
बिहार चुनाव एग्ज़िट पोल: NDA की वापसी तय? महागठबंधन पिछड़ता दिखा, जन सुराज को निराशा
बिहार विधानसभा चुनाव के दूसरे चरण की वोटिंग के बाद मंगलवार को जारी हुए एग्ज़िट पोल के आंकड़ों ने राजनीतिक हलचल बढ़ा दी है। विभिन्न चैनलों और सर्वे एजेंसियों ने अपनी-अपनी रिपोर्ट जारी की हैं, जिनमें एनडीए गठबंधन को स्पष्ट बढ़त और महागठबंधन को दूसरा स्थान मिलता हुआ नज़र आ रहा है। वहीं, प्रशांत किशोर की नई राजनीतिक पार्टी जन सुराज पार्टी के लिए अनुमान बेहद निराशाजनक रहे हैं।
यह चुनाव कुल 243 सीटों वाली बिहार विधानसभा के लिए हुआ है, जिसमें बहुमत के लिए कम से कम 122 सीटों की आवश्यकता होती है। शुरुआती संकेत साफ बताते हैं कि चुनावी मुकाबला भले ही कड़ा था, लेकिन परिणामों का रुझान एनडीए के पक्ष में झुकता हुआ दिख रहा है।
किस एजेंसी ने क्या अनुमान लगाया?
मेट्राइज़ एग्ज़िट पोल ने भविष्यवाणी की है कि NDA को 147 से 167 सीटें, महागठबंधन को 70 से 90 सीटें, जबकि जन सुराज को 0 से 2 सीटें मिल सकती हैं।
दैनिक भास्कर के मुताबिक, NDA को 145 से 160 सीटें और महागठबंधन को 73 से 91 सीटों का अनुमान है।
कुछ और सर्वे एजेंसियों ने भी NDA के पक्ष में समान रुझान दिखाए हैं।
पीपुल्स इनसाइट और पीपुल्स पल्स दोनों ने NDA को 133 से 159 सीटों का अनुमान देते हुए महागठबंधन को 75 से 102 सीटों के बीच सीमित बताया।
P-Marq ने और भी स्पष्ट अनुमान दिया है, जिसके अनुसार NDA को 142-162, जबकि महागठबंधन को 80-98 सीटें मिल सकती हैं।
इन सभी अनुमानों का औसत निकालते हुए NDTV के ‘पोल ऑफ पोल्स’ ने बताया कि NDA को लगभग 147 सीटें, महागठबंधन को 90 सीटें, और जन सुराज को केवल 1 सीट मिल सकती है।
जन सुराज की पहली परीक्षा में उम्मीद से कम प्रदर्शन का अनुमान
चुनाव से पहले राजनीतिक विश्लेषकों ने माना था कि प्रशांत किशोर का जन-संवाद मॉडल ग्रामीण इलाकों में असर डाल सकता है। हालांकि, एग्ज़िट पोल बताते हैं कि जन सुराज की लोकप्रियता विधानसभा सीटों में तब्दील होती नहीं दिख रही।
अधिकांश सर्वेक्षणों ने पार्टी को 0 से 5 सीटों के बीच सीमित बताया है। यह स्पष्ट संकेत है कि मैदान पर संगठन खड़ा करने के लिए अभी और समय और मेहनत की जरूरत है।
मतदान प्रतिशत और उम्मीदवारों की संख्या
इस चुनाव में कुल 69% मतदान दर्ज किया गया, जो कि पिछले चुनाव के मुकाबले अच्छा माना जा रहा है।
दूसरे चरण में 1302 उम्मीदवार मैदान में थे, जिनमें से 136 महिलाएं थीं।
पूरे राज्य में 45,399 मतदान केंद्रों पर वोटिंग हुई और कुल 3.70 करोड़ योग्य मतदाता वोट डालने के लिए पंजीकृत थे।
परिणाम कब आएंगे?
चुनाव दो चरणों में 6 नवंबर और 11 नवंबर को संपन्न हुआ।
अब सबकी निगाहें 14 नवंबर (शुक्रवार) को होने वाली मतगणना पर टिकी हैं।
एग्ज़िट पोल केवल संकेत होते हैं, जबकि असली फैसला EVM खोलने के बाद ही सामने आएगा।
NDA बनाम महागठबंधन: दोनों खेमों ने क्या दांव खेला?
NDA गठबंधन, जिसमें प्रमुख रूप से BJP, JDU और LJP (राम विलास) शामिल हैं, चुनाव में फिर से सत्ता में वापसी का लक्ष्य लेकर उतरा।
दूसरी ओर, महागठबंधन यानी RJD, कांग्रेस और वामदलों ने तेजस्वी यादव को मुख्यमंत्री चेहरे के रूप में प्रस्तुत किया और बेरोज़गारी को मुख्य मुद्दा बनाया।
राजनीतिक समीकरणों को साफ समझने के लिए 2020 के आंकड़े उपयोगी हैं:
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RJD: 75 सीटें
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BJP: 74 सीटें
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JDU: 43 सीटें
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कांग्रेस: 19 सीटें
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CPI (ML): 12 सीटें
इस बार तस्वीर काफ़ी बदलती दिख रही है और अनुमान यही बताते हैं कि NDA अपने पुराने मजबूत जनाधार को एक बार फिर वोट में बदलने में कामयाब रहा है।
क्या बदला इस चुनाव में?
राजनीतिक पर्यवेक्षकों के मुताबिक:
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ग्रामीण स्तर पर लोकल मुद्दों,
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युवाओं की बेरोज़गारी,
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जातीय समीकरण,
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और केंद्र व राज्य सरकार की योजनाओं के प्रभाव
ने मतदाताओं के निर्णय को प्रभावित किया है।
लेकिन एग्ज़िट पोल यह भी बताते हैं कि जातीय समीकरण से आगे जाकर, कई सीटों पर प्रदर्शन शासन और स्थिरता के मुद्दे पर तय हुआ है।



