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Ursid Meteor Showers: दिसंबर की सबसे खास खगोलीय घटना, जानें कब और कैसे दिखेंगे टूटते तारे

Ursid Meteor Showers: साल 2025 की आखिरी बड़ी खगोलीय घटना Ursid Meteor Shower एक बार फिर आसमान को रोशन करने के लिए तैयार है। हर साल दिसंबर के अंत में दिखाई देने वाली यह उल्कावृष्टि खासतौर पर उत्तरी गोलार्ध में देखने वालों के लिए एक शांत लेकिन आकर्षक अनुभव मानी जाती है। इस बार यह उल्कावृष्टि 17 दिसंबर से 26 दिसंबर तक सक्रिय रहेगी, जबकि इसका चरम समय 21 दिसंबर की रात से 22 दिसंबर की सुबह के बीच रहने की संभावना है।

Ursid Meteor Shower तब होती है जब पृथ्वी अपने कक्ष में आगे बढ़ते हुए धूमकेतु 8P/Tuttle द्वारा छोड़े गए ब्रह्मांडीय मलबे की धारा से गुजरती है। जब ये छोटे-छोटे कण पृथ्वी के वायुमंडल में प्रवेश करते हैं, तो घर्षण के कारण जल उठते हैं और हमें आसमान में चमकती रेखाओं के रूप में दिखाई देते हैं, जिन्हें आम भाषा में टूटते तारे या शूटिंग स्टार्स कहा जाता है।

इस उल्कावृष्टि का नाम Ursa Minor नक्षत्र, यानी लिटिल डिपर, के नाम पर रखा गया है। ऐसा माना जाता है कि उल्काएं इसी नक्षत्र के आसपास के क्षेत्र से निकलती हुई दिखाई देती हैं, जिसे इसका रेडिएंट पॉइंट कहा जाता है। उत्तरी गोलार्ध में यह बिंदु पूरी रात क्षितिज के ऊपर रहता है, जिससे यहां देखने की संभावनाएं बेहतर होती हैं। हालांकि, दक्षिणी गोलार्ध में यह काफी उत्तर की ओर स्थित होने के कारण साफ तौर पर नजर नहीं आता।

इस साल Ursid Meteor Shower को देखने के लिए हालात काफी अनुकूल बताए जा रहे हैं। उल्कावृष्टि के चरम समय के आसपास अमावस्या जैसा चंद्र चरण रहेगा, जिससे चांदनी का प्रभाव बहुत कम होगा। इसका मतलब यह है कि आसमान अपेक्षाकृत अधिक अंधेरा रहेगा और हल्की-फुल्की उल्काएं भी आसानी से देखी जा सकेंगी। खगोल विशेषज्ञों के अनुसार, साफ और अंधेरे आसमान में प्रति घंटे 5 से 10 उल्काएं देखी जा सकती हैं।

हालांकि यह संख्या Geminids जैसी प्रसिद्ध उल्कावृष्टियों की तुलना में कम है, लेकिन Ursids की खासियत इसकी शांत और सुकूनभरी सुंदरता मानी जाती है। यह उन लोगों के लिए आदर्श है जो बिना भीड़-भाड़ और ज्यादा शोर-शराबे के रात के आसमान को निहारना पसंद करते हैं।

उल्कावृष्टि देखने का सबसे अच्छा समय देर रात से लेकर सूर्योदय से ठीक पहले तक होता है। खासकर तड़के सुबह के घंटे इसलिए बेहतर माने जाते हैं क्योंकि उस समय पृथ्वी अपनी घूर्णन गति के कारण सीधे मलबे की धारा की ओर मुड़ी होती है। विशेषज्ञ सलाह देते हैं कि शहर की रोशनी से दूर किसी खुले और अंधेरे स्थान का चयन करें और आंखों को अंधेरे में ढलने के लिए कम से कम 20 से 30 मिनट का समय दें।

इस खगोलीय नज़ारे को देखने के लिए किसी दूरबीन या टेलीस्कोप की जरूरत नहीं होती। Ursid Meteor Shower पूरी तरह नंगी आंखों से देखी जा सकती है और यह पूरे आकाश में फैलती हुई नजर आती है। बस आसमान की ओर धैर्य के साथ देखते रहना होता है।

भारत और एशिया के अन्य हिस्सों में Ursids को देखना थोड़ा चुनौतीपूर्ण हो सकता है, क्योंकि इसका रेडिएंट पॉइंट काफी उत्तर दिशा में स्थित है। फिर भी, अगर आसमान साफ हो और आप किसी ग्रामीण या कम रोशनी वाले इलाके में हों, तो रात के बाद से लेकर तड़के सुबह तक टूटते तारों को देखने का अच्छा मौका मिल सकता है। भारतीय खगोल विज्ञान प्रेमियों को सलाह दी जाती है कि वे उत्तर दिशा की ओर नजर बनाए रखें और धैर्य के साथ आकाश का अवलोकन करें।

Ursid Meteor Shower केवल एक खगोलीय घटना ही नहीं, बल्कि प्रकृति और ब्रह्मांड से जुड़ने का एक अनोखा अवसर भी है। साल के अंत में, जब ठंडी रातें और लंबा अंधेरा होता है, तब यह उल्कावृष्टि हमें ब्रह्मांड की विशालता और सुंदरता का एहसास कराती है।

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