29 मई, 2026 | चंडीगढ़/बेंगलुरु | Punjab Civic Body Poll Results: पंजाब के स्थानीय निकाय चुनावों (Municipal Elections) के नतीजों और काउंटिंग के रुझानों ने राज्य की सियासी तस्वीर साफ कर दी है। पंजाब के 102 नगर निकायों (नगर निगमों, नगर परिषदों और नगर पंचायतों) के लिए आए नतीजों में सत्ताधारी आम आदमी पार्टी (AAP) ने अपना दबदबा कायम रखते हुए बंपर बढ़त बनाई है।
ताजा आंकड़ों के मुताबिक, इस चुनावी दौड़ में आम आदमी पार्टी सबसे आगे चल रही है, जबकि कांग्रेस दूसरे स्थान पर बनी हुई है। निर्दलीय और अन्य उम्मीदवार तीसरे नंबर पर, शिरोमणि अकाली दल (SAD) चौथे और भारतीय जनता पार्टी (BJP) पांचवें स्थान पर खिसकती नजर आ रही है।
प्रमुख जिलों और शहरों के चुनावी परिणाम
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गिद्दरबाहा (Gidderbaha): पंजाब कांग्रेस के अध्यक्ष अमरिंदर सिंह राजा वड़िंग के इस गढ़ में आम आदमी पार्टी ने एकतरफा जीत हासिल की है। यहाँ के 19 वार्डों में से 17 पर ‘आप’ ने कब्जा जमाया है।
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मोहाली (Mohali): मोहाली नगर निगम में भी ‘आप’ ने शानदार प्रदर्शन करते हुए वार्ड नंबर 26, 28, 29, 31, 32, 33, 34, 36 और 38 में जीत दर्ज की है। वहीं कांग्रेस के खाते में वार्ड 27, 30 और 37 आए हैं, जबकि वार्ड 35 से एक निर्दलीय प्रत्याशी विजयी रहा। यहाँ ‘आप’ विधायक कुलवंत सिंह के बेटे सरबजीत समना ने भी जीत हासिल की है और वे मोहाली के अगले मेयर बन सकते हैं।
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लुधियाना (Ludhiana): इस जिले में कड़ा मुकाबला देखने को मिला, जहां ‘आप’ को 27, कांग्रेस को 22, अकाली दल को 6 और बीजेपी को केवल 1 सीट मिली है।
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बरनाला (Barnala): बरनाला नगर निगम के घोषित हुए 25 वार्डों के नतीजों में से 21 पर ‘आप’ ने परचम लहराया है।
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डेरा बस्सी और कुराली (Dera Bassi & Kurali): डेरा बस्सी के वार्ड नंबर 4 से कांग्रेस के बंटी राणा ने बड़ी जीत दर्ज की। वहीं कुराली की 11 सीटों में से ‘आप’ को 5, कांग्रेस को 2, शिअद को 1 और निर्दलीयों को 3 सीटें मिली हैं।
वोटिंग का पूरा गणित: कहां पड़े कितने वोट?
पंजाब राज्य चुनाव आयोग के आंकड़ों के मुताबिक, इस बार कुल 22,38,241 मतदाताओं ने अपने मताधिकार का प्रयोग किया। यह चुनाव राज्य के 1,897 वार्डों और 3,833 पोलिंग बूथों पर संपन्न हुआ, जिसमें कुल 7,554 उम्मीदवारों ने अपनी किस्मत आजमाई थी।
मतदान प्रतिशत का विवरण:
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नगर पंचायतें: यहाँ सबसे अधिक 76.18 प्रतिशत बंपर वोटिंग दर्ज की गई।
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नगर परिषद: दूसरे नंबर पर यहाँ 65.06 प्रतिशत मतदान हुआ।
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नगर निगम: बड़े शहरों में अपेक्षाकृत कम यानी 59.91 प्रतिशत वोट डाले गए।
लिंगवार भागीदारी की बात करें तो पुरुषों का मतदान प्रतिशत महिलाओं की तुलना में थोड़ा अधिक रहा, जबकि ‘अन्य’ (Third Gender) श्रेणी के तहत पूरे राज्य में 78 वोट दर्ज किए गए।
चुनावी हिंसा से दहला पंजाब, विपक्ष ने साधा निशाना
इन चुनावों के दौरान राज्य के कई हिस्सों से हिंसक झड़पें, बूथ कैप्चरिंग के आरोप और कानून-व्यवस्था बिगड़ने की खबरें भी सामने आईं। अकाली दल के वरिष्ठ नेता बिक्रम सिंह मजीठिया ने सरकार पर मतगणना प्रक्रिया में धांधली करने का आरोप लगाया है।
हिंसा की प्रमुख घटनाएं:
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रायेकोट (Raikot): वार्ड नंबर 4 से कांग्रेस उम्मीदवार जगदेव सिंह जग्गा पर कुछ अज्ञात लोगों ने धारदार हथियारों से जानलेवा हमला कर दिया। उन्हें गंभीर हालत में लुधियाना के एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया है। पंजाब कांग्रेस अध्यक्ष राजा वड़िंग और प्रताप सिंह बाजवा ने इस घटना की कड़ी निंदा करते हुए भगवंत मान सरकार को घेरा है।
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बरनाला (Barnala): वार्ड नंबर 15 से बीजेपी उम्मीदवार दीपइंदर कौर के पति के साथ फर्जी वोटिंग के आरोपों को लेकर मारपीट की गई, जिसमें उनकी पगड़ी तक उतर गई। उन्हें भी अस्पताल में भर्ती कराना पड़ा।
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गिद्दरबाहा और मजीठा (Gidderbaha & Majitha): गिद्दरबाहा के वार्ड 18 और 19 में ‘आप’ और अकाली दल के समर्थकों के बीच जमकर मारपीट हुई, जिसके बाद शिअद ने ‘आप’ विधायक हरदीप सिंह डिंपी ढिल्लों के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई है। वहीं अमृतसर के मजीठा में मजीठिया ने पुलिस के संरक्षण में गुंडागर्दी का आरोप लगाया।
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समना (Samana): पटियाला के समना में दो गुटों की झड़प के बाद पुलिस पर पथराव किया गया, जिसके जवाब में पुलिस ने लाठीचार्ज किया और कुछ देर के लिए मतदान रोकना पड़ा।
मोहाली में बैलेट पेपर की गोपनीयता पर सवाल, दोबारा चुनाव की मांग
चुनावी नतीजों के बीच मोहाली के पूर्व डिप्टी मेयर कुलजीत सिंह बेदी ने चुनाव आयोग को एक ज्ञापन सौंपकर मतदान रद्द करने और उच्च स्तरीय जांच की मांग की है। बेदी ने आरोप लगाया कि 26 मई को हुए मतदान के दौरान बैलेट पेपर की गोपनीयता (Ballot Secrecy) का पूरी तरह उल्लंघन किया गया।
उनका दावा है कि जब वे अंबेडकर इंस्टीट्यूट (फेज 3B2) के पोलिंग बूथ नंबर 38 पर वोट डालने गए, तो उन्होंने देखा कि बैलेट पेपर और उसके काउंटरफॉइल (Counterfoil) पर एक समान सीरियल नंबर छपा हुआ था। चूंकि काउंटरफॉइल पर मतदाता के हस्ताक्षर होते हैं, इसलिए बाद में सीरियल नंबर का मिलान करके यह आसानी से पता लगाया जा सकता है कि किस व्यक्ति ने किस उम्मीदवार को वोट दिया है। बेदी ने इसे कंडक्ट ऑफ इलेक्शन रूल्स, 1961 के नियम 38 का उल्लंघन बताते हुए अदालत जाने की चेतावनी दी है।
पंजाब निकाय चुनाव 2026: एक नज़र में मुख्य फैक्ट्स
| चुनावी बिंदु | नवीनतम डेटा और आंकड़े (2026) | राजनीतिक प्रभाव / स्थिति |
| शीर्ष प्रदर्शन | आम आदमी पार्टी (AAP) सबसे बड़ी पार्टी बनकर उभरी। | लुधियाना, मोहाली और बरनाला में ‘आप’ का दबदबा। |
| कुल मतदान | 102 निकायों में 22.38 लाख से अधिक वोट पड़े। | नगर पंचायतों में सबसे ज्यादा (76.18%) वोटिंग। |
| विपक्षी दल | कांग्रेस दूसरे, निर्दलीय तीसरे और BJP पांचवें स्थान पर। | कांग्रेस प्रत्याशी जगदेव जग्गा पर रायेकोट में हमला। |
| विवाद और मांग | मोहाली में बैलेट पेपर के सीरियल नंबर पर आपत्ति। | पूर्व डिप्टी मेयर कुलजीत बेदी ने की दोबारा चुनाव की मांग। |
पंजाब के स्थानीय निकाय चुनाव के इन नतीजों ने जहां एक ओर शहरी इलाकों में आम आदमी पार्टी की पकड़ को और मजबूत कर दिया है, वहीं दूसरी ओर राज्य में हुई हिंसक वारदातों और मोहाली में बैलेट पेपर गोपनीयता के विवाद ने चुनाव प्रणाली पर सवालिया निशान खड़े कर दिए हैं। विपक्ष इस मुद्दे को लेकर अब सरकार और राज्य चुनाव आयोग को कोर्ट तक घसीटने की तैयारी में है।
पंजाब निकाय चुनाव के अंतिम नतीजों, मोहाली बैलेट पेपर विवाद पर चुनाव आयोग के एक्शन और देश-दुनिया की हर निष्पक्ष व सटीक लाइव ब्रेकिंग न्यूज के लिए हमारे न्यूज़ पोर्टल को फॉलो करना न भूलें।



