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Rahul Gandhi On NEET Case Suicide: ‘यह आत्महत्या नहीं, भ्रष्ट सिस्टम द्वारा की गई हत्या है…’ नीट अभ्यर्थी आकांक्षा की मौत पर केंद्र सरकार पर बरसे राहुल गांधी

4 जून, 2026 | नई दिल्ली | Rahul Gandhi On NEET Case Suicide: देश की सबसे प्रतिष्ठित मेडिकल प्रवेश परीक्षा ‘नीट-यूजी’ (NEET-UG) 2026 को लेकर मचा बवाल अब एक बेहद गंभीर और दर्दनाक मोड़ ले चुका है। पेपर लीक और परीक्षा रद्द होने के बाद से गहरे मानसिक तनाव और अनिश्चितता से जूझ रही एक और होनहार नीट अभ्यर्थी (Aspirant) द्वारा आत्महत्या करने का दुखद मामला सामने आया है। इस घटना को लेकर लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने सीधे तौर पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्र सरकार की नीतियों को कटघरे में खड़ा किया है।

गुरुवार (4 जून, 2026) को सोशल मीडिया के जरिए सरकार पर तीखा हमला बोलते हुए कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने कहा कि प्रधानमंत्री ने अपने पिछले 12 सालों के शासनकाल में देश के पूरे एजुकेशन सिस्टम (शिक्षा तंत्र) को बर्बाद कर दिया है। उन्होंने आरोप लगाया कि इस प्रशासनिक नाकामी की बहुत बड़ी और दर्दनाक कीमत देश की पूरी युवा पीढ़ी को चुकानी पड़ रही है।

पिता ने कुक की नौकरी की, KCC से लोन लिया; राहुल गांधी ने बताया आकांक्षा का संघर्ष

राहुल गांधी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स (X) पर हिंदी में लिखे अपने एक बेहद भावुक संदेश में मध्य प्रदेश के मऊगंज जिले की रहने वाली पीड़ित छात्रा आकांक्षा चतुर्वेदी के परिवार के कड़े संघर्ष की कहानी साझा की। आकांक्षा डॉक्टर बनकर देश और समाज की सेवा करना चाहती थी, लेकिन नागपुर में परीक्षा के नतीजों और धांधली की खबरों के बाद उपजे डिप्रेशन (अवसाद) के कारण उसने यह आत्मघाती कदम उठा लिया।

छात्रा के पिता के त्याग को रेखांकित करते हुए राहुल गांधी ने लिखा:

“आकांक्षा के पिता एक साधारण किसान हैं। अपनी बेटी को डॉक्टर बनाने के सपने को पूरा करने के लिए उन्होंने किसान क्रेडिट कार्ड (KCC) पर ₹3 लाख का कर्ज लिया था। इतना ही नहीं, बेटी नागपुर में रहकर अच्छे से कोचिंग कर सके, इसके लिए पिता खुद वहां एक रसोइये (कुक) के रूप में नौकरी करने लगे। एक पिता अपनी संतान के लिए जो कुछ भी कर सकता था, उसने वह सब किया। लेकिन फिर अचानक नीट का पेपर लीक हो गया और परीक्षा रद्द कर दी गई। इस गहरे अंधकार और अनिश्चितता के बीच आकांक्षा हमें हमेशा के लिए छोड़कर चली गई।”

राहुल गांधी ने व्यवस्था पर तीखा प्रहार करते हुए कहा कि आकांक्षा की यह मौत महज एक आत्महत्या नहीं है—यह पीएम मोदी के कार्यकाल में पनपे एक भ्रष्ट और पूरी तरह टूट चुके सिस्टम का नतीजा है।

“धर्मेंद्र प्रधान अब भी पद पर क्यों?” — जवाबदेही पर उठे बड़े सवाल

नीट पेपर लीक मामले को लेकर विपक्ष लगातार केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग पर अड़ा हुआ है। राहुल गांधी ने इस बात पर भी गहरी नाराजगी जताई कि इतने बड़े राष्ट्रीय संकट और छात्रों की मौतों के बावजूद राजनीतिक स्तर पर कोई बड़ी जिम्मेदारी तय नहीं की गई है।

उन्होंने सवाल उठाते हुए कहा:

“इतना सब होने के बाद भी हमारे शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान जी आज भी अपनी कुर्सी पर मजबूती से जमे हुए हैं। सरकार के पास वही पुरानी घिसी-पिटी समितियां हैं, वही अधिकारियों के ट्रांसफर का नाटक है और वही अंतहीन जांच की कागजी कार्रवाई है। जमीनी स्तर पर न तो कोई ठोस सुधार दिख रहा है और न ही इन मासूम बच्चों को न्याय मिल पा रहा है।”

प्रधानमंत्री को संबोधित करते हुए कांग्रेस के वरिष्ठ नेता ने कहा, “मोदी जी, सत्ता का क्या है, यह तो आती-जाती रहती है; यह स्थाई नहीं है। लेकिन आपने पिछले 12 वर्षों में देश की शिक्षा प्रणाली का जो बेड़ा गर्क किया है, उसका खामियाजा भारत का युवा आज अपने जीवन से चुका रहा है।”

NEET-UG 2026 का पूरा घटनाक्रम: अब तक क्या हुआ?

इस साल आयोजित हुई राष्ट्रीय पात्रता सह प्रवेश परीक्षा (NEET-UG) शुरुआत से ही विवादों और कानूनी लड़ाइयों के घेरे में रही है:

  • 3 मई 2026: नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) द्वारा देश भर के हजारों केंद्रों पर नीट-यूजी की परीक्षा आयोजित की गई थी।

  • 12 मई 2026: परीक्षा के तुरंत बाद बड़े पैमाने पर पेपर लीक, धांधली और भ्रष्टाचार के पुख्ता सबूत सामने आने के बाद सरकार को इस परीक्षा को पूरी तरह रद्द (Cancel) करने का फैसला लेना पड़ा।

  • CBI के हाथ में कमान: इस पूरे रैकेट और प्रशासनिक मिलीभगत का भंडाफोड़ करने के लिए मामले की गहन जांच वर्तमान में केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (CBI) द्वारा की जा रही है।

  • 21 जून 2026 को दोबारा परीक्षा: परीक्षा रद्द होने से प्रभावित हुए देश के लाखों मेडिकल उम्मीदवारों के लिए एनटीए ने आगामी 21 जून को री-एग्जामिनेशन (दोबारा परीक्षा) कराने का शिड्यूल तय किया है।

नीट परीक्षा संकट 2026: एक नजर में मुख्य बिंदु

मुख्य बिंदु विपक्ष (राहुल गांधी) का स्टैंड सरकार और एनटीए (NTA) का एक्शन
छात्रों की आत्महत्याएं परीक्षाओं के रद्द होने से छात्र डिप्रेशन में हैं; यह सिस्टम द्वारा की जा रही हत्याएं हैं। छात्रों से संयम बनाए रखने की अपील; मानसिक स्वास्थ्य सहायता देने की बात।
राजनीतिक जवाबदेही शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान का तत्काल इस्तीफा और संपूर्ण न्यायिक जांच की मांग। अधिकारियों के तबादले किए गए; आंतरिक जांच के लिए उच्च स्तरीय कमेटी गठित।
आगामी रणनीति पूरे देश में छात्र हितों के लिए सड़क से लेकर संसद तक आंदोलन जारी रखने का एलान। 21 जून को होने वाली दोबारा परीक्षा को पूरी तरह पारदर्शी और सुरक्षित बनाने का दावा।

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