
25 जून, 2026 | प्रयागराज/लखनऊ | Congress Prayagraj Student Rally: राजस्थान के कोटा में छात्रों के साथ सीधे संवाद के बाद, लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी अब उत्तर प्रदेश के सबसे बड़े शिक्षा केंद्रों में से एक, प्रयागराज में कदम रखने जा रहे हैं [cite: राजस्थान के कोटा में राहुल गांधी ने कांग्रेस की “छात्रों की गूंज” पहल के तहत छात्रों से बातचीत की। इसके बाद लोकसभा में विपक्ष के नेता अब अपना अभियान उत्तर प्रदेश के प्रयागराज में ले जाने के लिए तैयार हैं।]। कांग्रेस ने युवाओं और छात्रों के बीच बढ़ती नाराजगी को राजनीतिक धार देने के लिए अपनी महत्वाकांक्षी पहल “छात्रों की गूंज” (Chhatron Ki Goonj) के तहत जमीनी स्तर पर मोर्चा संभाल लिया है। इस मेगा रैली के लिए गुरुवार (25 जून, 2026) से व्यापक जनसंपर्क और प्रचार अभियान की शुरुआत कर दी गई है, जबकि मुख्य सम्मेलन जुलाई के दूसरे सप्ताह में आयोजित किया जाएगा [cite: पार्टी ने इस रैली के लिए छात्रों और युवाओं को लामबंद करने के लिए गुरुवार से प्रचार अभियान शुरू किया है जो जुलाई के दूसरे सप्ताह में होगी।]।
अनिल यादव बने समन्वयक: पेपर लीक और बेरोजगारी पर रहेगा मुख्य फोकस
इस बड़े छात्र सम्मेलन को सफल बनाने के लिए कांग्रेस आलाकमान ने उत्तर प्रदेश के महासचिव अनिल यादव को विशेष समन्वयक (Coordinator) नियुक्त किया है। अनिल यादव के कंधों पर एक महीने तक चलने वाले इस देशव्यापी और राज्यव्यापी छात्र आंदोलन की रूपरेखा तैयार करने की जिम्मेदारी है [cite: उन्हें पेपर लीक, भर्ती में देरी, बेरोजगारी और गुणवत्तापूर्ण शिक्षा तक पहुंच जैसे छात्र मुद्दों पर केंद्रित एक महीने तक चलने वाले अभियान की देखरेख का जिम्मा सौंपा है।]। कांग्रेस नेताओं के अनुसार, इस पूरे अभियान का केंद्र बिंदु छात्रों से जुड़े गंभीर मुद्दे होंगे, जिनमें प्रमुख हैं:
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पेपर लीक (Paper Leak): हाल के महीनों में प्रतियोगी परीक्षाओं के पेपर लीक होने से छात्रों में भारी आक्रोश है [cite: उन्हें पेपर लीक, भर्ती में देरी, बेरोजगारी और गुणवत्तापूर्ण शिक्षा तक पहुंच जैसे छात्र मुद्दों पर केंद्रित एक महीने तक चलने वाले अभियान की देखरेख का जिम्मा सौंपा है।].
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भर्ती में देरी (Recruitment Delays): सरकारी विभागों में खाली पड़े पदों को भरने और परीक्षाओं के परिणाम जारी करने में होने वाला विलंब [cite: उन्हें पेपर लीक, भर्ती में देरी, बेरोजगारी और गुणवत्तापूर्ण शिक्षा तक पहुंच जैसे छात्र मुद्दों पर केंद्रित एक महीने तक चलने वाले अभियान की देखरेख का जिम्मा सौंपा है।].
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बेरोजगारी (Unemployment): युवाओं के लिए रोजगार के पर्याप्त अवसरों की कमी [cite: उन्हें पेपर लीक, भर्ती में देरी, बेरोजगारी और गुणवत्तापूर्ण शिक्षा तक पहुंच जैसे छात्र मुद्दों पर केंद्रित एक महीने तक चलने वाले अभियान की देखरेख का जिम्मा सौंपा है।].
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गुणवत्तापूर्ण शिक्षा (Quality Education): हर वर्ग के छात्रों के लिए सस्ती और बेहतर शिक्षा तक पहुंच सुनिश्चित करना [cite: उन्हें पेपर लीक, भर्ती में देरी, बेरोजगारी और गुणवत्तापूर्ण शिक्षा तक पहुंच जैसे छात्र मुद्दों पर केंद्रित एक महीने तक चलने वाले अभियान की देखरेख का जिम्मा सौंपा है।].
नुक्कड़ नाटक से लेकर मिस्ड कॉल अभियान तक: यह है कांग्रेस का पूरा प्लान
कांग्रेस अगले 15 दिनों तक प्रयागराज के सभी प्रमुख कॉलेजों, कोचिंग सेंटरों और प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी करने वाले छात्रों (Aspirants) के बीच सघन अभियान चलाएगी. पार्टी का मुख्य उद्देश्य छात्रों की रोजमर्रा की शिकायतों और व्यवस्था के प्रति उनके गुस्से को एक बड़ी राजनीतिक चर्चा (Political Discourse) में तब्दील करना है [cite: अभियान का उद्देश्य छात्रों की शिकायतों को राजनीतिक चर्चा में बदलना है … कांग्रेस नेताओं के अनुसार, इस अभियान का उद्देश्य छात्रों की शिकायतों को एक व्यापक राजनीतिक चर्चा में बदलना है।].
इसके लिए जमीन पर कई तरह के कार्यक्रमों की रूपरेखा तैयार की गई है:
“प्रयागराज ऐतिहासिक रूप से छात्र राजनीति का सबसे बड़ा गढ़ रहा है। यहां के छात्रों को दृढ़ विश्वास है कि राहुल गांधी संसद से लेकर सड़क तक उनकी चिंताओं को मजबूती से उठाते हैं। चाहे वह पेपर लीक का मुद्दा हो या नौकरियों की कमी, राहुल गांधी युवाओं की आवाज बन रहे हैं।”
— अनिल यादव, महासचिव, यूपी कांग्रेस [cite: अनिल यादव ने द इंडियन एक्सप्रेस को बताया, “प्रयागराज ऐतिहासिक रूप से छात्र राजनीति का केंद्र रहा है। छात्रों को लगता है कि राहुल गांधी उनकी चिंताओं को उठाते हैं और उन मुद्दों पर बोलते हैं जो उन्हें प्रभावित करते हैं चाहे वह शिक्षा हो, पेपर लीक हो या भर्ती हो।”]
पार्टी कार्यकर्ताओं द्वारा पूरे शहर में नुक्कड़ सभाएं, नुक्कड़ नाटक, पर्चे बांटने के अभियान और मशाल जुलूस निकाले जाएंगे [cite: कांग्रेस नेताओं ने कहा कि पार्टी कार्यकर्ता प्रयागराज भर में नुक्कड़ सभाओं , नुक्कड़ नाटकों , पर्चे बांटने के अभियानों, मशाल जुलूसों और छात्रों, शिक्षकों और नागरिक समाज समूहों के साथ बैठकों का आयोजन करेंगे।]. इसके साथ ही, अधिक से अधिक युवाओं को इस सम्मेलन से जोड़ने के लिए एक ‘मिस्ड कॉल रजिस्ट्रेशन अभियान’ भी शुरू किया गया है.
कांग्रेस न केवल अपने छात्र संगठन (NSUI) को बल्कि अन्य छात्र गुटों, पूर्व छात्र संघ नेताओं और प्रबुद्ध शिक्षाविदों को भी इस मंच पर एक साथ लाने की रणनीति पर काम कर रही है [cite: पार्टी की योजना न केवल कांग्रेस से जुड़े छात्र कार्यकर्ताओं को बल्कि अन्य संगठनों से जुड़े छात्रों, पूर्व छात्र संघ नेताओं और शिक्षाविदों को भी शामिल करने की है।]. प्रयागराज के बाद जुलाई के अंत में पटना और दिल्ली में भी इसी तरह के छात्र सम्मेलनों का खाका तैयार किया जा चुका है.
प्रयागराज ही क्यों? समझिए इसके पीछे की सोची-समझी राजनीतिक गणित
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि कांग्रेस द्वारा इस अभियान के लिए प्रयागराज का चयन करना एक बेहद सोची-समझी और रणनीतिक चाल है. प्रयागराज न केवल एक बड़ा शैक्षणिक केंद्र है, बल्कि हाल के दिनों में आंसर की (Answer Key), मूल्यांकन प्रक्रिया को पारदर्शी बनाने और परीक्षाओं में धांधली के खिलाफ छात्रों के नेतृत्व में बड़े आंदोलनों का गवाह रहा है [cite: उत्तर प्रदेश के सबसे बड़े शिक्षा केंद्रों में से एक होने के अलावा, यह शहर लंबे समय से छात्र राजनीति का गढ़ रहा है जहां परीक्षा संबंधी मुद्दों और भर्ती को लेकर हाल ही में हुए कई विरोध प्रदर्शनों ने छात्रों के बीच काफी लोकप्रियता हासिल की है। … हाल के महीनों में, परीक्षार्थी परीक्षा में अनियमितताओं का आरोप लगाते हुए कुछ मामलों में रीएग्जाम की मांग करते हुए और आंसर शीट और मूल्यांकन प्रक्रियाओं को सार्वजनिक न किए जाने के विरोध में सड़कों पर उतर आए हैं।].
इसके अलावा, 2024 के आम चुनाव में कांग्रेस के उम्मीदवार उज्ज्वल रमन सिंह ने इलाहाबाद लोकसभा सीट पर जीत दर्ज कर यहां पार्टी के लिए खोई हुई राजनीतिक जमीन वापस पाई थी [cite: इलाहाबाद लोकसभा क्षेत्र का प्रतिनिधित्व वर्तमान में कांग्रेस सांसद उज्ज्वल रमन सिंह कर रहे हैं जिनकी 2024 के चुनावों में जीत ने पार्टी को उस शहर में पैर जमाने का मौका दिया।]. अब पार्टी पहली बार वोट देने वाले (First-time Voters) और युवा मतदाताओं को अपने पाले में लाकर इस पकड़ को 2027 के उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनावों के लिए एक मजबूत नींव में बदलना चाहती है [cite: कांग्रेस को उम्मीद है कि वह इस क्षेत्र में अपनी बेहतर चुनावी स्थिति को और मजबूत करेगी। … पार्टी नेता इस कार्यक्रम को उत्तर प्रदेश में कांग्रेस संगठन को पुनर्जीवित करने और 2027 के विधानसभा चुनावों की नींव रखने की व्यापक रणनीति का हिस्सा मानते हैं।]. सूत्रों का यह भी कहना है कि इस ऐतिहासिक रैली में राहुल गांधी के साथ कांग्रेस सांसद प्रियंका गांधी वाड्रा भी मंच साझा कर सकती हैं [cite: सूत्रों ने आगे बताया कि कांग्रेस सांसद प्रियंका गांधी वाड्रा के भी प्रयागराज कार्यक्रम में राहुल गांधी के साथ शामिल होने की संभावना है, हालांकि अंतिम निर्णय अभी घोषित नहीं किया गया है।].
कांग्रेस का ‘छात्रों की गूंज’ अभियान 2026: एक नजर में
उत्तर प्रदेश में लगातार हो रहे छात्र आंदोलनों और परीक्षाओं में अनियमितताओं के आरोपों के बीच कांग्रेस का यह कदम राज्य की सियासत को नया मोड़ दे सकता है [cite: कांग्रेस का यह प्रयास ऐसे समय में सामने आया है जब उत्तर प्रदेश में प्रतियोगी परीक्षाओं को लेकर छात्रों के नेतृत्व में लगातार विरोध प्रदर्शन हो रहे हैं। हाल के महीनों में, परीक्षार्थी परीक्षा में अनियमितताओं का आरोप लगाते हुए कुछ मामलों में रीएग्जाम की मांग करते हुए]. युवाओं की निराशा को सीधे तौर पर वोट बैंक और राजनीतिक समर्थन में बदलने की यह कोशिश कितनी कामयाब होती है, यह तो आने वाला वक्त ही बताएगा, लेकिन प्रयागराज से उठने वाली यह ‘छात्रों की गूंज’ निश्चित रूप से सत्ता पक्ष के लिए एक बड़ी चुनौती बनने जा रही है।
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