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Gold Price Surge: सोने की कीमतों ने मचाई हलचल, बाजार सूने पड़े

Gold Price Surge: देशभर में सोने की कीमतों में आई तेज उछाल ने आम खरीदारों से लेकर बड़े ज्वेलरी कारोबारियों तक की चिंता बढ़ा दी है। हैदराबाद के मशहूर पॉट मार्केट और पंजागुट्टा ज्वेलरी हब में बुधवार को जो नजारा दिखा, उसने कारोबारियों की बेचैनी साफ कर दी।

जहां आम दिनों में ग्राहकों की भीड़ लगी रहती थी, वहीं इस बार बाजार लगभग सूना नजर आया। दुकानों के बाहर खड़ी रहने वाली कारें गायब थीं और अंदर बैठे सेल्समैन ग्राहकों के इंतजार में खाली बैठे दिखे।

सोने की कीमतों में कुछ घंटों के भीतर हुए बड़े बदलाव ने पूरे बाजार को हिला दिया है। कारोबारियों का कहना है कि ऐसी अनिश्चितता पहले कभी इतनी गंभीर नहीं रही।


कुछ घंटों में लाखों का उतार-चढ़ाव, कारोबारियों की बढ़ी मुश्किल

रातोंरात बदली कीमतों ने बढ़ाई बेचैनी

हैदराबाद के एक प्रमुख ज्वेलर ने बताया कि मंगलवार रात 9 बजे सोने का भाव 1.55 लाख रुपये था। कुछ ही घंटों बाद रात करीब 1:30 बजे यह बढ़कर 1.74 लाख रुपये पहुंच गया। सुबह होते-होते कीमत फिर घटकर 1.66 लाख रुपये पर आ गई।

इस तेज उतार-चढ़ाव ने कारोबारियों के सामने गंभीर समस्या खड़ी कर दी है।

जिन ग्राहकों ने पहले की दरों पर बुकिंग कराई थी, उन्हें नई कीमत पर डिलीवरी देना आसान नहीं है। इससे व्यापारियों के मुनाफे पर सीधा असर पड़ रहा है।


हैदराबाद का पॉट मार्केट क्यों है खास?

300 से ज्यादा दुकानों का बड़ा व्यापारिक केंद्र

सेकंदराबाद के मोंडा मार्केट के पास स्थित पॉट मार्केट हैदराबाद के सबसे बड़े ज्वेलरी व्यापारिक केंद्रों में गिना जाता है।

करीब एक किलोमीटर के दायरे में फैले इस बाजार में 300 से ज्यादा छोटी और मध्यम ज्वेलरी दुकानें हैं।

यह सिर्फ स्थानीय ग्राहकों का बाजार नहीं है, बल्कि आसपास के जिलों के छोटे कारोबारियों और वर्कशॉप्स के लिए भी प्रमुख सप्लाई हब है।

यहां रोजाना लाखों रुपये का कारोबार होता है, लेकिन हालिया कीमतों ने इस चहल-पहल को लगभग खत्म कर दिया है।


आयात शुल्क बढ़ने से और बिगड़े हालात

6% से बढ़कर 15% हुआ शुल्क

सोने की कीमतों में उछाल के साथ सरकार द्वारा आयात शुल्क 6% से बढ़ाकर 15% करने के फैसले ने कारोबारियों को बड़ा झटका दिया है।

व्यापारियों का कहना है कि इससे सोने की कीमत और बढ़ेगी, जिसका सीधा असर बिक्री पर पड़ेगा।

तेलंगाना पॉन ब्रोकर्स एंड ज्वेलर्स एसोसिएशन के पदाधिकारियों का कहना है कि चुनावों के बाद जैसे बाजार पर “बम फट गया” हो।

जहां रोजाना 25 से 30 ग्राहक आते थे, वहां अब मुश्किल से कुछ लोग ही नजर आ रहे हैं।


शादी-ब्याह वाले परिवारों की बढ़ी परेशानी

खरीदारी टाल रहे ग्राहक

सोने की कीमतों में लगातार बदलाव से सबसे ज्यादा असर उन परिवारों पर पड़ा है जो शादी या निवेश के लिए गहने खरीदने की योजना बना रहे थे।

कई ग्राहक दुकान तक पहुंचने के बाद भी खरीदारी टाल रहे हैं क्योंकि उन्हें डर है कि कीमतें और बढ़ सकती हैं या फिर अचानक गिर सकती हैं।

एक ग्राहक ने बताया कि पिछली बार जब उन्होंने गहने खरीदने के लिए पैसे बचाए थे, तब कीमत काफी कम थी। अब वही खरीदारी 50 हजार रुपये से ज्यादा महंगी हो चुकी है।

ऐसे में परिवार दुविधा में हैं कि अभी खरीदें या कुछ समय इंतजार करें।


बड़े शोरूम भी दबाव में, छोटे कारोबारियों पर संकट

बिक्री में 30% तक गिरावट

हैदराबाद के पंजागुट्टा स्थित बड़े ज्वेलरी शोरूम्स का कहना है कि उनकी बिक्री पिछले साल की तुलना में 27% तक घट गई है।

छोटे दुकानदारों की हालत और खराब है। कई दुकानों में बिक्री 30 से 50% तक गिर चुकी है।

जहां पहले रोजाना 60 से 70 ग्राहक आते थे, अब यह संख्या घटकर 10 से 15 रह गई है।

विशेषज्ञों का मानना है कि बड़े ब्रांड कुछ समय तक नुकसान सह सकते हैं, लेकिन छोटे और मध्यम व्यापारी लंबे समय तक यह दबाव नहीं झेल पाएंगे।


अब गहनों से ज्यादा सिक्कों की ओर रुख

मार्जिन घटने से व्यापारी परेशान

कारोबारियों का कहना है कि अब ग्राहक महंगे गहनों की बजाय गोल्ड कॉइन और बुलियन खरीदने की ओर बढ़ सकते हैं।

हालांकि इसमें व्यापारियों का मुनाफा बहुत कम होता है।

पहले जहां 60% कारोबार एक्सचेंज और 40% नई खरीदारी का था, अब यह अनुपात बदलकर 85% एक्सचेंज और सिर्फ 15% नई खरीदारी तक जा सकता है।

इससे छोटे कारोबारियों की कमाई और घटेगी।


क्या सोना आम लोगों की पहुंच से बाहर हो जाएगा?

विशेषज्ञों की चिंता बढ़ी

ज्वेलरी विशेषज्ञों का कहना है कि अगर यही स्थिति बनी रही तो सोना धीरे-धीरे आम लोगों की पहुंच से दूर हो जाएगा।

सोना भारतीय परिवारों के लिए सिर्फ निवेश नहीं बल्कि भावनात्मक और सांस्कृतिक विरासत भी है।

लेकिन लगातार बढ़ती कीमतें इसे “एलिट क्लास” तक सीमित कर सकती हैं।


निष्कर्ष

सोने की कीमतों में आई यह उथल-पुथल सिर्फ बाजार की खबर नहीं, बल्कि लाखों परिवारों और हजारों कारोबारियों की चिंता का कारण बन चुकी है।

अगर कीमतों में स्थिरता नहीं आई तो इसका असर ज्वेलरी उद्योग पर लंबे समय तक दिख सकता है।

फिलहाल ग्राहक इंतजार की मुद्रा में हैं और कारोबारी उम्मीद कर रहे हैं कि बाजार जल्द सामान्य होगा, ताकि सोने की पुरानी चमक फिर लौट सके।

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