बेंगलुरु | Karnataka Chief Minister Siddaramaiah to resign: कर्नाटक की सियासत से आज एक ऐसी खबर सामने आई है जिसने राज्य के साथ-साथ देश के राजनीतिक गलियारों में हलचल पैदा कर दी है। कर्नाटक के कद्दावर नेता और मुख्यमंत्री सिद्धारमैया ने अपने पद से इस्तीफा देने का फैसला कर लिया है। लगभग पांच दशकों के लंबे और प्रभावशाली राजनीतिक करियर के बाद, सिद्धारमैया के इस फैसले ने सबको चौंका दिया है।
ब्रेकफास्ट मीटिंग में हुआ बड़ा फैसला
मंगलवार, 28 मई की सुबह बेंगलुरु स्थित मुख्यमंत्री के आधिकारिक निवास पर एक ब्रेकफास्ट मीटिंग (नाश्ते पर बैठक) बुलाई गई थी। इस बैठक में कैबिनेट के कई वरिष्ठ मंत्री शामिल हुए। सूत्रों के अनुसार, इसी अनौपचारिक मुलाकात के दौरान सिद्धारमैया ने अपने सहयोगियों को भावुक होकर बताया कि वह मुख्यमंत्री पद छोड़ रहे हैं।
राज्य के स्वास्थ्य मंत्री दिनेश गुंडू राव ने इस खबर की पुष्टि करते हुए बताया कि मुख्यमंत्री ने अपने फैसले से कैबिनेट सहयोगियों को अवगत करा दिया है। मुख्यमंत्री कार्यालय (CMO) द्वारा जारी जानकारी के अनुसार, सिद्धारमैया दोपहर 2:30 बजे राजभवन (लोक भवन) जाएंगे और उसके बाद दोपहर 3:00 बजे एक प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित करेंगे।
कांग्रेस हाईकमान का निर्देश या व्यक्तिगत फैसला?
राजनीतिक हलकों में यह चर्चा तेज है कि आखिर सिद्धारमैया ने यह कदम क्यों उठाया। बताया जा रहा है कि मुख्यमंत्री ने कैबिनेट बैठक में स्पष्ट किया कि उन्हें कांग्रेस आलाकमान (High Command) की ओर से पद छोड़ने का निर्देश दिया गया है। अपने संबोधन में उन्होंने अपने दूसरे कार्यकाल की उपलब्धियों और चुनौतियों का जिक्र किया और सभी मंत्रियों को उनके सहयोग के लिए धन्यवाद दिया।
सिद्धारमैया का इस्तीफा ऐसे समय पर आया है जब राज्य में नेतृत्व परिवर्तन की अटकलें पिछले काफी समय से चल रही थीं। कांग्रेस सूत्रों का कहना है कि पार्टी अब राज्य में नए और युवा चेहरों को मौका देना चाहती है ताकि भविष्य की चुनौतियों के लिए संगठन को मजबूत किया जा सके।
राज्यपाल की अनुपस्थिति और संवैधानिक प्रक्रिया
सिद्धारमैया के इस्तीफे की प्रक्रिया में एक तकनीकी पेंच भी सामने आ रहा है। वर्तमान में कर्नाटक के राज्यपाल थावरचंद गहलोत व्यक्तिगत कारणों से अपने गृह नगर इंदौर प्रवास पर हैं। राजभवन के सूत्रों के मुताबिक, मुख्यमंत्री ने अभी तक राज्यपाल से मुलाकात का औपचारिक समय नहीं मांगा है।
हालांकि, पीटीआई (PTI) की एक रिपोर्ट के अनुसार, एक अधिकारी ने स्पष्ट किया है कि यदि मुख्यमंत्री चाहें, तो वह अपना इस्तीफा सीधे राज्यपाल को देने के बजाय राजभवन के सचिव को सौंप सकते हैं। बाद में जब राज्यपाल बेंगलुरु लौटेंगे, तो वह इसे औपचारिक रूप से स्वीकार करेंगे और प्रक्रिया के अनुसार सिद्धारमैया को दोबारा व्यक्तिगत रूप से उपस्थित होने के लिए कह सकते हैं।
कौन होगा अगला मुख्यमंत्री?
सिद्धारमैया के जाने के बाद अब सबकी नजरें इस बात पर टिकी हैं कि कर्नाटक की कमान किसके हाथ में होगी। कांग्रेस विधायक दल (CLP) की एक महत्वपूर्ण बैठक शुक्रवार, 29 मई 2026 को होने की संभावना है। इसी बैठक में सिद्धारमैया के उत्तराधिकारी के नाम पर मुहर लग सकती है। डीके शिवकुमार का नाम रेस में सबसे आगे माना जा रहा है, लेकिन कांग्रेस आलाकमान किसी ‘सरप्राइज’ नाम की घोषणा भी कर सकता है।
सिद्धारमैया का राजनीतिक सफर: एक नजर
सिद्धारमैया केवल एक राजनेता नहीं, बल्कि कर्नाटक की राजनीति का एक बड़ा स्तंभ रहे हैं। लगभग 50 वर्षों के अपने करियर में उन्होंने पिछड़ों, दलितों और अल्पसंख्यकों (AHINDA) की राजनीति को नई दिशा दी। दो बार मुख्यमंत्री के रूप में उन्होंने कई जन-कल्याणकारी योजनाएं लागू कीं, जिन्होंने राज्य के विकास में अहम भूमिका निभाई। उनके इस्तीफे के साथ ही कर्नाटक की राजनीति के एक युग का अंत माना जा रहा है।
निष्कर्ष
कर्नाटक में नेतृत्व परिवर्तन की यह प्रक्रिया राज्य की राजनीति को किस दिशा में ले जाएगी, यह तो वक्त ही बताएगा। फिलहाल, बेंगलुरु से लेकर दिल्ली तक बैठकों का दौर जारी है। सिद्धारमैया की प्रेस कॉन्फ्रेंस के बाद कई और अहम खुलासे होने की उम्मीद है।



