरिडोर से दिल्ली के पूर्वी हिस्से, Central Delhi और South Delhi के बीच सड़क संपर्क बेहतर होने की उम्मीद है। हालांकि, शुरुआत में सामने आई ट्रैफिक समस्या ने यह भी दिखाया है कि बड़े इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट को खोलने के बाद शुरुआती दिनों में ट्रैफिक मैनेजमेंट और merging points पर विशेष निगरानी की जरूरत पड़ सकती है।
फिलहाल दिल्ली ट्रैफिक पुलिस नए कॉरिडोर पर वाहनों की आवाजाही और जाम वाले स्थानों की निगरानी कर रही है। आने वाले दिनों में दोनों दिशाओं में पूरी तरह यातायात शुरू होने के बाद यह स्पष्ट होगा कि Barapullah Phase-III दिल्ली के ट्रैफिक नेटवर्क पर किस तरह का प्रभाव डालता है।



