
Smriti Mandhana Record: भारतीय महिला क्रिकेट टीम की उपकप्तान स्मृति मंधाना ने एशिया कप 2026 में हांगकांग के खिलाफ शानदार शतक लगाकर एक साथ कई बड़े रिकॉर्ड अपने नाम कर लिए। मंधाना ने सिर्फ 64 गेंदों पर 124 रनों की तूफानी पारी खेली और भारत को सेमीफाइनल में पहुंचाने में अहम भूमिका निभाई। इस पारी के दौरान उन्होंने महान भारतीय बल्लेबाज मिताली राज के इंटरनेशनल रन रिकॉर्ड को भी पीछे छोड़ दिया।
मंधाना अब महिला अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में भारत की सबसे ज्यादा रन बनाने वाली बल्लेबाज बन गई हैं। इसके अलावा उनके नाम इंटरनेशनल क्रिकेट में सबसे ज्यादा शतक लगाने का रिकॉर्ड भी दर्ज हो गया है। मंधाना ने अपने करियर का 18वां अंतरराष्ट्रीय शतक पूरा करते हुए मेग लैनिंग और लॉरा वोल्वार्ड्ट को पीछे छोड़ दिया है।
मंधाना की इस शानदार पारी के बाद उनका कहना है कि यह उपलब्धियां सिर्फ शुरुआत हैं और आने वाले समय में वह अभी और बेहतर करना चाहती हैं।
हांगकांग के खिलाफ मंधाना का तूफानी शतक
महिला एशिया कप 2026 के मुकाबले में हांगकांग ने टॉस जीतकर भारत को पहले बल्लेबाजी के लिए बुलाया। भारतीय टीम की शुरुआत स्मृति मंधाना और शेफाली वर्मा ने की। दोनों ने पहले विकेट के लिए 8 ओवर में 74 रन जोड़कर टीम को मजबूत शुरुआत दी।
इसके बाद मंधाना ने अपनी पारी का रुख और भी आक्रामक कर दिया। उन्होंने मैदान के चारों तरफ शानदार शॉट लगाए और महज 64 गेंदों में 124 रन ठोक दिए। उनकी पारी में 14 चौके और 7 छक्के शामिल रहे।
मंधाना की बल्लेबाजी की खास बात यह रही कि गर्म और उमस भरे दुबई के मौसम में भी उन्होंने करीब डेढ़ घंटे तक क्रीज पर डटे रहकर रन बनाए। उनकी पारी के सिर्फ 26 रन दौड़कर आए, जबकि बाकी रन चौकों और छक्कों से हासिल हुए।
मंधाना की पारी की बदौलत भारत ने निर्धारित 20 ओवर में 193 रन बनाए और फिर हांगकांग को बड़े अंतर से हराकर 137 रन की शानदार जीत दर्ज की।
मिताली राज का बड़ा रिकॉर्ड हुआ पीछे
स्मृति मंधाना के लिए यह मुकाबला सिर्फ टीम की जीत तक सीमित नहीं रहा। उनकी 124 रन की पारी के दौरान उन्होंने भारतीय महिला क्रिकेट की दिग्गज खिलाड़ी मिताली राज के इंटरनेशनल रन रिकॉर्ड को पीछे छोड़ दिया।
मैच से पहले मंधाना के सामने मिताली राज का 10,868 अंतरराष्ट्रीय रन का आंकड़ा था। हांगकांग के खिलाफ शानदार पारी के बाद मंधाना के इंटरनेशनल रनों की संख्या 10,880 हो गई।
इस उपलब्धि के साथ मंधाना महिला अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में भारत की सबसे ज्यादा रन बनाने वाली बल्लेबाज बन गई हैं।
मंधाना ने मैच के बाद इस रिकॉर्ड पर बात करते हुए कहा कि जब वह बल्लेबाजी कर रही थीं, तब उन्हें इस बात की जानकारी नहीं थी कि वह किस रिकॉर्ड के करीब हैं। उनके मुताबिक, उन्हें सिर्फ अपनी बल्लेबाजी पर ध्यान था।
उन्होंने मिताली राज को अपना आदर्श बताते हुए कहा कि मिताली जैसी दिग्गज खिलाड़ी को पीछे छोड़ना ऐसी उपलब्धि है, जिसकी उन्होंने कभी कल्पना भी नहीं की थी। मंधाना ने यह भी कहा कि यह खुशी की बात है कि महिला क्रिकेट में शीर्ष दो स्थानों पर दो भारतीय बल्लेबाज हैं।
इंटरनेशनल क्रिकेट में सबसे ज्यादा शतक भी मंधाना के नाम
स्मृति मंधाना ने इस मुकाबले में सिर्फ रन बनाने का रिकॉर्ड नहीं तोड़ा, बल्कि अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में शतकों के मामले में भी इतिहास रच दिया।
हांगकांग के खिलाफ शतक लगाते ही मंधाना के इंटरनेशनल क्रिकेट में 18 शतक हो गए हैं। उन्होंने इस मामले में ऑस्ट्रेलिया की दिग्गज मेग लैनिंग और दक्षिण अफ्रीका की लॉरा वोल्वार्ड्ट को पीछे छोड़ दिया है। दोनों के नाम 17-17 अंतरराष्ट्रीय शतक हैं।
मंधाना के 18 इंटरनेशनल शतकों में 14 शतक वनडे क्रिकेट में, जबकि 2-2 शतक टेस्ट और टी20 इंटरनेशनल क्रिकेट में आए हैं।
वनडे में भी मंधाना रिकॉर्ड के बेहद करीब हैं। उनके नाम 14 वनडे शतक हैं, जबकि इस प्रारूप में मेग लैनिंग 15 शतकों के साथ उनसे आगे हैं।
मंधाना ने कहा- ‘यह सिर्फ शुरुआत है’
रिकॉर्ड की झड़ी लगाने के बाद स्मृति मंधाना ने अपने प्रदर्शन को लेकर बेहद सादगी भरा जवाब दिया। उन्होंने कहा कि 18 अंतरराष्ट्रीय शतक अपने आप में एक अच्छा आंकड़ा है, लेकिन वह इसे मंजिल नहीं मानतीं।
मंधाना ने कहा कि मेग लैनिंग और मिताली राज दोनों ही महिला क्रिकेट की बड़ी दिग्गज हैं और उन्होंने अपने करियर के दौरान इन दोनों खिलाड़ियों को काफी देखा है। उन्होंने बल्लेबाजी से जुड़ी कई चीजें इनसे सीखने की कोशिश की है।
मंधाना के मुताबिक, इन खिलाड़ियों को पीछे छोड़ पाना उनके लिए बेहद खुशी की बात है, लेकिन यह सिर्फ शुरुआत है।
उनका यह बयान बताता है कि भारतीय स्टार बल्लेबाज अभी अपने करियर में और बड़े मुकाम हासिल करने के इरादे से आगे बढ़ रही हैं।
दुबई की गर्मी और उमस में खेली लंबी पारी
दुबई में मुकाबले के दौरान मौसम भी खिलाड़ियों के लिए आसान नहीं था। गर्मी और उमस के कारण लंबे समय तक बल्लेबाजी करना चुनौतीपूर्ण था।
मंधाना ने भी मैच के बाद माना कि परिस्थितियां आसान नहीं थीं। उन्होंने मजाकिया अंदाज में कहा कि ऐसा लग रहा था जैसे वह किसी ‘स्टीम बॉक्स’ में बल्लेबाजी कर रही हों।
ऐसे मौसम में लगातार रन बनाने के लिए शारीरिक फिटनेस और धैर्य दोनों की जरूरत होती है। मंधाना ने इस चुनौती को अपनी आक्रामक बल्लेबाजी से आसान बना दिया। उन्होंने चौकों और छक्कों की मदद से तेजी से रन बनाए और ज्यादा दौड़ने से भी बचीं।
उनकी पारी का सबसे शानदार हिस्सा डेथ ओवरों में देखने को मिला, जब उन्होंने 18वें ओवर में लगातार तीन छक्के जड़ दिए।
भारत के मिडिल ऑर्डर पर उठे सवाल
भारत ने भले ही हांगकांग के खिलाफ 137 रन से बड़ी जीत हासिल की, लेकिन मैच ने टीम के मिडिल ऑर्डर को लेकर कुछ सवाल भी खड़े किए हैं।
भारतीय टीम की यह समस्या एशिया कप में पहली बार सामने नहीं आई है। थाईलैंड के खिलाफ पिछले मुकाबले में भारत एक समय 108 रन पर सिर्फ दो विकेट गंवाकर मजबूत स्थिति में था, लेकिन इसके बाद टीम की बल्लेबाजी लड़खड़ा गई थी और भारत ने 159 रन पर नौ विकेट गंवा दिए थे।
हांगकांग के खिलाफ स्थिति कुछ बेहतर रही, लेकिन मंधाना और शेफाली वर्मा की शुरुआती साझेदारी टूटने के बाद कोई भी बल्लेबाज लंबे समय तक क्रीज पर टिक नहीं सका।
मंधाना और शेफाली ने पहले विकेट के लिए 74 रन जोड़े। इसके बाद अगला सर्वश्रेष्ठ व्यक्तिगत स्कोर सिर्फ 11 रन रहा। कप्तान हरमनप्रीत कौर ने 9 गेंदों पर 10 रन बनाए, लेकिन मिडिल ऑर्डर के ज्यादातर बल्लेबाज तेज गति से रन नहीं बना सके।
नंबर 3 से नंबर 7 तक के बल्लेबाजों ने मिलकर 39 गेंदों में सिर्फ दो चौके लगाए। अगर मंधाना आखिरी ओवर तक बल्लेबाजी नहीं करतीं, तो भारत का स्कोर 193 रन तक पहुंचना मुश्किल हो सकता था।
मंधाना ने मिडिल ऑर्डर का किया बचाव
हालांकि मंधाना ने टीम की साथी बल्लेबाजों की आलोचना करने से साफ इनकार किया। उन्होंने कहा कि परिस्थितियां बल्लेबाजी के लिए आसान नहीं थीं और वह प्रेस कॉन्फ्रेंस में किसी खिलाड़ी का नाम लेकर बात नहीं करना चाहतीं।
मंधाना ने भरोसा जताया कि भारतीय मिडिल ऑर्डर में मौजूद सभी खिलाड़ी विश्व स्तरीय बल्लेबाज हैं और परिस्थितियों के अनुसार खुद को ढालने की क्षमता रखते हैं।
उनका यह बयान टीम के भीतर भरोसे और सकारात्मक माहौल को दिखाता है। भारत के लिए अब सबसे महत्वपूर्ण बात यह होगी कि नॉकआउट मुकाबलों में मिडिल ऑर्डर भी अपनी क्षमता के मुताबिक प्रदर्शन करे।
भारत की नजर अब पाकिस्तान के खिलाफ मुकाबले पर
एशिया कप के सेमीफाइनल में जगह पक्की करने के बाद भारतीय टीम अब अगले मुकाबले की तैयारी में जुट गई है। भारत का अगला मुकाबला शनिवार को पाकिस्तान के खिलाफ होना है।
इसके बाद टूर्नामेंट के सेमीफाइनल मुकाबले 10 और 11 सितंबर को खेले जाएंगे। ऐसे में भारतीय टीम के लिए पाकिस्तान के खिलाफ मुकाबला नॉकआउट चरण से पहले अपनी तैयारियों को परखने का अहम मौका होगा।
स्मृति मंधाना की फॉर्म भारत के लिए सबसे बड़ी सकारात्मक खबर है। जिस तरह उन्होंने हांगकांग के खिलाफ आक्रामक बल्लेबाजी की, उससे टीम को आने वाले अहम मुकाबलों में भी उनसे बड़ी पारी की उम्मीद होगी।
मंधाना के रिकॉर्ड ने बढ़ाई भारतीय क्रिकेट की उम्मीदें
स्मृति मंधाना की यह पारी भारतीय महिला क्रिकेट के लिए कई मायनों में खास रही। उन्होंने एक ही मुकाबले में शानदार शतक लगाकर टीम को जीत दिलाई, मिताली राज का इंटरनेशनल रन रिकॉर्ड पीछे छोड़ा और महिला अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में सबसे ज्यादा शतक लगाने वाली बल्लेबाज भी बन गईं।
लेकिन मंधाना की सबसे खास बात उनका यह कहना रहा कि ‘यह सिर्फ शुरुआत है।’
जिस खिलाड़ी ने बचपन में मिताली राज और मेग लैनिंग जैसी दिग्गजों को देखकर क्रिकेट सीखा, वह अब उन्हीं रिकॉर्ड्स को पीछे छोड़ रही है। आने वाले वर्षों में मंधाना के पास अपने रिकॉर्ड को और मजबूत करने का मौका है।
हांगकांग के खिलाफ 124 रन की पारी ने एक बार फिर साबित कर दिया कि स्मृति मंधाना सिर्फ भारतीय महिला क्रिकेट की प्रमुख बल्लेबाज नहीं हैं, बल्कि वह विश्व क्रिकेट में भी एक अलग पहचान बना चुकी हैं। अब निगाहें उनके अगले मुकाबले और उन रिकॉर्ड्स पर होंगी, जिन्हें वह अपने नाम करने की तैयारी कर रही हैं।



