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NSUI Protests Over NEET Paper Leak: ‘डॉक्टर की डिग्री बिकाऊ है’ के नारों से गूंजी दिल्ली, NSUI ने शास्त्री भवन घेरा; NTA को बैन करने की मांग

नई दिल्ली | 16 मई, 2026 | NSUI Protests Over NEET Paper Leak: NEET-UG 2026 परीक्षा में हुई धांधली और पेपर लीक के बाद उपजा विवाद अब थमने का नाम नहीं ले रहा है। परीक्षा रद्द होने से नाराज छात्रों और छात्र संगठनों का गुस्सा शनिवार को दिल्ली की सड़कों पर फूट पड़ा। कांग्रेस के राष्ट्रीय छात्र संगठन NSUI (नेशनल स्टूडेंट्स यूनियन ऑफ इंडिया) के कार्यकर्ताओं ने केंद्रीय शिक्षा मंत्रालय (शास्त्री भवन) के बाहर एक विशाल और उग्र विरोध प्रदर्शन किया।

प्रदर्शनकारियों ने परीक्षा आयोजित करने वाली संस्था नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) को पूरी तरह विफल बताते हुए उसे तुरंत प्रतिबंधित (Ban) करने की मांग की है।

तीखे नारों के साथ शास्त्री भवन के बाहर प्रदर्शन

शनिवार को शास्त्री भवन के बाहर सुरक्षा के कड़े इंतजामों के बावजूद सैकड़ों की संख्या में NSUI कार्यकर्ता और मेडिकल उम्मीदवार एकत्र हुए। प्रदर्शनकारियों के हाथों में जो तख्तियां और प्लैकार्ड्स थे, वे मौजूदा परीक्षा प्रणाली पर बेहद गंभीर और तीखे सवाल उठा रहे थे।

तख्तियों पर “डॉक्टर की डिग्री बिकाऊ है” और “छात्रों की मौत का जिम्मेदार कौन?” जैसे नारे लिखे हुए थे। छात्रों का आरोप है कि NTA की बार-बार की लापरवाहियों के कारण देश के 22 लाख से अधिक होनहार छात्रों का भविष्य अधर में लटक गया है।

“हर बार री-एग्जाम समाधान नहीं” – छात्रों का दर्द

प्रदर्शन का नेतृत्व कर रहे युवा नेताओं ने कहा कि साल भर दिन-रात एक करके तैयारी करने वाले छात्रों के लिए परीक्षा का रद्द होना किसी मानसिक आघात से कम नहीं है।

एक प्रदर्शनकारी छात्र ने अपना दर्द बयां करते हुए कहा:

“हम गरीब और मध्यम वर्ग के परिवारों से आते हैं। हमारे माता-पिता कर्ज लेकर कोचिंग और परीक्षा की फीस भरते हैं। NTA की नाकामी के कारण परीक्षा रद्द कर दी जाती है और हमें दोबारा परीक्षा देने को कहा जाता है। इस मानसिक तनाव और बार-बार के आर्थिक बोझ को हम कब तक झेलेंगे? इस धांधली के कारण अमीर लोग पैसे के दम पर सीटें खरीद रहे हैं और हकदार छात्र पीछे छूट रहे हैं।”

क्या है पूरा मामला?

गौरतलब है कि 3 मई, 2026 को देश और विदेश के 5,400 से अधिक परीक्षा केंद्रों पर NEET-UG परीक्षा का आयोजन किया गया था। लेकिन परीक्षा के तुरंत बाद राजस्थान के सीकर और अन्य राज्यों से पेपर लीक होने के पुख्ता सबूत सामने आए।

जांच एजेंसियों को ऐसे “गेस पेपर्स” मिले जिनके सवाल मुख्य परीक्षा के प्रश्न पत्र से हूबहू मेल खा रहे थे। इसके बाद चौतरफा दबाव में आकर केंद्र सरकार ने परीक्षा को रद्द करने का फैसला किया और पूरे मामले की जांच केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (CBI) को सौंप दी।

NSUI की प्रमुख मांगें:

  1. NTA पर पूर्ण प्रतिबंध: लगातार पेपर लीक और धांधली रोकने में नाकाम रहने वाली एजेंसी NTA को तुरंत बर्खास्त और बैन किया जाए।

  2. सख्त कानून: पेपर लीक माफियाओं के खिलाफ फास्ट-ट्रैक कोर्ट में मुकदमा चलाकर कड़ी सजा दी जाए।

  3. छात्रों को मुआवजा: परीक्षा रद्द होने के कारण छात्रों को हुए आर्थिक नुकसान की भरपाई सरकार करे।

  4. पारदर्शी री-एग्जाम: आगामी 21 जून को होने वाली दोबारा परीक्षा की सुरक्षा और पारदर्शिता की शत-प्रतिशत गारंटी दी जाए।

NEET-UG विवाद और NSUI प्रदर्शन: मुख्य विवरण

विवरण ताजा अपडेट
प्रदर्शनकारी संगठन नेशनल स्टूडेंट्स यूनियन ऑफ इंडिया (NSUI)
प्रदर्शन का मुख्य स्थल शास्त्री भवन (शिक्षा मंत्रालय), नई दिल्ली
मुख्य निशाना नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) और केंद्र सरकार
विवाद का कारण 3 मई की परीक्षा में पेपर लीक और धांधली
अगली परीक्षा तिथि 21 जून, 2026

NEET परीक्षा को लेकर देश के युवाओं में फैला यह असंतोष सरकार के लिए एक बड़ी चुनौती बन चुका है। शिक्षा मंत्रालय ने भले ही 21 जून को दोबारा परीक्षा कराने का फैसला किया हो, लेकिन जब तक परीक्षा प्रणाली से छात्रों का भरोसा बहाल नहीं होता, तब तक यह विवाद शांत होता नहीं दिख रहा है।

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