
24 जून, 2026 | नई दिल्ली | Surjewala On PM Modi: केंद्र सरकार और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (Narendra Modi) के सत्ता में 12 साल पूरे होने के अवसर पर मुख्य विपक्षी दल कांग्रेस ने देश में बढ़ती महंगाई और आर्थिक नीतियों को लेकर चौतरफा हमला बोला है। कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और राज्यसभा सांसद रणदीप सिंह सुरजेवाला (Randeep Surjewala) ने बुधवार को एक प्रेस बयान और सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘X’ पर पोस्ट जारी कर सरकार के ‘अमृत काल’ के दावों पर गंभीर सवाल उठाए।
सुरजेवाला ने आरोप लगाया कि केंद्र सरकार केवल कागजी आंकड़ों में देश की अर्थव्यवस्था को चमकाने (Polishing the Economy) में व्यस्त है, जबकि जमीनी हकीकत यह है कि बेकाबू हो चुकी महंगाई ने गरीब और मध्यम वर्ग के मुंह का निवाला तक छीन लिया है।
“अमृत काल और विज्ञापनों की हकीकत”— सुरजेवाला का तीखा तंज
देश के मौजूदा आर्थिक हालातों और रसोई के बढ़ते बजट पर चिंता जताते हुए रणदीप सुरजेवाला ने सरकार की विज्ञापन नीति पर कड़ा प्रहार किया। उन्होंने लिखा:
“यह ‘अमृत काल’ और विज्ञापनों के 12 वर्षों की असली हकीकत है! अनियंत्रित महंगाई ने गरीब और मध्यम वर्ग की थाली से भोजन छीन लिया है। सरकार कागजों पर अर्थव्यवस्था को चमकाने में व्यस्त है, लेकिन जमीनी हकीकत यह है कि पेट्रोल, डीजल और रसोई गैस की आसमान छूती कीमतों की आग ने आम आदमी की रसोई को पूरी तरह से झुलसा कर रख दिया है।”
सुरजेवाला ने रोजमर्रा की आवश्यक किराना वस्तुओं (Essential Grocery Items) की बढ़ती कीमतों पर छपी विभिन्न मीडिया रिपोर्ट्स का हवाला देते हुए इन आंकड़ों को “भयावह” और आम नागरिकों की कमर तोड़ने वाला बताया।
बाजार के वास्तविक आंकड़े (The Real Inflation Rate): सुरजेवाला द्वारा जारी लिस्ट
कांग्रेस सांसद ने बाजार में रोजमर्रा की चीजों की कीमतों में आए उछाल का एक तुलनात्मक ब्यौरा साझा किया, जो इस प्रकार है:
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अरहर दाल (Pigeon Pea): पहले जो अरहर दाल ₹110 प्रति किलो मिलती थी, वह अब बाजार में ₹165 प्रति किलो के पार जा चुकी है।
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सरसों का तेल (Mustard Oil): सरसों का तेल ₹150 प्रति लीटर से बढ़कर अब ₹200 प्रति लीटर के स्तर पर पहुंच गया है।
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चावल और आटा: ₹50 प्रति किलो मिलने वाला चावल अब ₹75 प्रति किलो बिक रहा है, जबकि सामान्य आटे की कीमत ₹40 प्रति किलो को छू रही है।
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ईंधन का तगड़ा झटका (The Fuel Blow): देश के कई हिस्सों में पेट्रोल की कीमत ₹105 प्रति लीटर तक पहुंच गई है। वहीं, घरेलू रसोई गैस सिलेंडर (Domestic LPG Cylinder) ₹942 और कमर्शियल सिलेंडर ₹3192 की कीमत पर मिलने के कारण आम आदमी का बजट पूरी तरह ध्वस्त हो गया है।
‘डबल इंजन का डबल ब्लो’— परिवहन 15% तक हुआ महंगा
रणदीप सुरजेवाला ने अर्थव्यवस्था के कुप्रबंधन का जिक्र करते हुए कहा कि देश की गृहणियां और महिलाएं आज सबसे ज्यादा परेशान हैं। ईंधन की कीमतों में हुई इस बढ़ोतरी के कारण लॉजिस्टिक्स और परिवहन (Transportation) का खर्च सीधे तौर पर 15 प्रतिशत तक महंगा हो गया है, जिसका सीधा असर हर छोटी-बड़ी वस्तु की कीमत पर पड़ा है।
उन्होंने देश की महिलाओं के अनुभवों को साझा करते हुए कहा:
“घर चलाने वाली महिलाएं साफ तौर पर कह रही हैं कि जिस तय मासिक बजट में पहले पूरे महीने का राशन आ जाता था, आज उसी बजट में उन्हें दाल, तेल और चीनी जैसी बुनियादी चीजों की मात्रा कम करनी पड़ रही है। एक औसत भारतीय परिवार अपने बच्चों की पढ़ाई की भारी-भरकम फीस और महंगी होती जा रही सब्जियों-राशन के बीच पिसने को मजबूर है।”
“बच्चों के लिए दूध-दाल नहीं, तो कैसा विकास?”
सुरजेवाला ने सरकार के विकास के नारों को खोखला बताते हुए सीधे प्रधानमंत्री से सवाल किया कि जब देश की जनता अपने बच्चों के लिए बुनियादी दूध और दालें खरीदने में असमर्थ महसूस कर रही है, तो ऐसे में ‘विकास’ के इन खोखले दावों का क्या औचित्य है? उन्होंने पूछा कि क्या इसी को सरकार का ‘आर्थिक प्रबंधन’ कहा जाता है, जहां आम जनता की बुनियादी जरूरतें भी विलासिता बनती जा रही हैं?
महंगाई की मार: आवश्यक वस्तुओं की मूल्य वृद्धि तालिका
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