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IBM Share Price Crash: IBM के शेयर 24% गिरे, CEO अरविंद कृष्णा ने मानी बड़ी गलती

IBM Share Price Crash: अमेरिकी टेक्नोलॉजी दिग्गज IBM के निवेशकों के लिए मंगलवार का दिन बेहद खराब साबित हुआ। कंपनी के शेयरों में करीब 24 प्रतिशत की भारी गिरावट दर्ज की गई। IBM के शेयरों में आई इस तेज बिकवाली के पीछे कंपनी के निराशाजनक शुरुआती दूसरी तिमाही के नतीजों को बड़ी वजह माना जा रहा है।

आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस यानी AI को लेकर दुनियाभर की टेक कंपनियों में जारी जबरदस्त प्रतिस्पर्धा के बीच IBM को अपने कारोबार में ग्राहकों के बदलते खर्च का असर झेलना पड़ा है। कंपनी ने माना है कि मेमोरी चिप्स और AI से जुड़े इंफ्रास्ट्रक्चर की कीमतें बढ़ने की आशंका के कारण बड़े कॉरपोरेट ग्राहकों ने अपनी खरीदारी की रणनीति बदल दी।

इस बदलाव का सीधा नुकसान IBM के उन हाई-मार्जिन प्रोडक्ट्स को हुआ, जिनसे कंपनी को मजबूत कमाई की उम्मीद थी। हालात इतने गंभीर रहे कि IBM के CEO अरविंद कृष्णा को निवेशकों के सामने कंपनी की रणनीतिक चूक स्वीकार करनी पड़ी।

IBM CEO अरविंद कृष्णा ने मानी कंपनी की गलती

IBM के CEO अरविंद कृष्णा ने निवेशकों को लिखे एक पत्र में स्वीकार किया कि कंपनी बाजार में तेजी से हो रहे बदलाव के अनुसार खुद को समय पर नहीं ढाल पाई।

उन्होंने कहा कि IBM ने परिस्थितियों के हिसाब से पर्याप्त तेजी से कदम नहीं उठाए। CEO का यह बयान ऐसे समय आया है, जब कंपनी के शेयरों में बड़ी गिरावट ने निवेशकों की चिंता बढ़ा दी है।

टेक्नोलॉजी सेक्टर में AI के कारण तेजी से बदलाव हो रहा है। कंपनियां डेटा सेंटर, सर्वर, स्टोरेज और हाई-परफॉर्मेंस कंप्यूटिंग सिस्टम पर अरबों डॉलर खर्च कर रही हैं। ऐसे माहौल में किसी भी बड़ी टेक कंपनी के लिए ग्राहकों की मांग और खर्च के पैटर्न को समझना बेहद जरूरी हो गया है।

IBM की ओर से अपनी रणनीतिक कमी को स्वीकार करना यह संकेत देता है कि कंपनी आने वाले समय में कारोबार की प्राथमिकताओं में बदलाव कर सकती है।

IBM Q2 Results ने निवेशकों को किया निराश

IBM के शुरुआती दूसरी तिमाही के नतीजे बाजार की उम्मीदों पर पूरी तरह खरे नहीं उतरे। जून में समाप्त तीन महीने की अवधि में कंपनी ने 17.2 अरब डॉलर का रेवेन्यू दर्ज किया।

सालाना आधार पर IBM के रेवेन्यू में केवल एक प्रतिशत की बढ़ोतरी हुई। दुनिया में AI और क्लाउड टेक्नोलॉजी पर बढ़ते खर्च को देखते हुए निवेशक कंपनी से बेहतर ग्रोथ की उम्मीद कर रहे थे।

कमजोर रेवेन्यू ग्रोथ ने बाजार में यह चिंता बढ़ा दी कि IBM तेजी से बदल रहे AI टेक्नोलॉजी बाजार का पूरा फायदा उठाने में सफल नहीं हो रही है।

इसी चिंता का असर IBM Stock Price पर देखने को मिला और निवेशकों ने बड़े स्तर पर शेयरों की बिकवाली शुरू कर दी। नतीजा यह रहा कि IBM Shares में करीब 24 प्रतिशत की भारी गिरावट दर्ज की गई।

AI की रेस ने बदल दिया टेक कंपनियों का पूरा बाजार

पिछले कुछ वर्षों में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस टेक्नोलॉजी की मांग तेजी से बढ़ी है। जनरेटिव AI और बड़े AI मॉडल तैयार करने के लिए कंपनियों को बड़ी मात्रा में कंप्यूटिंग पावर की जरूरत पड़ रही है।

इस कारण सर्वर, मेमोरी चिप्स और डेटा स्टोरेज सिस्टम की मांग रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गई है। दुनियाभर की टेक कंपनियां अपने AI इंफ्रास्ट्रक्चर को मजबूत करने के लिए बड़े निवेश कर रही हैं।

बढ़ती मांग के कारण कई हार्डवेयर कंपोनेंट्स की कीमतों में तेजी आने की आशंका है। इसके साथ ही टेक इंडस्ट्री के कुछ हिस्सों में सप्लाई की समस्या भी सामने आ रही है।

IBM के अनुसार, उसके कई बड़े कॉरपोरेट ग्राहकों को आशंका थी कि मेमोरी चिप्स और दूसरे AI इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोडक्ट्स की कीमतें बढ़ सकती हैं।

इसी वजह से जून के आखिरी दिनों में ग्राहकों ने बड़े स्तर पर सर्वर, स्टोरेज और दूसरे हार्डवेयर खरीदने शुरू कर दिए।

ग्राहकों की जल्दबाजी IBM के लिए कैसे बनी परेशानी?

आमतौर पर किसी कंपनी के प्रोडक्ट्स की ज्यादा खरीदारी को सकारात्मक संकेत माना जाता है। लेकिन IBM के मामले में स्थिति थोड़ी अलग रही।

ग्राहकों ने संभावित कीमत बढ़ोतरी से पहले बड़ी मात्रा में हार्डवेयर खरीदना शुरू कर दिया। इसके कारण उनका टेक्नोलॉजी बजट IBM के ज्यादा मुनाफा देने वाले प्रोडक्ट्स से हट गया।

IBM को अपने मेनफ्रेम कंप्यूटर और उनसे जुड़े सॉफ्टवेयर कारोबार से मजबूत प्रदर्शन की उम्मीद थी। ये प्रोडक्ट्स कंपनी के लिए हाई-मार्जिन बिजनेस माने जाते हैं।

लेकिन ग्राहकों ने अपना बजट सर्वर, स्टोरेज और दूसरे इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोडक्ट्स की खरीदारी में लगा दिया। इससे IBM के मुख्य कारोबार पर दबाव बढ़ गया।

यानी कंपनी के कुछ हार्डवेयर प्रोडक्ट्स की मांग जरूर बढ़ी, लेकिन उन प्रोडक्ट्स का प्रदर्शन कमजोर रहा जिनसे IBM को ज्यादा कमाई की उम्मीद थी।

IBM के Mainframe Business को लगा बड़ा झटका

IBM का इंफ्रास्ट्रक्चर बिजनेस कंपनी की पहचान का एक अहम हिस्सा रहा है। इसमें कंपनी की प्रमुख मेनफ्रेम कंप्यूटर लाइन भी शामिल है।

दूसरी तिमाही के दौरान IBM Infrastructure Business के रेवेन्यू में सात प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई।

मेनफ्रेम सिस्टम का इस्तेमाल आमतौर पर बड़े बैंक, वित्तीय संस्थान और विशाल कॉरपोरेट कंपनियां करती हैं। इन सिस्टम्स को बड़ी मात्रा में डेटा प्रोसेस करने और महत्वपूर्ण बिजनेस ऑपरेशंस चलाने के लिए इस्तेमाल किया जाता है।

IBM लंबे समय से इस बाजार की प्रमुख कंपनियों में शामिल रही है। इसलिए इंफ्रास्ट्रक्चर कारोबार में सात प्रतिशत की गिरावट ने निवेशकों को चिंतित कर दिया।

बाजार में यह सवाल भी उठने लगा है कि क्या AI आधारित नए कंप्यूटिंग सिस्टम की बढ़ती मांग पारंपरिक मेनफ्रेम कारोबार पर दबाव डाल रही है।

IBM Software Revenue बढ़ा, फिर भी उम्मीद से कमजोर

IBM के सॉफ्टवेयर कारोबार में पांच प्रतिशत की बढ़ोतरी दर्ज की गई। पहली नजर में यह आंकड़ा सकारात्मक दिखाई देता है, लेकिन बाजार की उम्मीद इससे ज्यादा थी।

AI और क्लाउड टेक्नोलॉजी के दौर में सॉफ्टवेयर कंपनियों से तेज ग्रोथ की उम्मीद की जा रही है। IBM भी अपने हाइब्रिड क्लाउड और एंटरप्राइज सॉफ्टवेयर बिजनेस को लगातार मजबूत करने की कोशिश कर रही है।

हालांकि पांच प्रतिशत की ग्रोथ निवेशकों को प्रभावित करने के लिए पर्याप्त नहीं रही।

कंपनी ने यह भी बताया कि साइबर सिक्योरिटी से जुड़ी चिंताओं के कारण कई ग्राहकों का ध्यान दूसरी प्राथमिकताओं की ओर चला गया। टेक इंडस्ट्री में बढ़ते साइबर खतरों ने कंपनियों को अपने IT बजट और टेक्नोलॉजी निवेश की समीक्षा करने के लिए मजबूर किया है।

इसके अलावा IBM के कई बड़े सौदे तय समय पर पूरे नहीं हो सके। इन डील्स के समय पर बंद नहीं होने का असर भी कंपनी के तिमाही प्रदर्शन पर पड़ा।

Red Hat ने IBM को दी राहत

कमजोर नतीजों के बीच IBM के लिए Red Hat का प्रदर्शन राहत भरा रहा। कंपनी की Red Hat यूनिट ने रेवेन्यू में 11 प्रतिशत की बढ़ोतरी दर्ज की।

Red Hat ओपन-सोर्स सॉफ्टवेयर और एंटरप्राइज टेक्नोलॉजी के क्षेत्र में एक बड़ा नाम है। IBM ने अपने हाइब्रिड क्लाउड कारोबार को मजबूत करने के उद्देश्य से Red Hat पर बड़ा दांव लगाया था।

Red Hat की मजबूत ग्रोथ यह दिखाती है कि ओपन-सोर्स टेक्नोलॉजी और हाइब्रिड क्लाउड की मांग अभी भी मजबूत बनी हुई है।

IBM के भविष्य के लिए Red Hat को बेहद महत्वपूर्ण माना जाता है। कंपनी AI, क्लाउड और एंटरप्राइज सॉफ्टवेयर बाजार में अपनी स्थिति मजबूत करने के लिए Red Hat की टेक्नोलॉजी का लगातार इस्तेमाल कर रही है।

Server और Storage Business में 37% की जबरदस्त ग्रोथ

IBM के नतीजों में एक और सकारात्मक आंकड़ा सामने आया। मेनफ्रेम से अलग कंपनी के सर्वर और स्टोरेज बिजनेस के रेवेन्यू में 37 प्रतिशत की बड़ी बढ़ोतरी दर्ज की गई।

ग्राहकों ने बड़ी मात्रा में सर्वर और स्टोरेज उपकरण खरीदे। संभावित कीमत बढ़ोतरी और सप्लाई की चिंता के कारण कंपनियां पहले ही अपने इंफ्रास्ट्रक्चर को मजबूत करने में जुट गईं।

AI सिस्टम को चलाने के लिए बड़ी मात्रा में डेटा स्टोरेज और कंप्यूटिंग क्षमता की जरूरत होती है। यही वजह है कि सर्वर और स्टोरेज की मांग तेजी से बढ़ रही है।

IBM के लिए इस कारोबार की मजबूत ग्रोथ एक बड़ा अवसर हो सकती है। हालांकि कंपनी को यह सुनिश्चित करना होगा कि तेजी से बढ़ती बिक्री को बेहतर मुनाफे में भी बदला जा सके।

Open-Source Security के लिए IBM का 5 अरब डॉलर का बड़ा दांव

IBM ने अपने नतीजों के साथ एक नई पहल की भी घोषणा की है। कंपनी ने Lightwell नाम से 5 अरब डॉलर की एक बड़ी पहल शुरू करने की जानकारी दी।

इस पहल का उद्देश्य ओपन-सोर्स सॉफ्टवेयर में मौजूद कमजोरियों और सुरक्षा खामियों को दूर करना है।

आज दुनिया की हजारों कंपनियां अपने डिजिटल सिस्टम में ओपन-सोर्स सॉफ्टवेयर का इस्तेमाल करती हैं। बैंकिंग से लेकर क्लाउड और AI सिस्टम तक में ओपन-सोर्स टेक्नोलॉजी की महत्वपूर्ण भूमिका है।

हालांकि ओपन-सोर्स सॉफ्टवेयर में मौजूद सुरक्षा कमजोरियां बड़े साइबर हमलों का कारण बन सकती हैं। IBM की Lightwell पहल इसी समस्या को हल करने पर केंद्रित होगी।

इस प्रोजेक्ट को कई बड़े बैंकों का समर्थन भी मिला है। इनमें Bank of America, JPMorganChase और Goldman Sachs जैसे बड़े वित्तीय संस्थान शामिल हैं।

बड़े बैंकों की भागीदारी यह दिखाती है कि साइबर सिक्योरिटी और ओपन-सोर्स सॉफ्टवेयर सुरक्षा अब वैश्विक कंपनियों की प्रमुख प्राथमिकताओं में शामिल हो चुकी है।

क्या AI की रेस में पीछे रह रही है IBM?

IBM Shares में 24 प्रतिशत की गिरावट के बाद सबसे बड़ा सवाल यही है कि क्या कंपनी AI की तेजी से बढ़ती रेस में अपने प्रतिद्वंद्वियों से पीछे रह रही है।

IBM लंबे समय से एंटरप्राइज टेक्नोलॉजी बाजार की प्रमुख कंपनी रही है। कंपनी के पास मेनफ्रेम, क्लाउड, सॉफ्टवेयर और AI टेक्नोलॉजी में लंबा अनुभव है।

लेकिन AI बाजार में बदलाव की रफ्तार बेहद तेज है। ग्राहकों की जरूरतें कुछ महीनों में बदल रही हैं और टेक कंपनियों को उसी रफ्तार से अपनी रणनीति बदलनी पड़ रही है।

IBM CEO अरविंद कृष्णा का यह स्वीकार करना कि कंपनी पर्याप्त तेजी से बदलाव नहीं कर पाई, निवेशकों के लिए महत्वपूर्ण संकेत है।

आने वाली तिमाहियों में बाजार की नजर इस बात पर रहेगी कि IBM अपनी रणनीति में क्या बदलाव करती है और AI इंफ्रास्ट्रक्चर की बढ़ती मांग को किस तरह अपने लिए बड़े कारोबारी अवसर में बदलती है।

फिलहाल IBM Share Price Crash ने टेक सेक्टर के निवेशकों को चौंका दिया है। Red Hat और सर्वर-स्टोरेज कारोबार की मजबूत ग्रोथ कंपनी के लिए सकारात्मक संकेत जरूर हैं, लेकिन मेनफ्रेम और सॉफ्टवेयर बिजनेस में उम्मीद से कमजोर प्रदर्शन ने IBM के सामने नई चुनौती खड़ी कर दी है।

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