5 जून, 2026 | चेन्नई | K Annamalai New Party: भारतीय जनता पार्टी (BJP) से इस्तीफा देने के ठीक बाद तमिलनाडु के फायरब्रांड नेता के. अन्नामलाई (K. Annamalai) ने अपने नए राजनीतिक सफर का आधिकारिक एलान कर दिया है। प्राथमिक सदस्यता से इस्तीफा मंजूर होने के बाद, उन्होंने एक नए राजनीतिक आंदोलन और नई पार्टी “वी द लीडर” (We The Leader) की घोषणा की है। इसके साथ ही उन्होंने साफ कर दिया है कि उनका यह संगठन आगामी विधानसभा चुनावों में पूरी ताकत के साथ उतरेगा।
अन्नामलाई ने एक भावुक और राजनीतिक रूप से बेहद कड़ा संदेश देते हुए अपनी आंतरिक कशमकश को भी उजागर किया। उन्होंने कहा कि पिछले कुछ समय से उनके भीतर एक बड़ा द्वंद्व चल रहा था कि “मैं पहले एक भारतीय व्यक्ति हूं या एक तमिलियन।” इसी आत्ममंथन के बाद उन्होंने पार्टी से अलग राह चुनने का फैसला किया।
“4 दिसंबर 2025 को ही दे दिया था इस्तीफा” — अन्नामलाई का बड़ा खुलासा
अन्नामलाई ने यह चौंकाने वाला खुलासा किया कि उनका यह इस्तीफा कोई अचानक लिया गया फैसला नहीं था। उन्होंने बताया:
“मैंने 4 दिसंबर, 2025 को ही बीजेपी आलाकमान को अपने इस फैसले से अवगत करा दिया था और कह दिया था कि मैं इस्तीफा देने जा रहा हूं। लेकिन उस समय पार्टी नेतृत्व ने मुझसे आग्रह किया कि मैं पहले चुनाव संपन्न करवा लूं और उसके बाद ही कोई कदम उठाऊं।”
पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नबीन को भेजे अपने त्यागपत्र में अन्नामलाई ने लिखा कि काफी सोच-विचार के बाद वे इस नतीजे पर पहुंचे हैं कि अब उनके लिए पार्टी से बाहर निकलने का सही समय आ गया है। उन्होंने लिखा कि वे अब इस बात पर गहराई से आत्ममंथन करना चाहते हैं कि उनके राजनीति में आने का असली मकसद क्या था, और भविष्य की राजनीतिक हवाएं उन्हें जिस दिशा में ले जाएंगी, वे उसी ओर अपनी नाव को आगे बढ़ाएंगे।
पीएम मोदी के नेतृत्व की तारीफ की, लेकिन ‘पॉलिटिकल ग्रामर’ बदलने पर जोर
अन्नामलाई ने अपने विदाई पत्र में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के प्रति आभार और सम्मान व्यक्त करना नहीं भूला। उन्होंने कहा कि वे पीएम मोदी के प्रेरणादायी नेतृत्व से प्रभावित होकर ही साल 2020 में बीजेपी में शामिल हुए थे। उन्होंने राष्ट्रीय नेतृत्व का शुक्रिया अदा करते हुए कहा कि पार्टी ने उनके जैसे एक बेहद युवा और अनुभवहीन (Raw) व्यक्ति पर भरोसा किया और इतनी बड़ी संगठनात्मक जिम्मेदारी सौंपी।
हालांकि, नए आंदोलन की रूपरेखा रखते हुए उन्होंने राज्य की मौजूदा राजनीति की संस्कृति पर तीखा हमला बोला:
“मैं छह साल पहले इस उम्मीद के साथ राजनीति में आया था कि तमिलनाडु में एक सकारात्मक बदलाव आ सके और राजनीति करने के तौर-तरीकों को सुधारा जा सके। मैं समाज में बनी इस धारणा को तोड़ना चाहता था कि राजनीति केवल विशिष्ट संभ्रांत वर्ग (Elite class) और कुछ चुनिंदा लोगों के लिए है, न कि आम आदमी के लिए। अब समय आ गया है कि हम अपनी ‘पॉलिटिकल ग्रामर’ और राजनीतिक संस्कृति को पूरी तरह बदल दें।”
कोयंबटूर में होगा मुख्यालय, ‘अब्दुल कलाम सेंटर’ बनेगा मुख्य धुरी
अन्नामलाई ने बताया कि उनकी नई पार्टी/आंदोलन का नाम ‘We The Leader’ होगा और इसका मुख्य मुख्यालय तमिलनाडु के कोयंबटूर (Coimbatore) में स्थित होगा। इस आंदोलन के तहत नैतिक मूल्यों को बढ़ावा देने के लिए ‘ए पी जे अब्दुल कलाम सेंटर फॉर एथिक्स एंड पॉलिटिक्स’ एक विशेष विंग या सुविधा के रूप में काम करेगा।
अन्नामलाई के इस एलान का जमीन पर कितना जबरदस्त असर हुआ है, इसका अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि उनके आह्वान के कुछ ही घंटों के भीतर 47,000 से अधिक लोगों ने इस नए आंदोलन की सदस्यता ले ली। उन्होंने साफ किया कि उनकी पार्टी में समाज के हर वर्ग को आगे आने का मौका दिया जाएगा और विशेष रूप से तकनीकी विशेषज्ञों (Technocrats) को राजनीति में आने के लिए प्रोत्साहित किया जाएगा।
“कोई भी नेता, सांसद या मंत्री स्थायी नहीं होता”
वंशवाद और व्यक्ति-पूजा पर कड़ा प्रहार करते हुए ‘सिंघम’ अन्नामलाई ने कहा कि राज्य के विकास के लिए हर उपलब्ध प्रतिभा का इस्तेमाल होना चाहिए। उन्होंने कहा:
“हमें इस ‘कल्ट पॉलिटिक्स’ और परिवारवादी राजनीति का अंत करना होगा। इस आंदोलन का मुख्य नारा और लक्ष्य यही है कि राजनीति में कोई भी विधायक (MLA), सांसद (MP) या मंत्री स्थायी नहीं होता—और इस नियम में खुद मैं भी शामिल हूं। राज्य को एक नई राजनीतिक पार्टी की सख्त जरूरत है।”
IPS की नौकरी से तमिलनाडु बीजेपी अध्यक्ष तक का सफर
के. अन्नामलाई की नई पार्टी ‘We The Leader’ के मैनिफेस्टो, कोयंबटूर मुख्यालय की लाइव तस्वीरों और दक्षिण भारत की राजनीति से जुड़ी हर निष्पक्ष व सटीक लाइव ब्रेकिंग न्यूज के लिए हमारे न्यूज़ पोर्टल को फॉलो करना न भूलें।



