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Indian Youth Cockroaches: ‘कॉकरोच जनता पार्टी’ के बाद अब मैदान में उतरी ‘इंडियन यूथ कॉकरोच’; नीट पेपर लीक और बेरोजगारी पर कांग्रेस का बड़ा कैंपेन, बीजेपी का ‘पाकिस्तान’ कनेक्शन वाला दावा

नई दिल्ली | लाइव ब्यूरो | 27 मई, 2026 | Indian Youth Cockroaches:भारत की राजनीति में इन दिनों एक बेहद अजीब और अनोखा शब्द सोशल मीडिया से लेकर सड़कों तक गूंज रहा है, और वह शब्द है— ‘कॉकरोच’ (Cockroach यानी तिलचट्टा)। सोशल मीडिया पर तेजी से लोकप्रिय हो रहे सैटायर (व्यंग्य) ग्रुप ‘कॉकरोच जनता पार्टी’ (CJP) के बाद अब भारतीय युवा कांग्रेस (IYC – Indian Youth Congress) ने भी इस सियासी जंग में एंट्री मार ली है।

मंगलवार, 26 मई, 2026 को युवा कांग्रेस ने देशव्यापी स्तर पर ‘इंडियन यूथ कॉकरोच’ (Indian Youth Cockroaches) अभियान की शुरुआत की है। कांग्रेस ने इसे केंद्र की भाजपा सरकार के खिलाफ बेरोजगारी, पेपर लीक और भ्रष्टाचार के मुद्दों पर युवाओं का एक बड़ा ‘प्रतिरोध आंदोलन’ (Youth Resistance Movement) करार दिया है। इस अभियान के जरिए युवा कांग्रेस उस ‘कॉकरोच’ शब्द को अपना हथियार बना रही है, जिसके जरिए कथित तौर पर आंदोलनकारी युवाओं का मज़ाक उड़ाया गया था।

क्या है ‘कॉकरोच जनता पार्टी’ और यह विवाद कहां से शुरू हुआ?

भारतीय राजनीति के विमर्श में ‘कॉकरोच’ शब्द की एंट्री तब हुई, जब देश के मुख्य न्यायाधीश (CJI) सूर्यकांत ने कथित तौर पर बेरोजगारी के बाद एक्टिविज्म (सक्रियता) और पत्रकारिता की ओर रुख करने वाले युवाओं की तुलना “कॉकरोच” और “परजीवी” (Parasites) से कर दी थी।

इस टिप्पणी के विरोध में 30 वर्षीय अभिजीत दिपके ने डिजिटल प्लेटफॉर्म पर एक व्यंग्यात्मक अभियान शुरू किया, जिसे नाम दिया गया ‘कॉकरोच जनता पार्टी’ (CJP)। हाल ही में इस सैटायर ग्रुप के सोशल मीडिया हैंडल्स (एक्स और इंस्टाग्राम) को सस्पेंड या ब्लॉक कर दिया गया था, जिसके बाद दिपके ने आरोप लगाया कि यह कार्रवाई उनके उस अभियान के कारण हुई है जिसमें वे NEET-UG 2026 पेपर लीक मामले को लेकर केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग कर रहे थे।

युवा कांग्रेस का पलटवार: “अगर न्याय मांगना कॉकरोच होना है, तो हमें मंजूर है”

युवा कांग्रेस के राष्ट्रीय प्रभारी मनीष शर्मा और अध्यक्ष उदय भानु चिब के नेतृत्व में इस नए अभियान को लॉन्च किया गया। अभियान की घोषणा करते हुए नेताओं ने केंद्र सरकार पर युवाओं की आवाज दबाने का आरोप लगाया।

युवा कांग्रेस के प्रभारी मनीष शर्मा ने तीखा हमला बोलते हुए कहा:

“आज के दौर में जो भी युवा रोजगार, न्याय और जवाबदेही की मांग करता है, उसे ‘देशद्रोही’ कहकर डराया जाता है, जेल में डाल दिया जाता है या चुप करा दिया जाता है। अगर सत्ता की नजरों में अपने हक की मांग करना देश के युवाओं को ‘कॉकरोच’ बनाता है, तो हां, हम गर्व से इस नाम को स्वीकार करते हैं। ये ‘इंडियन यूथ कॉकरोच’ वो युवा हैं जो एफआईआर, जेल और दमन के बावजूद चुप रहने से इनकार करते हैं।”

युवा कांग्रेस के अध्यक्ष उदय भानु चिब ने साफ किया कि यह आंदोलन केवल सोशल मीडिया तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि देश के हर कोने, सड़क और कॉलेज कैंपस में जमीनी स्तर पर विरोध प्रदर्शनों के जरिए ले जाया जाएगा।

‘सैक प्रधान’ (Sack Pradhan) याचिका और डिजिटल प्लेटफॉर्म लॉन्च

इस अभियान के तहत युवा कांग्रेस ने दो बड़े कदम उठाए हैं:

  1. ‘सैक प्रधान’ पेटिशन: बार-बार हो रहे पेपर लीक और देश की शिक्षा व्यवस्था में कथित खामियों को लेकर केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान की जवाबदेही तय करने और उनके इस्तीफे की मांग के लिए एक ऑनलाइन याचिका (Petition) शुरू की गई है।

  2. समर्पित डिजिटल प्लेटफॉर्म: आईवाईसी ने एक वेबसाइट और डिजिटल प्लेटफॉर्म लॉन्च किया है, जहां देश भर के युवा खुद को ‘इंडियन यूथ कॉकरोच’ अभियान के हिस्से के रूप में पंजीकृत (Register) कर सकते हैं।

आईवाईसी के सोशल मीडिया चेयरमैन मनु जैन ने कहा कि यह अभियान एआई-संचालित (AI-driven) सोशल मीडिया कैंपेन और ग्राउंड मोबिलाइजेशन का एक अनूठा मिश्रण है, जो पूरी एक पीढ़ी के गुस्से और हताशा का प्रतिनिधित्व करता है।

बीजेपी का बड़ा आरोप: “CJP के 49% फॉलोअर्स पाकिस्तान से हैं”

इस पूरे विवाद में उस समय एक नया मोड़ आ गया जब केंद्रीय मंत्री और बीजेपी नेता सुकंत मजूमदार ने शनिवार को ‘कॉकरोच जनता पार्टी’ को लेकर एक सनसनीखेज दावा किया। मजूमदार ने कहा कि इस सैटायर ग्रुप का इंस्टाग्राम अकाउंट सस्पेंड होना बिल्कुल सही है क्योंकि इसके पीछे विदेशी ताकतों का हाथ होने का अंदेशा है।

केंद्रीय मंत्री सुकंत मजूमदार ने दावा किया:

“सोशल मीडिया पर चल रही इस तथाकथित ‘कॉकरोच जनता पार्टी’ के कुल फॉलोअर्स में से 49 प्रतिशत फॉलोअर्स पाकिस्तान से हैं, जबकि भारत से केवल 9 प्रतिशत लोग ही इससे जुड़े हैं। यह आंकड़ा साफ करता है कि देश विरोधी विमर्श को हवा देने के लिए कहां से फंडिंग और सपोर्ट मिल रहा है।”

ममता बनर्जी और टीएमसी का कॉकरोच आंदोलन को खुला समर्थन

एक तरफ जहां बीजेपी इस अभियान को कटघरे में खड़ा कर रही है, वहीं दूसरी तरफ तृणमूल कांग्रेस (TMC) ने इस डिजिटल मुहिम का खुलकर समर्थन किया है। टीएमसी सांसद डेरेक ओ’ब्रायन ने सोमवार को बयान जारी कर बताया कि पार्टी सुप्रीमो ममता बनर्जी और अखिल भारतीय महासचिव अभिषेक बनर्जी ने ‘कॉकरोच जनता पार्टी’ और युवाओं के इस अनूठे प्रतिरोध के प्रति अपनी पूरी सहानुभूति और अटूट समर्थन व्यक्त किया है।

कॉकरोच जनता पार्टी बनाम युवा कांग्रेस कैंपेन 2026: मुख्य फैक्ट्स

अभियान / संगठन का नाम नेतृत्व / संस्थापक मुख्य एजेंडा और मुद्दे राजनीतिक विवाद व दावे
कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) अभिजीत दिपके (30 वर्ष)। सीजेआई की टिप्पणी के खिलाफ डिजिटल व्यंग्य; नीट-यूजी 2026 पेपर लीक पर शिक्षा मंत्री का इस्तीफा। बीजेपी का दावा: सोशल मीडिया पर 49% फॉलोअर्स पाकिस्तान से हैं; अकाउंट सस्पेंड हुआ।
इंडियन यूथ कॉकरोच (IYC) मनीष शर्मा और उदय भानु चिब। बेरोजगारी, संस्थागत विफलता, ‘सैक प्रधान’ ऑनलाइन पेटिशन और देशव्यापी विरोध प्रदर्शन। कांग्रेस का स्टैंड: युवाओं को ‘कॉकरोच’ या देशद्रोही कहे जाने के खिलाफ सामूहिक युवा प्रतिरोध।
तृणमूल कांग्रेस (TMC) ममता बनर्जी और अभिषेक बनर्जी। युवाओं की इस डिजिटल मुहिम और अभिव्यक्ति की आजादी का खुला समर्थन। डेरेक ओ’ब्रायन का बयान: टीएमसी युवाओं के इस हक की लड़ाई के साथ मजबूती से खड़ी है।

भारतीय राजनीति में प्रतीकों और व्यंग्य की लड़ाई हमेशा से धारदार रही है, लेकिन ‘कॉकरोच’ शब्द को लेकर जारी यह ताजा घमासान बेहद असाधारण है। जहां युवाओं और विपक्षी दलों (कांग्रेस व टीएमसी) ने इसे सत्ता की तानाशाही और बेरोजगारी के खिलाफ एक अनूठे स्वाभिमान आंदोलन में बदल दिया है, वहीं सत्तापक्ष (भाजपा) इसे अंतरराष्ट्रीय साजिश और सोशल मीडिया पर पाकिस्तानी बोट्स (Bots) के टूलकिट के रूप में देख रहा है। आने वाले दिनों में यह डिजिटल और जमीनी लड़ाई देश की राजनीति और विशेषकर छात्र राजनीति को किस दिशा में ले जाती है, इस पर पूरे देश की नजरें टिकी रहेंगी।

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