
भारत में ट्रैफिक नियम तोड़ने पर चालान भरना अक्सर लोगों के लिए झंझट भरा काम बन जाता है। लंबी कतारें, कोर्ट के चक्कर और समय की बर्बादी आम समस्या रही है। लेकिन अब यह परेशानी खत्म होने वाली है। खासतौर पर चंडीगढ़ में सेक्टर-43 कोर्ट ने एक नई पहल की है जिससे लोग आसानी से QR कोड से चालान भर सकते हैं। यह व्यवस्था न केवल समय बचाती है बल्कि लोगों को एक आधुनिक और सुरक्षित ऑनलाइन ट्रैफिक चालान पेमेंट का विकल्प भी देती है।
ई-चालान और वर्चुअल कोर्ट – अब QR कोड से पेमेंट
कोर्ट अधिकारियों ने चालान भुगतान के लिए दो अलग-अलग QR कोड जारी किए हैं:
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ई-चालान (E-Challan): यह ट्रैफिक पुलिस द्वारा जारी सामान्य चालानों के लिए है, जिन्हें सीधे ऑनलाइन भरा जा सकता है।
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वर्चुअल कोर्ट (Virtual Court): इसमें वे चालान शामिल होते हैं जिन्हें कोर्ट में भेजा गया है, जैसे नॉन-कंपाउंडेबल अपराध।
दोनों ही QR कोड से लोग आसानी से भुगतान कर सकते हैं। स्कैन करने पर पेमेंट गेटवे खुलता है, जहां वाहन नंबर या चालान नंबर डालने पर बकाया राशि दिख जाती है और इसे किसी भी UPI ऐप से तुरंत भुगतान किया जा सकता है।
पुराने चालानों के लिए भी राहत
चंडीगढ़ कोर्ट प्रशासन ने बड़ी राहत देते हुए 4.50 लाख से अधिक पुराने चालानों को फिर से एक्टिवेट कर दिया है। पहले चालान भरने की 90 दिन की सीमा होती थी, लेकिन अब यह हटा दी गई है। इसका मतलब है कि आप चाहे जितना पुराना चालान हो, उसे अब आसानी से ऑनलाइन ट्रैफिक चालान पेमेंट सिस्टम से भर सकते हैं।
स्पेशल ट्रैफिक अदालतें
1 से 12 सितंबर तक (कार्यदिवसों में) स्पेशल ट्रैफिक अदालतें (Special Traffic Adalats) लगाई जा रही हैं। इसमें ज्यूडिशियल मजिस्ट्रेट्स चालानों का निपटारा कर रहे हैं। यह कदम इसलिए उठाया गया है क्योंकि शहर में CCTV निगरानी के बाद ट्रैफिक चालानों की संख्या कई गुना बढ़ गई है।
QR कोड से ट्रैफिक चालान भरने का आसान तरीका
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अपने मोबाइल से कोर्ट द्वारा जारी QR कोड स्कैन करें।
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लिंक खुलने पर वाहन नंबर या चालान नंबर डालें।
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चालान की राशि अपने आप दिखाई देगी।
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अब आप UPI, डेबिट कार्ड, क्रेडिट कार्ड या नेट बैंकिंग से भुगतान कर सकते हैं।
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सफल भुगतान के बाद आपको ऑनलाइन रसीद भी मिल जाएगी।
क्यों बढ़े चालान?
शहर में CCTV कैमरों से निगरानी शुरू होने के बाद ट्रैफिक नियम तोड़ने वालों के खिलाफ बड़ी संख्या में चालान जारी किए जाने लगे। इससे कोर्ट में चालान भरने वालों की भीड़ बहुत बढ़ गई। QR कोड आधारित ऑनलाइन चालान पेमेंट सिस्टम इस समस्या का समाधान लेकर आया है।
नतीजा
अब लोगों को ट्रैफिक चालान भरने के लिए न कोर्ट के चक्कर लगाने पड़ेंगे और न ही लंबी लाइन में लगना पड़ेगा। QR कोड से चालान भरने की सुविधा ने ट्रैफिक जुर्माना निपटाना बेहद आसान बना दिया है। यह पहल देशभर के अन्य शहरों के लिए भी एक मॉडल साबित हो सकती है।
FAQs
Q1. QR कोड से ट्रैफिक चालान कैसे भरें?
-कोर्ट द्वारा जारी QR कोड स्कैन करें, वाहन नंबर डालें और UPI से भुगतान करें।
Q2. क्या पुराने ट्रैफिक चालान भी ऑनलाइन भरे जा सकते हैं?
-हां, कोर्ट ने 4.50 लाख से अधिक पुराने चालान फिर से एक्टिवेट कर दिए हैं।
Q3. ई-चालान और वर्चुअल कोर्ट में क्या फर्क है?
-ई-चालान सामान्य चालान होता है जिसे ट्रैफिक पुलिस जारी करती है, जबकि वर्चुअल कोर्ट में नॉन-कंपाउंडेबल चालान भेजे जाते हैं।
Q4. क्या QR कोड की सुविधा पूरे भारत में उपलब्ध है?
-यह सुविधा फिलहाल चंडीगढ़ सेक्टर-43 कोर्ट में शुरू हुई है, लेकिन भविष्य में अन्य जगहों पर भी लागू हो सकती है।



