
Stock Market Today Sensex Nifty Recovery: भारतीय शेयर बाजार ने गुरुवार को पिछले कारोबारी सत्र की बड़ी गिरावट से उबरते हुए अच्छी वापसी की। सप्ताह के मध्य में आई भारी बिकवाली के बाद निवेशकों ने चुनिंदा शेयरों में खरीदारी की, जिससे प्रमुख सूचकांक सेंसेक्स और निफ्टी दोनों हरे निशान में बंद हुए। हालांकि बाजार में रिकवरी जरूर देखने को मिली, लेकिन वैश्विक स्तर पर जारी भू-राजनीतिक तनाव के कारण निवेशकों का रुख पूरी तरह निश्चिंत नहीं दिखाई दिया।
कारोबार के दौरान कई बार बाजार में उतार-चढ़ाव देखने को मिला, लेकिन दिन के अंत तक खरीदारी का दबदबा बना रहा। विशेषज्ञों का मानना है कि विदेशी निवेशकों की खरीदारी और वैश्विक बाजारों से मिले सकारात्मक संकेतों ने भारतीय बाजार को सहारा दिया।
सेंसेक्स और निफ्टी दोनों ने दर्ज की बढ़त
दिनभर के कारोबार के बाद बीएसई का 30 शेयरों वाला सेंसेक्स करीब 238 अंकों की बढ़त के साथ 76,741.82 के स्तर पर बंद हुआ। कारोबार के दौरान यह एक समय 800 अंकों से अधिक मजबूत होकर 77,326 के स्तर तक पहुंच गया था। हालांकि ऊपरी स्तरों पर मुनाफावसूली देखने को मिली, जिसके कारण बाजार अपनी दिन की ऊंचाई पर टिक नहीं सका।
वहीं नेशनल स्टॉक एक्सचेंज का निफ्टी-50 भी मजबूती के साथ 23,962.80 पर बंद हुआ। निफ्टी ने एक बार फिर 23,950 का महत्वपूर्ण स्तर पार कर लिया, जिससे निवेशकों का भरोसा कुछ हद तक वापस लौटा।
पिछले दिन की भारी गिरावट के बाद मिली राहत
बुधवार का कारोबारी सत्र शेयर बाजार के लिए काफी निराशाजनक रहा था। उस दिन सेंसेक्स में 1,600 अंकों से अधिक की गिरावट दर्ज की गई थी, जबकि निफ्टी भी 500 से ज्यादा अंक टूट गया था।
इस बड़ी गिरावट के पीछे मध्य पूर्व में बढ़ते तनाव और वैश्विक बाजारों में बढ़ी अनिश्चितता को प्रमुख कारण माना गया था। गुरुवार की रिकवरी ने निवेशकों को कुछ राहत जरूर दी, लेकिन विशेषज्ञों का कहना है कि बाजार अभी पूरी तरह सुरक्षित स्थिति में नहीं पहुंचा है।
इन शेयरों ने बाजार को दी मजबूती
आज के कारोबार में हेल्थकेयर, टेलीकॉम, एविएशन और वित्तीय क्षेत्र के कई बड़े शेयरों में अच्छी खरीदारी देखने को मिली।
सन फार्मा, भारती एयरटेल, बजाज फिनसर्व, इंटरग्लोब एविएशन (इंडिगो), कोटक महिंद्रा बैंक और इटरनल जैसे शेयरों ने बाजार की तेजी में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
इन कंपनियों में निवेशकों का भरोसा बढ़ने से प्रमुख सूचकांकों को मजबूती मिली और बाजार दिनभर सकारात्मक दायरे में बना रहा।
कुछ दिग्गज शेयरों में रही कमजोरी
जहां कई सेक्टरों में तेजी देखने को मिली, वहीं आईटी, ऑटो और कुछ बैंकिंग शेयरों में दबाव बना रहा।
इन्फोसिस, मारुति सुजुकी, एनटीपीसी और एक्सिस बैंक जैसे शेयरों में बिकवाली देखने को मिली। हालांकि इन शेयरों की कमजोरी बाजार की कुल तेजी को ज्यादा प्रभावित नहीं कर सकी।
विदेशी निवेशकों की खरीदारी बनी बाजार की ताकत
भारतीय शेयर बाजार के लिए सबसे सकारात्मक संकेत विदेशी संस्थागत निवेशकों (FII) की ओर से आया।
एक्सचेंज के उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार विदेशी निवेशकों ने बुधवार को करीब 1,962 करोड़ रुपये के शेयर खरीदे। लगातार विदेशी निवेश आने से बाजार में निवेशकों का विश्वास मजबूत हुआ और गुरुवार की तेजी को भी इसका समर्थन मिला।
विशेषज्ञों का मानना है कि यदि आने वाले दिनों में एफआईआई की खरीदारी जारी रहती है तो बाजार को और मजबूती मिल सकती है।
मिडकैप और स्मॉलकैप शेयरों में शानदार वापसी
गुरुवार के कारोबार में सबसे अच्छी रिकवरी मिडकैप और स्मॉलकैप कंपनियों के शेयरों में देखने को मिली।
हाल के दिनों में भारी गिरावट झेलने वाले रियल एस्टेट और सरकारी बैंकों के शेयरों में भी मजबूत खरीदारी हुई। इससे इन सेक्टरों के इंडेक्स में अच्छी तेजी दर्ज की गई।
विश्लेषकों का कहना है कि निवेशकों ने गिरावट के बाद अच्छे शेयरों में दोबारा निवेश करना शुरू किया है, जिसे ‘बर्गेन बाइंग’ कहा जाता है।
मध्य पूर्व का तनाव अब भी बना हुआ है
हालांकि बाजार में रिकवरी देखने को मिली, लेकिन वैश्विक स्तर पर बढ़ते भू-राजनीतिक तनाव ने निवेशकों की चिंता कम नहीं होने दी।
अमेरिका और ईरान के बीच लगातार दूसरे दिन भी सैन्य कार्रवाई की खबरों ने अंतरराष्ट्रीय बाजारों में अनिश्चितता बनाए रखी। निवेशकों को डर है कि यदि यह तनाव और बढ़ता है तो इसका असर वैश्विक अर्थव्यवस्था और वित्तीय बाजारों पर पड़ सकता है।
इसी कारण बाजार में खरीदारी के बावजूद निवेशकों ने पूरी तरह आक्रामक रुख नहीं अपनाया।
कच्चे तेल की कीमतों पर भी बाजार की नजर
वैश्विक बाजार में ब्रेंट क्रूड ऑयल की कीमतों में हल्की बढ़त दर्ज की गई। कच्चे तेल की कीमतें बढ़ने से भारत जैसे आयातक देशों के लिए महंगाई और व्यापार घाटे की चिंता बढ़ सकती है।
यदि आने वाले दिनों में कच्चे तेल की कीमतें लगातार बढ़ती हैं तो इसका असर भारतीय शेयर बाजार और रुपये दोनों पर देखने को मिल सकता है।
एशियाई बाजारों से मिले सकारात्मक संकेत
भारतीय बाजार को एशियाई बाजारों से भी कुछ राहत मिली।
जापान का निक्केई, दक्षिण कोरिया का कोस्पी और चीन का शंघाई कंपोजिट इंडेक्स मजबूती के साथ बंद हुए। हालांकि हांगकांग का हैंग सेंग इंडेक्स कमजोरी के साथ बंद हुआ।
यूरोपीय बाजारों में भी कारोबार के दौरान अधिकांश प्रमुख सूचकांक सकारात्मक दायरे में कारोबार करते दिखाई दिए, जिससे भारतीय निवेशकों का मनोबल बढ़ा।
अमेरिकी बाजारों में बनी रही कमजोरी
दूसरी ओर अमेरिका के प्रमुख शेयर बाजार पिछले कारोबारी सत्र में मिश्रित रुख के साथ बंद हुए।
अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते तनाव ने निवेशकों की जोखिम लेने की क्षमता को प्रभावित किया। यही कारण है कि वैश्विक निवेशक अभी भी सतर्क रणनीति अपनाते नजर आ रहे हैं।
विशेषज्ञों की क्या है राय?
बाजार विशेषज्ञों का कहना है कि गुरुवार की तेजी को फिलहाल एक राहत भरी रिकवरी के रूप में देखा जाना चाहिए।
उनके अनुसार विदेशी निवेशकों की खरीदारी और वैश्विक बाजारों से मिले सकारात्मक संकेतों ने बाजार को सहारा दिया है, लेकिन मध्य पूर्व में जारी तनाव और अंतरराष्ट्रीय आर्थिक परिस्थितियां अभी भी निवेशकों के लिए चिंता का विषय बनी हुई हैं।
यदि आने वाले दिनों में वैश्विक हालात सामान्य रहते हैं और विदेशी निवेश जारी रहता है, तो भारतीय शेयर बाजार में तेजी का सिलसिला आगे भी देखने को मिल सकता है।
आगे निवेशकों को किन बातों पर रखनी होगी नजर?
अगले कुछ कारोबारी सत्रों में निवेशकों की नजर कई महत्वपूर्ण घटनाओं पर रहेगी। इनमें अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ता तनाव, कच्चे तेल की कीमतों में उतार-चढ़ाव, विदेशी निवेशकों का रुख, रुपये की चाल और वैश्विक बाजारों का प्रदर्शन प्रमुख होंगे।
विशेषज्ञ सलाह देते हैं कि मौजूदा परिस्थितियों में निवेशकों को जल्दबाजी में बड़े फैसले लेने से बचना चाहिए और मजबूत कंपनियों में लंबी अवधि के नजरिए से निवेश करना चाहिए।



