
5 जून, 2026 | नई दिल्ली | Rahul Gandhi on World Environment Day: विश्व पर्यावरण दिवस (World Environment Day) के मौके पर कांग्रेस नेता और लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने केंद्र की मोदी सरकार की महत्वाकांक्षी ‘ग्रेटर निकोबार द्वीप परियोजना’ (Great Nicobar Island Project) पर अपने हमलों को और तेज कर दिया है। राहुल गांधी ने शुक्रवार को अपने यूट्यूब चैनल पर एक नया वीडियो जारी कर आरोप लगाया कि विकास और राष्ट्रीय सुरक्षा के नाम पर देश के सबसे संवेदनशील पारिस्थितिकी तंत्र (Ecological Ecosystem) को भारी खतरे में डाला जा रहा है।
राहुल गांधी ने तीखा हमला बोलते हुए दावा किया कि सरकार इस प्रोजेक्ट के जरिए अपने पसंदीदा उद्योगपति को फायदा पहुंचाना चाहती है और इसके लिए सेना व नौसेना को एक ढाल की तरह इस्तेमाल किया जा रहा है।
“161 वर्ग किमी का वर्षावन होगा तबाह, कटेगा पेड़ों का महाजाल”
सुबह 9:30 बजे प्रीमियर हुए इस वीडियो में राहुल गांधी अंडमान और निकोबार के स्थानीय निवासियों, आदिवासियों और वहां घूमने आए पर्यटकों से बातचीत करते नजर आ रहे हैं। अपने इस जमीनी दौरे के अनुभवों को साझा करते हुए राहुल गांधी ने कहा कि ग्रेटर निकोबार में जो कुछ चल रहा है, वह बेहद चिंताजनक है।
वीडियो में राहुल गांधी ने गंभीर आरोप लगाते हुए कहा:
“इस प्रोजेक्ट के नाम पर करीब 161 वर्ग किलोमीटर में फैले प्राचीन वर्षावनों (Rainforest) को अवैध रूप से काटने की तैयारी है। यह इलाका देश की राजधानी नई दिल्ली के कुल आकार से भी चार गुना बड़ा है! योजना यह है कि इन बेशकीमती पेड़ों को काटकर अरबों डॉलर कमाए जाएं और फिर उस पैसे का इस्तेमाल वहां आलीशान होटल, रिसॉर्ट, कैसीनो और रियल एस्टेट का धंधा चमकाने के लिए किया जाए। असल बात यह है कि ये लोग (गौतम) अडानी की मदद करना चाहते हैं और ये अपराधी भारतीय जमीन को हथियाने के लिए नौसेना और सुरक्षा बलों के पीछे छिप रहे हैं।”
सुरक्षा और ट्रांसशिपमेंट पोर्ट के दावों को बताया ‘झूठ’
राहुल गांधी ने सरकार के उन दोनों मुख्य तर्कों को खारिज कर दिया, जिसके आधार पर इस ₹92,000 करोड़ की मेगा-परियोजना को उचित ठहराया जा रहा है:
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केरल में पहले से बन रहा है पोर्ट: केंद्र का कहना है कि निकोबार में एक अंतरराष्ट्रीय ट्रांसशिपमेंट पोर्ट बनाया जा रहा है। इस पर राहुल गांधी ने सवाल उठाया कि जब मुख्य भूमि पर केरल का ‘विझिंजम पोर्ट’ (Vizhinjam Port) पहले से ही बनकर तैयार हो रहा है, जिसका उद्घाटन खुद प्रधानमंत्री ने किया था, तो निकोबार में एक और पोर्ट बनाने का क्या तुक है?
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होटल-रिसॉर्ट से कैसी रक्षा?: राहुल गांधी ने पूछा कि केंद्र सरकार यह समझाए कि जो होटल, रिसॉर्ट और गेस्ट हाउस वहां बनाने की योजना है, वे देश की रक्षा तैयारियों (Defence Preparedness) में किस तरह का योगदान देने वाले हैं?
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INS बाज़ के विस्तार का दिया सुझाव: उन्होंने कहा कि अगर सरकार सचमुच देश की सैन्य ताकत बढ़ाना चाहती है, तो नौसेना के बेस ‘आईएनएस बाज़’ (INS Baaz) को वो विस्तार क्यों नहीं दिया जा रहा है, जिसकी मांग नौसेना पिछले 5 साल से कर रही है?
नेता प्रतिपक्ष ने यह भी आरोप लगाया कि स्थानीय आदिवासियों और निवासियों से उनके जमीन के अधिकार छीने जा रहे हैं और कई लोगों से बिना पूरी जानकारी दिए जबरन अनापत्ति प्रमाण पत्र (NOC) पर हस्ताक्षर करा लिए गए हैं।
मल्लिकार्जुन खड़गे और जयराम रमेश ने भी सरकार को घेरा
विश्व पर्यावरण दिवस पर राहुल गांधी के साथ-साथ कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे और वरिष्ठ नेता जयराम रमेश ने भी सरकार की पर्यावरण नीतियों पर चौतरफा हमला बोला।
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मल्लिकार्जुन खड़गे का वार: खड़गे ने एक्स (X) पर लिखा कि एक तरफ देश भीषण गर्मी और लू की चपेट में है और प्रधानमंत्री जनता को सिर्फ ‘हाइड्रेटेड रहने’ (पानी पीते रहने) जैसी सांकेतिक सलाह दे रहे हैं, वहीं दूसरी तरफ उनकी सरकार देश की प्राकृतिक संपदा पर अब तक का सबसे बड़ा हमला बोल रही है। उन्होंने दावा किया कि पिछले 11 वर्षों में देश के भीतर लगभग 1,91,922 हेक्टेयर वन क्षेत्र को साफ कर दिया गया है।
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जयराम रमेश की चेतावनी: पूर्व पर्यावरण मंत्री जयराम रमेश ने इस प्रोजेक्ट को एक ‘पारिस्थितिक आपदा’ (Ecological Disaster) बताते हुए कहा कि उन्होंने वर्तमान पर्यावरण मंत्री भूपेंद्र यादव को पत्र लिखकर आगाह किया है कि यह परियोजना पूरी तरह से एक व्यावसायिक उद्यम (Commercial Enterprise) है, जिसके लिए निकोबार की अनूठी जैव विविधता को खतरे में डाला जा रहा है।
ग्रेटर निकोबार प्रोजेक्ट विवाद: मुख्य बिंदु
ग्रेटर निकोबार प्रोजेक्ट पर पर्यावरण मंत्रालय का पक्ष, आईएनएस बाज़ के रणनीतिक महत्व और देश-दुनिया की हर निष्पक्ष व सटीक लाइव ब्रेकिंग न्यूज के लिए हमारे न्यूज़ पोर्टल को फॉलो करना न भूलें।



