
23 जून, 2026 | नई दिल्ली/गुरुग्राम | Delhi-NCR Crime: देश की राजधानी दिल्ली और उससे सटे साइबर सिटी गुरुग्राम (NCR) को झकझोर कर रख देने वाली एक बेहद खौफनाक और दिल दहला देने वाली वारदात सामने आई है। दिल्ली के महरौली इलाके में फुटपाथ पर अपने माता-पिता के साथ सो रही एक 10 वर्षीय मासूम बच्ची का एक ऐप-बेस्ड टैक्सी ड्राइवर ने अपहरण कर लिया। आरोपी बच्ची को गुरुग्राम की तरफ ले गया, जहां उसके साथ दरिंदगी (दुष्कर्म) करने के बाद बेरहमी से उसकी हत्या कर दी।
इस अमानवीय कृत्य को अंजाम देने वाले 25 वर्षीय कैब ड्राइवर बबलू को दिल्ली पुलिस ने घटना के महज 4 घंटे के भीतर गिरफ्तार कर लिया है। आरोपी की निशानदेही पर पुलिस ने मृतका का शव बरामद कर लिया है।
सुबह 5 बजे आई पीसीआर कॉल, हरकत में आई महरौली पुलिस
दिल्ली पुलिस के मुताबिक, यह दर्दनाक घटना सोमवार (22 जून, 2026) तड़के की है। मासूम बच्ची का परिवार मूल रूप से बिहार का रहने वाला है और दिल्ली में बेहद तंगहाली में गुजर-बसर कर रहा है। सोमवार सुबह करीब 5:00 बजे बच्ची के माता-पिता की आंख खुली तो उन्होंने अपनी 10 साल की बेटी को गायब पाया। घबराए परिजनों ने तुरंत पुलिस कंट्रोल रूम (PCR) को फोन कर अपनी बेटी के लापता होने की सूचना दी।
मामले की संवेदनशीलता और बच्ची की उम्र को देखते हुए महरौली थाना पुलिस तुरंत हरकत में आई। डीसीपी के निर्देश पर इलाके की नाकेबंदी की गई और तफ्तीश के लिए फौरन कई टीमें गठित कर दी गईं।
सैकड़ों सीसीटीवी कैमरों की कंगाली, 4 घंटे में पकड़ा गया कातिल
जांच के दौरान पुलिस टीमों ने महरौली और उसके आसपास के रास्तों पर लगे सैकड़ों सीसीटीवी (CCTV) कैमरों के फुटेज खंगाले। इसी दौरान पुलिस को सीडीआर चौक (CDR Chowk) के पास एक ऐप-बेस्ड टैक्सी की संदिग्ध आवाजाही दिखाई दी। स्थानीय इनपुट और तकनीकी सर्विलांस की मदद से पुलिस ने जाल बिछाया और वारदात के महज चार घंटे के भीतर संदिग्ध ड्राइवर बबलू को दबोच लिया।
पुलिस की कड़ी पूछताछ के आगे आरोपी ज्यादा देर टिक नहीं सका और उसने अपना गुनाह कबूल कर लिया। आरोपी बबलू ने बताया:
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उसने सोमवार तड़के महरौली के सीडीआर चौक के पास फुटपाथ पर सो रही बच्ची को चुपके से उठाया और अपनी कार में डाल लिया।
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इसके बाद वह बच्ची को लेकर दिल्ली-गुरुग्राम बॉर्डर पार कर गुरुग्राम की सीमा में दाखिल हुआ।
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वहां एक सुनसान जगह पर उसने मासूम के साथ इस घिनौने कृत्य को अंजाम दिया और पकड़े जाने के डर से उसकी गला दबाकर हत्या कर दी।
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हत्या के बाद उसने शव को महरौली के ही एक जंगली इलाके में लाकर ठिकाने लगा दिया था, जिसे पुलिस ने रिकवर कर लिया है।
किराए का मकान छूटा तो फुटपाथ बना आशियाना; गुब्बारे बेचती थी मासूम
इस खौफनाक वारदात ने दिल्ली में बेघर और फुटपाथ पर रहने वाले लोगों की सुरक्षा पर एक बार फिर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। पीड़ित परिवार की कहानी बेहद भावुक और लाचारी से भरी है। मूल रूप से बिहार का रहने वाला यह परिवार कुछ समय पहले तक दिल्ली में किराए के एक मकान में रहता था। लेकिन आर्थिक तंगी और रोजगार छिन जाने के कारण वे मकान का किराया नहीं दे पाए और उन्हें वह आशियाना छोड़ना पड़ा।
मजबूरी में परिवार ने महरौली के फुटपाथ को ही अपना ठिकाना बना लिया। माता-पिता दिहाड़ी मजदूरी करके किसी तरह पेट पालते हैं। उनके चार बच्चे हैं, जिनमें से यह 10 साल की मासूम बेटी भी एक थी, जो दिनभर दिल्ली की सड़कों और चौराहों पर गुब्बारे बेचकर अपने परिवार की मदद करती थी। रविवार रात को भी वह हमेशा की तरह मां-बाप के पास ही सोई थी, लेकिन सुबह उसका शव मिला।
महरौली-गुरुग्राम मर्डर केस 2026: घटनाक्रम का पूरा ब्यौरा
यह घटना राजधानी की कानून व्यवस्था और रात के समय फुटपाथ पर सोने वाले गरीब, बेसहारा प्रवासियों की सुरक्षा व्यवस्था पर एक बड़ा तमाचा है। हालांकि, दिल्ली पुलिस की त्वरित कार्रवाई की सराहना की जानी चाहिए कि उन्होंने महज 4 घंटे में कातिल को सलाखों के पीछे पहुंचा दिया। लेकिन सवाल यह है कि एक ऐप-बेस्ड कैब ड्राइवर रात के अंधेरे में सरेआम सड़क से एक बच्ची को उठा ले जाता है और किसी को भनक तक नहीं लगती? पुलिस प्रशासन ने कहा है कि आरोपी के खिलाफ कोर्ट में फास्ट ट्रैक ट्रायल चलाकर कड़ी से कड़ी कानूनी सजा दिलाई जाएगी, ताकि पीड़ित परिवार को जल्द से जल्द न्याय मिल सके।
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