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‘कोई बचाओ!’ मुंबई में गार्ड पर चाकू से ताबड़तोड़ हमला, धर्म पूछकर वार का आरोप

Mira Road stabbing case: मुंबई के मीरा रोड से एक बेहद डरावनी और झकझोर देने वाली घटना सामने आई है, जिसने पूरे इलाके में दहशत फैला दी है। रविवार तड़के एक निर्माणाधीन बिल्डिंग में ड्यूटी कर रहे दो सुरक्षा गार्डों पर एक युवक ने चाकू से हमला कर दिया। इस हमले का वीडियो अब सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है।

वीडियो में एक गार्ड दर्द से चिल्लाते हुए “कोई बचाओ” कहता सुनाई देता है, जबकि आरोपी उस पर लगातार चाकू से वार करता नजर आता है। पुलिस के अनुसार, हमला करने से पहले आरोपी ने दोनों गार्डों से उनका धर्म पूछा और कलमा पढ़ने को कहा। जब उन्होंने ऐसा नहीं किया, तो उसने हमला कर दिया।

अब इस मामले ने गंभीर मोड़ ले लिया है, क्योंकि शुरुआती जांच में आरोपी के ISIS प्रोपेगेंडा वीडियो देखने की बात सामने आई है। इसके बाद केस को एंटी टेररिज्म स्क्वाड (ATS) को सौंप दिया गया है।


मीरा रोड में रविवार सुबह क्या हुआ?

यह घटना रविवार सुबह करीब 4 बजे मुंबई के मीरा रोड ईस्ट इलाके में हुई। यहां एक अंडर-कंस्ट्रक्शन बिल्डिंग में दो गार्ड—राजकुमार मिश्रा और सुब्रतो सेन—रात की ड्यूटी पर तैनात थे।

उसी दौरान 31 वर्षीय जैब अंसारी वहां पहुंचा। पुलिस के मुताबिक, उसने पहले दोनों गार्डों से बातचीत की और उनका धर्म पूछा। इसके बाद उसने उनसे कलमा पढ़ने को कहा, जो इस्लाम में आस्था की घोषणा मानी जाती है।

जब दोनों गार्डों ने ऐसा करने से इनकार किया, तो आरोपी अचानक हिंसक हो गया और उसने चाकू निकालकर हमला कर दिया।


वायरल वीडियो में सुनाई दी दर्दनाक चीख

घटना का वीडियो किसी व्यक्ति ने ऊपर से मोबाइल फोन पर रिकॉर्ड किया, जो अब सोशल मीडिया पर तेजी से फैल रहा है। वीडियो में साफ देखा जा सकता है कि आरोपी एक गार्ड पर लगातार चाकू से वार कर रहा है।

इस दौरान पीड़ित गार्ड जोर-जोर से “कोई बचाओ” चिल्लाता है। उसकी आवाज सुनकर भी आसपास से तत्काल मदद नहीं पहुंच पाती। कुछ ही सेकंड बाद घायल गार्ड अपनी जान बचाने के लिए भागता हुआ नजर आता है, जबकि आरोपी वहां से फरार हो जाता है।

यह वीडियो लोगों को झकझोर रहा है और सोशल मीडिया पर लोग आरोपी के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग कर रहे हैं।


एक गार्ड गंभीर रूप से घायल

हमले में राजकुमार मिश्रा को गंभीर चोटें आई हैं। पुलिस के अनुसार, उनके पेट पर गहरे वार किए गए, जिससे उनकी आंतों को भी नुकसान पहुंचा है। उन्हें तुरंत अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां उनका इलाज जारी है।

दूसरे गार्ड सुब्रतो सेन को पीठ पर हल्की चोटें आईं। उन्होंने किसी तरह अपनी जान बचाई और सुरक्षा केबिन के अंदर छिप गए। उनकी सतर्कता की वजह से वह बड़े खतरे से बच गए।

पुलिस का कहना है कि अगर हमला कुछ और देर चलता, तो स्थिति और भी गंभीर हो सकती थी।


CCTV से आरोपी की पहचान, डेढ़ घंटे में गिरफ्तारी

घटना के तुरंत बाद पुलिस ने आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की जांच शुरू की। फुटेज के आधार पर आरोपी की पहचान जैब अंसारी के रूप में हुई।

पुलिस ने उसकी लोकेशन ट्रेस की और मीरा रोड ईस्ट के नया नगर इलाके में स्थित उसके किराए के घर पर दबिश दी। घटना के करीब डेढ़ घंटे के भीतर ही उसे गिरफ्तार कर लिया गया।

तेजी से की गई इस कार्रवाई की स्थानीय लोगों ने सराहना की, हालांकि मामले की गंभीरता ने कई नए सवाल भी खड़े कर दिए हैं।


ISIS प्रोपेगेंडा वीडियो देखने की बात सामने आई

पुलिस की शुरुआती जांच में यह बात सामने आई कि आरोपी जैब अंसारी कथित तौर पर ISIS से जुड़े प्रोपेगेंडा वीडियो देखता था। इसी जानकारी के बाद मामले को सिर्फ आपराधिक हमला नहीं माना गया।

संभावना जताई जा रही है कि इस हमले के पीछे कोई वैचारिक या कट्टरपंथी सोच हो सकती है। इसी वजह से केस को अब एंटी टेररिज्म स्क्वाड (ATS) को ट्रांसफर कर दिया गया है।

ATS अब यह जांच करेगी कि आरोपी का किसी आतंकी संगठन से सीधा या परोक्ष संबंध था या नहीं, और क्या हमला किसी विचारधारा से प्रेरित था।


पुलिस किन पहलुओं पर कर रही जांच?

फिलहाल पुलिस और ATS दोनों कई पहलुओं पर जांच कर रही हैं। आरोपी के मोबाइल फोन, सोशल मीडिया गतिविधियों और संपर्कों की जांच की जा रही है।

यह भी देखा जा रहा है कि क्या उसने पहले भी किसी संदिग्ध गतिविधि में हिस्सा लिया था या किसी संगठन के संपर्क में था। पुलिस यह भी जानने की कोशिश कर रही है कि हमला अचानक गुस्से में किया गया या पहले से इसकी योजना बनाई गई थी।

यदि आतंकी या कट्टरपंथी लिंक साबित होते हैं, तो आरोपी पर और भी गंभीर धाराएं लग सकती हैं।


इलाके में डर और गुस्सा

इस घटना के बाद मीरा रोड इलाके में डर और तनाव का माहौल है। स्थानीय लोगों का कहना है कि इतनी सुबह ड्यूटी कर रहे गार्डों पर इस तरह हमला होना बेहद चिंताजनक है।

लोगों ने मांग की है कि सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत किया जाए और ऐसे मामलों में सख्त कार्रवाई हो ताकि भविष्य में कोई इस तरह की घटना दोहराने की हिम्मत न कर सके।

सोशल मीडिया पर भी यह मामला तेजी से चर्चा में है और लोग आरोपी को कड़ी सजा देने की मांग कर रहे हैं।


Conclusion

मुंबई के मीरा रोड की यह घटना सिर्फ एक आपराधिक हमला नहीं, बल्कि समाज की सुरक्षा और शांति के लिए गंभीर चेतावनी है। धर्म पूछकर हमला करने का आरोप और ISIS लिंक की आशंका इस मामले को और संवेदनशील बना देती है।

अब सबकी नजर ATS जांच पर टिकी है। सच जो भी हो, यह साफ है कि ऐसी घटनाएं केवल कानून नहीं, बल्कि समाज की सामूहिक जिम्मेदारी का भी सवाल उठाती हैं। लोगों को सुरक्षा चाहिए, और न्याय भी—बिना डर, बिना भेदभाव।

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