टेक्नोलॉजी

Shantanu Narayen Adobe CEO Resign: 18 साल बाद पद छोड़ने का फैसला, जानिए उनकी कहानी

Shantanu Narayen Adobe CEO Resign: दुनिया की प्रमुख डिजाइन और सॉफ्टवेयर कंपनी Adobe ने घोषणा की है कि उसके लंबे समय से CEO रहे Shantanu Narayen जल्द ही अपने पद से हटने वाले हैं। हालांकि वे कंपनी के बोर्ड के चेयरमैन के रूप में अपनी भूमिका निभाते रहेंगे।

कंपनी ने यह जानकारी अपने आधिकारिक बयान में दी। यह घोषणा उस समय सामने आई जब Adobe ने वित्तीय वर्ष 2026 की पहली तिमाही के नतीजे जारी किए।

इस खबर के सामने आते ही NASDAQ में सूचीबद्ध Adobe के शेयरों में हल्की गिरावट देखी गई और आफ्टर-मार्केट ट्रेडिंग में करीब 7 प्रतिशत तक गिरावट दर्ज की गई।


18 साल तक CEO रहने के बाद लिया फैसला

Adobe के बयान के अनुसार, Shantanu Narayen ने लगभग 18 साल तक कंपनी के CEO के रूप में काम किया है। अब उन्होंने यह निर्णय लिया है कि जैसे ही बोर्ड नया CEO चुन लेगा, वे अपनी जिम्मेदारी नए नेतृत्व को सौंप देंगे।

कंपनी ने स्पष्ट किया कि Narayen पूरी तरह से Adobe से अलग नहीं होंगे। वे बोर्ड के चेयरमैन के रूप में कंपनी के रणनीतिक फैसलों में योगदान देते रहेंगे।

Adobe के बोर्ड ने नए CEO की तलाश के लिए एक विशेष समिति भी बनाई है।


नए CEO की तलाश शुरू

Adobe के बोर्ड ऑफ डायरेक्टर्स ने नए CEO की खोज की प्रक्रिया शुरू कर दी है। इस प्रक्रिया की निगरानी के लिए कंपनी के Lead Independent Director Frank Calderoni को विशेष समिति का चेयरमैन बनाया गया है।

कंपनी ने कहा है कि नए CEO की खोज में आंतरिक और बाहरी दोनों तरह के उम्मीदवारों पर विचार किया जाएगा। इसका मतलब है कि Adobe के भीतर से भी किसी वरिष्ठ अधिकारी को यह जिम्मेदारी दी जा सकती है, जबकि बाहरी उम्मीदवारों को भी मौका दिया जाएगा।


Hyderabad से शुरू हुई Shantanu Narayen की यात्रा

Shantanu Narayen का जन्म 27 मई 1963 को भारत के Hyderabad में एक तेलुगु हिंदू परिवार में हुआ था। उनके पिता का प्लास्टिक का व्यवसाय था, जबकि उनकी मां अमेरिकी साहित्य की अध्यापिका थीं।

उनकी शुरुआती शिक्षा प्रतिष्ठित Hyderabad Public School में हुई। यह वही स्कूल है जहां से Satya Nadella भी पढ़ चुके हैं।

स्कूल की पढ़ाई पूरी करने के बाद Narayen ने इंजीनियरिंग की पढ़ाई के लिए Osmania University के यूनिवर्सिटी कॉलेज ऑफ इंजीनियरिंग में दाखिला लिया और इलेक्ट्रॉनिक्स एवं कम्युनिकेशन इंजीनियरिंग में डिग्री हासिल की।


अमेरिका में उच्च शिक्षा

1980 के दशक में Narayen उच्च शिक्षा के लिए अमेरिका चले गए। वहां उन्होंने Bowling Green State University से 1986 में कंप्यूटर साइंस में मास्टर डिग्री प्राप्त की।

इसी दौरान उनकी मुलाकात Reni से हुई, जो बाद में उनकी पत्नी बनीं और उन्होंने क्लिनिकल साइकोलॉजी में डॉक्टरेट की पढ़ाई की।

बाद में Narayen ने अपनी पढ़ाई जारी रखते हुए University of California Berkeley के Haas School of Business से 1993 में MBA भी किया।


टेक इंडस्ट्री में करियर की शुरुआत

अपनी पढ़ाई पूरी करने के बाद Narayen ने 1986 में Measurex Automation Systems नामक कंपनी में काम करना शुरू किया। इसके बाद 1989 में उन्होंने टेक दिग्गज Apple जॉइन की।

Apple में उन्होंने कई वर्षों तक प्रोडक्ट डेवलपमेंट से जुड़े पदों पर काम किया। यह वह समय था जब कंपनी नवाचार और चुनौतियों दोनों का सामना कर रही थी।

1996 में उन्होंने Silicon Graphics में भी डायरेक्टर स्तर की भूमिका निभाई।


Adobe से जुड़कर बदली कंपनी की दिशा

1998 में Shantanu Narayen ने Adobe में वाइस प्रेसिडेंट और इंजीनियरिंग टेक्नोलॉजी ग्रुप के जनरल मैनेजर के रूप में काम शुरू किया।

समय के साथ उनकी भूमिका कंपनी में बढ़ती गई और वे पहले President और Chief Operating Officer बने। आखिरकार 2007 में उन्हें कंपनी का CEO नियुक्त किया गया।

उनके नेतृत्व में Adobe ने अपने बिजनेस मॉडल में बड़ा बदलाव किया। कंपनी ने पारंपरिक सॉफ्टवेयर लाइसेंस मॉडल से हटकर Creative Cloud जैसी सब्सक्रिप्शन आधारित सेवाएं शुरू कीं।

इस कदम ने Adobe को डिजिटल क्रिएटिव टूल्स की दुनिया में और मजबूत बना दिया।


Narayen के नेतृत्व में Adobe की सफलता

Shantanu Narayen के नेतृत्व में Adobe ने डिजिटल डिजाइन, मार्केटिंग और क्रिएटिव सॉफ्टवेयर के क्षेत्र में बड़ी सफलता हासिल की।

Adobe Photoshop, Illustrator और Premiere Pro जैसे प्रोडक्ट दुनिया भर के डिजाइनर्स और क्रिएटिव प्रोफेशनल्स के लिए जरूरी टूल बन गए।

Creative Cloud मॉडल ने कंपनी की आय को स्थिर और मजबूत बनाया और Adobe को टेक इंडस्ट्री की अग्रणी कंपनियों में शामिल कर दिया।


टेक इंडस्ट्री में भारतीय प्रतिभा की मिसाल

Shantanu Narayen उन भारतीय मूल के नेताओं में शामिल हैं जिन्होंने वैश्विक टेक कंपनियों में बड़ी सफलता हासिल की है।

उनकी यात्रा Hyderabad से Silicon Valley तक लाखों युवाओं के लिए प्रेरणा है। उन्होंने साबित किया कि मेहनत, शिक्षा और दूरदृष्टि के साथ अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी सफलता हासिल की जा सकती है।


निष्कर्ष

Adobe के CEO पद से Shantanu Narayen का हटना टेक इंडस्ट्री के लिए एक बड़ा बदलाव माना जा रहा है। हालांकि वे कंपनी के चेयरमैन के रूप में जुड़े रहेंगे और भविष्य की रणनीतियों में भूमिका निभाते रहेंगे।

18 साल तक Adobe का नेतृत्व करने के बाद उनका यह फैसला कंपनी के लिए नए नेतृत्व और नई दिशा का संकेत देता है।

Hyderabad से लेकर Silicon Valley तक उनकी यात्रा आज भी दुनिया भर के युवा पेशेवरों के लिए प्रेरणा बनी हुई है।

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