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US-Iran War LIVE: मुजतबा खामेनेई की खुली धमकी- ’15 साल में मिट जाएगा इजरायल का वजूद’; अमेरिका के ताजा हमलों से वैश्विक बाजारों में भारी उथल-पुथल

तेहरान/वाशिंगटन | 26 मई, 2026 | US-Iran War LIVE: पश्चिम एशिया (West Asia) में शांति की उम्मीदों को आज उस समय एक और बड़ा झटका लगा जब अमेरिका और ईरान के बीच 8 अप्रैल से लागू बेहद नाजुक युद्धविराम (Ceasefire) पूरी तरह टूट गया। अमेरिकी सेंट्रल कमांड (CENTCOM) द्वारा दक्षिणी ईरान में किए गए ताजा हवाई हमलों के बाद ईरान के नए सर्वोच्च नेता मुजतबा खामेनेई (Mojtaba Khamenei) ने इजरायल को लेकर एक बेहद आक्रामक और सनसनीखेज बयान जारी किया है। मुजतबा खामेनेई ने मंगलवार को सार्वजनिक संदेश में चेतावनी दी कि इजरायल अब अपने ‘अंत के बेहद करीब’ पहुंच चुका है और अगले 15 वर्षों के भीतर इस देश का वजूद दुनिया के नक्शे से पूरी तरह मिट जाएगा।

इस बीच, खाड़ी क्षेत्र में बारूद बरसने के कारण वैश्विक अर्थव्यवस्था में हड़कंप मच गया है। अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल (Crude Oil) की कीमतें आसमान छूने लगी हैं, जबकि सोने (Gold) के दाम नीचे गिरे हैं और दुनिया भर के शेयर बाजार (Share Markets) धड़ाम हो गए हैं।

ईरान का दावा: ‘रीपर’ ड्रोन को मार गिराया, अमेरिकी फाइटर जेट पर दागी मिसाइल

यह पूरा सैन्य विवाद तब भड़का जब अमेरिकी सेंट्रल कमांड ने दक्षिणी ईरान में ईरानी ताकतों की मिसाइल लॉन्च साइटों और समुद्र में बारूदी सुरंगें (Mines) बिछाने वाली नावों पर “आत्मरक्षा” में भीषण बमबारी की। अमेरिकी सैन्य प्रवक्ता टिम हॉकिन्स ने कहा कि यह कार्रवाई अमेरिकी सैनिकों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए जरूरी थी।

हालांकि, इसके कुछ ही घंटों बाद ईरान की इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) ने जवाबी बयान जारी कर बड़ा दावा किया। ईरान के मुताबिक, उसने अपनी हवाई सीमाओं का उल्लंघन करने पर अमेरिका के सबसे आधुनिक MQ-9 रीपर ड्रोन को मार गिराया है। इसके साथ ही, ईरानी क्षेत्र में घुसने की कोशिश कर रहे एक अमेरिकी लड़ाकू विमान पर भी सीधे मिसाइल फायर की गई, जिसके बाद वह पीछे हट गया।

मार्को रुबियो की दो टूक: “हॉर्मुज जलमार्ग को खोलना ही होगा”

रणनीतिक रूप से दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण वैश्विक ऊर्जा मार्ग— हॉर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) में जहाजों की आवाजाही ठप होने से दुनिया भर में ईंधन का संकट गहरा गया है। इस तनाव के बीच अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो (Marco Rubio) ने कड़ा स्टैंड लेते हुए कहा कि अमेरिका अभी भी एक अंतिम कूटनीतिक समझौते के लिए आशान्वित है, लेकिन वे किसी ब्लैकमेलिंग के आगे नहीं झुकेंगे। रुबियो ने साफ चेतावनी दी कि हॉर्मुज जलमार्ग के इस चोकपॉइंट को हर हाल में खोला जाएगा— “चाहे सीधे तरीके से या फिर किसी दूसरे रास्ते से” (One way or the other)।

ट्रंप का ‘अब्राहम अकॉर्ड’ दांव और यूरेनियम पर सख्त रुख

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप (Donald Trump) ने सोशल मीडिया पर इस संभावित शांति समझौते को लेकर अपनी शर्तें और सख्त कर दी हैं। ट्रंप ने साफ किया कि ईरान के साथ कोई भी समझौता तभी मुमकिन है जब:

  • 8 देशों की अनिवार्य एंट्री: ट्रंप के मुताबिक, शांति समझौते के तहत यह अनिवार्य होना चाहिए कि सऊदी अरब, यूएई, कतर, पाकिस्तान, मिस्र, तुर्की, बहरीन और जॉर्डन जैसे देश ‘अब्राहम अकॉर्ड’ (Abraham Accords) पर हस्ताक्षर करें। हालांकि, इस समझौते की आलोचना हमेशा से इस बात को लेकर होती रही है कि यह इजरायल-फलस्तीन के मुख्य विवाद को नजरअंदाज करता है।

  • यूरेनियम को नष्ट करने की शर्त: ट्रंप ने मांग की है कि ईरान के संवर्धित यूरेनियम (Enriched Uranium) के पूरे स्टॉक को या तो अमेरिका को सौंपना होगा या फिर परमाणु ऊर्जा आयोग (AEC) की गवाही में पूरी तरह नष्ट करना होगा। फैक्ट चेक के अनुसार, जिस परमाणु ऊर्जा आयोग (AEC) का जिक्र ट्रंप ने किया, उसे अमेरिका में साल 1974 में ही भंग कर दिया गया था।

लेबनान बना सबसे बड़ा रोड़ा; नेतन्याहू बोले- ‘हिजबुल्लाह को कुचल देंगे’

इस शांति समझौते की राह में सबसे बड़ा रोड़ा लेबनान संकट बना हुआ है। इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू (Benjamin Netanyahu) ने घोषणा की है कि इजरायली सेना लेबनान में ईरान समर्थित हिजबुल्लाह के खिलाफ अपने हमलों को और अधिक तेज (Intensify Strikes) करेगी। इजरायल ने दावा किया कि उन्होंने सोमवार से अब तक 70 से अधिक हिजबुल्लाह ठिकानों को तबाह किया है और 10 गांवों को खाली करने का अल्टीमेटम दिया है।

ईरान की मुख्य मांग है कि अमेरिका के साथ होने वाले इस शांति समझौते में लेबनान में पूर्ण युद्धविराम शामिल हो। ‘एक्सियोस’ (Axios) की एक रिपोर्ट के अनुसार, संभावित समझौते के मसौदे में इजरायल और हिजबुल्लाह के बीच युद्ध को समाप्त करने की भाषा शामिल की गई थी, लेकिन अमेरिका का कहना है कि यह इजरायल का संप्रभु अधिकार है।

अमेरिका-ईरान ताज़ा महासंग्राम 2026: एक नज़र में मुख्य फैक्ट्स

रणनीतिक मोर्चा / विवाद ईरान (तेहरान) का रुख अमेरिका (वाशिंगटन) का रुख इजरायल का एक्शन
वजूद की लड़ाई मुजतबा खामेनेई का दावा- 15 साल में इजरायल का अस्तित्व पूरी तरह मिट जाएगा। इजरायल की सुरक्षा के लिए प्रतिबद्ध; ट्रंप ने इजरायल के आत्मरक्षा के अधिकार का समर्थन किया। लेबनान में हिजबुल्लाह को पूरी तरह ‘कुचलने’ (Crush) का संकल्प।
सैन्य टकराव MQ-9 रीपर ड्रोन मार गिराया; बंदर अब्बास पर अमेरिकी हमले का कड़ा विरोध। अमेरिकी सैनिकों की सुरक्षा के लिए दक्षिणी ईरान में मिसाइल साइटों पर “आत्मरक्षा” में हवाई हमले। सोमवार से अब तक लेबनान में 70 से अधिक ठिकानों पर बमबारी; 10 गांवों को खाली करने का आदेश।
परमाणु कार्यक्रम संवर्धित यूरेनियम को देश से बाहर भेजने या नष्ट करने की शर्तों पर कड़ा गतिरोध। यूरेनियम का भंडार या तो अमेरिका को सौंपा जाए या अंतरराष्ट्रीय गवाहों के सामने नष्ट हो। ईरान के परमाणु ठिकानों और उसकी क्षेत्रीय प्रॉक्सी ताकतों पर लगातार पैनी नजर।

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