
आम आदमी पार्टी (AAP) की राष्ट्रीय मुख्य प्रवक्ता प्रियंका कक्कड़ ने शनिवार, 3 अक्टूबर 2026 को पार्टी छोड़कर कांग्रेस का दामन थाम लिया। लंबे समय से टीवी डिबेट और सार्वजनिक मंचों पर आम आदमी पार्टी का पक्ष रखने वाली प्रियंका कक्कड़ का कांग्रेस में शामिल होना दिल्ली की राजनीति में चर्चा का विषय बन गया है। कांग्रेस में शामिल होने के बाद उन्होंने आम आदमी पार्टी की कार्यप्रणाली और उसके मौजूदा राजनीतिक रुख को लेकर कई सवाल उठाए।
प्रियंका कक्कड़ को कांग्रेस में शामिल कराने के दौरान पार्टी के वरिष्ठ नेता राजीव शुक्ला, कांग्रेस के मीडिया विभाग से जुड़े पवन खेड़ा और दिल्ली प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष देवेंद्र यादव समेत अन्य नेता मौजूद रहे। उनके साथ पूर्व विधायक श्याम सुंदर शर्मा और पत्रकार राजत राकेश टंडन ने भी कांग्रेस की सदस्यता ग्रहण की।
प्रियंका कक्कड़ ने क्यों छोड़ी आम आदमी पार्टी?
कांग्रेस में शामिल होने के बाद प्रियंका कक्कड़ ने अपने फैसले की वजह बताते हुए कहा कि उन्हें लगा कि आम आदमी पार्टी अपने शुरुआती सिद्धांतों से दूर होती जा रही है। उनके मुताबिक, पार्टी के शुरुआती दौर में जिस तरह की राजनीति और मूल्यों की बात की जाती थी, समय के साथ उसमें बदलाव दिखाई दिया।
प्रियंका ने कहा कि एक समय आम आदमी पार्टी सादगी और अलग तरह की राजनीति को लेकर अपनी पहचान बनाती थी। उन्होंने पार्टी में बदलाव का हवाला देते हुए कहा कि ऐसी कई चीजें सामने आईं जिनका वह सार्वजनिक रूप से बचाव नहीं कर सकीं। उन्होंने यह भी कहा कि उनके लिए एक समय के बाद पार्टी के कुछ फैसलों और गतिविधियों का समर्थन करना संभव नहीं रहा।
उनके इन बयानों को उनकी व्यक्तिगत राजनीतिक स्थिति और AAP छोड़ने की वजह के रूप में देखा जा रहा है। हालांकि, पार्टी के भीतर इन मुद्दों को लेकर अलग-अलग मत हो सकते हैं और प्रियंका द्वारा लगाए गए आरोपों को उनके बयान के रूप में ही देखा जाना चाहिए।
कांग्रेस में शामिल होते ही राहुल गांधी की तारीफ
कांग्रेस में शामिल होने के बाद प्रियंका कक्कड़ ने राहुल गांधी की भी प्रशंसा की। उन्होंने कहा कि उन्हें राहुल गांधी में ऐसी उम्मीद दिखाई देती है, जिसके जरिए बीजेपी के खिलाफ राजनीतिक लड़ाई को आगे बढ़ाया जा सकता है।
प्रियंका ने राहुल गांधी के सार्वजनिक राजनीतिक रुख का उल्लेख करते हुए कहा कि उन्होंने विपरीत परिस्थितियों के बावजूद अपने विचारों को आगे बढ़ाना जारी रखा। उन्होंने राहुल गांधी पर दबाव बनाए जाने और उन्हें राजनीतिक रूप से कमजोर करने की कोशिशों का भी जिक्र किया।
उन्होंने कहा कि उनके लिए राहुल गांधी की राजनीति में एक ऐसी बात महत्वपूर्ण रही, जिसे उन्होंने अपने अनुभव के आधार पर महसूस किया। प्रियंका ने यह भी कहा कि कांग्रेस में उन्हें एक ऐसी राजनीतिक प्रतिबद्धता दिखाई दी, जिसे वह दूसरी पार्टियों में उसी तरह महसूस नहीं कर पाईं।
यह बयान प्रियंका के कांग्रेस में शामिल होने के बाद दिए गए शुरुआती राजनीतिक संदेशों में महत्वपूर्ण माना जा रहा है। हालांकि, राहुल गांधी और कांग्रेस को लेकर प्रियंका की टिप्पणियां उनके व्यक्तिगत विचार हैं।
AAP के पुराने सिद्धांतों का किया जिक्र
प्रियंका कक्कड़ ने आम आदमी पार्टी के शुरुआती दौर का जिक्र करते हुए कहा कि पार्टी ने शुरुआत में सादगी और सामान्य जीवनशैली को लेकर कई बातें कही थीं। उन्होंने आरोप लगाया कि बाद के वर्षों में पार्टी की कार्यशैली में बदलाव आया।
उन्होंने निजी यात्राओं के लिए हेलीकॉप्टर के इस्तेमाल और नेताओं को मिलने वाली सुविधाओं का भी जिक्र किया। प्रियंका के मुताबिक, इन मुद्दों पर उनका पार्टी का बचाव करना मुश्किल हो गया था।
उन्होंने कहा कि उनके लिए राजनीति में एक सीमा तय करना जरूरी हो गया था। उनके अनुसार, जब उन्हें लगा कि पार्टी की वर्तमान कार्यप्रणाली और उसके शुरुआती विचारों के बीच अंतर बढ़ रहा है, तब उन्होंने पार्टी से अलग होने का फैसला किया।
यह ध्यान रखना जरूरी है कि हेलीकॉप्टर, सरकारी सुविधाओं और पार्टी के भीतर नियुक्तियों को लेकर प्रियंका द्वारा कही गई बातें उनके आरोप और राजनीतिक टिप्पणियां हैं। इन दावों की स्वतंत्र पुष्टि इस रिपोर्ट में नहीं की जा रही है।
पंजाब में नियुक्तियों को लेकर भी उठाए सवाल
प्रियंका कक्कड़ ने पंजाब में संगठन से जुड़े कुछ फैसलों पर भी सवाल उठाए। उन्होंने दावा किया कि ऐसे लोगों को वरिष्ठ जिम्मेदारियां दी जा रही हैं, जिनका जमीनी या बूथ स्तर पर काम करने का अनुभव उनके अनुसार पर्याप्त नहीं है।
उन्होंने राजस्थान से जुड़े कुछ लोगों को पंजाब में पद दिए जाने और उनके लिए सुविधाओं की व्यवस्था किए जाने का भी उल्लेख किया। प्रियंका ने सवाल उठाया कि जिन लोगों ने पार्टी के लिए निचले स्तर पर काम नहीं किया, उन्हें महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां क्यों दी जा रही हैं।
इन आरोपों पर आम आदमी पार्टी की ओर से आगे आने वाली प्रतिक्रिया महत्वपूर्ण होगी। फिलहाल उपलब्ध रिपोर्टों में प्रियंका के बयान को प्रमुखता से दर्ज किया गया है।
प्रियंका कक्कड़ ने कहा- मुझे किसी पद का लालच नहीं
कांग्रेस में शामिल होने के बाद प्रियंका कक्कड़ ने यह भी कहा कि वह किसी पद या राजनीतिक लाभ के लिए कांग्रेस में नहीं आई हैं। उन्होंने कहा कि पार्टी उन्हें जो जिम्मेदारी देगी, वह उसे निभाने के लिए तैयार हैं।
प्रियंका लंबे समय से आम आदमी पार्टी के प्रमुख चेहरों में शामिल रही हैं और टीवी चैनलों पर पार्टी का पक्ष मजबूती से रखने के लिए जानी जाती रही हैं। ऐसे में उनका कांग्रेस में जाना केवल पार्टी बदलने का मामला नहीं है, बल्कि इससे एक चर्चित प्रवक्ता का राजनीतिक मंच बदल गया है।
उनका कांग्रेस में शामिल होना ऐसे समय हुआ है जब विपक्षी राजनीति में अलग-अलग दलों के बीच राजनीतिक समीकरण और संगठनात्मक गतिविधियां चर्चा में हैं। रिपोर्टों के मुताबिक, उनके साथ दो अन्य प्रमुख व्यक्तियों ने भी कांग्रेस की सदस्यता ग्रहण की।
टीवी डिबेट में AAP का प्रमुख चेहरा थीं प्रियंका कक्कड़
प्रियंका कक्कड़ आम आदमी पार्टी की राष्ट्रीय मुख्य प्रवक्ता के रूप में लगातार टीवी डिबेट में पार्टी का पक्ष रखती रही हैं। AAP की आधिकारिक प्रवक्ता सूची में भी उनका नाम मुख्य प्रवक्ता के तौर पर दर्ज रहा है।
पिछले कुछ समय में वह राष्ट्रीय राजनीतिक मुद्दों पर पार्टी का पक्ष रखने वाले प्रमुख चेहरों में शामिल थीं। टीवी डिबेट के दौरान उनका मुकाबला अक्सर कांग्रेस और बीजेपी के प्रवक्ताओं से होता था। कांग्रेस में शामिल होने के बाद अब राजनीतिक बहसों में उनकी भूमिका बदल सकती है।
रिपोर्टों के अनुसार, 30 सितंबर तक वह AAP की ओर से टीवी बहसों में नजर आई थीं, जबकि इसके बाद उन्होंने पार्टी छोड़ने से पहले सार्वजनिक बहसों से दूरी बना ली थी।
कांग्रेस में शामिल होने के बाद बदला राजनीतिक मंच
प्रियंका कक्कड़ का कांग्रेस में जाना इसलिए भी महत्वपूर्ण है क्योंकि वह लंबे समय तक आम आदमी पार्टी की सार्वजनिक आवाज रही हैं। उन्होंने कई मौकों पर AAP की नीतियों और अरविंद केजरीवाल के नेतृत्व का बचाव किया था। अब कांग्रेस में शामिल होने के बाद उनकी राजनीतिक भूमिका और सार्वजनिक बयान स्वाभाविक रूप से नए संदर्भ में देखे जाएंगे।
कांग्रेस ने भी उनके शामिल होने को प्रमुखता दी। सदस्यता ग्रहण कार्यक्रम में पार्टी के वरिष्ठ नेताओं की मौजूदगी रही। इससे साफ है कि कांग्रेस ने प्रियंका के राजनीतिक और मीडिया अनुभव को सार्वजनिक रूप से महत्व दिया है।
AAP से कांग्रेस तक प्रियंका कक्कड़ का राजनीतिक सफर
प्रियंका कक्कड़ का राजनीतिक सफर आम आदमी पार्टी के साथ लंबे समय तक जुड़ा रहा। वह पार्टी की प्रवक्ता के रूप में लगातार सक्रिय रहीं और राष्ट्रीय मुद्दों पर पार्टी का पक्ष रखने में उनकी भूमिका रही।
अब कांग्रेस में शामिल होने के बाद उनके राजनीतिक सफर का नया अध्याय शुरू हुआ है। उनके सामने कांग्रेस के संगठन के साथ काम करने और पार्टी की विचारधारा तथा नीतियों को जनता तक पहुंचाने की जिम्मेदारी हो सकती है। हालांकि, उन्हें भविष्य में कौन-सी औपचारिक जिम्मेदारी दी जाएगी, इस बारे में फिलहाल कोई स्पष्ट जानकारी सामने नहीं आई है।
प्रियंका कक्कड़ के कांग्रेस में जाने का क्या मतलब?
प्रियंका कक्कड़ का AAP छोड़ना दिल्ली की राजनीति में एक चर्चित घटनाक्रम है। इसकी वजह यह है कि वह आम आदमी पार्टी की केवल सामान्य कार्यकर्ता नहीं थीं, बल्कि राष्ट्रीय स्तर पर पार्टी का पक्ष रखने वाली प्रमुख प्रवक्ता थीं।
उनके कांग्रेस में शामिल होने से दोनों पार्टियों के बीच राजनीतिक बयानबाजी भी तेज हो सकती है। एक तरफ प्रियंका ने AAP के पुराने सिद्धांतों से भटकने का आरोप लगाया है, वहीं दूसरी तरफ कांग्रेस ने उन्हें अपने साथ जोड़ा है।
फिलहाल इस घटनाक्रम का सबसे महत्वपूर्ण पहलू यही है कि आम आदमी पार्टी की पूर्व राष्ट्रीय मुख्य प्रवक्ता अब कांग्रेस का हिस्सा हैं। आगे कांग्रेस उन्हें किस भूमिका में रखती है और AAP उनके आरोपों पर क्या प्रतिक्रिया देती है, इस पर राजनीतिक नजरें बनी रहेंगी।
निष्कर्ष
प्रियंका कक्कड़ का कांग्रेस में शामिल होना 3 अक्टूबर 2026 का प्रमुख राजनीतिक घटनाक्रम रहा। उन्होंने AAP से अलग होने के पीछे पार्टी के बदलते सिद्धांतों और कुछ फैसलों से असहमति को वजह बताया। कांग्रेस में शामिल होने के बाद उन्होंने राहुल गांधी की राजनीतिक भूमिका और कांग्रेस के प्रति अपने भरोसे की बात भी कही।
प्रियंका के इस कदम से उनकी राजनीतिक भूमिका बदल गई है। अब देखना होगा कि कांग्रेस में उन्हें कौन-सी जिम्मेदारी मिलती है और आने वाले दिनों में वह पार्टी की राजनीति तथा मीडिया रणनीति में किस तरह सक्रिय होती हैं। वहीं, आम आदमी पार्टी की ओर से इस बदलाव और प्रियंका के आरोपों पर क्या प्रतिक्रिया आती है, यह भी राजनीतिक चर्चा का अहम हिस्सा रहेगा।



