दुनिया

New Year 2026 की पहली झलक: ऑकलैंड में आतिशबाजी से हुआ स्वागत, ऑस्ट्रेलिया में सुरक्षा के साये में जश्न

New Year 2026: दुनिया ने साल 2026 में कदम रख लिया है और इसकी पहली झलक दक्षिण प्रशांत क्षेत्र से सामने आई है। न्यूजीलैंड का ऑकलैंड दुनिया के उन पहले बड़े शहरों में शामिल रहा, जहां नए साल का स्वागत भव्य आतिशबाजी के साथ किया गया। बारिश और खराब मौसम के बावजूद, ऑकलैंड के प्रसिद्ध स्काई टॉवर से छोड़ी गई आतिशबाजी ने आसमान को रोशनी से भर दिया और नए साल की शुरुआत का ऐलान कर दिया।

ऑकलैंड, जहां करीब 17 लाख लोग रहते हैं, ने भारतीय समय के अनुसार न्यूयॉर्क के टाइम्स स्क्वायर से लगभग 18 घंटे पहले 2026 का स्वागत किया। यही वजह है कि हर साल न्यूजीलैंड दुनिया के सबसे पहले देशों में शामिल रहता है, जहां नया साल दस्तक देता है।

स्काई टॉवर से रोशनी का पांच मिनट का नजारा

ऑकलैंड में नए साल के मौके पर शहर की पहचान माने जाने वाले 240 मीटर ऊंचे स्काई टॉवर को आतिशबाजी का केंद्र बनाया गया। करीब पांच मिनट तक चले इस शानदार कार्यक्रम में लगभग 3,500 पटाखे स्काई टॉवर के अलग-अलग स्तरों से दागे गए। ऊंचाई से गिरती रोशनी और रंगों ने बारिश के बावजूद लोगों का उत्साह कम नहीं होने दिया।

हालांकि, शहर के कई इलाकों में मौसम ने थोड़ी निराशा भी दी। बारिश और संभावित आंधी-तूफान की चेतावनी के चलते न्यूजीलैंड के नॉर्थ आइलैंड में कई छोटे सामुदायिक कार्यक्रम रद्द कर दिए गए। इसके बावजूद ऑकलैंड के सिटी सेंटर में मौजूद लोग इस ऐतिहासिक पल का गवाह बने और मोबाइल कैमरों में नए साल की यादें कैद कीं।

दक्षिण प्रशांत से शुरू होता है नए साल का सफर

भौगोलिक स्थिति के कारण न्यूजीलैंड और दक्षिण प्रशांत क्षेत्र के कई देश दुनिया में सबसे पहले नए साल का स्वागत करते हैं। इसके बाद धीरे-धीरे यह जश्न ऑस्ट्रेलिया, एशिया, यूरोप और अमेरिका तक पहुंचता है। ऑकलैंड के बाद दुनिया की नजरें ऑस्ट्रेलिया के शहरों पर टिक गईं, जहां 2026 का स्वागत कुछ अलग माहौल में हुआ।

ऑस्ट्रेलिया में नए साल का जश्न, लेकिन भारी सुरक्षा के बीच

न्यूजीलैंड के दो घंटे बाद ऑस्ट्रेलिया के पूर्वी तट पर नए साल का आगमन हुआ। सिडनी, जो अपनी शानदार न्यू ईयर ईव फायरवर्क्स के लिए दुनियाभर में मशहूर है, इस बार कड़े सुरक्षा इंतजामों के बीच जश्न में डूबा नजर आया।

दरअसल, देश के इतिहास की सबसे घातक सामूहिक गोलीबारी की घटना के बाद यह पहला न्यू ईयर सेलिब्रेशन था। 14 दिसंबर को बॉन्डी बीच पर हनुक्का समारोह के दौरान दो हथियारबंद हमलावरों ने अंधाधुंध फायरिंग कर दी थी। इस हमले में 15 लोगों की मौत हुई थी और कम से कम 40 लोग घायल हुए थे। इस घटना ने पूरे देश को झकझोर दिया था और नए साल के जश्न पर भी इसका साया साफ नजर आया।

सिडनी हार्बर पर उमड़ी भीड़, लेकिन सतर्कता के साथ

भारी सुरक्षा के बावजूद हजारों लोग बुधवार शाम सिडनी हार्बर के किनारे जमा हुए। सिडनी हार्बर ब्रिज के आसपास होने वाली वार्षिक आतिशबाजी को देखने के लिए लोग घंटों पहले ही पहुंच गए थे। इस बार पुलिस की मौजूदगी पहले से कहीं ज्यादा नजर आई।

पहली बार ऐसा देखा गया कि कई पुलिस अधिकारी खुले तौर पर तेज़ फायरिंग करने वाली राइफलों के साथ तैनात थे। शहर भर में अतिरिक्त चेकपॉइंट, ड्रोन निगरानी और गश्त बढ़ा दी गई थी ताकि किसी भी अप्रिय घटना को रोका जा सके।

पीड़ितों को श्रद्धांजलि के साथ नए साल का स्वागत

सिडनी में जश्न के बीच संवेदनशीलता का भी खास ध्यान रखा गया। ठीक आधी रात से एक घंटे पहले बॉन्डी बीच हमले के पीड़ितों को श्रद्धांजलि दी गई। इस दौरान एक मिनट का मौन रखा गया और सिडनी हार्बर ब्रिज के खंभों पर मेनोराह की छवियां प्रोजेक्ट की गईं।

आयोजकों ने लोगों से अपील की कि वे अपने मोबाइल फोन की टॉर्च जलाकर ऑस्ट्रेलिया के यहूदी समुदाय के प्रति एकजुटता दिखाएं। पूरा हार्बर रोशनी से जगमगा उठा, जो शोक और उम्मीद – दोनों भावनाओं का प्रतीक बन गया।

डर के आगे झुकने से किया इनकार

न्यू साउथ वेल्स के प्रीमियर क्रिस मिन्स ने लोगों से अपील की कि वे डर के कारण सार्वजनिक आयोजनों से दूर न रहें। उन्होंने साफ शब्दों में कहा कि अगर लोग घरों में बंद हो जाएंगे, तो यह चरमपंथियों की जीत होगी।

क्रिस मिन्स ने मीडिया से बात करते हुए कहा कि किसी एक भयावह और आपराधिक घटना को सिडनी जैसे खूबसूरत शहर की जीवनशैली को बदलने नहीं देना चाहिए। उन्होंने कहा कि आतंक और हिंसा के खिलाफ सबसे मजबूत जवाब यही है कि लोग एकजुट होकर सामान्य जीवन को जारी रखें।

नए साल में उम्मीद और सतर्कता दोनों

न्यूजीलैंड और ऑस्ट्रेलिया में 2026 का स्वागत दो अलग-अलग भावनाओं के साथ हुआ। एक ओर ऑकलैंड में बारिश के बावजूद उत्साह और रोशनी से भरा जश्न देखने को मिला, वहीं दूसरी ओर सिडनी में जश्न के साथ-साथ शोक, श्रद्धांजलि और सतर्कता भी नजर आई।

यह नए साल की शुरुआत इस बात की याद दिलाती है कि दुनिया जहां एक तरफ उत्सव और खुशियों की तलाश में है, वहीं दूसरी ओर सुरक्षा और शांति बनाए रखना भी उतना ही जरूरी हो गया है।

निष्कर्ष

साल 2026 की शुरुआत ने एक बार फिर दिखाया कि इंसान हर हाल में आगे बढ़ना जानता है। ऑकलैंड की आतिशबाजी से लेकर सिडनी की सुरक्षा-घिरी मुस्कान तक, नए साल का यह आगमन उम्मीद, साहस और एकजुटता का संदेश देता है। दुनिया अब धीरे-धीरे 2026 के जश्न में डूबेगी, लेकिन यह शुरुआत लंबे समय तक याद रखी जाएगी।

Related Articles

Back to top button