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Nepal Flash Flood: 105 भारतीय लापता, IAF राहत मिशन तैयार

Nepal Flash Flood: नेपाल में बुधवार, 26 अगस्त 2026 को आई भीषण फ्लैश फ्लड ने बड़े पैमाने पर तबाही मचा दी है। तिब्बत की तरफ से अचानक आए तेज पानी ने नेपाल के रासुवा जिले और आसपास के इलाकों में भारी नुकसान पहुंचाया। कई बस्तियां, सड़कें और पुल पानी की तेज धार में बह गए, जबकि बिजली और हाइड्रोपावर परियोजनाओं को भी नुकसान पहुंचा है। इस प्राकृतिक आपदा के बाद भारत ने नेपाल की मदद के लिए राहत और बचाव अभियान की तैयारी तेज कर दी है। भारतीय वायुसेना यानी IAF को किसी भी राहत या रेस्क्यू मिशन के लिए पूरी तरह तैयार रखा गया है।

नेपाल फ्लैश फ्लड में 105 भारतीयों समेत 384 लोग लापता

नेपाल पर्यटन बोर्ड की शुरुआती सूची के अनुसार, बाढ़ प्रभावित क्षेत्र में कुल 384 यात्रियों के बारे में अभी जानकारी नहीं मिल पाई है। इनमें 291 विदेशी नागरिक और 93 नेपाली नागरिक शामिल हैं। विदेशी यात्रियों में भारतीयों की संख्या सबसे अधिक है। शुरुआती सूची में 105 भारतीय नागरिक और 37 एनआरआई शामिल हैं। अधिकारियों और स्थानीय एजेंसियों की ओर से इन आंकड़ों का सत्यापन जारी है।

रिपोर्टों के अनुसार, लापता भारतीयों में कई ऐसे यात्री भी हैं जो कैलाश मानसरोवर यात्रा के लिए नेपाल के रास्ते आगे बढ़ रहे थे। प्रभावित इलाकों में संचार और सड़क संपर्क बाधित होने के कारण कई लोगों की स्थिति की तत्काल पुष्टि करना मुश्किल हो रहा है। नेपाल पर्यटन बोर्ड, स्थानीय प्रशासन, ट्रैवल एजेंसियां, गाइड और सुरक्षा एजेंसियां मिलकर लापता लोगों की जानकारी जुटाने में लगी हैं।

भारत ने बढ़ाया मदद का हाथ, IAF का राहत मिशन तैयार

नेपाल में आई इस आपदा के बीच भारत सरकार ने राहत सामग्री भेजने की तैयारी शुरू कर दी है। रक्षा मंत्रालय के सूत्रों के मुताबिक, भारतीय वायुसेना को सरकार की ओर से मिलने वाले किसी भी राहत एवं बचाव कार्य के लिए तैयार रखा गया है। IAF के C-130 और C-17 परिवहन विमान राहत सामग्री, दवाइयां और जरूरी उपकरण लेकर नेपाल जाने के लिए स्टैंडबाय पर रखे गए हैं। उपलब्ध जानकारी के मुताबिक C-130 विमान बुधवार को नेपाल के लिए रवाना होने वाला है, जबकि C-17 की उड़ान अगले दिन प्रस्तावित है।

भारत की ओर से भेजी जाने वाली राहत सामग्री में आपदा प्रभावित लोगों के लिए जरूरी सामान के साथ-साथ चिकित्सा सामग्री और अर्थमूविंग उपकरण भी शामिल किए जा रहे हैं। ऐसे उपकरण मलबे को हटाने, सड़क और संपर्क मार्ग खोलने तथा राहत एवं बचाव कार्य को तेज करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं।

NDRF भी अलर्ट, नेपाल में रेस्क्यू ऑपरेशन जारी

भारतीय वायुसेना के साथ राष्ट्रीय आपदा मोचन बल यानी NDRF को भी जरूरत पड़ने पर राहत और बचाव अभियान के लिए तैयार रखा गया है। नेपाल में स्थानीय स्तर पर सेना और आपदा प्रतिक्रिया दल पहले से ही प्रभावित क्षेत्रों में काम कर रहे हैं। नेपाल सेना ने हेलीकॉप्टर और आपदा प्रतिक्रिया कर्मियों को तैनात किया है, ताकि दुर्गम इलाकों में फंसे लोगों तक पहुंच बनाई जा सके।

फ्लैश फ्लड के कारण कई इलाकों में सड़क संपर्क टूट गया है। यही वजह है कि हवाई राहत और बचाव अभियान बेहद महत्वपूर्ण हो गया है। पहाड़ी इलाकों में भारी मलबा और तेज पानी राहत टीमों के लिए चुनौती पैदा कर रहा है। अधिकारियों की प्राथमिकता इस समय लोगों को सुरक्षित स्थानों तक पहुंचाना और लापता लोगों की तलाश करना है।

भोटे कोशी नदी में अचानक बढ़ा पानी

नेपाल पर्यटन बोर्ड के अनुसार, रासुवा जिले में भोटे कोशी नदी में बुधवार सुबह अचानक तेज बाढ़ आई। शुरुआती जानकारी के मुताबिक, बाढ़ का पानी तिब्बत की तरफ से आया और इसके बाद नेपाल के सीमावर्ती इलाकों में तेजी से फैल गया। रासुवा के अलावा धादिंग और नुवाकोट के कुछ हिस्से भी प्रभावित हुए हैं।

भारी पानी और मलबे की वजह से कई गांवों और बस्तियों में तबाही का मंजर देखने को मिला। सड़कें और पुल क्षतिग्रस्त होने से प्रभावित क्षेत्रों तक पहुंचना मुश्किल हो गया है। कई हाइड्रोपावर परियोजनाओं पर भी बाढ़ का असर पड़ा है। इससे स्थानीय बुनियादी ढांचे के साथ बिजली उत्पादन पर भी असर पड़ने की आशंका है।

105 भारतीयों के लापता होने से बढ़ी चिंता

नेपाल में बड़ी संख्या में भारतीय यात्रियों के मौजूद होने के कारण भारत में उनके परिवारों की चिंता बढ़ गई है। शुरुआती सूची में 105 भारतीय नागरिकों के नाम सामने आने के बाद भारतीय मिशन ने प्रभावित भारतीयों की सहायता के लिए आपातकालीन हेल्पलाइन नंबर जारी किए हैं।

नेपाल स्थित भारतीय दूतावास के अनुसार, प्रभावित भारतीय नागरिकों से जुड़ी सहायता और जानकारी के लिए +977 985 131 6807 और +977 970 910 7500 नंबरों पर संपर्क किया जा सकता है। दोनों नंबरों पर WhatsApp के जरिए भी संपर्क किया जा सकता है।

परिवारों से अपील की गई है कि वे केवल आधिकारिक स्रोतों से मिलने वाली जानकारी पर भरोसा करें। राहत और बचाव अभियान के दौरान लापता लोगों की सूची में बदलाव संभव है, क्योंकि संबंधित एजेंसियां यात्रियों की स्थिति का सत्यापन कर रही हैं।

नेपाल में कई देशों के नागरिक भी लापता

नेपाल पर्यटन बोर्ड की शुरुआती सूची में भारत के अलावा अमेरिका, मलेशिया, ब्रिटेन, दक्षिण अफ्रीका, ऑस्ट्रेलिया और नीदरलैंड्स समेत कई देशों के नागरिक भी शामिल हैं। विदेशी नागरिकों की बड़ी संख्या ने इस आपदा को अंतरराष्ट्रीय चिंता का विषय बना दिया है।

नेपाल एक प्रमुख पर्यटन और तीर्थ स्थल है और बड़ी संख्या में विदेशी यात्री हर साल यहां पहुंचते हैं। प्रभावित रासुवा क्षेत्र तिब्बत और कैलाश मानसरोवर यात्रा से जुड़े मार्गों के लिए भी महत्वपूर्ण है। ऐसे में अचानक आई बाढ़ ने यात्रियों की सुरक्षा और यात्रा व्यवस्था दोनों को प्रभावित किया है।

राहत और बचाव अभियान के सामने बड़ी चुनौती

पहाड़ी इलाकों में फ्लैश फ्लड के बाद राहत अभियान चलाना सामान्य बाढ़ की तुलना में अधिक चुनौतीपूर्ण होता है। तेज पानी के साथ आने वाला मलबा सड़कों और पुलों को नुकसान पहुंचाता है, जिससे जमीन के रास्ते प्रभावित इलाकों तक पहुंचना कठिन हो जाता है। इसी कारण हेलीकॉप्टर और सैन्य परिवहन विमान राहत अभियान में अहम भूमिका निभा सकते हैं।

भारत की ओर से IAF के C-130 और C-17 विमानों को तैयार रखना इसी दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। जरूरत के मुताबिक इन विमानों के जरिए राहत सामग्री और जरूरी उपकरण प्रभावित क्षेत्रों तक पहुंचाए जा सकते हैं। वहीं, NDRF को भी संभावित मिशन के लिए तैयार रखा गया है।

भारत-नेपाल के बीच राहत सहयोग पर नजर

नेपाल में आई इस भीषण प्राकृतिक आपदा के बीच भारत की तैयारी दोनों देशों के बीच आपदा प्रबंधन और मानवीय सहयोग को भी दर्शाती है। फिलहाल सबसे बड़ी प्राथमिकता प्रभावित लोगों को सुरक्षित निकालना, लापता यात्रियों का पता लगाना और जरूरी राहत सामग्री पहुंचाना है।

स्थिति लगातार बदल रही है और नेपाल पर्यटन बोर्ड की ओर से जारी लापता यात्रियों के आंकड़े शुरुआती हैं। जैसे-जैसे स्थानीय प्रशासन, सुरक्षा एजेंसियों और ट्रैवल एजेंसियों से जानकारी मिलती जाएगी, लापता लोगों की संख्या और उनकी स्थिति को लेकर तस्वीर और स्पष्ट हो सकती है।

नेपाल में फ्लैश फ्लड के बाद राहत एवं बचाव अभियान तेजी से जारी है। भारत भी अपने पड़ोसी देश की मदद के लिए पूरी तरह तैयार है। IAF के परिवहन विमान, राहत सामग्री और NDRF की तैयारी के बीच अब नजर इस बात पर है कि प्रभावित क्षेत्रों में फंसे लोगों तक मदद कितनी तेजी से पहुंचती है और लापता भारतीयों समेत अन्य यात्रियों को सुरक्षित निकालने में बचाव दल कितनी सफलता हासिल करते हैं।

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