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West Bengal News: Suvendu Adhikari ने मानी सरकार में कमियां

West Bengal CM Suvendu Adhikari: पश्चिम बंगाल की राजनीति में सत्ता परिवर्तन के करीब तीन महीने बाद मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी ने अपनी सरकार के कामकाज को लेकर एक अहम बात कही है। उन्होंने माना कि नई सरकार के इतने कम समय में काम करते हुए कुछ कमियां या चूक हुई हो सकती हैं। हालांकि, मुख्यमंत्री ने भरोसा दिलाया कि जहां भी सुधार की जरूरत होगी, वहां सरकार जरूरी कदम उठाएगी। उनका यह बयान ऐसे समय आया है, जब पश्चिम बंगाल में बीजेपी सरकार के सामने पिछली तृणमूल कांग्रेस सरकार की राजनीतिक विरासत और प्रशासनिक व्यवस्था से जुड़ी कई चुनौतियां बनी हुई हैं।

मुख्यमंत्री मंगलवार को उत्तर कोलकाता में आयोजित एक कार्यक्रम में महिलाओं को संबोधित कर रहे थे। यह कार्यक्रम Annapurna Yojana के तहत हर महीने 3,000 रुपये की आर्थिक सहायता पाने वाली महिलाओं की ओर से सरकार के प्रति आभार जताने के लिए आयोजित किया गया था। इस दौरान अधिकारी ने महिला सुरक्षा, शिक्षा, रोजगार और सरकारी योजनाओं के लाभ को लेकर अपनी सरकार की प्राथमिकताएं भी गिनाईं।

तीन महीने की सरकार में हुई चूक तो सुधार करेंगे: सुवेंदु अधिकारी

सुवेंदु अधिकारी ने कहा कि उनकी सरकार को सत्ता संभाले अभी केवल तीन महीने हुए हैं। इतने बड़े प्रशासनिक तंत्र को संभालने के दौरान कुछ जगहों पर कमियां रह जाना संभव है। उन्होंने कहा कि सरकार ऐसी किसी भी कमी को नजरअंदाज नहीं करेगी और जरूरत के अनुसार सुधारात्मक कदम उठाए जाएंगे।

मुख्यमंत्री का यह बयान इसलिए भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है क्योंकि पश्चिम बंगाल में बीजेपी की नई सरकार को सत्ता संभालने के बाद प्रशासनिक व्यवस्था में बदलाव के साथ-साथ पिछली सरकार से जुड़ी योजनाओं और व्यवस्थाओं की समीक्षा भी करनी पड़ रही है।

अधिकारी ने अपने संबोधन में सरकार की उपलब्धियों का जिक्र करते हुए महिला सुरक्षा से जुड़े मामलों में की गई कार्रवाई को भी सामने रखा। उन्होंने कथित तौर पर 11 वर्षीय बच्ची से गैंगरेप और हत्या के मामले में की गई कार्रवाई तथा RG Kar Hospital rape-murder case की दोबारा जांच और गिरफ्तारियों का उल्लेख किया।

महिलाओं की सुरक्षा, शिक्षा और रोजगार पर सरकार का फोकस

मुख्यमंत्री ने कहा कि उनकी सरकार महिलाओं की सुरक्षा सुनिश्चित करने के साथ-साथ शिक्षा और रोजगार के अवसर बढ़ाने के लिए काम कर रही है। उन्होंने महिलाओं से किसी भी तरह की हिंसा या अत्याचार के खिलाफ एकजुट होकर आवाज उठाने की अपील की।

उत्तर कोलकाता के 76,817 लाभार्थियों का जिक्र करते हुए अधिकारी ने बताया कि इस क्षेत्र की बड़ी संख्या में महिलाओं को सरकार की आर्थिक सहायता योजना का लाभ मिल रहा है।

उन्होंने कार्यक्रम में मौजूद महिलाओं से कहा कि उन्हें केवल सरकारी सहायता प्राप्त करने तक सीमित नहीं रहना चाहिए, बल्कि समाज में किसी महिला के साथ अत्याचार होने पर उसके समर्थन में भी खड़ा होना चाहिए।

Annapurna Yojana के तहत महिलाओं को हर महीने 3,000 रुपये

पश्चिम बंगाल सरकार की Annapurna Yojana इस समय राज्य की प्रमुख महिला कल्याण योजनाओं में से एक है। योजना के तहत पात्र महिलाओं को हर महीने 3,000 रुपये की आर्थिक सहायता दी जा रही है। आधिकारिक और मीडिया रिपोर्टों के अनुसार यह योजना पिछली सरकार की लक्ष्मीर भंडार योजना के स्थान पर लाई गई है और इसके तहत लाभार्थियों का दोबारा सत्यापन किया गया है।

सुवेंदु अधिकारी ने बताया कि 31 जुलाई तक सरकार को योजना के सत्यापन के लिए करीब 1.80 करोड़ फॉर्म प्राप्त हुए थे। सरकार का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि आर्थिक सहायता वास्तव में उन्हीं महिलाओं तक पहुंचे जो निर्धारित मानदंडों को पूरा करती हैं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि जिन लोगों को किसी लाभार्थी के पात्र होने पर आपत्ति है, वे अपनी शिकायत दर्ज करा सकेंगे। इसी तरह यदि किसी पात्र आवेदक को 20 अगस्त तक योजना का लाभ नहीं मिलता है, तो वह सरकार द्वारा शुरू किए जा रहे पोर्टल पर अपनी शिकायत दर्ज करा सकता है।

हर महीने दूसरे सप्ताह में खाते में आएगी रकम

सुवेंदु अधिकारी ने कहा कि जिन महिलाओं का आवेदन स्वीकृत हो चुका है, उनके बैंक खातों में योजना की राशि हर महीने के दूसरे सप्ताह के आसपास पहुंचाने की व्यवस्था की गई है।

मुख्यमंत्री ने यह भी भरोसा दिलाया कि कोई भी पात्र महिला योजना के लाभ से वंचित नहीं रहेगी। सरकार की कोशिश है कि सत्यापन की प्रक्रिया पूरी होने के बाद योग्य लाभार्थियों को सीधे उनके बैंक खातों में पैसा मिले।

Annapurna Bhandar योजना के तहत 25 से 60 वर्ष की आयु वाली पात्र महिलाओं को 3,000 रुपये मासिक सहायता देने की व्यवस्था की गई है। योजना के पात्रता मानदंडों में परिवार के सदस्यों की सरकारी नौकरी और परिवार की आय से संबंधित शर्तें भी शामिल हैं। उपलब्ध सरकारी दस्तावेजों में योजना के लिए 25-60 वर्ष की आयु और 3,000 रुपये मासिक लाभ का उल्लेख मिलता है।

जून में 28 लाख और जुलाई में 1.21 करोड़ महिलाओं को भुगतान का दावा

मुख्यमंत्री ने अपने संबोधन में बताया कि सरकार ने जून में करीब 28 लाख महिलाओं को Annapurna Yojana की राशि उपलब्ध कराई थी। जुलाई में यह संख्या बढ़कर करीब 1.21 करोड़ महिलाओं तक पहुंच गई।

इस योजना का विस्तार बीजेपी सरकार के प्रमुख चुनावी वादों में शामिल था। जून में योजना के पहले चरण में करीब 28.25 लाख महिलाओं को सत्यापन के बाद 3,000 रुपये मासिक सहायता देने की शुरुआत की गई थी।

सरकार का कहना है कि आवेदन और सत्यापन की प्रक्रिया जारी है और पात्र महिलाओं को चरणबद्ध तरीके से योजना में शामिल किया जा रहा है।

Lakshmir Bhandar के लाभार्थियों का भी हुआ दोबारा सत्यापन

सुवेंदु अधिकारी ने पिछली सरकार की Lakshmir Bhandar योजना का जिक्र करते हुए दावा किया कि उसके लाभार्थियों की दोबारा जांच की गई है।

मुख्यमंत्री के अनुसार, सत्यापन के दौरान सरकार को ऐसे मामलों की जानकारी मिली, जहां कथित तौर पर पुरुषों को महिलाओं के नाम पर योजना का लाभ मिलता रहा। उन्होंने यह भी दावा किया कि कुछ मामलों में मृत व्यक्तियों के नाम पर लाभ लिया जा रहा था और ऐसे नाम भी सामने आए जो भारतीय नागरिक नहीं थे।

सरकार ने इसी वजह से लाभार्थियों का पुनः सत्यापन करने का फैसला किया है। सरकार का तर्क है कि सार्वजनिक धन का इस्तेमाल केवल वास्तविक और पात्र लाभार्थियों के लिए होना चाहिए।

हालांकि, इन आरोपों को सरकार के दावे के रूप में ही देखा जाना चाहिए और लाभार्थियों की संख्या या कथित अनियमितताओं से संबंधित अंतिम तस्वीर आधिकारिक सत्यापन प्रक्रिया पूरी होने के बाद ही स्पष्ट होगी।

20 अगस्त तक लाभ नहीं मिला तो शिकायत का मौका

Annapurna Yojana से जुड़े लाभार्थियों के लिए मुख्यमंत्री ने शिकायत दर्ज कराने की व्यवस्था की जानकारी भी दी। अधिकारी के मुताबिक, अगर किसी पात्र महिला को 20 अगस्त तक योजना का लाभ नहीं मिलता, तो वह सरकार द्वारा उपलब्ध कराए जाने वाले पोर्टल के माध्यम से अपनी शिकायत दर्ज करा सकती है।

इसी तरह किसी लाभार्थी के पात्र होने को लेकर आपत्ति रखने वाले व्यक्ति को भी शिकायत दर्ज करने का अवसर दिया जाएगा। इससे योजना में पारदर्शिता और पात्रता की जांच को लेकर सरकार की कोशिश दिखाई देती है।

राज्य सरकार पहले ही योजना के लिए ऑनलाइन और ऑफलाइन आवेदन तथा सत्यापन की प्रक्रिया शुरू कर चुकी है। जून में सरकार ने कहा था कि नए आवेदन भी लिए जाएंगे और सत्यापन पूरा होने के बाद पात्र महिलाओं के बैंक खातों में 3,000 रुपये ट्रांसफर किए जाएंगे।

पिछली सरकार की योजना से अलग है नई व्यवस्था

Annapurna Yojana को समझने के लिए इसे Lakshmir Bhandar से जोड़कर देखना जरूरी है। पिछली तृणमूल कांग्रेस सरकार की Lakshmir Bhandar योजना के तहत बड़ी संख्या में महिलाओं को मासिक आर्थिक सहायता दी जाती थी। बीजेपी ने चुनाव के दौरान महिलाओं को अधिक आर्थिक सहायता देने का वादा किया था और सत्ता में आने के बाद Annapurna Yojana के जरिए इसे आगे बढ़ाया।

सरकार की नई व्यवस्था में सहायता राशि 3,000 रुपये प्रति माह रखी गई है। सरकारी बजट दस्तावेजों और आर्थिक नीति से जुड़े दस्तावेजों में भी Annapurna Bhandar के लिए 3,000 रुपये मासिक लाभ और बड़े बजट प्रावधान का उल्लेख है।

यही वजह है कि योजना पश्चिम बंगाल की राजनीति में सिर्फ एक कल्याणकारी योजना नहीं, बल्कि बीजेपी सरकार के चुनावी वादे और महिला मतदाताओं से उसके संबंध का भी महत्वपूर्ण हिस्सा बन गई है।

महिलाओं से एकजुट होकर अत्याचार के खिलाफ खड़े होने की अपील

कार्यक्रम के अंत में सुवेंदु अधिकारी ने उत्तर कोलकाता के 60 वार्डों से जुड़ी महिला लाभार्थियों से एकजुट होने की अपील की। उन्होंने कहा कि अगर किसी महिला के साथ किसी भी तरह का अत्याचार होता है तो अन्य महिलाओं को उसके समर्थन में आगे आना चाहिए।

मुख्यमंत्री का संदेश था कि महिला कल्याण केवल आर्थिक सहायता तक सीमित नहीं होना चाहिए। सुरक्षा, शिक्षा, रोजगार और सम्मान भी महिलाओं के अधिकार का हिस्सा हैं और सरकार इन क्षेत्रों में काम करने का दावा कर रही है।

तीन महीने बाद सरकार के सामने बड़ी चुनौती

पश्चिम बंगाल में बीजेपी सरकार के लिए आने वाले महीने कई मायनों में महत्वपूर्ण होंगे। एक तरफ सरकार को नई योजनाओं को जमीन पर प्रभावी तरीके से लागू करना है, वहीं दूसरी ओर पिछली सरकार से विरासत में मिली व्यवस्थाओं की समीक्षा भी करनी है।

Annapurna Yojana जैसी बड़ी योजना में करोड़ों आवेदन और लाखों लाभार्थियों के सत्यापन की चुनौती अपने आप में बड़ी प्रशासनिक जिम्मेदारी है। ऐसे में सरकार के सामने यह सुनिश्चित करने की चुनौती होगी कि पात्र महिलाओं को समय पर पैसा मिले और गलत या अपात्र दावों को रोका जा सके।

सुवेंदु अधिकारी का यह बयान कि सरकार में कुछ कमियां हो सकती हैं और जरूरत पड़ने पर उन्हें सुधारा जाएगा, इसी व्यापक प्रशासनिक चुनौती के बीच आया है। अब यह देखना अहम होगा कि आने वाले महीनों में सरकार इन कमियों को किस तरह दूर करती है और Annapurna Yojana के तहत 3,000 रुपये की सहायता कितनी प्रभावी तरीके से पात्र महिलाओं तक पहुंचती है।

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