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Israel Iran War News: ट्रंप का ‘प्रोजेक्ट फ्रीडम’ 50 घंटे में ठप, क्या हुआ?

Israel Iran War News: दुनिया की सबसे महत्वपूर्ण समुद्री मार्गों में से एक—होर्मुज जलडमरूमध्य—इन दिनों वैश्विक चिंता का केंद्र बना हुआ है। इसी बीच अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप का बड़ा कदम और फिर अचानक लिया गया यू-टर्न अंतरराष्ट्रीय राजनीति में हलचल पैदा कर रहा है। महज 50 घंटे पहले शुरू किया गया “प्रोजेक्ट फ्रीडम” अब फिलहाल रोक दिया गया है, जिससे कई सवाल खड़े हो गए हैं।


क्या है ‘प्रोजेक्ट फ्रीडम’?

“प्रोजेक्ट फ्रीडम” एक सैन्य मिशन था, जिसका उद्देश्य होर्मुज जलडमरूमध्य में फंसे व्यापारिक जहाजों को सुरक्षित रास्ता देना था। यह वही समुद्री मार्ग है, जहां से दुनिया के करीब 20% तेल और गैस की सप्लाई होती है।

ईरान और अमेरिका-इज़राइल तनाव के बीच इस रास्ते पर खतरा बढ़ गया था। कई जहाज इस क्षेत्र में फंस गए थे, जिससे वैश्विक व्यापार और ऊर्जा सप्लाई प्रभावित होने लगी थी।


रविवार: ट्रंप का बड़ा ऐलान

रविवार को ट्रंप ने सोशल मीडिया के जरिए घोषणा की कि अमेरिका इस संकट में हस्तक्षेप करेगा और जहाजों को सुरक्षित निकालने में मदद करेगा। उन्होंने इसे “मानवीय कदम” बताया और कहा कि इससे दुनिया को राहत मिलेगी।

उनका दावा था कि ईरान के साथ बातचीत सकारात्मक दिशा में बढ़ रही है और जल्द ही कोई समाधान निकल सकता है।


सोमवार: मिशन की शुरुआत और पहली सफलता

सोमवार को अमेरिकी सेना ने इस मिशन की शुरुआत की। रिपोर्ट्स के मुताबिक, दो अमेरिकी झंडे वाले जहाज सुरक्षित रूप से जलडमरूमध्य पार करने में सफल रहे।

इस दौरान अमेरिकी सैन्य ताकत का बड़ा प्रदर्शन भी देखने को मिला। युद्धपोत, विमान और हजारों सैनिक इस ऑपरेशन में शामिल थे।

हालांकि, इसी दौरान कई घटनाएं भी सामने आईं—कुछ जहाजों पर हमले, विस्फोट और आग लगने की खबरें आईं, जिससे तनाव और बढ़ गया।


बढ़ता तनाव और विवाद

जहाजों पर हमलों को लेकर अमेरिका और ईरान के बीच आरोप-प्रत्यारोप शुरू हो गए। जहां अमेरिका ने ईरान पर हमले का आरोप लगाया, वहीं ईरान ने इन आरोपों को खारिज कर दिया।

इसी बीच, कुछ अंतरराष्ट्रीय जहाजों को भी नुकसान पहुंचने की खबरें आईं, जिससे स्थिति और जटिल हो गई। तेल की कीमतों में तेजी आई और वैश्विक बाजारों में अस्थिरता बढ़ गई।


मंगलवार: अमेरिकी अधिकारियों का बयान

मंगलवार को अमेरिकी रक्षा मंत्री और सैन्य अधिकारियों ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में इस मिशन को सफल बताया। उनका कहना था कि “प्रोजेक्ट फ्रीडम” के जरिए व्यापारिक जहाजों को सुरक्षित मार्ग दिया जा रहा है।

उन्होंने यह भी कहा कि यह ऑपरेशन सीमित समय के लिए है और इसका उद्देश्य सिर्फ व्यापार को सामान्य बनाना है।


अचानक फैसला: ट्रंप ने मिशन रोका

लेकिन उसी दिन देर शाम ट्रंप ने बड़ा फैसला लेते हुए “प्रोजेक्ट फ्रीडम” को अस्थायी रूप से रोकने की घोषणा कर दी। उन्होंने कहा कि ईरान के साथ बातचीत में प्रगति हो रही है, इसलिए फिलहाल मिशन को रोकना उचित है।

ट्रंप के इस फैसले ने सभी को चौंका दिया, क्योंकि कुछ घंटे पहले ही अमेरिकी अधिकारी इस मिशन की सफलता की बात कर रहे थे।


क्या असर पड़ा वैश्विक व्यापार पर?

इस पूरे घटनाक्रम का असर सीधे वैश्विक व्यापार और तेल बाजार पर पड़ा है। होर्मुज जलडमरूमध्य के जरिए बड़ी मात्रा में तेल और गैस का परिवहन होता है, इसलिए यहां अस्थिरता का मतलब है पूरी दुनिया पर असर।

विशेषज्ञों का मानना है कि अगर यह संकट लंबा चलता है, तो तेल की कीमतें और बढ़ सकती हैं और वैश्विक अर्थव्यवस्था पर दबाव बढ़ेगा।


विशेषज्ञ क्या कहते हैं?

विशेषज्ञों के अनुसार, ट्रंप का यह फैसला रणनीतिक हो सकता है। यह ईरान के साथ बातचीत को आगे बढ़ाने का एक तरीका भी हो सकता है।

हालांकि, कुछ विश्लेषकों का कहना है कि मिशन को इतनी जल्दी रोकना अमेरिका की नीति में अस्थिरता को दर्शाता है।


Conclusion

“प्रोजेक्ट फ्रीडम” का अचानक शुरू होना और फिर महज 50 घंटों में रुक जाना यह दिखाता है कि अंतरराष्ट्रीय राजनीति कितनी तेजी से बदलती है। होर्मुज जलडमरूमध्य का संकट अभी पूरी तरह खत्म नहीं हुआ है, और दुनिया की नजरें अब अमेरिका और ईरान के बीच होने वाली संभावित बातचीत पर टिकी हैं। आने वाले दिनों में यह तय होगा कि यह तनाव कम होगा या और बढ़ेगा।

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