
6 जून, 2026 | दुबई/वाशिंगटन | West Asia Crisis Live: पश्चिम एशिया (Middle East) से इस वक्त की बेहद डरावनी तस्वीरें और वीडियो सामने आ रहे हैं। ईरान और अमेरिका के बीच जारी परोक्ष युद्ध (Proxy War) अब एक बेहद खतरनाक मोड़ पर पहुंच गया है। सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे वीडियो में कुवैत के आसमान में उड़ती हुई मिसाइलों को हवा में ही इंटरसेप्ट (ध्वस्त) करते देखा जा सकता है, जबकि बहरीन में युद्ध के सायरन (Sirens) लगातार बज रहे हैं।
अमेरिकी सेंट्रल कमांड (CENTCOM) ने आधिकारिक पुष्टि की है कि शुक्रवार (5 जून, 2026) की रात ईरान ने कुवैत और बहरीन को निशाना बनाते हुए एक के बाद एक 7 बैलिस्टिक मिसाइलें दागीं। यह हमला उस वक्त हुआ जब दोनों देशों के बीच युद्ध को थामने के लिए चल रही अप्रत्यक्ष बातचीत (Indirect Talks) पूरी तरह ठप हो चुकी है।
6 मिसाइलें हवा में ध्वस्त, अमेरिकी सेना का बड़ा दावा
यूएस सेंट्रल कमांड (CENTCOM) के मुताबिक, रात के अंधेरे में दागी गई इन 7 बैलिस्टिक मिसाइलों में से 6 को अमेरिकी और क्षेत्रीय सुरक्षा बलों ने हवा में ही मार गिराया, जबकि सातवीं मिसाइल अपने तय लक्ष्य तक पहुंचने में नाकाम रही और पहले ही गिर गई।
ईरान की ओर से दावा किया गया था कि इस हमले में बहरीन स्थित अमेरिकी नौसेना के 5वें बेड़े (5th Fleet Headquarters) के मुख्यालय को भारी नुकसान पहुंचाया गया है। हालांकि, अमेरिकी सैन्य अधिकारियों ने इस दावे को सिरे से खारिज कर दिया। सेना ने साफ कहा कि किसी भी अमेरिकी कर्मी या संपत्ति को कोई नुकसान नहीं पहुंचा है और ईरान का दावा पूरी तरह झूठा है।
अमेरिका ने ईरान के रडार ठिकाने उड़ाए, तेल टैंकरों पर भी चलीं गोलियां
इस हमले के जवाब में अमेरिकी सेना ने तत्काल बड़ी कार्रवाई की है। यूएस फोर्सेज ने ईरान के गोरुक (Goruk) और केश्म द्वीप (Qeshm Island) पर स्थित तटीय निगरानी रडार ठिकानों को हवाई हमलों में नष्ट कर दिया।
वहीं, ईरान की ‘इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स’ (IRGC) ने इस पूरी सैन्य कार्रवाई पर अपना पक्ष रखते हुए कहा कि उन्होंने क्षेत्र में मौजूद अमेरिकी ठिकानों को निशाना बनाया है। IRGC का आरोप है कि अमेरिका समर्थित चार तेल टैंकर (Oil Tankers) बिना समन्वय (Coordination) के स्ट्रेट ऑफ होर्मुज को पार करने की कोशिश कर रहे थे, जिन्हें रोकने के लिए उन्होंने उन पर गोलीबारी की। तेहरान से अल जजीरा के पत्रकार अलमिगदाद अलरुहैद ने बताया कि ईरान की यह कार्रवाई अमेरिका के लिए एक खुली चेतावनी है कि खाड़ी क्षेत्र में किसी भी अमेरिकी आक्रामकता का तुरंत और आक्रामक जवाब दिया जाएगा।
हिंद महासागर में भी एक्शन, अमेरिका ने जब्त किया ईरानी तेल टैंकर
तनाव सिर्फ खाड़ी तक सीमित नहीं है। अमेरिकी सेना ने बताया कि उसकी नौसैनिक टुकड़ियों ने हिंद महासागर (Indian Ocean) में ईरान से जुड़े एक प्रतिबंधित तेल टैंकर पर धावा बोलकर उसे अपने नियंत्रण में ले लिया है। अमेरिका यह सुनिश्चित करना चाहता है कि ईरान अपने तेल और अन्य सामानों को वैश्विक बाजार में बेचकर मुनाफा न कमा सके। इसके साथ ही, अमेरिकी प्रशासन ने ईरान के ऊर्जा क्षेत्र पर शिकंजा कसते हुए कई कंपनियों, व्यक्तियों और जहाजों पर नए कड़े प्रतिबंध लगा दिए हैं।
वार्ता ठप: आखिर दोनों देश क्या चाहते हैं?
दोनों देशों के बीच एक अंतरिम समझौते (Interim Deal) को लेकर पर्दे के पीछे बातचीत चल रही थी, लेकिन शर्तों को लेकर गतिरोध बरकरार है:
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ईरान की मांगें: ईरान चाहता है कि अमेरिकी प्रतिबंधों में ढील मिले, विदेशों में फ्रीज की गई उसकी संपत्तियों (Frozen Assets) को बहाल किया जाए और उसके बंदरगाहों पर लगी अमेरिकी नाकेबंदी को तुरंत हटाया जाए।
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अमेरिका की शर्तें: अमेरिका चाहता है कि वैश्विक कच्चे तेल और गैस की सप्लाई के लिए सबसे महत्वपूर्ण मार्ग ‘स्ट्रेट ऑफ होर्मुज’ को तुरंत खोला जाए और तेहरान अपने परमाणु कार्यक्रम (Nuclear Programme) पर पीछे हटे।
अमेरिकी प्रतिबंधों और नाकेबंदी के कारण दुनिया भर में ईंधन की कीमतें रिकॉर्ड स्तर पर हैं, जिससे अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के लिए आगामी मध्यावधि चुनावों में राजनीतिक मुश्किलें खड़ी हो रही हैं। इसके बावजूद, ट्रंप ने शुक्रवार को पत्रकारों से बेहद बेफिक्र अंदाज में कहा कि “ईरान के साथ स्थिति काफी अच्छी चल रही है।” ट्रंप ने दोहराया कि ईरान की मिसाइल क्षमता अब घटकर सिर्फ 21 से 22 फीसदी रह गई है।
खाड़ी महासंग्राम 2026: मुख्य सैन्य और कूटनीतिक आंकड़े
कुवैत और बहरीन के आसमान में मिसाइल इंटरसेप्शन के एक्सक्लूसिव वीडियो फुटेज, हिंद महासागर में जब्त किए गए तेल टैंकर की लाइव तस्वीरों और अंतरराष्ट्रीय युद्ध की हर निष्पक्ष व सटीक लाइव ब्रेकिंग न्यूज के लिए हमारे न्यूज़ पोर्टल को फॉलो करना न भूलें।


