
CM Vijay Tamil Nadu Big Decisions: तमिलनाडु की राजनीति में साल 2024 एक बड़े बदलाव का संकेत लेकर आया था। 2 फरवरी 2024 को दक्षिण भारतीय फिल्मों के सुपरस्टार थलापति विजय ने अपनी राजनीतिक पार्टी तमिलगा वेत्री कझगम (TVK) की घोषणा की। उस समय राजनीतिक जानकारों का मानना था कि विजय लोगों के बीच लोकप्रिय तो हैं, लेकिन राजनीति में उनकी भूमिका एक “किंगमेकर” तक ही सीमित रह सकती है। अधिकांश विशेषज्ञों का मानना था कि द्रविड़ राजनीति के लंबे इतिहास वाले तमिलनाडु में किसी नए दल के लिए सत्ता तक पहुंचना आसान नहीं होगा।
हालांकि, दो साल बाद तस्वीर पूरी तरह बदल चुकी है। विधानसभा चुनाव 2026 के नतीजों ने तमिलनाडु की राजनीति का पूरा समीकरण बदल दिया। राज्य की जनता ने छह दशक से अधिक समय से राजनीति पर कब्जा बनाए हुए द्रविड़ दलों को सत्ता से बाहर कर अभिनेता से नेता बने विजय पर भरोसा जताया। 10 मई 2026 को विजय ने तमिलनाडु के मुख्यमंत्री पद की शपथ लेकर एक नए राजनीतिक अध्याय की शुरुआत की।
सवालों के बीच शुरू हुआ विजय का मुख्यमंत्री कार्यकाल
मुख्यमंत्री बनने के बाद भी विजय को लेकर सवाल खत्म नहीं हुए। विपक्षी दल लगातार यह कहते रहे कि फिल्मों में अभिनय करना और सरकार चलाना दोनों बिल्कुल अलग बातें हैं। कई नेताओं ने दावा किया कि विजय के पास प्रशासनिक अनुभव नहीं है और वह लंबे समय तक सरकार नहीं चला पाएंगे।
लेकिन मुख्यमंत्री बनने के बाद विजय ने जिस तरह तेजी से फैसले लेने शुरू किए, उसने धीरे-धीरे इन आलोचनाओं का जवाब देना शुरू कर दिया। उन्होंने यह संकेत देने की कोशिश की कि उनकी प्राथमिकता राजनीति नहीं बल्कि प्रशासन और जनता को बेहतर सुविधाएं देना है।
पहले ही दिन निभाया चुनावी वादा
विजय ने चुनाव प्रचार के दौरान जनता से वादा किया था कि उनकी सरकार सिर्फ घोषणाएं नहीं करेगी बल्कि उन्हें जमीन पर भी उतारेगी। मुख्यमंत्री बनने के कुछ ही घंटों के भीतर उन्होंने अपने सबसे बड़े चुनावी वादों में से एक को लागू कर दिया।
राज्य सरकार ने घरेलू उपभोक्ताओं के लिए 200 यूनिट मुफ्त बिजली देने की घोषणा की। अनुमान है कि इस फैसले का फायदा लगभग 2.4 करोड़ घरेलू बिजली उपभोक्ताओं को मिलेगा। इस घोषणा ने यह संदेश दिया कि नई सरकार चुनावी वादों को गंभीरता से लागू करना चाहती है।
यही वजह रही कि मुख्यमंत्री बनने के शुरुआती दिनों से ही विजय की सरकार जनता के बीच चर्चा का विषय बन गई।
नशे के खिलाफ सख्त अभियान
तमिलनाडु में बढ़ते नशे के कारोबार को देखते हुए विजय सरकार ने हर जिले में एंटी-ड्रग टास्क फोर्स बनाने का फैसला किया। इस विशेष टीम का उद्देश्य राज्य में मादक पदार्थों की तस्करी, बिक्री और सेवन पर प्रभावी रोक लगाना है।
इस पहल की खास बात यह रही कि मुख्यमंत्री विजय ने स्वयं इस अभियान की निगरानी करने का फैसला किया। इससे अधिकारियों को स्पष्ट संदेश मिला कि सरकार नशे के खिलाफ किसी भी तरह की ढिलाई बर्दाश्त नहीं करेगी।
सरकार का मानना है कि युवाओं को नशे की गिरफ्त से बचाना राज्य के भविष्य के लिए सबसे बड़ी प्राथमिकताओं में से एक है।
महिलाओं की सुरक्षा के लिए ‘सिंगप्पेन’ स्पेशल टास्क फोर्स
महिलाओं और बच्चों की सुरक्षा को लेकर भी विजय सरकार ने बड़ा कदम उठाया। मुख्यमंत्री ने ‘सिंगप्पेन’ (शेरनी) स्पेशल टास्क फोर्स का गठन किया, जिसका उद्देश्य महिलाओं और बच्चों के खिलाफ होने वाले अपराधों पर तेजी से कार्रवाई करना है।
नई टीम को शिकायत मिलने के तुरंत बाद कार्रवाई करने और पीड़ितों को शीघ्र न्याय दिलाने की जिम्मेदारी दी गई है। सरकार का मानना है कि कानून व्यवस्था मजबूत होने से आम नागरिकों का भरोसा भी बढ़ेगा।
अपराधियों को स्पष्ट संदेश
मुख्यमंत्री विजय ने हाल ही में जिला कलेक्टरों और पुलिस अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक में कानून व्यवस्था को लेकर बेहद सख्त निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि अपराधियों के खिलाफ कार्रवाई करते समय किसी भी प्रकार का राजनीतिक दबाव स्वीकार नहीं किया जाएगा।
उन्होंने अधिकारियों से साफ शब्दों में कहा कि चाहे आरोपी कितना भी प्रभावशाली क्यों न हो, उसके खिलाफ निष्पक्ष और त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित की जाए। विजय का यह संदेश राज्य के प्रशासनिक ढांचे के लिए भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है क्योंकि इससे निष्पक्ष शासन की छवि मजबूत होती है।
अब तमिलनाडु की सभी सरकारी बसें होंगी एयर कंडीशंड
जनता को बेहतर सार्वजनिक परिवहन उपलब्ध कराने के उद्देश्य से मुख्यमंत्री विजय ने एक और बड़ा फैसला लिया। उन्होंने निर्देश दिया कि भविष्य में तमिलनाडु सरकार केवल एयर कंडीशंड (AC) बसों की ही खरीद करेगी।
सरकार का मानना है कि भीषण गर्मी वाले राज्य में यात्रियों को आरामदायक सफर मिलना चाहिए। यह फैसला विशेष रूप से रोजाना सरकारी बसों से यात्रा करने वाले लाखों यात्रियों के लिए राहत भरा माना जा रहा है।
विशेषज्ञों का कहना है कि यदि इस योजना को पूरी तरह लागू किया जाता है तो तमिलनाडु सार्वजनिक परिवहन सुविधाओं के मामले में देश के अग्रणी राज्यों में शामिल हो सकता है।
विजय की राजनीति का नया मॉडल
मुख्यमंत्री बनने के बाद विजय लगातार यह संदेश देने की कोशिश कर रहे हैं कि उनकी सरकार प्रचार से ज्यादा काम पर विश्वास करती है। मुफ्त बिजली, महिलाओं की सुरक्षा, नशे के खिलाफ अभियान, कानून व्यवस्था को मजबूत करना और सार्वजनिक परिवहन में सुधार जैसे फैसले इसी रणनीति का हिस्सा माने जा रहे हैं।
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि विजय अपनी लोकप्रिय फिल्मी छवि को प्रशासनिक क्षमता में बदलने की कोशिश कर रहे हैं। यही वजह है कि उन्होंने शुरुआत से ही ऐसे फैसले लिए जिनका सीधा असर आम जनता के जीवन पर पड़ता है।
क्या विजय बदल पाएंगे तमिलनाडु की राजनीति?
तमिलनाडु की राजनीति लंबे समय तक दो बड़े द्रविड़ दलों के इर्द-गिर्द घूमती रही है। ऐसे में विजय की जीत अपने आप में एक ऐतिहासिक बदलाव मानी जा रही है। हालांकि किसी भी सरकार की असली परीक्षा उसके पूरे कार्यकाल में होती है।
मुख्यमंत्री बनने के शुरुआती एक महीने में विजय ने कई बड़े फैसले लेकर यह संकेत जरूर दिया है कि वह जनता से किए गए वादों को पूरा करने की दिशा में तेजी से आगे बढ़ना चाहते हैं। अब सबसे बड़ा सवाल यही है कि क्या यह गति आने वाले वर्षों में भी बनी रहेगी और क्या विजय अपने शासन मॉडल को सफलतापूर्वक लागू कर पाएंगे।
फिलहाल इतना जरूर कहा जा सकता है कि अभिनेता से मुख्यमंत्री बने विजय ने तमिलनाडु की राजनीति में नई ऊर्जा और नई उम्मीद पैदा की है। आने वाले समय में उनके फैसले ही तय करेंगे कि यह बदलाव स्थायी साबित होता है या नहीं।



