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Rahul Gandhi on Amit Shah: छात्रों पर कार्रवाई को लेकर गृह मंत्री पर साधा निशाना

Rahul Gandhi on Amit Shah: लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने छात्र आंदोलन और कथित पुलिस कार्रवाई को लेकर केंद्र सरकार पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने गृह मंत्री अमित शाह को सीधे निशाने पर लेते हुए आरोप लगाया कि प्रदर्शन कर रहे छात्रों के खिलाफ हुई कथित हिंसा की जिम्मेदारी उन्हीं पर है। राहुल गांधी ने यह भी कहा कि यदि सरकार छात्रों के साथ हुई घटनाओं पर संसद में जवाब देने से बच रही है, तो यह बेहद गंभीर मामला है।

राहुल गांधी की यह प्रतिक्रिया उस समय आई जब उन्होंने विभिन्न राज्यों से आए उन छात्रों से मुलाकात की, जिन्होंने हाल ही में पेपर लीक और शिक्षा व्यवस्था से जुड़े मुद्दों को लेकर प्रदर्शन किया था। मुलाकात के बाद मीडिया से बातचीत में कांग्रेस नेता ने छात्रों के समर्थन में कई अहम बातें कहीं और सरकार से जवाबदेही तय करने की मांग की।


छात्रों से मुलाकात के बाद राहुल गांधी ने साझा किया उनका दर्द

दिल्ली में कांग्रेस संसदीय दल की अध्यक्ष सोनिया गांधी के आवास पर राहुल गांधी ने प्रदर्शनकारी छात्रों से मुलाकात की। इस दौरान छात्रों ने उन्हें अपने अनुभव बताए और आरोप लगाया कि प्रदर्शन के दौरान उनके साथ सख्ती बरती गई।

मीडिया से बातचीत में राहुल गांधी ने कहा कि इन छात्रों ने देश के संविधान, शिक्षा व्यवस्था और युवाओं के भविष्य की रक्षा के लिए आवाज उठाई है। उन्होंने कहा कि ऐसे युवाओं पर उन्हें गर्व है क्योंकि उन्होंने लोकतांत्रिक तरीके से अपनी बात रखने की कोशिश की।

राहुल गांधी के अनुसार, छात्रों ने उन्हें बताया कि प्रदर्शन के दौरान उनके साथ मारपीट की गई, डराने की कोशिश की गई और दबाव बनाया गया। उन्होंने कहा कि छात्रों की बात सुनने के बजाय उनके खिलाफ कार्रवाई करना किसी भी लोकतांत्रिक व्यवस्था के लिए उचित नहीं माना जा सकता।


‘शिक्षा व्यवस्था पर सवाल उठाना अपराध नहीं’

राहुल गांधी ने कहा कि देश की शिक्षा व्यवस्था को लेकर सवाल उठाना या उसमें सुधार की मांग करना कोई अपराध नहीं है। उनके मुताबिक यदि छात्र परीक्षा प्रणाली, पेपर लीक या शिक्षा से जुड़ी दूसरी समस्याओं पर अपनी चिंता जाहिर करते हैं, तो सरकार को उनकी बात सुननी चाहिए।

उन्होंने कहा कि छात्र किसी तरह की हिंसा या अराजकता नहीं फैला रहे थे, बल्कि वे शिक्षा प्रणाली में पारदर्शिता और सुधार की मांग कर रहे थे। ऐसे में उनकी आवाज दबाने के बजाय समाधान तलाशना सरकार की जिम्मेदारी होनी चाहिए।

कांग्रेस नेता ने यह भी कहा कि यदि युवा अपने भविष्य को लेकर सवाल पूछ रहे हैं, तो उन्हें डराने या उन पर बल प्रयोग करने का कोई औचित्य नहीं है।

‘नाबालिग से माफी मंगवाना स्वीकार्य नहीं’

राहुल गांधी ने आरोप लगाया कि प्रदर्शन के बाद कुछ छात्रों से जबरन माफी मंगवाई गई। उन्होंने विशेष रूप से एक नाबालिग छात्र का जिक्र करते हुए कहा कि 15 साल के बच्चे से दबाव बनाकर माफी लेना किसी भी दृष्टि से उचित नहीं कहा जा सकता।

उन्होंने कहा कि इस तरह की घटनाएं लोकतांत्रिक मूल्यों के खिलाफ हैं और इससे युवाओं में गलत संदेश जाता है। राहुल गांधी के मुताबिक, छात्रों के साथ संवाद करने के बजाय उन पर दबाव बनाना समस्या का समाधान नहीं है।


पेपर लीक और शिक्षा सुधार को लेकर सरकार को घेरा

राहुल गांधी ने कहा कि देश में बार-बार सामने आने वाले पेपर लीक के मामलों ने लाखों छात्रों के भविष्य को प्रभावित किया है। उनका कहना था कि प्रतियोगी परीक्षाओं में पारदर्शिता और निष्पक्षता सुनिश्चित करना सरकार की प्राथमिक जिम्मेदारी है।

उन्होंने मांग की कि ऐसी व्यवस्था बनाई जाए जिसमें परीक्षा पत्र लीक जैसी घटनाओं पर पूरी तरह रोक लग सके और छात्रों को निष्पक्ष अवसर मिल सके। राहुल गांधी ने कहा कि युवाओं का भविष्य सुरक्षित रखना किसी भी सरकार की सबसे बड़ी जिम्मेदारी होनी चाहिए।

अमित शाह पर लगाए गंभीर आरोप

अपने बयान में राहुल गांधी ने गृह मंत्री अमित शाह पर सीधे आरोप लगाते हुए कहा कि छात्रों के खिलाफ हुई कथित कार्रवाई की जिम्मेदारी अंततः गृह मंत्रालय की है। उन्होंने दावा किया कि प्रदर्शन के दौरान हुई हिंसा और पुलिस कार्रवाई के लिए जवाबदेही तय होनी चाहिए।

राहुल गांधी ने कहा कि यदि गृह मंत्री को इन घटनाओं की जानकारी नहीं थी, तो यह प्रशासनिक विफलता मानी जाएगी। वहीं यदि उन्हें जानकारी थी और कार्रवाई उनके निर्देश पर हुई, तो फिर इसकी जिम्मेदारी भी उन्हीं की होगी।

उन्होंने कहा कि दोनों ही स्थितियों में जवाबदेही तय होना जरूरी है और संसद में इस मुद्दे पर स्पष्ट जवाब दिया जाना चाहिए।


संसद में जवाब देने की उठाई मांग

कांग्रेस नेता ने आरोप लगाया कि इतने गंभीर मामले पर गृह मंत्री संसद में आकर अपनी बात रखने से बच रहे हैं। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में सरकार की जिम्मेदारी होती है कि वह जनता और संसद के सामने हर महत्वपूर्ण मुद्दे पर जवाब दे।

राहुल गांधी ने कहा कि छात्रों से जुड़े इस पूरे मामले की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए और यदि कहीं भी अत्यधिक बल प्रयोग हुआ है तो उसकी जवाबदेही तय की जानी चाहिए।

छात्र आंदोलन और राजनीति के बीच बढ़ी बहस

छात्रों के प्रदर्शन और उस पर हुई कार्रवाई को लेकर राजनीतिक माहौल लगातार गर्म बना हुआ है। विपक्ष इस मुद्दे को युवाओं के भविष्य और शिक्षा व्यवस्था से जोड़कर सरकार को घेर रहा है, जबकि सरकार की ओर से पहले भी कानून-व्यवस्था बनाए रखने की बात कही जाती रही है।

राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि शिक्षा, रोजगार और प्रतियोगी परीक्षाओं से जुड़े मुद्दे युवाओं के बीच बेहद संवेदनशील हैं। ऐसे में इन विषयों पर होने वाली राजनीतिक बयानबाजी का असर आने वाले समय में भी देखने को मिल सकता है।


क्या है पूरा मामला?

हाल ही में पेपर लीक के मुद्दे और तत्कालीन शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग को लेकर कई छात्र संगठनों ने विरोध प्रदर्शन किया था। इसी प्रदर्शन के दौरान पुलिस कार्रवाई को लेकर विवाद खड़ा हुआ। कुछ छात्रों ने आरोप लगाया कि उनके साथ बल प्रयोग किया गया, जबकि प्रशासन की ओर से कानून-व्यवस्था बनाए रखने की बात कही गई।

इसी घटनाक्रम के बाद राहुल गांधी ने प्रदर्शनकारी छात्रों से मुलाकात की और उनके समर्थन में बयान दिया। फिलहाल इस पूरे मामले पर राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप जारी हैं और आने वाले दिनों में यह मुद्दा संसद और राष्ट्रीय राजनीति में चर्चा का केंद्र बना रह सकता है।

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