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Google छोड़ Palantir पहुंचीं भारतीय इंजीनियर

Anu Sharma Google to Palantir Career Move: टेक दुनिया में करियर को लेकर अक्सर यह माना जाता है कि Google जैसी बड़ी कंपनी में नौकरी मिल जाना ही अंतिम लक्ष्य होता है। लेकिन एक भारतीय सॉफ्टवेयर इंजीनियर ने इस सोच को चुनौती देते हुए ऐसा कदम उठाया है, जिसने इंटरनेट पर बहस छेड़ दी है।

Anu Sharma नाम की इस इंजीनियर ने Google छोड़कर Palantir Technologies जॉइन किया है। जैसे ही यह खबर सामने आई, सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X (पूर्व में ट्विटर) पर उनका नाम ट्रेंड करने लगा और लोग उनके करियर सफर के बारे में जानने लगे।


कौन हैं अनु शर्मा?

अनु शर्मा एक प्रतिभाशाली भारतीय सॉफ्टवेयर इंजीनियर हैं, जिन्होंने कम समय में टेक इंडस्ट्री में अपनी अलग पहचान बनाई है। उन्होंने Indira Gandhi Delhi Technical University for Women से बी.टेक की पढ़ाई पूरी की।

कॉलेज के दौरान ही उन्होंने अपने करियर की मजबूत नींव रखनी शुरू कर दी थी। साल 2022 में उन्होंने X के बेंगलुरु ऑफिस में इंटर्नशिप की। इसके बाद 2023 में उन्होंने हैदराबाद में Google के साथ काम करने का अनुभव हासिल किया।

इसी दौरान उन्हें Intuit जैसी कंपनी में भी काम करने का मौका मिला, जिससे उनकी प्रोफाइल और मजबूत हुई।


Google से Palantir तक का सफर

क्यों खास है यह फैसला?

साल 2024 में अनु शर्मा ने Google में फुल-टाइम सॉफ्टवेयर इंजीनियर के रूप में जॉइन किया। आमतौर पर इंजीनियर्स के लिए Google जैसी कंपनी में स्थिर करियर बनाना एक बड़ी उपलब्धि मानी जाती है।

लेकिन करीब एक साल काम करने के बाद उन्होंने एक बड़ा और जोखिम भरा फैसला लिया। उन्होंने Google छोड़कर Palantir में Forward Deployed Software Engineer की भूमिका स्वीकार की।

यह कदम इसलिए खास है क्योंकि Palantir एक niche कंपनी मानी जाती है, जो मुख्य रूप से डेटा एनालिटिक्स और सरकारी प्रोजेक्ट्स पर काम करती है। इसकी स्थापना 2003 में Peter Thiel और उनके साथियों ने की थी।


Palantir क्या करती है?

Palantir Technologies टेक इंडस्ट्री में एक अलग तरह की कंपनी है। यह मुख्य रूप से बड़े डेटा (Big Data) के विश्लेषण और जटिल समस्याओं को सुलझाने के लिए सॉफ्टवेयर तैयार करती है।

इसका काम सरकारी एजेंसियों और बड़े संस्थानों के साथ जुड़ा होता है, जहां डेटा का सही उपयोग बेहद अहम होता है। यही वजह है कि इस कंपनी में काम करना एक अलग तरह का अनुभव देता है, जहां सीधे बड़े स्तर के प्रोजेक्ट्स पर काम करने का मौका मिलता है।


सिर्फ नौकरी नहीं, बहुआयामी प्रोफाइल

अनु शर्मा का करियर सिर्फ कॉर्पोरेट नौकरी तक सीमित नहीं रहा है। उन्होंने कई अन्य क्षेत्रों में भी खुद को आजमाया है।

वह एक फ्रीलांस टेक्निकल ब्लॉगर भी रही हैं, जहां उन्होंने AI, सॉफ्टवेयर डेवलपमेंट और करियर ग्रोथ से जुड़े विषयों पर लिखा है। इसके अलावा, उन्होंने DevelopHER 2021 जैसे कार्यक्रमों में हिस्सा लिया और McKinsey & Company के Next Gen Women Leaders प्रोग्राम का भी हिस्सा रही हैं।

उन्होंने Uber She++ जैसी पहल में भी योगदान दिया, जो टेक में महिलाओं की भागीदारी को बढ़ावा देने के लिए काम करती है।


सोशल मीडिया पर बढ़ती लोकप्रियता

अनु शर्मा की लोकप्रियता सिर्फ उनके काम तक सीमित नहीं है। वह सोशल मीडिया पर भी काफी सक्रिय हैं।

Instagram पर उनके 2.3 लाख से ज्यादा फॉलोअर्स हैं, जबकि LinkedIn पर भी करीब 2.38 लाख लोग उन्हें फॉलो करते हैं। वह अक्सर AI, करियर टिप्स और टेक इंडस्ट्री से जुड़ी जानकारी साझा करती रहती हैं, जिससे युवा इंजीनियर्स को काफी मदद मिलती है।


सोशल मीडिया पर क्या रही प्रतिक्रिया?

अनु शर्मा के इस फैसले ने सोशल मीडिया पर एक नई बहस छेड़ दी है। कई लोगों ने उनके इस कदम की सराहना की है और इसे एक साहसिक निर्णय बताया है।

कुछ यूजर्स का मानना है कि उन्होंने “कम्फर्ट जोन” से बाहर निकलकर एक ऐसा रास्ता चुना है, जहां सीखने और प्रभाव डालने के ज्यादा अवसर हैं।

एक यूजर ने लिखा कि यह एक सच्चे लीडर की पहचान है, जो भीड़ से अलग सोचता है। वहीं दूसरे यूजर ने कहा कि यह स्मार्ट करियर मूव का उदाहरण है, जहां सही समय पर जोखिम लिया गया।


क्या बदल रही है करियर की सोच?

Big Tech ही सब कुछ नहीं

अनु शर्मा की कहानी यह दिखाती है कि आज के समय में करियर को लेकर सोच बदल रही है। पहले जहां Google, Microsoft जैसी कंपनियों को अंतिम लक्ष्य माना जाता था, वहीं अब लोग सीखने और प्रभाव डालने के अवसरों को ज्यादा महत्व देने लगे हैं।

अनुभव और प्रभाव की अहमियत

Palantir जैसी कंपनियों में काम करने का मतलब है कि इंजीनियर सीधे जटिल और बड़े प्रोजेक्ट्स पर काम करते हैं। इससे उन्हें कम समय में ज्यादा अनुभव मिलता है, जो लंबे समय में करियर को नई दिशा दे सकता है।


निष्कर्ष

अनु शर्मा की कहानी सिर्फ एक नौकरी बदलने की खबर नहीं है, बल्कि यह बदलती सोच और नए दौर के करियर अप्रोच का संकेत है। उन्होंने यह दिखाया है कि सफलता का मतलब सिर्फ बड़ी कंपनी में काम करना नहीं, बल्कि सही मौके को पहचानना और जोखिम उठाना भी है।

उनका यह कदम उन युवाओं के लिए प्रेरणा बन सकता है, जो अपने करियर में कुछ अलग और बड़ा करना चाहते हैं। आने वाले समय में यह देखना दिलचस्प होगा कि उनका यह फैसला उन्हें किस नई ऊंचाई तक लेकर जाता है।

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