
बरनाला (पंजाब) | 3 मार्च, 2026
पंजाब कांग्रेस के भीतर लंबे समय से चल रही आपसी खींचतान और गुटबाजी पर अब पार्टी आलाकमान ने कड़ा रुख अख्तियार कर लिया है। बरनाला की अनाज मंडी में आयोजित ‘मनरेगा बचाओ संग्राम’ रैली के दौरान राहुल गांधी ने मंच पर मौजूद दिग्गज नेताओं को साफ शब्दों में चेतावनी दी कि अनुशासन और एकता से कोई समझौता नहीं किया जाएगा।
“कोई भी नेता पार्टी से बड़ा नहीं”
करीब 30 मिनट के अपने संबोधन के अंत में राहुल गांधी ने सीधे तौर पर पंजाब कांग्रेस के शीर्ष नेतृत्व को संदेश दिया। उन्होंने क्रिकेट की भाषा का उदाहरण देते हुए कहा:
“काम हमेशा टीम वर्क से होता है। कोई अकेला खिलाड़ी मैच नहीं जिता सकता। यहां पूरी टीम बैठी है, लेकिन मेरा और (कांग्रेस अध्यक्ष) खड़गे जी का स्पष्ट संदेश है—या तो टीम प्लेयर बनिए, वरना हम आपको ‘रिजर्व’ (Reserve Bench) में बैठा देंगे। आप चाहे कितने भी बड़े नेता क्यों न हों, कोई भी पार्टी से बड़ा नहीं है।”
कार्यकर्ताओं को बताया असली ताकत
राहुल गांधी ने नेताओं को नसीहत दी कि पार्टी की असली शक्ति एसी कमरों में बैठे नेता नहीं, बल्कि जमीन पर काम करने वाला कार्यकर्ता है। उन्होंने जोर देकर कहा कि पंजाब में कांग्रेस की वापसी तभी संभव है जब वरिष्ठ नेता अपने कार्यकर्ताओं का सम्मान करें, उन्हें अहमियत दें और साथ लेकर चलें।
मंच पर सन्नाटा, जनता में उत्साह
जब राहुल गांधी ये सख्त बातें कह रहे थे, तब मंच पर मौजूद कई सांसद और विधायक एक-दूसरे की ओर देखते नजर आए। हालांकि, राहुल की इस बेबाकी ने वहां मौजूद भारी भीड़ में जोश भर दिया। जनता ने तालियों और नारों के साथ राहुल के इस ‘अनुशासन मंत्र’ का स्वागत किया।
चरणजीत सिंह चन्नी का बढ़ा क्रेज
इस रैली की एक और दिलचस्प बात पूर्व मुख्यमंत्री चरणजीत सिंह चन्नी की लोकप्रियता रही। जब भी चन्नी का नाम लिया गया या उन्होंने भाषण दिया, भीड़ ने जबरदस्त नारेबाजी की। यहां तक कि जब राहुल गांधी और मल्लिकार्जुन खड़गे ने अपने भाषण में उनका जिक्र किया, तब भी समर्थकों का उत्साह देखने लायक था।
लेख के मुख्य बिंदु: एक नज़र में
| विषय | विवरण |
| स्थान | बरनाला अनाज मंडी, पंजाब |
| कार्यक्रम | मनरेगा बचाओ संग्राम रैली |
| मुख्य संदेश | गुटबाजी खत्म करो, कार्यकर्ताओं का सम्मान करो |
| चेतावनी | अनुशासनहीन नेताओं को साइडलाइन (Bench) किया जाएगा |
| प्रमुख उपस्थिति | राहुल गांधी, मल्लिकार्जुन खड़गे, चरणजीत सिंह चन्नी |



