शिक्षा

NEET UG Paper Leak 2026: नासिक से कैसे फैला पूरा नेटवर्क

NEET UG Paper Leak 2026: देशभर के लाखों मेडिकल छात्रों के लिए NEET UG 2026 एक बड़ा सपना था, लेकिन परीक्षा शुरू होने से पहले सामने आए पेपर लीक ने इस सपने को झटका दे दिया। नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) ने मंगलवार को 22 लाख से ज्यादा छात्रों के लिए आयोजित NEET UG 2026 परीक्षा को रद्द कर दिया।

जैसे ही पेपर लीक की खबर सामने आई, पूरे देश में हड़कंप मच गया। शुरुआती जांच में पता चला कि लीक का पहला डिजिटल सुराग महाराष्ट्र के नासिक से मिला था। इसके बाद जांच एजेंसियों ने एक ऐसे नेटवर्क का पर्दाफाश किया जिसने कई राज्यों तक अपनी पहुंच बना रखी थी।

इस पूरे मामले में अब एक नाम सबसे ज्यादा चर्चा में है — शुभम खैरनार


कौन है शुभम खैरनार, जिस पर टिकी है जांच की सुई?

BAMS छात्र से बना जांच एजेंसियों का मुख्य संदिग्ध

मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, 30 वर्षीय शुभम खैरनार महाराष्ट्र के नासिक के इंदिरानगर इलाके का रहने वाला है और वह बैचलर ऑफ आयुर्वेदिक मेडिसिन एंड सर्जरी (BAMS) का छात्र है।

जांच एजेंसियों का आरोप है कि शुभम ने पुणे के एक संदिग्ध व्यक्ति से 10 लाख रुपये में लीक पेपर खरीदा और बाद में उसे हरियाणा के एक खरीदार को 15 लाख रुपये में बेच दिया।

इस सौदे से उसे करीब 5 लाख रुपये का मुनाफा हुआ।

बताया जा रहा है कि पेपर को एक एन्क्रिप्टेड मैसेजिंग ऐप के जरिए आगे भेजा गया था ताकि ट्रैक करना मुश्किल हो।


कैसे हुई शुभम की गिरफ्तारी?

मंदिर जाते वक्त CBI ने दबोचा

रिपोर्ट्स के मुताबिक, शुभम खैरनार को मंगलवार दोपहर CBI ने हिरासत में लिया, जब वह मंदिर दर्शन के लिए जा रहा था।

जांच एजेंसियों का दावा है कि गिरफ्तारी से बचने के लिए उसने अपना लुक बदल लिया था और बाल कटवा लिए थे। लेकिन अधिकारियों ने पुरानी तस्वीरों और तकनीकी निगरानी की मदद से उसकी पहचान कर ली।

इसके बाद स्थानीय अपराध शाखा ने उसे अपनी हिरासत में ले लिया।

हालांकि शुभम के पिता मधुकर खैरनार ने इन आरोपों को बेबुनियाद बताया है। उनका कहना है कि उनके बेटे का इस मामले से कोई संबंध नहीं है। लेकिन उन्होंने यह भी कहा कि अगर उसका नाम जांच में आया है तो निष्पक्ष जांच होनी चाहिए।


नासिक से कई राज्यों तक कैसे फैला पेपर?

45 घंटे पहले पहुंच गया था छात्रों तक

जांच में सामने आया है कि पेपर परीक्षा से करीब 45 घंटे पहले कई छात्रों तक पहुंच चुका था।

इस पूरे खेल का खुलासा तब हुआ जब केरल में पढ़ रहे सीकर के एक छात्र ने कथित तौर पर एक PDF अपने पिता को भेजी। छात्र के पिता राजस्थान के सीकर में एक पीजी हॉस्टल चलाते हैं।

उन्होंने इस PDF को हॉस्टल की छात्राओं तक पहुंचाने की कोशिश की, लेकिन वे परीक्षा केंद्र जा चुकी थीं।

परीक्षा खत्म होने के बाद जब यह PDF केमिस्ट्री और बायोलॉजी शिक्षकों को दिखाई गई तो उन्होंने पाया कि इसमें दिए गए सवाल असली प्रश्नपत्र से काफी हद तक मेल खाते थे।

रिपोर्ट्स के मुताबिक, 108 में से 45 केमिस्ट्री प्रश्न और 204 में से 90 बायोलॉजी प्रश्न बिल्कुल मैच कर रहे थे।


सीकर के कोचिंग नेटवर्क की भूमिका पर शक

राजस्थान का सीकर मेडिकल और इंजीनियरिंग कोचिंग का बड़ा केंद्र माना जाता है।

जांच एजेंसियों को शक है कि यहां कुछ कोचिंग संस्थानों ने चुनिंदा छात्रों को इसी “गेस पेपर” के आधार पर तैयारी कराई थी।

कुछ छात्रों को PDF भेजी गई थी, जबकि कुछ को हार्ड कॉपी उपलब्ध कराई गई।

जब शिक्षकों ने इसकी शिकायत दर्ज कराने की कोशिश की तो स्थानीय पुलिस ने कथित तौर पर मामला दर्ज करने से इनकार कर दिया।

इसके बाद शिकायत सीधे NTA को ईमेल की गई, जिसने इंटेलिजेंस ब्यूरो (IB) को सूचना दी।

IB के निर्देश पर राजस्थान की स्पेशल ऑपरेशन ग्रुप (SOG) जांच में जुट गई।


राजस्थान में अब तक 15 गिरफ्तारियां

मास्टरमाइंड समेत कई लोग शिकंजे में

राजस्थान SOG ने अब तक 15 लोगों को गिरफ्तार किया है।

इनमें कथित मास्टरमाइंड मनीष यादव और राकेश मंडावरिया भी शामिल हैं।

राकेश मंडावरिया के सीकर के एक कंसल्टेंसी सेंटर से जुड़े होने की बात सामने आई है।

जांच एजेंसियों का मानना है कि यही नेटवर्क पेपर को अलग-अलग राज्यों तक पहुंचा रहा था।


टेक्नोलॉजी का खतरनाक इस्तेमाल

स्कैनर, टेलीग्राम नेटवर्क और शैडो सर्वर

इस पेपर लीक में अत्याधुनिक तकनीक इस्तेमाल होने की बात सामने आई है।

जांच में पोर्टेबल स्कैनर, जटिल टेलीग्राम चैनल्स और शैडो सर्वर के इस्तेमाल के संकेत मिले हैं।

इससे साफ है कि यह कोई छोटा गैंग नहीं बल्कि बेहद संगठित नेटवर्क था।


छात्रों का गुस्सा और भविष्य की चिंता

NEET रद्द होने के बाद देशभर के छात्र परेशान हैं।

कई छात्रों ने महीनों की तैयारी की थी और अब परीक्षा रद्द होने से मानसिक दबाव बढ़ गया है।

सोशल मीडिया पर छात्र NTA के खिलाफ सख्त कार्रवाई और एजेंसी के पुनर्गठन की मांग कर रहे हैं।


निष्कर्ष

NEET UG 2026 पेपर लीक ने देश की परीक्षा प्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।

22 लाख छात्रों का भविष्य दांव पर लग गया है और अब सबकी नजर जांच एजेंसियों पर है कि वे इस पूरे नेटवर्क को कितनी जल्दी बेनकाब करती हैं।

यह सिर्फ एक परीक्षा घोटाला नहीं, बल्कि देश की शिक्षा व्यवस्था की साख पर बड़ा सवाल है। अब छात्रों को उम्मीद है कि दोषियों को सख्त सजा मिलेगी और भविष्य में ऐसी घटनाएं दोबारा नहीं होंगी।

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