30 मई, 2026 | बेंगलुरु/नई दिल्ली | DK Shivakumar To Take Oath on June 3: कर्नाटक की सियासत से इस वक्त की सबसे बड़ी खबर सामने आ रही है। राज्य में पिछले काफी समय से कांग्रेस के भीतर चल रही मुख्यमंत्री पद की खींचतान पर आखिरकार विराम लग गया है। कांग्रेस के कद्दावर और वरिष्ठ नेता डीके शिवकुमार (DK Shivakumar) कर्नाटक के 25वें मुख्यमंत्री के रूप में शपथ लेने जा रहे हैं। सरकारी सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार, शपथ ग्रहण समारोह आगामी 3 जून को बेंगलुरु में आयोजित किया जाएगा।
यह बड़ा राजनीतिक बदलाव मुख्यमंत्री पद से सिद्धारमैया के इस्तीफे के बाद हुआ है। सिद्धारमैया ने तीन साल तक सरकार का नेतृत्व करने और पार्टी आलाकमान के साथ लंबे दौर की बैठकों के बाद अपने पद से त्यागपत्र दे दिया।
लोक भवन के ‘ग्लास हाउस’ में होगी ताजपोशी, साथ में शपथ लेंगे कई मंत्री
डीके शिवकुमार का शपथ ग्रहण समारोह बेंगलुरु के लोक भवन ग्लास हाउस (Lok Bhavan Glass House) में बेहद भव्य तरीके से आयोजित किया जाएगा। इस ऐतिहासिक पल का गवाह बनने के लिए कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे, राहुल गांधी समेत पार्टी के कई शीर्ष नेता, नवनिर्वाचित कैबिनेट सहयोगी और राज्यभर से हजारों की संख्या में कार्यकर्ता बेंगलुरु पहुंच रहे हैं।
सूत्रों के मुताबिक, 3 जून को 64 वर्षीय डीके शिवकुमार के साथ करीब 8 से 10 मंत्री भी पद और गोपनीयता की शपथ ले सकते हैं। मंत्रिमंडल के बाकी सदस्यों को 18 जून को होने वाले राज्यसभा चुनाव के बाद कैबिनेट में शामिल किया जाएगा।
सिद्धारमैया का इस्तीफा: राज्यपाल थावरचंद गहलोत ने किया मंजूर
महीनों से चल रही सियासी अटकलों को खत्म करते हुए 77 वर्षीय वरिष्ठ नेता सिद्धारमैया ने गुरुवार को अपने पद से इस्तीफा दे दिया था, जिससे उनके डिप्टी रहे डीके शिवकुमार के लिए मुख्यमंत्री बनने का रास्ता साफ हो गया।
राज्यपाल थावरचंद गहलोत ने सिद्धारमैया का इस्तीफा स्वीकार कर लिया है। दरअसल, जब सिद्धारमैया इस्तीफा देने पहुंचे थे, तब राज्यपाल कुछ निजी कारणों से बेंगलुरु से बाहर थे, जिसके चलते उन्होंने अपना इस्तीफा राज्यपाल के विशेष सचिव को सौंपा था।
ब्रेकफास्ट मीटिंग में दी थी जानकारी:
गुरुवार सुबह अपने बेंगलुरु आवास पर बुलाई गई एक ब्रेकफास्ट मीटिंग में सिद्धारमैया ने अपने कैबिनेट सहयोगियों को पद छोड़ने के फैसले से अवगत करा दिया था। उन्होंने मंत्रियों को बताया था कि कांग्रेस आलाकमान के निर्देशानुसार अब डीके शिवकुमार राज्य की कमान संभालेंगे।
क्या था कांग्रेस का ‘रोटेशनल सीएम’ फॉर्मूला?
साल 2023 के कर्नाटक विधानसभा चुनाव में कांग्रेस को मिली प्रचंड जीत के बाद से ही मुख्यमंत्री पद के लिए ढाई-ढाई साल के फॉर्मूले (Rotational CM Formula) की चर्चाएं थीं। हालांकि, उस समय सार्वजनिक रूप से इसकी घोषणा नहीं की गई थी।
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ढाई साल का कार्यकाल: इस आंतरिक समझौते के तहत सिद्धारमैया को ढाई साल का कार्यकाल पूरा होने पर पद छोड़ना था, जो समय सीमा पिछले साल नवंबर में ही पूरी हो गई थी। उसके बाद से ही राज्य में नेतृत्व परिवर्तन की मांग तेज हो गई थी।
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केंद्र में नई भूमिका का प्रस्ताव: कांग्रेस आलाकमान ने सिद्धारमैया को सम्मानजनक विदाई देते हुए राष्ट्रीय राजनीति में बड़ी भूमिका और राज्यसभा सीट की पेशकश की है। हालांकि, सूत्रों का कहना है कि सिद्धारमैया ने अभी तक दिल्ली में इस केंद्रीय भूमिका के प्रस्ताव को स्वीकार नहीं किया है।
दिल्ली में बैठकों का दौर और नए कैबिनेट की सुगबुगाहट
इस बड़े बदलाव की पटकथा बीते मंगलवार को दिल्ली में लिखी गई थी, जब आलाकमान ने सिद्धारमैया और डीके शिवकुमार को दिल्ली तलब किया था। वहां राहुल गांधी, मल्लिकार्जुन खड़गे, केसी वेणुगोपाल और रणदीप सिंह सुरजेवाला के साथ कई दौर की मैराथन बैठकें हुईं।
शुक्रवार को सिद्धारमैया अपने बेटे यतींद्र के साथ एक बार फिर दिल्ली में राहुल गांधी से मिले, जिसके बाद सियासी गलियारों में चर्चा तेज है कि सिद्धारमैया के बेटे यतींद्र को डीके शिवकुमार की नई कैबिनेट में जगह मिल सकती है। इस बीच, पुराने मंत्रिमंडल के कई मंत्री और शिवकुमार गुट के विधायक भी मंत्री पद पाने और अपने विभागों को बचाने के लिए दिल्ली में डेरा डाले हुए हैं।
शनिवार को कांग्रेस विधायक दल (CLP) की औपचारिक बैठक बुलाई गई है, जिसमें डीके शिवकुमार को सर्वसम्मति से विधायक दल का नेता चुना जाएगा, जिसके बाद वे आधिकारिक तौर पर ‘सीएम-डेजिग्नेट’ (नामित मुख्यमंत्री) बन जाएंगे।
कर्नाटक नेतृत्व परिवर्तन 2026: एक नज़र में पूरी टाइमलाइन
डीके शिवकुमार के नए कैबिनेट मंत्रियों की पूरी सूची, शपथ ग्रहण समारोह की लाइव तस्वीरों और देश-दुनिया की हर निष्पक्ष व सटीक लाइव ब्रेकिंग न्यूज के लिए हमारे न्यूज़ पोर्टल को फॉलो करना न भूलें।



