
FSSAI Action Delhi Hotels: नई दिल्ली के एयरोसिटी इलाके में स्थित दो बड़े पांच सितारा होटलों को लेकर खाद्य सुरक्षा से जुड़ी गंभीर खबर सामने आई है। भारतीय खाद्य सुरक्षा एवं मानक प्राधिकरण यानी FSSAI ने बुधवार को Andaz Delhi और JW Marriott Aerocity को निरीक्षण के बाद नोटिस जारी किया है। नियामक के मुताबिक, दोनों होटलों में खाद्य सुरक्षा और स्वच्छता से जुड़ी कई गंभीर कमियां पाई गईं।
FSSAI की जांच में Andaz Delhi के कन्फेक्शनरी सेक्शन से करीब 87 किलो एक्सपायर्ड मिठाइयां बरामद हुईं, जिन्हें मौके पर ही नष्ट कर दिया गया। वहीं JW Marriott में कॉकरोच और फ्रूट फ्लाइज की मौजूदगी, गंदे किचन उपकरण और खाद्य पदार्थों के गलत तरीके से रखे जाने जैसी समस्याएं सामने आईं।
इस खबर ने इसलिए भी ध्यान खींचा है क्योंकि दोनों होटल BRICS Business Forum की आधिकारिक वेबसाइट पर आयोजन से जुड़े होस्ट या स्टे वेन्यू की सूची में शामिल हैं। भारत इस साल सितंबर में नई दिल्ली में 18वें BRICS Summit की मेजबानी करने वाला है।
Andaz Delhi में 87 किलो एक्सपायर्ड मिठाई बरामद
FSSAI के अनुसार, Andaz Delhi by Hyatt के निरीक्षण के दौरान कन्फेक्शनरी एरिया में करीब 87 किलो ऐसी मिठाइयां मिलीं, जिनकी एक्सपायरी डेट निकल चुकी थी। खाद्य सुरक्षा अधिकारियों ने इन मिठाइयों को मौके पर ही नष्ट कर दिया।
जांच के दौरान एक्सपायर्ड स्टिकर वाले ब्रेड पैकेट भी पाए गए। इसके अलावा पेस्ट्री सेक्शन में एक्सपायर्ड केक बेस, मक्खियां और कॉकरोच मिलने की बात FSSAI ने कही है। खाद्य पदार्थों को तैयार करने और रखने की व्यवस्था में भी कई कमियां दर्ज की गईं।
खाद्य सुरक्षा नियमों के तहत शाकाहारी और मांसाहारी खाद्य पदार्थों को अलग-अलग रखना जरूरी है, ताकि क्रॉस-कंटैमिनेशन का खतरा कम किया जा सके। लेकिन FSSAI के निरीक्षण में दोनों तरह के खाद्य पदार्थों के लिए इस्तेमाल होने वाले कटिंग बोर्ड एक ही पानी के कंटेनर में रखे पाए गए। नियामक ने इसे भी गंभीर कमी के तौर पर दर्ज किया।
JW Marriott में कॉकरोच और फ्रूट फ्लाइज मिलने का दावा
FSSAI ने Aerocity स्थित JW Marriott के निरीक्षण की जानकारी भी साझा की। नियामक के मुताबिक, होटल की स्वच्छता और सैनिटेशन व्यवस्था में गंभीर खामियां मिलीं।
निरीक्षण के दौरान अधिकारियों ने किचन और फूड प्रिपरेशन एरिया में सक्रिय कॉकरोच और फ्रूट फ्लाइज की मौजूदगी दर्ज की। खाद्य पदार्थों के संपर्क में आने वाली कुछ सतहें गंदी थीं और कई किचन बर्तन ठीक से साफ नहीं किए गए थे।
FSSAI के मुताबिक, होटल में इस्तेमाल होने वाली पेयजल आपूर्ति में भी दिखाई देने वाले कण पाए गए। इससे खाद्य तैयारी वाले क्षेत्रों की साफ-सफाई, रखरखाव और पेस्ट कंट्रोल व्यवस्था पर सवाल उठे।
बिना जरूरी लाइसेंस के रिटेल ऑपरेशन का आरोप
JW Marriott को लेकर जांच में एक और महत्वपूर्ण बात सामने आई। FSSAI ने कहा कि होटल परिसर में JW Marriott ब्रांड के तहत रिटेल गतिविधियां आवश्यक लाइसेंस के बिना संचालित की जा रही थीं।
निरीक्षण के दौरान कुछ प्री-पैकेज्ड खाद्य उत्पादों पर अनिवार्य निर्माता का पता मौजूद नहीं था। कुछ उत्पादों पर लाइसेंस नंबर भी गलत छपे हुए पाए गए। इनमें पनीर, खोया और चना मसाला जैसे खाद्य उत्पाद शामिल थे।
नियामक के अनुसार, होटल परिसर में मुख्य FSSAI लाइसेंस भी ऐसी जगह प्रदर्शित नहीं किया गया था, जहां उसे आसानी से देखा जा सके। खाद्य कारोबारियों के लिए लाइसेंस और उससे जुड़ी जानकारी का सही तरीके से प्रदर्शित होना खाद्य सुरक्षा व्यवस्था का अहम हिस्सा है।
सड़े हुए फल और खराब खाद्य सामग्री भी मिली
FSSAI के निरीक्षण में केवल साफ-सफाई से जुड़ी कमियां ही नहीं, बल्कि खाद्य सामग्री के रखरखाव से संबंधित समस्याएं भी दर्ज की गईं। अधिकारियों के अनुसार, कुछ सामग्री खराब हालत में मिली।
जांच में फंगस से प्रभावित सेब और सड़े हुए टमाटर पाए जाने की बात सामने आई। कुछ खाद्य पदार्थ खुले में रखे हुए थे, जबकि कुछ को क्षतिग्रस्त कंटेनरों में स्टोर किया गया था।
खाद्य पदार्थों को उचित तापमान पर रखना भी खाद्य सुरक्षा का महत्वपूर्ण हिस्सा है। FSSAI के अनुसार, निरीक्षण के दौरान स्टोरेज तापमान के प्रबंधन में भी कमियां पाई गईं। इसके अलावा जरूरी फूड आइडेंटिफिकेशन लेबल का सही तरीके से इस्तेमाल नहीं किया जा रहा था।
इन परिस्थितियों के कारण एक खाद्य पदार्थ से दूसरे खाद्य पदार्थ में बैक्टीरिया या अन्य दूषित तत्व पहुंचने यानी क्रॉस-कंटैमिनेशन का जोखिम बढ़ सकता है।
वेज और नॉन-वेज खाने की सेग्रीगेशन पर भी सवाल
खाद्य सुरक्षा व्यवस्था में शाकाहारी और मांसाहारी उत्पादों को अलग रखना बेहद जरूरी माना जाता है। इसका उद्देश्य दोनों प्रकार के खाद्य पदार्थों के बीच अनचाहे संपर्क को रोकना है।
Andaz Delhi के निरीक्षण में भी FSSAI ने इसी तरह की कमी दर्ज की। वहीं JW Marriott के निरीक्षण में भी शाकाहारी और मांसाहारी खाद्य पदार्थों की सही सेग्रीगेशन नहीं होने की बात कही गई।
यह कमी खास तौर पर उन बड़े होटल किचन में महत्वपूर्ण हो जाती है, जहां एक साथ बड़ी मात्रा में अलग-अलग प्रकार के भोजन तैयार किए जाते हैं। ऐसे में स्टोरेज, कटिंग बोर्ड, बर्तन और तैयारी वाले क्षेत्रों को सही तरीके से अलग रखना जरूरी होता है।
BRICS Business Forum से क्या है दोनों होटलों का कनेक्शन?
इन दोनों होटलों पर FSSAI की कार्रवाई ऐसे समय हुई है, जब भारत आगामी BRICS Summit 2026 की मेजबानी की तैयारी कर रहा है। Andaz Delhi और JW Marriott Aerocity, BRICS Business Forum की आधिकारिक वेबसाइट पर आयोजन से जुड़े होस्ट या स्टे वेन्यू की सूची में शामिल बताए गए हैं।
BRICS Business Forum समूह के निजी क्षेत्र से जुड़े प्रमुख प्लेटफॉर्म में से एक है। इसका आयोजन आम तौर पर BRICS Summit से पहले मेजबान देश में किया जाता है। भारत इस साल 18वें BRICS Summit की मेजबानी नई दिल्ली में 12 और 13 सितंबर को करेगा।
ऐसे में राजधानी के प्रमुख होटल में खाद्य सुरक्षा से जुड़ी कमियां सामने आने के बाद इस मामले ने और अधिक ध्यान आकर्षित किया है। हालांकि, FSSAI की कार्रवाई को सीधे BRICS आयोजन से जोड़कर निष्कर्ष निकालना उचित नहीं होगा। नियामक की कार्रवाई खाद्य सुरक्षा निरीक्षण के दौरान सामने आई कमियों पर आधारित है।
FSSAI ने लिए सैंपल, आगे भी हो सकती है कार्रवाई
FSSAI ने बताया कि निरीक्षण के दौरान रेगुलेटरी और सर्विलांस सैंपल भी लिए गए हैं। इन नमूनों की जांच के परिणाम और होटल की ओर से नियमों के अनुपालन के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
इसका मतलब है कि फिलहाल जारी किए गए नोटिस और निरीक्षण रिपोर्ट के आधार पर प्रक्रिया आगे बढ़ रही है। खाद्य नमूनों की जांच और होटल की ओर से सुधारात्मक कदमों के बाद नियामक अगला फैसला ले सकता है।
FSSAI ने यह स्पष्ट नहीं किया है कि दोनों होटलों में निरीक्षण किस तारीख को किया गया था। हालांकि, बुधवार को जारी जानकारी में दोनों प्रतिष्ठानों में मिली कमियों का विवरण सामने रखा गया।
पांच सितारा होटलों में फूड सेफ्टी क्यों है इतना अहम?
बड़े होटल और रेस्तरां में रोजाना बड़ी संख्या में ग्राहक भोजन करते हैं। ऐसे में खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता, किचन की स्वच्छता, तापमान नियंत्रण, स्टोरेज और पेस्ट कंट्रोल जैसे पहलू सीधे उपभोक्ता सुरक्षा से जुड़े होते हैं।
एक्सपायर्ड खाद्य सामग्री, खराब स्टोरेज, गंदे उपकरण या कीटों की मौजूदगी जैसी स्थितियां भोजन की गुणवत्ता और सुरक्षा को प्रभावित कर सकती हैं। इसलिए FSSAI जैसे नियामक संस्थानों की ओर से किए जाने वाले निरीक्षण महत्वपूर्ण माने जाते हैं।
खास तौर पर पांच सितारा होटलों से ग्राहक उच्च स्तर की स्वच्छता और खाद्य गुणवत्ता की उम्मीद करते हैं। ऐसे प्रतिष्ठानों में किसी भी तरह की खाद्य सुरक्षा कमी सामने आने पर उसका प्रभाव केवल होटल की प्रतिष्ठा तक सीमित नहीं रहता, बल्कि उपभोक्ताओं के भरोसे पर भी पड़ सकता है।
अब आगे क्या होगा?
FSSAI द्वारा जारी नोटिस के बाद दोनों होटलों को निरीक्षण में सामने आई कमियों को लेकर नियामक प्रक्रिया का सामना करना होगा। खाद्य नमूनों की जांच और होटल की ओर से अनुपालन रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई तय की जाएगी।
फिलहाल इस मामले में सबसे अहम तथ्य यही है कि Andaz Delhi में करीब 87 किलो एक्सपायर्ड मिठाइयां मिलने और JW Marriott Aerocity में कथित तौर पर कॉकरोच, फ्रूट फ्लाइज, खराब खाद्य सामग्री तथा स्वच्छता से जुड़ी कई कमियां सामने आने के बाद FSSAI ने कार्रवाई की है।
BRICS Summit से पहले राजधानी के दो प्रमुख होटलों में सामने आई ये खाद्य सुरक्षा कमियां निश्चित तौर पर चर्चा का विषय बन गई हैं। अब निगाह इस बात पर रहेगी कि दोनों होटल नियामक की आपत्तियों पर क्या कदम उठाते हैं और FSSAI की सैंपल जांच के बाद आगे क्या कार्रवाई होती है।



