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करोड़ों की कमाई छोड़ परिवार को चुना… अरशद वारसी की पत्नी मारिया गोरेटी ने सुनाई दिल छू लेने वाली कहानी

Maria Goretti Interview: बॉलीवुड अभिनेता अरशद वारसी की पत्नी और पूर्व MTV VJ मारिया गोरेटी ने हाल ही में अपने निजी जीवन और करियर से जुड़े कई ऐसे पहलुओं पर खुलकर बात की, जिनके बारे में उनके प्रशंसक शायद ही जानते हों। एक समय टीवी की दुनिया का जाना-पहचाना चेहरा रहीं मारिया ने शादी और बच्चों के बाद अपने सफल करियर से दूरी बना ली थी। अब उन्होंने बताया कि यह फैसला उन्होंने क्यों लिया, इस दौरान क्या महसूस किया और क्या आज भी उन्हें अपने पुराने करियर की याद आती है।

एक बातचीत के दौरान मारिया ने स्वीकार किया कि उन्होंने परिवार और बच्चों को प्राथमिकता देने का फैसला पूरी तरह अपनी इच्छा से लिया था। हालांकि उन्हें इस फैसले पर कोई पछतावा नहीं है, लेकिन कभी-कभी आर्थिक स्वतंत्रता और अपने काम से मिलने वाली पहचान की कमी जरूर महसूस होती है।

“अपनी कमाई और पहचान आज भी याद आती है”

मारिया गोरेटी ने कहा कि जब वह MTV में वीडियो जॉकी (VJ) थीं, तब उन्हें अपने काम से अच्छी पहचान, सम्मान और आर्थिक मजबूती मिली थी। उस दौर में उनकी लोकप्रियता लगातार बढ़ रही थी और वह अपने पेशेवर जीवन से पूरी तरह संतुष्ट थीं।

उन्होंने बताया कि अपने दम पर कमाई करना उन्हें आत्मविश्वास देता था। आज जब वह घर और परिवार की जिम्मेदारियों में व्यस्त रहती हैं, तब कभी-कभी उन्हें वह दौर याद आता है, जब अपनी मेहनत से कमाए गए पैसे और लोगों की सराहना उनके जीवन का अहम हिस्सा हुआ करती थी।

हालांकि उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि उन्होंने अपने बच्चों के साथ समय बिताने के लिए ही करियर से दूरी बनाई थी और उस फैसले को लेकर उनके मन में कोई पछतावा नहीं है।

मां बनने के बाद बदल गई जिंदगी की प्राथमिकताएं

मारिया ने कहा कि जब उनके बच्चे छोटे थे, तब उन्होंने खुद तय किया कि वह उनके साथ रहकर उनकी परवरिश करेंगी। उनके लिए उस समय करियर से ज्यादा महत्वपूर्ण परिवार था।

उन्होंने बताया कि अब जब उनके बच्चे किशोरावस्था में पहुंच चुके हैं और अपने-अपने काम में व्यस्त रहते हैं, तब कभी-कभी वह सोचती हैं कि आखिर उन्होंने अपना करियर क्यों छोड़ा। लेकिन अगले ही पल उन्हें एहसास होता है कि बच्चों के साथ बिताया गया समय उनकी जिंदगी की सबसे खूबसूरत यादों में से एक है।

उनके मुताबिक, बच्चों का बचपन दोबारा कभी लौटकर नहीं आता, इसलिए उस समय परिवार को समय देना उनके लिए सबसे सही फैसला था।

कैमरे के सामने आत्मविश्वास, लेकिन निजी जिंदगी में थीं अंतर्मुखी

मारिया गोरेटी ने अपनी पर्सनैलिटी से जुड़ा एक दिलचस्प खुलासा भी किया। उन्होंने बताया कि लोग उन्हें हमेशा आत्मविश्वासी और मिलनसार समझते थे, लेकिन असल जिंदगी में वह काफी शर्मीली और अंतर्मुखी थीं।

उनका कहना था कि कैमरे के सामने आते ही उनमें एक अलग तरह का आत्मविश्वास आ जाता था। इंटरव्यू के दौरान या शूटिंग के समय वह हर किसी से आसानी से बातचीत कर लेती थीं और माहौल में घुल-मिल जाती थीं।

लेकिन जब कैमरा नहीं होता था, तब उन्हें नए लोगों से दोस्ती करने और खुलकर बातचीत करने में काफी झिझक महसूस होती थी। करियर छोड़ने के बाद उन्हें अपनी इस वास्तविक पहचान का एहसास हुआ।

अरशद वारसी के करियर के उतार-चढ़ाव ने बहुत कुछ सिखाया

मारिया ने बातचीत के दौरान पति अरशद वारसी के फिल्मी सफर के बारे में भी खुलकर बात की। उन्होंने कहा कि उन्होंने अपने पति के करियर में सफलता के साथ-साथ संघर्ष के दौर को भी बहुत करीब से देखा है।

उन्होंने एक दिलचस्प उदाहरण देते हुए बताया कि कभी अरशद के जन्मदिन पर घर में फूलों के गुलदस्तों की इतनी भरमार होती थी कि उन्हें रखने की जगह नहीं बचती थी, जबकि कुछ साल ऐसे भी आए जब एक भी गुलदस्ता नहीं आता था। इस अनुभव ने उन्हें यह समझाया कि फिल्म इंडस्ट्री में लोकप्रियता और सफलता हमेशा एक जैसी नहीं रहती।

संघर्ष के समय भी नहीं बदला अरशद वारसी का स्वभाव

मारिया के अनुसार, एक समय ऐसा भी आया जब अरशद वारसी को अपनी पसंद के मुताबिक फिल्में नहीं मिल रही थीं। कई अवसर उनके हाथ से निकल गए और करियर चुनौतीपूर्ण दौर से गुजरने लगा।

उन्होंने बताया कि ऐसे समय में उन्होंने हमेशा अरशद को वही काम करने की सलाह दी जो उन्हें पसंद हो। उनका मानना था कि केवल काम करने के लिए ऐसे प्रोजेक्ट स्वीकार करना, जिनमें मन न हो, लंबे समय में मानसिक रूप से नुकसान पहुंचा सकता है।

मारिया ने कहा कि कठिन दौर के बावजूद अरशद ने कभी किसी के प्रति मन में नाराजगी या कटुता नहीं रखी। उन्होंने हालात का सामना धैर्य के साथ किया और हमेशा सकारात्मक सोच बनाए रखी।

“सबसे मुश्किल समय ने हमें जमीन से जोड़े रखा”

मारिया का कहना है कि जीवन में सफलता और असफलता दोनों का अनुभव होना जरूरी है। उनका मानना है कि जब इंसान कठिन दौर देख चुका होता है, तब सफलता मिलने पर भी वह घमंड नहीं करता।

उन्होंने कहा कि उन्होंने और अरशद दोनों ने जीवन के बेहद कठिन दिन भी देखे हैं। शायद यही वजह है कि आज भी दोनों अपने जीवन में विनम्रता और संतुलन बनाए रखते हैं।

उनके अनुसार, संघर्ष ने उन्हें यह सिखाया कि सफलता कभी स्थायी नहीं होती, इसलिए इंसान को हर परिस्थिति में संयम और सकारात्मक सोच बनाए रखनी चाहिए।

कॉलेज में हुई थी पहली मुलाकात, फिर शुरू हुई प्यार की कहानी

मारिया गोरेटी और अरशद वारसी की पहली मुलाकात साल 1991 में एक कॉलेज डांस प्रतियोगिता के दौरान हुई थी। उस कार्यक्रम में अरशद वारसी जज के तौर पर पहुंचे थे, जबकि मारिया प्रतियोगिता में हिस्सा ले रही थीं।

यहीं से दोनों की दोस्ती शुरू हुई, जो धीरे-धीरे प्यार में बदल गई। कई वर्षों तक एक-दूसरे को समझने के बाद दोनों ने 1996 में शादी कर ली।

आज यह जोड़ी बॉलीवुड की सबसे मजबूत और लंबे समय तक साथ निभाने वाले दंपतियों में गिनी जाती है। उनके दो बच्चे हैं, जिनमें बेटा जेक वारसी (Zeke Warsi) और बेटी जीन ज़ो वारसी (Zene Zoe Warsi) शामिल हैं।

करियर और परिवार के बीच संतुलन की मिसाल बनीं मारिया गोरेटी

मारिया गोरेटी की कहानी उन लोगों के लिए प्रेरणा है, जो करियर और परिवार के बीच संतुलन बनाने की चुनौती से गुजरते हैं। उन्होंने अपने करियर की ऊंचाइयों पर रहते हुए परिवार को प्राथमिकता दी और आज भी उस फैसले पर गर्व महसूस करती हैं।

हालांकि वह स्वीकार करती हैं कि आर्थिक स्वतंत्रता और पेशेवर पहचान की कमी कभी-कभी महसूस होती है, लेकिन अपने बच्चों के साथ बिताए गए वर्षों को वह अपनी सबसे बड़ी उपलब्धि मानती हैं। वहीं, अरशद वारसी के संघर्ष और धैर्य से मिली सीख ने उनके जीवन को और भी मजबूत बनाया है।

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