
SBI Q3 Results 2026: देश के सबसे बड़े सरकारी बैंक स्टेट बैंक ऑफ इंडिया (SBI) ने वित्त वर्ष 2025-26 की तीसरी तिमाही में शानदार प्रदर्शन किया है। दिसंबर तिमाही के नतीजों के बाद SBI के शेयरों में जबरदस्त तेजी देखने को मिली और सोमवार, 9 फरवरी को स्टॉक करीब 5.5 फीसदी उछलकर ₹1125 के रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गया।
इस मजबूत उछाल ने निवेशकों का भरोसा और बढ़ा दिया है। बैंक के अब तक के सबसे बड़े तिमाही मुनाफे ने शेयर बाजार में SBI को फिर से चर्चा के केंद्र में ला दिया है।
एक साल में शेयर ने दिया शानदार रिटर्न
SBI के शेयरों ने बीते एक साल में निवेशकों को जबरदस्त रिटर्न दिया है। मार्च 2025 में जहां यह स्टॉक करीब ₹680 के स्तर पर था, वहीं अब यह 65 फीसदी से ज्यादा चढ़ चुका है।
पिछले 12 महीनों में शेयर ने लगभग 44 फीसदी की तेजी दिखाई है। तीन महीनों में 12 फीसदी और एक महीने में 7 फीसदी की बढ़त दर्ज की गई है। यह प्रदर्शन दर्शाता है कि बैंक की वित्तीय स्थिति लगातार मजबूत हो रही है।
Q3 FY26 में रिकॉर्ड मुनाफा
SBI ने Q3 FY26 में स्टैंडअलोन आधार पर ₹21,028 करोड़ का शुद्ध लाभ दर्ज किया है। यह पिछले साल की समान तिमाही के मुकाबले करीब 24.5 फीसदी ज्यादा है।
पिछले साल इसी तिमाही में बैंक ने लगभग ₹16,891 करोड़ का मुनाफा कमाया था। इस बार बेहतर आय, मजबूत लोन ग्रोथ और एसेट क्वालिटी में सुधार ने मुनाफे को नई ऊंचाई दी है।
म्यूचुअल फंड से मिला खास फायदा
इस तिमाही में SBI को अपनी एसेट मैनेजमेंट कंपनी से खास लाभ मिला है। IPO की तैयारी कर रही SBI म्यूचुअल फंड ने बैंक को ₹2200 करोड़ का स्पेशल डिविडेंड दिया।
बैंक के चेयरमैन सीएस सेट्टी के मुताबिक, इस विशेष डिविडेंड ने मुनाफे को बढ़ाने में अहम भूमिका निभाई है। इससे बैंक की कुल कमाई को बड़ा सहारा मिला।
आय और ऑपरेटिंग प्रॉफिट में मजबूत बढ़त
Q3 FY26 में SBI की कुल आय बढ़कर ₹1.40 लाख करोड़ से ज्यादा हो गई। यह सालाना आधार पर करीब 10 फीसदी की बढ़ोतरी है।
नेट इंटरेस्ट इनकम भी 9 फीसदी बढ़कर ₹45,190 करोड़ तक पहुंच गई। वहीं, ऑपरेटिंग प्रॉफिट में लगभग 40 फीसदी की तेज बढ़ोतरी दर्ज की गई और यह ₹32,862 करोड़ पर पहुंच गया।
यह दिखाता है कि बैंक का बिजनेस मॉडल लगातार मजबूत हो रहा है।
मार्जिन और एसेट क्वालिटी में सुधार
बैंक के मार्जिन इस तिमाही में काफी हद तक स्थिर रहे। पूरे बैंक का नेट इंटरेस्ट मार्जिन करीब 2.99 फीसदी रहा।
सबसे अहम बात यह रही कि बैंक की एसेट क्वालिटी में बड़ा सुधार देखने को मिला। ग्रॉस एनपीए घटकर ₹73,637 करोड़ रह गया, जबकि नेट एनपीए भी कम होकर ₹18,012 करोड़ पर आ गया।
GNPA रेशियो घटकर 1.57 फीसदी हो गया, जो बीते दो दशकों का सबसे बेहतर स्तर माना जा रहा है।
प्रोविजन और जोखिम प्रबंधन पर फोकस
SBI ने इस तिमाही में प्रोविजनिंग पर भी खास ध्यान दिया है। बैंक ने ₹4500 करोड़ से ज्यादा का प्रावधान किया है, जिससे भविष्य के जोखिमों से निपटने में मदद मिलेगी।
हालांकि नए लोन स्लिपेज में हल्की बढ़ोतरी देखने को मिली है, लेकिन मजबूत प्रोविजनिंग के चलते बैंक की स्थिति सुरक्षित बनी हुई है।
कंसोलिडेटेड रिजल्ट भी मजबूत
कंसोलिडेटेड आधार पर भी SBI का प्रदर्शन शानदार रहा। इस आधार पर बैंक का मुनाफा बढ़कर लगभग ₹21,876 करोड़ हो गया, जो पिछले साल की तुलना में करीब 14 फीसदी ज्यादा है।
यह दर्शाता है कि बैंक की सभी सहायक कंपनियां भी बेहतर प्रदर्शन कर रही हैं।
लोन ग्रोथ को लेकर बढ़ाया अनुमान
SBI मैनेजमेंट ने FY26 के लिए लोन ग्रोथ अनुमान को बढ़ा दिया है। अब बैंक को उम्मीद है कि कर्ज वृद्धि 13 से 15 फीसदी के बीच रह सकती है।
चेयरमैन सीएस सेट्टी के अनुसार, कॉरपोरेट लोन और रिटेल सेगमेंट में फिर से तेजी देखने को मिल रही है, जिससे बैंक को आगे फायदा मिलेगा।
दिसंबर 2025 तक SBI का कुल लोन बुक करीब ₹46.8 लाख करोड़ तक पहुंच चुका है।
आगे की चुनौतियां भी बरकरार
हालांकि बैंक का प्रदर्शन मजबूत है, लेकिन मैनेजमेंट ने वैश्विक अनिश्चितताओं को लेकर सतर्कता भी जताई है।
भू-राजनीतिक तनाव, वैश्विक व्यापार में उतार-चढ़ाव, कमोडिटी कीमतों में बदलाव और बाजार की अस्थिरता आने वाले समय में चुनौती बन सकते हैं।
इसके बावजूद SBI को अपनी मजबूत पूंजी स्थिति और नेटवर्क पर भरोसा है।
ब्रोकरेज हाउस की राय: खरीदारी की सलाह
ब्रोकरेज फर्म मोतीलाल ओसवाल ने SBI के नतीजों को “ऑल-राउंड शानदार” बताया है। फर्म का मानना है कि बैंक की ग्रोथ और मार्जिन आने वाले वर्षों में भी मजबूत बने रहेंगे।
ब्रोकरेज ने SBI के शेयर के लिए ₹1300 का टारगेट प्राइस तय करते हुए BUY की रेटिंग बरकरार रखी है।
एक्सपर्ट का नजरिया
SMC ग्लोबल की सीनियर एनालिस्ट सीमा श्रीवास्तव ने भी SBI के प्रदर्शन की सराहना की है। उनके मुताबिक, बैंक की कमाई में स्थिरता, बेहतर लागत नियंत्रण और मजबूत बैलेंस शीट निवेशकों के लिए सकारात्मक संकेत हैं।
उन्होंने कहा कि SME और कृषि सेक्टर में बढ़ती पकड़ से बैंक की क्रेडिट ग्रोथ को आगे भी समर्थन मिलेगा।
निवेशकों के लिए क्या है संकेत?
SBI के Q3 नतीजे यह साफ संकेत देते हैं कि बैंक फिलहाल मजबूत स्थिति में है। बेहतर मुनाफा, घटते एनपीए और बढ़ती लोन ग्रोथ इसे दीर्घकालिक निवेश के लिए आकर्षक बनाते हैं।
हालांकि, शेयर पहले ही काफी ऊपर जा चुका है, इसलिए नए निवेशकों को बाजार की स्थिति देखकर ही फैसला लेना चाहिए।



