
Lata Mangeshkar Thoda Resham Lagta Hai: भारतीय सिनेमा में कुछ आवाजें ऐसी होती हैं, जो सिर्फ गानों का हिस्सा नहीं रहतीं, बल्कि लोगों की यादों का हिस्सा बन जाती हैं। स्वर कोकिला लता मंगेशकर की आवाज भी ऐसी ही थी। कई दशकों तक उन्होंने हिंदी सिनेमा को अपनी सुरीली आवाज दी और अलग-अलग दौर के कलाकारों के लिए यादगार गाने गाए। उनके गीतों की लोकप्रियता सिर्फ भारत तक सीमित नहीं रही, बल्कि दुनिया के कई हिस्सों में भी उनकी आवाज और भारतीय संगीत को पसंद किया गया।
लता मंगेशकर के करियर में हजारों गाने शामिल हैं और उनके कई गीत आज भी संगीत प्रेमियों के बीच उतने ही लोकप्रिय हैं। इन्हीं यादगार गीतों में 1981 में रिलीज हुई फिल्म ‘ज्योति’ का गाना ‘थोड़ा रेशम लगता है’ भी शामिल है। इस गाने की धुन और बीट्स ने एक समय लोगों का खूब ध्यान खींचा था। लेकिन इस गीत से जुड़ी एक ऐसी कहानी भी है, जिसने भारतीय संगीत और कॉपीराइट को लेकर काफी चर्चा पैदा की थी।
‘थोड़ा रेशम लगता है’ की धुन ने विदेश में भी बनाया असर
फिल्म ‘ज्योति’ के लिए लता मंगेशकर की आवाज में रिकॉर्ड किया गया ‘थोड़ा रेशम लगता है’ अपने दौर का चर्चित गाना रहा। इस गीत को अभिनेत्री अरुणा ईरानी पर फिल्माया गया था, जबकि इसके संगीत की जिम्मेदारी दिग्गज संगीतकार बप्पी लाहिड़ी ने संभाली थी।
गाने की खासियत इसकी आकर्षक धुन और बीट्स थीं। यही वजह रही कि इसकी धुन भारतीय श्रोताओं के अलावा विदेशी संगीतकारों का ध्यान भी खींचने में कामयाब रही। कई साल बाद इसी गीत की धुन का इस्तेमाल एक अमेरिकी म्यूजिक प्रोजेक्ट में किया गया और यहीं से एक बड़ा कॉपीराइट विवाद खड़ा हो गया।
अमेरिकी गाने ‘Addictive’ में इस्तेमाल हुई धुन
यह मामला अमेरिकी सिंगर Truth Hurts के गाने ‘Addictive’ से जुड़ा है। इस गाने के प्रोडक्शन से अमेरिकी हिप-हॉप कलाकार और प्रोड्यूसर DJ Quik का नाम जुड़ा था। ‘Addictive’ में भारतीय गाने ‘थोड़ा रेशम लगता है’ से मिलती-जुलती धुन और म्यूजिकल एलिमेंट्स का इस्तेमाल किया गया था।
शुरुआत में यह गाना अमेरिका में काफी लोकप्रिय हुआ। इसकी लोकप्रियता का अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि यह Billboard Hot 100 चार्ट में भी पहुंचा और टॉप 10 में जगह बनाने में सफल रहा।
लेकिन गाने की सफलता के साथ ही इससे जुड़ा कॉपीराइट विवाद भी सामने आ गया। जब भारतीय म्यूजिक कंपनी Saregama को इस इस्तेमाल की जानकारी मिली, तो मामले को लेकर कानूनी कार्रवाई शुरू की गई।
भारतीय संगीत कंपनी ने उठाया कॉपीराइट का मुद्दा
‘थोड़ा रेशम लगता है’ की धुन के इस्तेमाल को लेकर भारतीय पक्ष ने यह सवाल उठाया कि किसी भारतीय गाने के संगीत को बिना उचित अनुमति के अमेरिकी प्रोडक्शन में कैसे इस्तेमाल किया गया। इसके बाद यह मामला अमेरिकी म्यूजिक इंडस्ट्री की बड़ी कंपनियों तक पहुंच गया।
रिपोर्टों के मुताबिक, इस विवाद में Saregama की ओर से Aftermath Entertainment, Interscope Records और Universal Music Group से जुड़े पक्षों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की गई थी। मामला केवल गाने की समानता तक सीमित नहीं रहा, बल्कि इसके व्यावसायिक इस्तेमाल और कॉपीराइट अधिकारों का भी मुद्दा सामने आया।
यह घटना उस दौर में इसलिए भी महत्वपूर्ण थी क्योंकि इंटरनेट और ग्लोबल म्यूजिक इंडस्ट्री के विस्तार के साथ अलग-अलग देशों के संगीत के बीच संपर्क तेजी से बढ़ रहा था। भारतीय संगीत की धुनों का विदेशी प्रोडक्शंस में इस्तेमाल होने लगा था, लेकिन उसके अधिकार और अनुमति को लेकर विवाद भी सामने आने लगे थे।
‘Addictive’ की सफलता के बाद बढ़ा विवाद
‘Addictive’ गाना अमेरिका में रिलीज होने के बाद तेजी से लोकप्रिय हुआ। Billboard चार्ट पर इसकी सफलता ने इसे और चर्चा में ला दिया। लेकिन जैसे-जैसे गाने की लोकप्रियता बढ़ी, वैसे-वैसे भारतीय गीत से इसकी समानता का मुद्दा भी गंभीर होता गया।
कॉपीराइट विवाद सामने आने के बाद गाने की बिक्री और वितरण को लेकर भी कानूनी पाबंदियों की खबरें सामने आईं। इस मामले ने यह सवाल भी खड़ा किया कि किसी दूसरे देश के लोकप्रिय संगीत का इस्तेमाल करने से पहले उसके मूल अधिकार धारकों से अनुमति लेना कितना जरूरी है।
भारतीय संगीत प्रेमियों के लिए यह मामला इसलिए खास था क्योंकि जिस धुन को विदेश में इस्तेमाल किया गया था, उसकी जड़ें हिंदी फिल्म संगीत में थीं। इससे एक बार फिर यह बात सामने आई कि भारतीय संगीत की लोकप्रियता अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कितनी गहरी रही है।
करोड़ों रुपये के कॉपीराइट विवाद ने खींचा ध्यान
इस मामले में Saregama की ओर से अमेरिकी कंपनियों के खिलाफ बहुत बड़ी रकम का कॉपीराइट दावा किए जाने की रिपोर्ट सामने आई थी। कुछ रिपोर्टों में इस दावे की राशि करीब 500 मिलियन डॉलर तक बताई गई।
मामले में कानूनी कार्रवाई के बाद गाने के व्यावसायिक इस्तेमाल पर भी असर पड़ा। हालांकि अलग-अलग रिपोर्टों में इस मामले से जुड़ी रकम और कानूनी विवरण अलग-अलग तरीके से सामने आए हैं, लेकिन इतना स्पष्ट है कि ‘Addictive’ और ‘थोड़ा रेशम लगता है’ के बीच समानता ने एक बड़ा अंतरराष्ट्रीय कॉपीराइट विवाद पैदा किया था।
यह मामला भारतीय संगीत के अधिकारों को लेकर भी एक महत्वपूर्ण उदाहरण बन गया। इससे यह संदेश गया कि किसी पुराने भारतीय गीत की धुन या रिकॉर्डिंग को अंतरराष्ट्रीय बाजार में इस्तेमाल करते समय कॉपीराइट नियमों की अनदेखी महंगी पड़ सकती है।
लता मंगेशकर की आवाज क्यों थी इतनी खास?
लता मंगेशकर की खासियत सिर्फ उनकी आवाज की मिठास नहीं थी। वह गाने के भाव को अपनी आवाज के जरिए श्रोताओं तक पहुंचाने के लिए जानी जाती थीं। यही वजह है कि उनके गाए गीत कई पीढ़ियों तक लोकप्रिय बने रहे।
रोमांटिक गीत हों, दर्द भरे नगमे हों या देशभक्ति से जुड़े गाने, लता मंगेशकर ने अपनी आवाज से हर तरह के संगीत को एक अलग पहचान दी। उनके गानों की लोकप्रियता ने उन्हें भारत के बाहर भी पहचान दिलाई।
‘थोड़ा रेशम लगता है’ जैसे गीत इस बात का उदाहरण हैं कि भारतीय फिल्म संगीत की धुनें कितनी यादगार हो सकती हैं। दशकों बाद भी जब किसी विदेशी प्रोडक्शन में इसी तरह की धुन सुनाई देती है, तो भारतीय श्रोताओं को तुरंत अपने पुराने पसंदीदा गीत की याद आ जाती है।
इसी धुन से जुड़ा एक और दिलचस्प किस्सा
‘थोड़ा रेशम लगता है’ से जुड़ी कहानी का एक और दिलचस्प पहलू भी सामने आता है। बाद के दौर में इसी धुन से प्रेरित होकर भारत में भी एक गाना तैयार किया गया, जिसे काफी लोकप्रियता मिली।
संगीतकार हैरी आनंद ने ‘कलियों का चमन’ नाम से एक गाना तैयार किया, जिसमें ‘थोड़ा रेशम लगता है’ की लोकप्रिय धुन से प्रेरणा दिखाई देती है। यह गाना भी श्रोताओं के बीच काफी पसंद किया गया और लंबे समय तक चर्चा में रहा।
इस तरह एक पुराने हिंदी फिल्म गीत की धुन ने अलग-अलग दौर में भारतीय और विदेशी संगीत जगत में अपनी मौजूदगी दर्ज कराई।
आज भी याद किया जाता है ‘थोड़ा रेशम लगता है’
लता मंगेशकर की आवाज में गाया गया ‘थोड़ा रेशम लगता है’ आज भी पुराने हिंदी फिल्म संगीत के चाहने वालों के बीच सुना जाता है। यह गीत सिर्फ एक दौर की याद नहीं है, बल्कि उस समय के संगीत की खूबसूरती और रचनात्मकता की भी झलक देता है।
इस गाने से जुड़ा कॉपीराइट विवाद यह भी बताता है कि अच्छा संगीत सीमाओं में बंधा नहीं रहता। एक भारतीय फिल्म का गीत विदेश तक पहुंचा और उसकी धुन ने अंतरराष्ट्रीय संगीत उद्योग में जगह बनाई। हालांकि बिना अनुमति संगीत के इस्तेमाल को लेकर उठे सवालों ने कॉपीराइट की अहमियत को भी सामने रखा।
लता मंगेशकर आज हमारे बीच नहीं हैं, लेकिन उनकी आवाज और उनके गाने आज भी लोगों की जिंदगी का हिस्सा हैं। ‘थोड़ा रेशम लगता है’ उन्हीं गीतों में से एक है, जिसकी कहानी संगीत, लोकप्रियता और कॉपीराइट—तीनों पहलुओं को एक साथ जोड़ती है।



